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1. परिचय

रात के आकाश में चमकते हुए तारे, चंद्रमा एवं ग्रह हमें अत्यधिक आकर्षित करते हैं। खगोलीय पिंडों (Celestial Bodies) का अध्ययन करने वाली विज्ञान की शाखा को खगोल विज्ञान (Astronomy) कहते हैं। सूर्य, चंद्रमा, तारे, ग्रह, उपग्रह, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु एवं उल्काएँ सभी खगोलीय पिंड हैं। सूर्य एवं उसके साथ परिक्रमा करने वाले सभी पिंड मिलकर सौर परिवार (Solar System) बनाते हैं। इस अध्याय में हम चंद्रमा, तारे, ग्रह, सौर परिवार एवं अंतरिक्ष की विभिन्न वस्तुओं का अध्ययन करेंगे।

2. चंद्रमा (Moon)

चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह (Natural Satellite) है। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है। चंद्रमा पर कोई जीवन नहीं है, क्योंकि वहाँ न तो वायु है और न ही जल। चंद्रमा की सतह पर अनेक गड्ढे (Craters) एवं पर्वत पाए जाते हैं। चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं होता; यह सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है। चंद्रमा की सतह पर दिन में ताप बहुत अधिक (लगभग 100°C से अधिक) एवं रात में बहुत कम होता है।

चंद्रमा के चरण (Phases of Moon)

चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते समय विभिन्न आकारों में दिखाई देता है। इन्हें चंद्रमा के चरण कहते हैं। चंद्रमा की पूर्ण परिक्रमा में लगभग 27.3 दिन लगते हैं। पूर्णिमा (Full Moon) पर चंद्रमा पूर्ण गोल दिखाई देता है, जबकि अमावस्या (New Moon) पर चंद्रमा दिखाई नहीं देता।

अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर

अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने 1969 में चंद्रमा पर कदम रखा। भारत ने चंद्रयान मिशन (Chandrayaan Mission) भेजकर चंद्रमा का अध्ययन किया।

3. तारे (Stars)

तारे (Stars) अत्यंत विशाल, गर्म एवं चमकीले पिंड हैं, जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं। तारों का अपना प्रकाश होता है। सूर्य भी एक तारा है। तारे अत्यधिक दूर स्थित होने के कारण हमें छोटे चमकीले बिंदु दिखाई देते हैं। रात के आकाश में तारे टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं।

नक्षत्र (Constellations)

आकाश में तारों के समूह जो एक निश्चित पैटर्न बनाते हैं, नक्षत्र (Constellations) कहलाते हैं। प्रमुख नक्षत्र: 1. सप्तर्षि (Ursa Major/Great Bear): सात प्रमुख तारों से बना नक्षत्र, जो चम्मच के आकार का दिखाई देता है। 2. ओरायन (Orion): यह नक्षत्र शिकारी के आकार का दिखाई देता है और इसे 'शिकारी तारामंडल' भी कहते हैं। 3. कैसिओपिया (Cassiopeia): यह अंग्रेज़ी के अक्षर 'W' या 'M' के आकार में दिखाई देता है।

ध्रुव तारा (Polaris/Pole Star): उत्तर दिशा में स्थित तारा जो हमेशा एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई देता है। यह उत्तर दिशा की पहचान में सहायक होता है। ध्रुव तारा सप्तर्षि नक्षत्र की सहायता से खोजा जाता है।

4. ग्रह (Planets)

ग्रह (Planets) वे पिंड हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं, परंतु इनका अपना प्रकाश नहीं होता। ग्रह सूर्य से प्राप्त प्रकाश को परावर्तित करते हैं। हमारे सौर परिवार में आठ ग्रह हैं। सूर्य से दूरी के क्रम में ग्रहों का क्रम निम्नलिखित है:

बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण (स्मरण युक्ति: "बशु पृमं बृश्श अव" - मेरी स्कूल बस पृथ्वी पर मंगल को बृहस्पति से शनि तक अरुण-वरुण)

ग्रहों की विशेषताएँ:

