सांख्यिकी (Statistics) वह विज्ञान है जिसमें आँकड़ों (data) का संग्रह, वर्गीकरण, विश्लेषण और निष्कर्ष निकाला जाता है। इस अध्याय में हम आँकड़ों को प्रस्तुत करने की विधियों — बारंबारता बंटन सारणी, दंड आलेख, आयतचित्र (histogram) और बारंबारता बहुभुज — का अध्ययन करेंगे। साथ ही केंद्रीय प्रवृत्ति की मापों — माध्य, माध्यक और बहुलक — को सीखेंगे, जो आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्य मान हैं। सांख्यिकी का प्रयोग हर क्षेत्र में होता है, चाहे वह खेल का स्कोर हो, मौसम का पूर्वानुमान या आर्थिक विश्लेषण।
किसी घटना या मान के आने की संख्या को उसकी बारंबारता कहते हैं।
आँकड़ों को बाँटने के लिए बनाए गए समूह, जैसे 10-20, 20-30। - वर्ग की निचली सीमा (Lower limit) और ऊपरी सीमा (Upper limit)। - वर्ग का वर्ग-मध्य (Class mark): $= \frac{\text{निचली सीमा} + \text{ऊपरी सीमा}}{2}$।
वर्गों या श्रेणियों की बारंबारता को बराबर चौड़ाई के दंडों द्वारा दर्शाया जाता है। दंडों की ऊँचाई बारंबारता के समानुपाती होती है। दंडों के बीच बराबर अंतराल रखा जाता है।
निरंतर वर्ग अंतरालों के लिए बना दंड आलेख जिसमें दंड एक-दूसरे से सटे होते हैं। दंड की ऊँचाई बारंबारता दर्शाती है।
वर्ग-मध्य पर बारंबारता को बिंदुओं द्वारा दर्शाकर उन बिंदुओं को सरल रेखाओं से मिलाने पर बनी आकृति। इसे आयतचित्र से भी जोड़ा जा सकता है।
आँकड़ों का माध्य उनके सभी मानों का औसत होता है।
$$\text{माध्य} = \frac{\text{सभी प्रेक्षणों का योग}}{\text{प्रेक्षणों की संख्या}}$$
$$\text{माध्य} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$$
यहाँ $x_i$ वर्ग-मध्य और $f_i$ बारंबारता है।
जब आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो बीच वाला मान माध्यक कहलाता है।
उदाहरण: प्रेक्षण 5, 2, 9, 1, 7 को आरोही क्रम में: 1, 2, 5, 7, 9। $n = 5$ (विषम), माध्यक = तीसरा मान = 5।
वह मान जो आँकड़ों में सबसे अधिक बार आता है, बहुलक कहलाता है।
उदाहरण: आँकड़ों 2, 3, 3, 3, 4, 5 में 3 सबसे अधिक बार (तीन बार) आता है, अतः बहुलक = 3।
सतत बारंबारता बंटन में बहुलक वर्ग (highest frequency वाला वर्ग) की पहचान की जाती है। कक्षा 9 के स्तर पर बहुलक को सर्वाधिक बारंबारता वाले वर्ग के रूप में पहचानना और अवर्गीकृत आँकड़ों में मान ज्ञात करना मुख्य है।
| माप | परिभाषा | विधि |
|---|---|---|
| माध्य | औसत | योग / संख्या |
| माध्यक | बीच वाला मान | आरोही क्रम + मध्य |
| बहुलक | सबसे अधिक बार आने वाला | बारंबारता गिनना |
| आलेख | विशेषता | प्रयोग |
|---|---|---|
| दंड आलेख | असमान दंड | वर्ग/श्रेणियाँ |
| आयतचित्र | सटे हुए दंड | निरंतर वर्ग अंतराल |
| बारंबारता बहुभुज | बिंदुओं की रेखा | वर्ग-मध्य से |
सांख्यिकी आँकड़ों को समझने और व्याख्या करने का विज्ञान है। बारंबारता बंटन, आलेखीय निरूपण तथा माध्य, माध्यक और बहुलक जैसी केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें इस अध्याय के मुख्य विषय हैं। ये अवधारणाएँ वास्तविक जीवन में आँकड़ों का विश्लेषण करने, तुलना करने और निर्णय लेने में सहायक होती हैं। खेल, अर्थशास्त्र, मौसम विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में सांख्यिकी का व्यापक प्रयोग होता है। आँकड़ों को व्यवस्थित करने और सही माप का चयन करने के कौशल से इस अध्याय में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।