"इफ आई वेयर यू" (If I Were You) डगलस जेम्स द्वारा लिखित एक रोमांचक एकांकी नाटक (Play) है। यह नाटक एक नाटककार जेरार्ड की बुद्धिमानी और उपस्थिति-बुद्धि (Presence of Mind) की कहानी है, जो एक घुसपैठिए (Intruder) से अपनी जान बचाता है। यह नाटक बताता है कि कैसे शांत दिमाग और त्वरित सोच से खतरनाक परिस्थितियों में भी विजय प्राप्त की जा सकती है।
कहानी की शुरुआत में नाटककार जेरार्ड अपने अध्ययन कक्ष (Study) में बैठा होता है, जो इंग्लैंड के एक गाँव में स्थित है। तभी एक अजनबी उसके कमरे में घुस आता है। यह अजनबी वास्तव में एक खतरनाक अपराधी है, जो पुलिस से भाग रहा है। वह जेरार्ड की पहचान चुराना चाहता है ताकि पुलिस से बच सके। वह जेरार्ड को मारने की धमकी देता है।
नाटक का मुख्य तत्व जेरार्ड की चतुराई है। जेरार्ड अपनी बुद्धिमानी से अपराधी को उलझाए रखता है। वह अपराधी के साथ बातचीत करता है और उसे भ्रमित करता है। धीरे-धीरे स्थिति बदलती है और अंत में जेरार्ड अपराधी को फंसा देता है। नाटक के अंत में पुलिस अपराधी को गिरफ्तार कर लेती है। यह नाटक शीघ्र-बुद्धि और संयम की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
नाटक की शुरुआत में जेरार्ड अपने अध्ययन कक्ष में काम कर रहा होता है। वह इंग्लैंड के एक शांत गाँव में रहता है। तभी वहाँ एक अजनबी आता है, जो पिस्तौल लिए हुए है। जेरार्ड अजनबी को देखकर घबराता नहीं, बल्कि शांत रहता है और बातचीत शुरू करता है।
अजनबी (घुसपैठिया) जेरार्ड को बताता है कि वह उसकी पहचान चुराना चाहता है। वह पुलिस से भाग रहा है और जेरार्ड की जगह लेकर गायब होना चाहता है। वह जेरार्ड को मारने की धमकी देता है। जेरार्ड पूछता है कि उसे क्यों चुना गया, जिस पर अपराधी बताता है कि वह अकेला रहता है और उसके पास कोई परिचित नहीं है।
जेरार्ड अपराधी के साथ शांति से बातचीत करता है। वह उसे अपने जीवन के बारे में बताता है और उसकी जगह लेने की कठिनाइयाँ समझाता है। जेरार्ड अपराधी को यह विश्वास दिलाता है कि वह जेरार्ड की भूमिका निभा नहीं सकेगा, क्योंकि उसे नाटककार के जीवन के बारे में बहुत कुछ जानना होगा। इस प्रकार वह अपराधी को उलझाए रखता है।
जेरार्ड अपराधी को अपनी जगह लेने के लिए प्रश्न पूछता है। वह उससे पूछता है कि उसकी माँ का क्या नाम है, उसकी पत्नी कौन है, आदि। अपराधी इन सवालों का उत्तर नहीं दे पाता और भ्रमित हो जाता है। जेरार्ड की यह चाल अपराधी को उसकी जगह लेने से रोकती है।
इस बीच जेरार्ड पहले से ही पुलिस को बुला चुका होता है। जब अपराधी जेरार्ड से उसकी जगह लेने की कोशिश कर रहा होता है, तभी पुलिस वहाँ पहुँच जाती है। पुलिस अपराधी को पहचान लेती है और उसे गिरफ्तार कर लेती है। जेरार्ड अपनी बुद्धिमानी और संयम से खतरे से बच निकलता है।
नाटक का अंत जेरार्ड की विजय के साथ होता है। यह नाटक सिखाता है कि डर के बजाय संयम और तर्क से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। जेरार्ड ने घबराहट नहीं दिखाई और अपने दिमाग का उपयोग करके खतरे से बच निकला।
| पात्र | परिचय | प्रमुख गुण |
|---|---|---|
| जेरार्ड | नाटककार, मुख्य पात्र | बुद्धिमान, संयमी, त्वरित-बुद्धि |
| घुसपैठिया (अजनबी) | अपराधी, जेरार्ड की पहचान चुराना चाहता है | खतरनाक, धमकी देने वाला |
| पुलिस अधिकारी | अपराधी को गिरफ्तार करने वाला | कर्तव्यनिष्ठ, सतर्क |
| क्रम | घटना |
|---|---|
| 1 | जेरार्ड अध्ययन कक्ष में काम कर रहा है |
| 2 | घुसपैठिए का प्रवेश |
| 3 | अपराधी की पहचान चुराने की योजना |
| 4 | जेरार्ड की चतुर बातचीत |
| 5 | अपराधी का भ्रमित होना |
| 6 | पुलिस का आगमन और गिरफ्तारी |
| पहलू | जेरार्ड | घुसपैठिया |
|---|---|---|
| स्वभाव | शांत, बुद्धिमान | खतरनाक, धमकी देने वाला |
| हथियार | बुद्धि और संयम | पिस्तौल |
| उद्देश्य | जान बचाना | पहचान चुराना |
| परिणाम | विजय | गिरफ्तारी |
"इफ आई वेयर यू" एक रोमांचक और बुद्धिमत्ता से भरपूर एकांकी नाटक है, जो दर्शाता है कि खतरे के समय संयम और तर्कशक्ति ही सच्चे हथियार हैं। जेरार्ड ने घबराहट के बजाय शांत रहकर घुसपैठिए को अपनी बातचीत से उलझाए रखा और अपनी जान बचाई। यह नाटक सिखाता है कि किसी भी परिस्थिति में बल से अधिक बुद्धि और धैर्य कारगर होते हैं। अपराध चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और बुद्धि की ही विजय होती है। यह नाटक हमें आत्मविश्वास और उपस्थिति-बुद्धि का महत्व सिखाता है।