कृषि शब्द का अर्थ है भूमि की खेती करना। कृषि वह गतिविधि है जिसमें मानव मृदा पर फसलें उगाता है और पशुपालन करता है। कृषि प्राथमिक क्रिया है, क्योंकि यह प्रकृति से सीधे उत्पाद प्राप्त करती है। इस अध्याय में हम कृषि के प्रकार, फसलों की किस्में, कृषि की पद्धतियाँ और कृषि से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन करेंगे।
2. कृषि एक प्राथमिक क्रिया
मानव की आर्थिक क्रियाओं को तीन प्रकारों में बाँटा गया है:
प्राथमिक क्रियाएँ: जिनमें प्रकृति से सीधे उत्पाद प्राप्त होते हैं। जैसे कृषि, मत्स्य पालन, वन उत्पाद।
द्वितीयक क्रियाएँ: जिनमें कच्चे माल को परिवर्तित कर उत्पाद बनाए जाते हैं। जैसे उद्योग।
तृतीयक क्रियाएँ: सेवाएँ प्रदान करना। जैसे व्यापार, परिवहन, बैंकिंग।
कृषि सबसे पुरानी प्राथमिक क्रियाओं में से एक है। विश्व की लगभग आधी से अधिक जनसंख्या कृषि से जुड़ी हुई है।
3. कृषि के प्रकार
विश्व में कृषि की कई पद्धतियाँ प्रचलित हैं:
3.1 स्थानांतरणशील खेती (Shifting Cultivation)
वन क्षेत्रों में भूमि का एक टुकड़ा चुनकर पेड़ काटे जाते हैं, उन्हें जलाया जाता है और फसल उगाई जाती है।
कुछ वर्षों बाद भूमि बंजर होने पर किसान दूसरे स्थान पर चले जाते हैं।
इसे झूम खेती (पूर्वोत्तर भारत), 'लदांग' (इंडोनेशिया), 'मिल्पा' (मेक्सिको) कहते हैं।
3.2 गहन जीविका खेती (Intensive Subsistence Farming)
अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में की जाती है, जैसे भारत, चीन।
छोटे खेतों पर अधिक श्रम और उर्वरकों से अधिक उत्पादन लेने की कोशिश।
3.3 वाणिज्यिक कृषि (Commercial Farming)
बड़े पैमाने पर बाज़ार के लिए फसलें उगाई जाती हैं।
आधुनिक मशीनों और उर्वरकों का उपयोग।
उदाहरण: गेहूँ की व्यावसायिक खेती (यूएसए, कनाडा), चावल (भारत, चीन), कॉफी (ब्राज़ील)।
3.4 बागान कृषि (Plantation Agriculture)
एक ही फसल बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है, जैसे चाय, कॉफी, रबर, केला।
इनमें अधिक पूँजी और श्रम की आवश्यकता होती है। अफ्रीका, एशिया, दक्षिण अमेरिका में।
4. फसलों के प्रकार
फसलों को निम्नलिखित प्रकारों में बाँटा गया है:
4.1 भोजन फसलें
गेहूँ: कबीली और रबी दोनों प्रकार से उगाया जाता है। भारत में रबी फसल। प्रमुख क्षेत्र: उत्तर भारत, पंजाब, हरियाणा।
चावल: उष्णकटिबंधीय फसल। अधिक वर्षा और उच्च तापमान। खरीफ फसल। प्रमुख: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु।
मक्का: दोनों मौसमों में।
4.2 नकदी फसलें
कपास: काली मृदा में। महाराष्ट्र, गुजरात।
गन्ना: उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण कटिबंधीय। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र।
जूट: अधिक वर्षा और उपजाऊ मृदा। पश्चिम बंगाल।
4.3 रबी और खरीफ फसलें
रबी फसलें: शीत ऋतु में (अक्टूबर-दिसंबर बोई जाती हैं, अप्रैल-जून काटी जाती हैं)। जैसे गेहूँ, जौ, चना, सरसों।
खरीफ फसलें: वर्षा ऋतु में (जून-जुलाई बोई जाती हैं, सितंबर-अक्टूबर काटी जाती हैं)। जैसे चावल, मक्का, मूँगफली, कपास।
5. प्रमुख फसलें और कृषि क्षेत्र
चावल
चावल प्रमुख खाद्य फसल है। इसके लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक) और उच्च वर्षा (100 सेमी से अधिक) की आवश्यकता होती है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत।
