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1. परिचय

कृषि शब्द का अर्थ है भूमि की खेती करना। कृषि वह गतिविधि है जिसमें मानव मृदा पर फसलें उगाता है और पशुपालन करता है। कृषि प्राथमिक क्रिया है, क्योंकि यह प्रकृति से सीधे उत्पाद प्राप्त करती है। इस अध्याय में हम कृषि के प्रकार, फसलों की किस्में, कृषि की पद्धतियाँ और कृषि से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन करेंगे।

2. कृषि एक प्राथमिक क्रिया

मानव की आर्थिक क्रियाओं को तीन प्रकारों में बाँटा गया है:

  1. प्राथमिक क्रियाएँ: जिनमें प्रकृति से सीधे उत्पाद प्राप्त होते हैं। जैसे कृषि, मत्स्य पालन, वन उत्पाद।
  2. द्वितीयक क्रियाएँ: जिनमें कच्चे माल को परिवर्तित कर उत्पाद बनाए जाते हैं। जैसे उद्योग।
  3. तृतीयक क्रियाएँ: सेवाएँ प्रदान करना। जैसे व्यापार, परिवहन, बैंकिंग।

कृषि सबसे पुरानी प्राथमिक क्रियाओं में से एक है। विश्व की लगभग आधी से अधिक जनसंख्या कृषि से जुड़ी हुई है।

3. कृषि के प्रकार

विश्व में कृषि की कई पद्धतियाँ प्रचलित हैं:

3.1 स्थानांतरणशील खेती (Shifting Cultivation)

3.2 गहन जीविका खेती (Intensive Subsistence Farming)

3.3 वाणिज्यिक कृषि (Commercial Farming)

3.4 बागान कृषि (Plantation Agriculture)

4. फसलों के प्रकार

फसलों को निम्नलिखित प्रकारों में बाँटा गया है:

4.1 भोजन फसलें

4.2 नकदी फसलें

4.3 रबी और खरीफ फसलें

5. प्रमुख फसलें और कृषि क्षेत्र

चावल

चावल प्रमुख खाद्य फसल है। इसके लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक) और उच्च वर्षा (100 सेमी से अधिक) की आवश्यकता होती है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत।

गेहूँ

गेहूँ की खेती समशीतोष्ण और उपोष्ण क्षेत्रों में होती है। इसके लिए मध्यम वर्षा (50-75 सेमी) आवश्यक है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत, यूएसए।

कपास

कपास की खेती के लिए गर्म जलवायु, काली मृदा और 210 दिनों से कम ठंड के बिना अवधि की आवश्यकता होती है। मुख्य उत्पादक: चीन, भारत, यूएसए।

6. कृषि की समस्याएँ

विकासशील देशों में कृषि को अनेक समस्याएँ हैं:

  1. छोटे खेत: खेतों का आकार छोटा और विभाजित होता जा रहा है।
  2. कम उत्पादकता: प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम है।
  3. सिंचाई की कमी: अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर है।
  4. आधुनिक तकनीक का अभाव: पुराने औज़ारों और विधियों का उपयोग।
  5. कर्ज़: किसान साहूकारों से कर्ज़ लेते हैं।

हरित क्रांति

भारत में 1960 के दशक में हरित क्रांति से कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई। उच्च उत्पादन देने वाली बीजों (HYV), उर्वरकों और सिंचाई के विस्तार से गेहूँ और चावल का उत्पादन बढ़ा। इसका नेतृत्व एम.एस. स्वामीनाथन के सहयोग से हुआ।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: कृषि के प्रकार

प्रकार विशेषता क्षेत्र
स्थानांतरणशील झूम खेती पूर्वोत्तर भारत
गहन जीविका अधिक श्रम, छोटे खेत भारत, चीन
वाणिज्यिक बाज़ार के लिए यूएसए, कनाडा
बागान एक फसल चाय, कॉफी

तालिका 2: रबी और खरीफ फसलें

प्रकार ऋतु फसलें
रबी शीत ऋतु (अक्टूबर-अप्रैल) गेहूँ, जौ, चना, सरसों
खरीफ वर्षा ऋतु (जून-अक्टूबर) चावल, मक्का, कपास, मूँगफली

