रचनाएँ (Constructions) ज्यामिति का वह भाग है जिसमें केवल पैमाना (unmarked ruler) और परकार (compass) की सहायता से विभिन्न ज्यामितीय आकृतियाँ, कोण और बिंदु बनाए जाते हैं। इस अध्याय में हम रेखा खंडों के समद्विभाजन, कोणों के समद्विभाजन, विशेष कोणों की रचना, लंब रेखाएँ खींचना तथा त्रिभुजों की रचना करना सीखेंगे। रचनाओं में परकार और पैमाने के अतिरिक्त कोई अन्य उपकरण (जैसे चाँदा) प्रयोग नहीं किया जाता। रचना के प्रत्येक चरण को तर्कसंगत ढंग से करना आवश्यक है।
रचना करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए: - केवल पैमाने (बिना चिह्नों वाले) और परकार का प्रयोग करें। - परकार का प्रयोग चाप काटने और लंबाई मापने के लिए किया जाता है। - प्रत्येक रचना में आवश्यक चरण लिखें (Construction Steps)। - रचना की स्पष्टता के लिए सहायक रेखाओं को पतला खींचें। - अंतिम आकृति को मोटी रेखाओं से पूर्ण करें।
दिए गए रेखा खंड $AB$ को समद्विभाजित करने के लिए: 1. $A$ को केंद्र मानकर $AB$ की आधी से अधिक त्रिज्या लेकर चाप खींचें। 2. उसी त्रिज्या से $B$ को केंद्र मानकर चाप खींचें जो पहले चाप को दो बिंदुओं पर काटें। 3. इन दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा $AB$ को मध्य-बिंदु $M$ पर काटती है।
यह रेखा $AB$ पर लंब भी होती है, इसलिए इसे लंब समद्विभाजक (Perpendicular Bisector) कहते हैं।
किसी कोण $\angle ABC$ को समद्विभाजित करने के लिए: 1. $B$ को केंद्र मानकर कोई त्रिज्या लेकर चाप खींचें जो भुजाओं $BA$ और $BC$ को $D$ और $E$ पर काटे। 2. $D$ को केंद्र मानकर $DE$ की आधी से अधिक त्रिज्या लेकर चाप खींचें। 3. उसी त्रिज्या से $E$ को केंद्र मानकर चाप खींचें जो पहले चाप को $F$ पर काटे। 4. $BF$ को मिलाएँ। $BF$ कोण का समद्विभाजक है।
पैमाने और परकार की सहायता से निम्नलिखित कोण बनाए जा सकते हैं: - $60°$: समबाहु त्रिभुज की रचना से। - $30°$: $60°$ के कोण का समद्विभाजन करके। - $90°$: लंब रेखा खींचकर या $60° + 30°$ की रचना से। - $45°$: $90°$ के कोण का समद्विभाजन करके। - $120°$: $60°$ के कोण को दो बार जोड़कर या उपयुक्त चाप से।
किसी रेखा $l$ पर बिंदु $P$ पर लंब खींचने के लिए: 1. $P$ को केंद्र मानकर उचित त्रिज्या का चाप खींचें जो $l$ को $A$ और $B$ पर काटे। 2. $A$ और $B$ को केंद्र मानकर $AB$ की आधी से अधिक त्रिज्या के चाप खींचें जो परस्पर $Q$ पर काटें। 3. $PQ$ को मिलाएँ। $PQ \perp l$।
किसी रेखा के बाहरी बिंदु से लंब खींचने के लिए भी समान विधि अपनाई जाती है।
त्रिभुजों की रचना के लिए तीन स्वतंत्र तत्वों की आवश्यकता होती है:
जब तीनों भुजाओं की लंबाई दी हो: 1. एक भुजा $BC$ खींचें। 2. $B$ को केंद्र मानकर दूसरी भुजा की लंबाई का चाप खींचें। 3. $C$ को केंद्र मानकर तीसरी भुजा की लंबाई का चाप खींचें जो पहले चाप को $A$ पर काटे। 4. $AB$ और $AC$ को मिलाएँ।
| रचना | आवश्यक चरण |
|---|---|
| रेखा खंड का समद्विभाजन | दो चाप + जोड़ने वाली रेखा |
| कोण का समद्विभाजन | चाप + समान त्रिज्या के दो चाप |
| 60° कोण | समबाहु त्रिभुज की रचना |
| 90° कोण | लंब रेखा |
| 45° कोण | 90° का समद्विभाजन |
| दिए गए तत्व | रचना का प्रकार |
|---|---|
| तीन भुजाएँ | SSS |
| दो भुजाएँ + अंतर्गत कोण | SAS |
| दो कोण + अंतर्गत भुजा | ASA |
| समकोण + कर्ण + एक भुजा | RHS |
रचनाएँ ज्यामिति का वह भाग हैं जहाँ विद्यार्थी केवल परकार और पैमाने से सटीक आकृतियाँ बनाना सीखता है। रेखा खंड का समद्विभाजन, कोणों का समद्विभाजन, विशेष कोणों की रचना और त्रिभुजों की रचना इस अध्याय के प्रमुख विषय हैं। ये कौशल न केवल परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वास्तुकला, इंजीनियरिंग और कला में भी प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी हैं। रचना के चरणों का क्रमबद्ध पालन और परकार के सही प्रयोग से सटीकता प्राप्त की जा सकती है। अभ्यास से इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त करना सरल हो जाता है।