  1. बुध (Mercury): सूर्य का सबसे निकटतम ग्रह, सबसे छोटा ग्रह। सूर्य के अत्यधिक निकट होने के कारण बहुत गर्म।
  2. शुक्र (Venus): सूर्य से दूसरा सबसे निकट ग्रह। यह पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह है। इसे 'भोर का तारा' एवं 'सायं का तारा' भी कहते हैं। यह सबसे चमकीला ग्रह है।
  3. पृथ्वी (Earth): 'नीला ग्रह' कहलाती है। यह एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ जीवन पाया जाता है, क्योंकि यहाँ जल एवं वायु दोनों हैं। पृथ्वी से चंद्रमा जुड़ा है।
  4. मंगल (Mars): 'लाल ग्रह' कहलाता है, क्योंकि यह लाल रंग का दिखाई देता है। मंगल के दो उपग्रह हैं।
  5. बृहस्पति (Jupiter): सबसे बड़ा ग्रह। इसमें अधिकतम संख्या में उपग्रह हैं।
  6. शनि (Saturn): यह अपने छल्लों (Rings) के लिए प्रसिद्ध है। शनि सौर परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है।
  7. अरुण (Uranus): हरा-नीला रंग का ग्रह। इसकी परिक्रमा की दिशा उलटी है।
  8. वरुण (Neptune): सूर्य से सबसे दूर का ग्रह।

5. उपग्रह (Satellites)

जो पिंड किसी ग्रह की परिक्रमा करते हैं, उन्हें उपग्रह (Satellites) कहते हैं। चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। मंगल के दो उपग्रह हैं - फोबोस एवं डेमोस। बृहस्पति के अधिकतम उपग्रह हैं। मनुष्य द्वारा निर्मित उपग्रह कृत्रिम उपग्रह (Artificial Satellites) कहलाते हैं, जिनका उपयोग संचार, मौसम पूर्वानुमान एवं टेलीविजन प्रसारण में होता है। भारत के प्रमुख कृत्रिम उपग्रह आर्यभट्ट (प्रथम), INSAT शृंखला, जीसैट शृंखला, चंद्रयान आदि हैं।

6. क्षुद्रग्रह एवं धूमकेतु (Asteroids and Comets)

  1. क्षुद्रग्रह (Asteroids): मंगल एवं बृहस्पति के बीच छोटे-छोटे पिंड जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं, क्षुद्रग्रह कहलाते हैं। इन्हें 'छोटे ग्रह' (Minor Planets) भी कहते हैं।
  2. धूमकेतु (Comet): यह बर्फ, धूल एवं गैस का बना पिंड होता है, जो सूर्य की परिक्रमा करता है। सूर्य के निकट आने पर धूमकेतु की एक लंबी चमकदार पूँछ बनती है। धूमकेतु को 'गंदा हिमगोला' (Dirty Snowball) भी कहते हैं। हैली धूमकेतु (Halley's Comet) हर 76 वर्ष में दिखाई देता है।
  3. उल्काएँ (Meteors): जब क्षुद्रग्रह या अन्य पिंड के टुकड़े पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण वे जलकर चमकते हैं। इन्हें उल्काएँ या 'टूटते तारे' (Shooting Stars) कहते हैं। जो उल्का पृथ्वी की सतह तक पहुँच जाती है, उसे उल्कापिंड (Meteorite) कहते हैं।

7. अंतरिक्ष यान एवं भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Missions)

भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का नाम इसरो (ISRO - Indian Space Research Organisation) है। भारत का प्रथम उपग्रह आर्यभट्ट 1975 में प्रक्षेपित किया गया। चंद्रयान-1 ने चंद्रमा पर जल की उपस्थिति की खोज की। मंगलयान (Mangalyaan) ने मंगल की कक्षा में प्रवेश करके विश्व को अचंभित किया। सबसे हाल में चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: सूर्य से दूरी के क्रम में ग्रह

क्रम ग्रह विशेषता
1 बुध सबसे निकट, सबसे छोटा
2 शुक्र भोर/सायं का तारा
3 पृथ्वी नीला ग्रह, जीवन
4 मंगल लाल ग्रह
5 बृहस्पति सबसे बड़ा
6 शनि छल्लों वाला
7 अरुण हरा-नीला
8 वरुण सबसे दूर

तालिका 2: खगोलीय पिंड

पिंड विशेषता
तारा स्वयं प्रकाश
ग्रह सूर्य की परिक्रमा, अपना प्रकाश नहीं
उपग्रह ग्रह की परिक्रमा
धूमकेतु बर्फ, धूल, गैस; पूँछ
उल्का टूटते तारे