माइंड मैप

graph TD A["कृषि"] --> B["प्राथमिक क्रिया"] B --> B1["फसलें उगाना"] B --> B2["पशुपालन"] A --> C["प्रकार"] C --> C1["स्थानांतरणशील (झूम)"] C --> C2["गहन जीविका"] C --> C3["वाणिज्यिक"] C --> C4["बागान"] A --> D["फसलें"] D --> D1["रबी: गेहूँ, जौ"] D --> D2["खरीफ: चावल, मक्का"] D --> D3["नकदी: कपास, गन्ना"] A --> E["समस्याएँ"] E --> E1["छोटे खेत"] E --> E2["सिंचाई की कमी"] E --> E3["कर्ज़"] A --> F["हरित क्रांति"] F --> F1["HYV बीज, उर्वरक"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: कृषि के प्रकार

कृषि के प्रकार स्थानांतरणशील झूम खेती पेड़ काटकर जलाना स्थान बदलना गहन जीविका छोटे खेत अधिक श्रम भारत, चीन वाणिज्यिक बाज़ार के लिए मशीनों का उपयोग यूएसए, कनाडा बागान एक फसल चाय, कॉफी, रबर भारत में झूम खेती के नाम झूम (पूर्वोत्तर), लदांग (इंडोनेशिया) मिल्पा (मेक्सिको) स्वर्ण नियम (Golden Rule) प्रकार + विशेषता + क्षेत्र तीनों एक साथ याद करें

आरेख 2: रबी और खरीफ फसलें

फसलों की ऋतुएँ रबी (शीत ऋतु) बुवाई: अक्टूबर-दिसंबर कटाई: अप्रैल-जून फसलें: गेहूँ, जौ, चना, सरसों खरीफ (वर्षा ऋतु) बुवाई: जून-जुलाई कटाई: सितंबर-अक्टूबर फसलें: चावल, मक्का, कपास, मूँगफली नकदी फसलें कपास (काली मृदा), गन्ना (उत्तर प्रदेश) जूत (पश्चिम बंगाल) Golden Rule रबी = गेहूँ-सरसों, खरीफ = चावल-कपास

सामान्य गलतियाँ

  1. रबी और खरीफ फसलों को भ्रमित करना; गेहूँ रबी है, चावल खरीफ।
  2. चावल की फसल को रबी फसल मान लेना; चावल खरीफ फसल है।
  3. झूम खेती को केवल ब्राज़ील की खेती समझ लेना; यह पूर्वोत्तर भारत में प्रचलित है।
  4. बागान कृषि को स्थानांतरणशील खेती समझ लेना; बागान में एक ही फसल बड़े क्षेत्र में।
  5. यह भूलना कि कृषि प्राथमिक क्रिया है।
  6. कपास की मृदा को भ्रमित करना; कपास काली मृदा में उगता है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. रबी और खरीफ की फसलों की सूची अलग-अलग याद करें।
  2. कृषि के चार प्रकारों की तालिका (प्रकार, विशेषता, क्षेत्र) बनाएँ।
  3. फसलों की जलवायु आवश्यकताएँ (चावल-अधिक वर्षा, गेहूँ-मध्यम वर्षा) याद रखें।
  4. हरित क्रांति के प्रभाव को वर्णनात्मक उत्तरों में लिखें।
  5. कृषि की समस्याओं को सूचीबद्ध करें।
  6. झूम खेती के विभिन्न नामों (लदांग, मिल्पा) को याद रखें।

निष्कर्ष

कृषि मानव की सबसे पुरानी प्राथमिक क्रियाओं में से एक है, जिससे विश्व की बड़ी आबादी जुड़ी है। कृषि की विभिन्न पद्धतियाँ — स्थानांतरणशील, गहन जीविका, वाणिज्यिक और बागान — अलग-अलग क्षेत्रों और जलवायु के अनुसार प्रचलित हैं। फसलों को रबी, खरीफ और नकदी फसलों में बाँटा गया है। भारत में हरित क्रांति से खाद्यान्न उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई। फिर भी छोटे खेत, सिंचाई की कमी और कर्ज़ जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और किसानों को समर्थन से ही कृषि का सतत विकास संभव है।