हमारे शरीर में विभिन्न अंग जैसे हृदय, फेफड़े, मस्तिष्क, आँखें आदि होते हैं। इन सभी अंगों का निर्माण सूक्ष्म इकाइयों से होता है। सभी जीवित जीवों का मूलभूत संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई कोशिका (Cell) होती है। कोशिका को पहली बार रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कॉर्क की पतली परत की जाँच करते समय देखा था। उन्होंने इसे कोशिका (Cell) नाम दिया, जिसका अर्थ है 'छोटा कमरा'। बाद में एंटोन वॉन ल्यूवेनहॉक ने जीवित कोशिकाओं का अवलोकन किया। कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) को मैथियस स्लेडेन और थियोडोर श्वान ने प्रतिपादित किया। कोशिका का अध्ययन करने वाली विज्ञान की शाखा को कोशिका विज्ञान (Cell Biology) कहते हैं। कोशिका के अध्ययन के लिए सूक्ष्मदर्शी (Microscope) का उपयोग किया जाता है।
प्रत्येक कोशिका में निम्नलिखित मुख्य अवयव पाए जाते हैं:
कोशिका झिल्ली कोशिका के बाहरी भाग पर स्थित पतली परत होती है। यह कोशिका को सुरक्षा प्रदान करती है और कोशिका के अंदर-बाहर पदार्थों के प्रवेश को नियंत्रित करती है। यह अर्ध-पारगम्य (Semi-Permeable) होती है, अर्थात यह कुछ पदार्थों को ही गुजरने देती है। कोशिका झिल्ली में प्रोटीन एवं वसा पाई जाती है। कोशिका झिल्ली को प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) भी कहते हैं।
कोशिका भित्ति केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है। यह कोशिका झिल्ली के बाहर स्थित मोटी परत होती है, जो सेल्यूलोज़ से बनी होती है। कोशिका भित्ति पादप कोशिका को यांत्रिक शक्ति एवं कठोरता प्रदान करती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती।
कोशिका झिल्ली के अंदर कोशिका केक (Cell Membrane) एवं केंद्रक (Nucleus) के बीच उपस्थित जेली जैसा तरल पदार्थ कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) कहलाता है। इसमें अनेक अंगक पाए जाते हैं, जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, गॉल्जी उपकरण, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम आदि।
केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है। यह कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। केंद्रक को कोशिका का मस्तिष्क (Brain of the Cell) भी कहते हैं। केंद्रक चार मुख्य भागों से मिलकर बना होता है: 1. केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane): केंद्रक के चारों ओर की झिल्ली। 2. केंद्रक द्रव (Nucleoplasm): केंद्रक के अंदर का जेली जैसा पदार्थ। 3. केंद्रिका (Nucleolus): केंद्रक के अंदर गोलाकार संरचना। 4. गुणसूत्र (Chromosomes): केंद्रक में पाई जाने वाली धागे जैसी संरचनाएँ जिनमें आनुवंशिक पदार्थ DNA होता है। गुणसूत्र में मौजूद आनुवंशिक पदार्थ को जीन (Genes) कहते हैं।
कोशिका द्रव्य में उपस्थित विशेष कार्य करने वाली संरचनाएँ कोशिकांग (Organelles) कहलाती हैं। प्रमुख कोशिकांग: - माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): इसे कोशिका का पावर हाउस (Powerhouse of the Cell) कहते हैं, क्योंकि यह कोशिका की ऊर्जा (ATP) का उत्पादन करता है। - राइबोसोम (Ribosome): ये प्रोटीन संश्लेषण करते हैं, इसलिए इन्हें प्रोटीन कारखाना कहते हैं। - गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus): यह पदार्थों का संग्रहण एवं परिवहन करता है। - एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum): यह पदार्थों के परिवहन में सहायक है। - लाइसोसोम (Lysosome): इसे कोशिका का आत्मघाती थैला (Suicidal Bag) कहते हैं, क्योंकि यह कोशिका के अपशिष्ट एवं अवांछित पदार्थों को पचाता है। यह जंतु कोशिकाओं में अधिक पाया जाता है।
| विशेषता | पादप कोशिका | जंतु कोशिका |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | उपस्थित | अनुपस्थित |
| क्लोरोप्लास्ट | उपस्थित | अनुपस्थित |
| रिक्तिकाएँ | बड़ी | छोटी |
| लाइसोसोम | विरले पाए जाते हैं | अधिक पाए जाते हैं |
| आकृति | निश्चित, आयताकार | अनिश्चित, गोल |
कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि कोशिका विभाजन से होती है। कोशिका विभाजन दो प्रकार का होता है: 1. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis): यह केवल जनन कोशिकाओं (लैंगिक जनन के लिए) में होता है। इसमें कोशिका की गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है। 2. समसूत्री विभाजन (Mitosis): यह शरीर की सामान्य कोशिकाओं में होता है। इसमें गुणसूत्र संख्या समान रहती है।
| कोशिकांग | कार्य |
|---|---|
| माइटोकॉन्ड्रिया | ऊर्जा उत्पादन (पावर हाउस) |
| राइबोसोम | प्रोटीन संश्लेषण |
| लाइसोसोम | अपशिष्ट पाचन (आत्मघाती थैला) |
| गॉल्जी उपकरण | पदार्थों का संग्रहण एवं परिवहन |
| एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम | पदार्थों का परिवहन |
| विशेषता | पादप कोशिका | जंतु कोशिका |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | हाँ | नहीं |
| क्लोरोप्लास्ट | हाँ | नहीं |
| रिक्तिका | बड़ी | छोटी |
| आकृति | आयताकार | गोल |
| विशेषता | प्रोकैरियोटिक | यूकैरियोटिक |
|---|---|---|
| केंद्रक | नहीं/अस्पष्ट | स्पष्ट, झिल्लीबद्ध |
| उदाहरण | जीवाणु | पादप, जंतु |
इस अध्याय में हमने सीखा कि कोशिका सभी जीवों की मूलभूत संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई है। कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में की थी। कोशिका में कोशिका झिल्ली, कोशिका द्रव्य एवं केंद्रक जैसे मुख्य अवयव होते हैं। पादप कोशिका में सेल्यूलोज़ से बनी कोशिका भित्ति, क्लोरोप्लास्ट एवं बड़ी रिक्तिका होती है, जबकि जंतु कोशिका में ये नहीं होते। माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा उत्पादन, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण एवं लाइसोसोम अपशिष्ट पाचन के लिए उत्तरदायी हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिका (जीवाणु) में स्पष्ट केंद्रक नहीं होता, जबकि यूकैरियोटिक कोशिका (पादप/जंतु) में झिल्लीबद्ध केंद्रक होता है। समसूत्री एवं अर्धसूत्री विभाजन द्वारा कोशिकाओं की संख्या एवं वृद्धि होती है। कोशिका का अध्ययन हमें जीवन की मूलभूत संरचना को समझने में सहायता करता है।