Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव.
जब विद्युत धारा किसी चालक में प्रवाहित होती है, तो उसके विभिन्न प्रभाव देखने को मिलते हैं। विद्युत धारा के चार मुख्य प्रभाव होते हैं - तापीय प्रभाव (बल्ब जलना), चुंबकीय प्रभाव (विद्युत चुंबक), रासायनिक प्रभाव (विद्युत अपघटन) एवं शारीरिक प्रभाव (विद्युत झटका)। इस अध्याय में हम विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव (Chemical Effects of Electric Current) का अध्ययन करेंगे। विद्युत धारा जब कुछ विलयनों से होकर प्रवाहित होती है, तो उनमें रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं। इस अध्याय में हम सुचालक एवं कुचालक विलयनों, विद्युत अपघटन, विद्युत लेपन तथा विद्युत धारा के विभिन्न रासायनिक अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।
कुछ तरल पदार्थ विद्युत के सुचालक होते हैं, जबकि कुछ कुचालक। शुद्ध जल (Distilled Water) विद्युत का कुचालक है, अर्थात शुद्ध जल विद्युत नहीं चलाता। परंतु जब जल में नमक, अम्ल या क्षार घोला जाता है, तो विलयन विद्युत का सुचालक बन जाता है। उदाहरण के लिए, नमक का जलीय विलयन (Salt Solution), नींबू का रस, सिरका, खट्टे फलों का रस विद्युत के सुचालक हैं। जबकि शुद्ध जल, चीनी का विलयन, ग्लूकोज़ का विलयन, शुद्ध तेल एवं शुद्ध अल्कोहल विद्युत के कुचालक हैं।
जब विद्युत धारा किसी सुचालक विलयन से प्रवाहित होती है, तो विलयन में रासायनिक अभिक्रिया होती है। विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव के निम्नलिखित परिणाम हो सकते हैं:
इनमें से जो भी प्रभाव विद्युत धारा द्वारा रासायनिक अभिक्रिया के कारण होते हैं, उन्हें विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
जब विद्युत धारा किसी सुचालक विलयन से प्रवाहित होती है, तो विलयन का रासायनिक अपघटन होता है। इस प्रक्रिया को विद्युत अपघटन (Electrolysis) कहते हैं।
विद्युत अपघटन में दो इलेक्ट्रोड (Electrodes) का उपयोग होता है: 1. ऐनोड (Anode): धन आवेशित इलेक्ट्रोड (बैटरी के धन टर्मिनल से जुड़ा)। 2. कैथोड (Cathode): ऋण आवेशित इलेक्ट्रोड (बैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़ा)।
जब विद्युत धारा विलयन से प्रवाहित होती है, तो विलयन के आयन इलेक्ट्रोड की ओर गति करते हैं। धन आयन (Cations) कैथोड की ओर तथा ऋण आयन (Anions) ऐनोड की ओर जाते हैं।
जब जल में थोड़ा अम्ल या क्षार मिलाकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो जल का अपघटन होता है और कैथोड पर हाइड्रोजन गैस एवं ऐनोड पर ऑक्सीजन गैस मुक्त होती है। इसी प्रकार, कॉपर सल्फेट विलयन के विद्युत अपघटन में कैथोड पर ताँबा जमा होता है।
विद्युत लेपन (Electroplating) वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव द्वारा सस्ती धातु की वस्तुओं पर महँगी धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है। विद्युत लेपन से वस्तुओं की सुंदरता बढ़ती है, जंग लगने से रक्षा होती है तथा वस्तुओं की चमक बढ़ती है।
किसी विलयन की विद्युत चालकता जाँचने के लिए एक सरल परिपथ बनाया जाता है, जिसमें बैटरी, बल्ब तथा दो धातु की छड़ें (इलेक्ट्रोड) होती हैं। जब इलेक्ट्रोडों को विलयन में डुबोया जाता है, तो यदि विलयन सुचालक है तो परिपथ पूर्ण होता है और बल्ब जल उठता है। यदि विलयन कुचालक है, तो परिपथ पूर्ण नहीं होता और बल्ब नहीं जलता। कभी-कभी बल्ब की रोशनी बहुत मंद होती है, जो कम चालकता को दर्शाती है। ऐसे में बल्ब के स्थान पर LED (लाइट एमिटिंग डायोड) का उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि LED बहुत कम धारा पर भी जलती है।
| सुचालक विलयन | कुचालक विलयन |
|---|---|
| नमक का जलीय विलयन | शुद्ध (आसुत) जल |
| नींबू का रस | चीनी का विलयन |
| सिरका | ग्लूकोज़ का विलयन |
| अम्ल/क्षार विलयन | शुद्ध तेल |
| लेपित धातु | वस्तु | उद्देश्य |
|---|---|---|
| क्रोमियम | वाहन के पुर्जे | चमक एवं जंग सुरक्षा |
| टिन | लोहे के खाद्य डिब्बे | जंग से बचाव |
| चाँदी/सोना | आभूषण | सुंदरता |
| निकल | चम्मच, घंटी | चमक |
| जिंक | लोहे की चादरें | जंग सुरक्षा (गैल्वेनाइज़ेशन) |
| इलेक्ट्रोड | आवेश | क्रिया |
|---|---|---|
| ऐनोड | धन | ऋण आयन इस ओर |
| कैथोड | ऋण | धन आयन इस ओर |
graph TD
A["विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव"] --> B["चालकता"]
B --> B1["सुचालक विलयन: नमक, नींबू"]
B --> B2["कुचालक: शुद्ध जल, चीनी"]
A --> C["विद्युत अपघटन"]
C --> C1["ऐनोड, कैथोड"]
C --> C2["आयनों का संचलन"]
A --> D["विद्युत लेपन"]
D --> D1["क्रोमियम, निकल, टिन लेपन"]
A --> E["प्रभाव"]
E --> E1["बुलबुले, रंग परिवर्तन, जमाव"]
A --> F["अनुप्रयोग"]
F --> F1["धातु निष्कर्षण, परिष्करण"]
इस अध्याय में हमने सीखा कि विद्युत धारा के कुछ विलयनों से प्रवाहित होने पर रासायनिक प्रभाव होते हैं। सुचालक विलयनों में नमक का जलीय विलयन, नींबू का रस एवं सिरका शामिल हैं, जबकि शुद्ध जल, चीनी एवं ग्लूकोज़ का विलयन कुचालक हैं। विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव से विलयन में बुलबुले, रंग परिवर्तन, धातु का जमाव एवं ताप उत्पन्न हो सकता है। विद्युत अपघटन में विलयन का रासायनिक अपघटन होता है, जिसमें धन आयन कैथोड की ओर तथा ऋण आयन ऐनोड की ओर गति करते हैं। विद्युत लेपन में सस्ती वस्तुओं पर क्रोमियम, निकल, टिन, चाँदी या सोने जैसी धातुओं की पतली परत चढ़ाई जाती है, जिससे वस्तुएँ सुंदर एवं जंग प्रतिरोधी बनती हैं। विद्युत अपघटन का उपयोग धातुओं के निष्कर्षण एवं परिष्करण में भी होता है। विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव का ज्ञान उद्योग एवं दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी है।