गेहूँ
गेहूँ की खेती समशीतोष्ण और उपोष्ण क्षेत्रों में होती है। इसके लिए मध्यम वर्षा (50-75 सेमी) आवश्यक है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत, यूएसए।
कपास
कपास की खेती के लिए गर्म जलवायु, काली मृदा और 210 दिनों से कम ठंड के बिना अवधि की आवश्यकता होती है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत, यूएसए।
6. कृषि की समस्याएँ
विकासशील देशों में कृषि को अनेक समस्याएँ हैं:
छोटे खेत: खेतों का आकार छोटा और विभाजित होता जा रहा है।
कम उत्पादकता: प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम है।
सिंचाई की कमी: अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर है।
आधुनिक तकनीक का अभाव: पुराने औज़ारों और विधियों का उपयोग।
कर्ज़: किसान साहूकारों से कर्ज़ लेते हैं।
हरित क्रांति
भारत में 1960 के दशक में हरित क्रांति से कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई। उच्च उत्पादन देने वाली बीजों (HYV), उर्वरकों और सिंचाई के विस्तार से गेहूँ और चावल का उत्पादन बढ़ा। इसका नेतृत्व एम.एस. स्वामीनाथन के सहयोग से हुआ।
त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: कृषि के प्रकार
प्रकार
विशेषता
क्षेत्र
स्थानांतरणशील
झूम खेती
पूर्वोत्तर भारत
गहन जीविका
अधिक श्रम, छोटे खेत
भारत, चीन
वाणिज्यिक
बाज़ार के लिए
यूएसए, कनाडा
बागान
एक फसल
चाय, कॉफी
तालिका 2: रबी और खरीफ फसलें
प्रकार
ऋतु
फसलें
रबी
शीत ऋतु (अक्टूबर-अप्रैल)
गेहूँ, जौ, चना, सरसों
खरीफ
वर्षा ऋतु (जून-अक्टूबर)
चावल, मक्का, कपास, मूँगफली
माइंड मैप
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महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
आरेख 1: कृषि के प्रकार
आरेख 2: रबी और खरीफ फसलें
सामान्य गलतियाँ
रबी और खरीफ फसलों को भ्रमित करना; गेहूँ रबी है, चावल खरीफ।
चावल की फसल को रबी फसल मान लेना; चावल खरीफ फसल है।
झूम खेती को केवल ब्राज़ील की खेती समझ लेना; यह पूर्वोत्तर भारत में प्रचलित है।
बागान कृषि को स्थानांतरणशील खेती समझ लेना; बागान में एक ही फसल बड़े क्षेत्र में।
यह भूलना कि कृषि प्राथमिक क्रिया है।
कपास की मृदा को भ्रमित करना; कपास काली मृदा में उगता है।
परीक्षा युक्तियाँ
रबी और खरीफ की फसलों की सूची अलग-अलग याद करें।
कृषि के चार प्रकारों की तालिका (प्रकार, विशेषता, क्षेत्र) बनाएँ।
फसलों की जलवायु आवश्यकताएँ (चावल-अधिक वर्षा, गेहूँ-मध्यम वर्षा) याद रखें।
हरित क्रांति के प्रभाव को वर्णनात्मक उत्तरों में लिखें।
कृषि की समस्याओं को सूचीबद्ध करें।
झूम खेती के विभिन्न नामों (लदांग, मिल्पा) को याद रखें।
निष्कर्ष
कृषि मानव की सबसे पुरानी प्राथमिक क्रियाओं में से एक है, जिससे विश्व की बड़ी आबादी जुड़ी है। कृषि की विभिन्न पद्धतियाँ — स्थानांतरणशील, गहन जीविका, वाणिज्यिक और बागान — अलग-अलग क्षेत्रों और जलवायु के अनुसार प्रचलित हैं। फसलों को रबी, खरीफ और नकदी फसलों में बाँटा गया है। भारत में हरित क्रांति से खाद्यान्न उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई। फिर भी छोटे खेत, सिंचाई की कमी और कर्ज़ जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और किसानों को समर्थन से ही कृषि का सतत विकास संभव है।