बहुपद बीजगणित की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है। इस अध्याय में हम बहुपदों की परिभाषा, उनकी घात, चरों की संख्या, बहुपदों के प्रकार तथा उन पर की जाने वाली संक्रियाओं का अध्ययन करेंगे। साथ ही शेषफल प्रमेय, गुणनखंड प्रमेय तथा बहुपदों के गुणनखंडन की विभिन्न विधियों को सीखेंगे। बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities) भी इस अध्याय का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके प्रयोग से बड़े गणनाओं को सरलता से हल किया जा सकता है।
वह व्यंजक जिसमें चर की घातें पूर्ण संख्याएँ होती हैं, बहुपद (Polynomial) कहलाता है। जैसे $3x^2 + 2x + 1$ एक बहुपद है।
उदाहरण: $p(x) = 5x^3 + 4x^2 - 7x + 2$ - यहाँ $x$ चर है, $5, 4, -7, 2$ गुणांक हैं। - बहुपद के प्रत्येक पद के गुणांक को उस पद का गुणांक (Coefficient) कहते हैं। - बहुपद के सबसे बड़े घात वाले पद को अग्रग पद (Leading term) कहते हैं।
बहुपद को जोड़ चिह्न या घटाव चिह्न से अलग किए गए भागों में विभाजित किया जाता है, प्रत्येक भाग को पद कहते हैं। जैसे $5x^3 + 4x^2 - 7x + 2$ में चार पद हैं।
वह बहुपद जिसमें चर नहीं होता, जैसे $7$ या $-3$। शून्येतर स्थिरांक बहुपद की घात $0$ होती है। शून्य बहुपद $0$ की घात परिभाषित नहीं होती।
बहुपद के सभी पदों में सबसे अधिक घात वाले पद की घात को बहुपद की घात कहते हैं। - एक घात वाले बहुपद को रैखिक बहुपद कहते हैं, जैसे $2x + 3$। - दो घात वाले बहुपद को द्विघात बहुपद कहते हैं, जैसे $x^2 + 5x + 6$। - तीन घात वाले बहुपद को त्रिघात बहुपद कहते हैं, जैसे $x^3 + 2x^2 - x + 1$।
चर के दिए गए मान के लिए बहुपद में चर का मान प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त मान बहुपद का मान कहलाता है। यदि $p(x)$ के लिए $x = a$ पर $p(a) = 0$ हो, तो $a$ को $p(x)$ का शून्यक (Zero) कहते हैं।
उदाहरण: $p(x) = x^2 - 5x + 6$ के लिए $x = 2$ पर, $$p(2) = 4 - 10 + 6 = 0$$ अतः $2$ बहुपद का शून्यक है। इसी प्रकार $3$ भी शून्यक है।
महत्वपूर्ण गुण: - रैखिक बहुपद $ax + b$ का शून्यक $x = -\frac{b}{a}$ होता है। - $n$ घात के बहुपद के अधिक से अधिक $n$ शून्यक हो सकते हैं।
यदि बहुपद $p(x)$ को रैखिक बहुपद $x - a$ से भाग दिया जाए, तो शेषफल $p(a)$ प्राप्त होता है। इस प्रमेय को शेषफल प्रमेय कहते हैं।
उदाहरण: $p(x) = x^3 - 3x^2 + 5x - 2$ को $x - 2$ से भाग देने पर शेषफल: $$p(2) = 8 - 12 + 10 - 2 = 4$$ अतः शेषफल $4$ है।
यदि $p(x)$ एक बहुपद है और $p(a) = 0$, तो $x - a$, $p(x)$ का एक गुणनखंड होता है। और इसका विलोम भी सत्य है: यदि $x - a$, $p(x)$ का गुणनखंड है, तो $p(a) = 0$।
उदाहरण: $p(x) = x^3 + 4x^2 + x - 6$ में $x = 1$ रखने पर, $$p(1) = 1 + 4 + 1 - 6 = 0$$ अतः $x - 1$, $p(x)$ का एक गुणनखंड है।
उदाहरण: $6x^2 + 9x = 3x(2x + 3)$।
द्विघात बहुपद $ax^2 + bx + c$ को गुणनखंड करने के लिए ऐसी दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका गुणनफल $a \times c$ और योग $b$ हो।
उदाहरण: $x^2 + 5x + 6$ $$x^2 + 5x + 6 = x^2 + 2x + 3x + 6 = x(x + 2) + 3(x + 2) = (x + 2)(x + 3)$$
$8a^3 + 27b^3$ को $a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)$ से गुणनखंड किया जा सकता है: $$8a^3 + 27b^3 = (2a)^3 + (3b)^3 = (2a + 3b)(4a^2 - 6ab + 9b^2)$$
विशेष नियम: यदि $x + y + z = 0$ हो, तो $x^3 + y^3 + z^3 = 3xyz$।
| प्रकार | घात | उदाहरण | शून्यकों की अधिकतम संख्या |
|---|---|---|---|
| स्थिरांक | 0 | 7, -3 | 0 |
| रैखिक | 1 | 2x + 3 | 1 |
| द्विघात | 2 | x² + 5x + 6 | 2 |
| त्रिघात | 3 | x³ - 4x + 2 | 3 |
| सर्वसमिका | विस्तार |
|---|---|
| (x + y)² | x² + 2xy + y² |
| (x - y)² | x² - 2xy + y² |
| (x + y)³ | x³ + y³ + 3xy(x + y) |
| x² - y² | (x + y)(x - y) |
| x³ + y³ | (x + y)(x² - xy + y²) |
| x³ - y³ | (x - y)(x² + xy + y²) |
बहुपद बीजगणित का केंद्रीय विषय है जो आगे की कक्षाओं में भी प्रमुखता से प्रयोग होता है। बहुपद की घात, प्रकार, शून्यक, शेषफल प्रमेय, गुणनखंड प्रमेय तथा बीजीय सर्वसमिकाओं की गहन समझ से जटिल समस्याओं का हल आसान हो जाता है। इन अवधारणाओं में महारत हासिल करने से विद्यार्थी न केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि दैनिक जीवन में आने वाली गणितीय समस्याओं को भी तर्कसंगत ढंग से हल कर सकते हैं। बहुपदों पर आधारित अवधारणाएँ उच्च गणित में फलन, समीकरण और कैलकुलस की नींव रखती हैं।