तालिका 3: प्रमुख नक्षत्र

नक्षत्र आकार
सप्तर्षि चम्मच
ओरायन शिकारी
कैसिओपिया W/M

माइंड मैप

graph TD A["तारे एवं सौर परिवार"] --> B["चंद्रमा"] B --> B1["पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह"] B --> B2["पूर्णिमा, अमावस्या"] A --> C["तारे एवं नक्षत्र"] C --> C1["सप्तर्षि, ओरायन"] C --> C2["ध्रुव तारा"] A --> D["ग्रह"] D --> D1["बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल"] D --> D2["बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण"] A --> E["उपग्रह"] E --> E1["चंद्रमा (प्राकृतिक)"] E --> E2["इसरो, आर्यभट्ट (कृत्रिम)"] A --> F["अन्य पिंड"] F --> F1["क्षुद्रग्रह, धूमकेतु, उल्का"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: सौर परिवार

सौर परिवार सूर्य बुध शुक्र पृथ्वी मंगल बृहस्पति शनि अरुण वरुण ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं स्वर्ण नियम ग्रहों का क्रम: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण

आरेख 2: धूमकेतु एवं उल्का

धूमकेतु एवं उल्का धूमकेतु बर्फ, धूल, गैस चमकदार पूँछ उल्का (टूटता तारा) वायुमंडल में घर्षण से जलकर चमकते हैं उल्कापिंड (Meteorite) वह उल्का जो पृथ्वी की सतह तक पहुँच जाती है क्षुद्रग्रह (Asteroids) मंगल एवं बृहस्पति के बीच सूर्य की परिक्रमा करते हैं Golden Rule धूमकेतु बर्फ-गैस से बना, उल्का टूटता तारा है

सामान्य गलतियाँ

  1. तारे एवं ग्रह में भ्रम: तारे स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं (सूर्य भी तारा है), जबकि ग्रह सूर्य का प्रकाश परावर्तित करते हैं।
  2. ग्रहों का क्रम भूलना: ग्रहों का क्रम सूर्य से दूरी के अनुसार है - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण। कई छात्र बृहस्पति को सबसे दूर मान लेते हैं।
  3. शुक्र को सबसे चमकीला ग्रह: शुक्र सबसे चमकीला ग्रह है और इसे भोर/सायं का तारा कहते हैं, परंतु यह ग्रह है, तारा नहीं।
  4. चंद्रमा का अपना प्रकाश मानना: चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं होता; यह सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है।
  5. उल्का एवं उल्कापिंड: उल्का वायुमंडल में जलती हुई चमक है, जबकि उल्कापिंड वह पिंड है जो पृथ्वी की सतह तक पहुँचता है।
  6. क्षुद्रग्रहों का स्थान: क्षुद्रग्रह मंगल एवं बृहस्पति के बीच पाए जाते हैं, किसी अन्य स्थान पर नहीं।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. ग्रहों का सही क्रम (बुध से वरुण तक) याद करें - यह परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाता है।
  2. तारा एवं ग्रह में अंतर, तथा उपग्रह की परिभाषा स्पष्ट रूप से याद करें।
  3. प्रमुख नक्षत्रों (सप्तर्षि, ओरायन, कैसिओपिया) एवं ध्रुव तारे की पहचान समझें।
  4. प्रत्येक ग्रह की विशेषता (पृथ्वी-नीला, मंगल-लाल, शनि-छल्ले) याद करें।
  5. धूमकेतु, क्षुद्रग्रह, उल्का एवं उल्कापिंड के बीच का अंतर समझें।
  6. भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम (इसरो, आर्यभट्ट, चंद्रयान, मंगलयान) की जानकारी रखें।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने सीखा कि सौर परिवार में सूर्य एवं आठ ग्रह शामिल हैं, जिनमें बुध सूर्य के सबसे निकट तथा वरुण सबसे दूर है। तारे स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जबकि ग्रह एवं चंद्रमा सूर्य का प्रकाश परावर्तित करते हैं। चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। तारों के समूह नक्षत्र कहलाते हैं, जैसे सप्तर्षि एवं ओरायन। ध्रुव तारा उत्तर दिशा की पहचान में सहायक है। मंगल एवं बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह, धूमकेतु (बर्फ-गैस वाले पिंड) एवं उल्काएँ (टूटते तारे) सौर परिवार के अन्य सदस्य हैं। भारत का इसरो अंतरिक्ष एजेंसी चंद्रयान, मंगलयान जैसे मिशन भेजकर अंतरिक्ष अनुसंधान में अग्रणी है। खगोल विज्ञान का अध्ययन हमें ब्रह्मांड की विशालता एवं हमारे सौर परिवार की संरचना को समझने में सहायता करता है।