🧫

जीवन की मौलिक इकाई — अध्ययन नोट्स

विस्तृत सिद्धांत, सूत्र, आरेख और स्मृति सहायक।

Text Size:

1. कोशिका की खोज और इतिहास (Discovery of Cell)

सभी सजीव सूक्ष्म इकाइयों से बने होते हैं, जिन्हें कोशिका (Cell) कहते हैं। कोशिका सजीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।

2. एककोशिक और बहुकोशिक जीव (Unicellular and Multicellular Organisms)

3. कोशिका की संरचना (Structure of a Cell)

प्रत्येक कोशिका में मुख्यतः तीन भाग दिखाई देते हैं: प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक और कोशिकाद्रव्य।

graph TD
    A[कोशिका की संरचना] --> B[प्लाज्मा झिल्ली: सुरक्षात्मक बाहरी आवरण]
    A --> C[केंद्रक: नियंत्रण केंद्र / डीएनए]
    A --> D[कोशिकाद्रव्य: कोशिकांगों का वास]

प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane)

यह कोशिका की सबसे बाहरी परत है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है। यह लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है। - वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली (Selectively Permeable Membrane): यह केवल कुछ चुनिंदा पदार्थों को ही अंदर या बाहर आने-जाने देती है, इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं। - विसरण (Diffusion): गैसों ($CO_2$, $O_2$) का उच्च सांद्रता से कम सांद्रता की ओर जाना। - परासरण (Osmosis): जल के अणुओं का वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल सांद्रता से निम्न जल सांद्रता की ओर जाना। - अल्पपरासरण दाबी (Hypotonic): बाहरी माध्यम में पानी अधिक हो $\rightarrow$ कोशिका में पानी प्रवेश करेगा $\rightarrow$ कोशिका फूल जाएगी। - समपरासरण दाबी (Isotonic): सांद्रता समान हो $\rightarrow$ पानी का कोई नेट प्रवाह नहीं $\rightarrow$ कोशिका का आकार समान रहेगा। - अतिपरासरण दाबी (Hypertonic): बाहरी माध्यम में पानी कम हो $\rightarrow$ कोशिका से पानी बाहर निकलेगा $\rightarrow$ कोशिका सिकुड़ जाएगी (जीवद्रव्य कुंचन / Plasmolysis)।

कोशिका भित्ति (Cell Wall)

यह केवल पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में प्लाज्मा झिल्ली के बाहर पाई जाती है। यह मुख्यतः सेल्यूलोज से बनी एक दृढ़, निर्जीव परत होती है, जो पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करती है।

केंद्रक (Nucleus)

यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है। इसके चारों ओर दोहरी परत का केंद्रक झिल्ली होती है जिसमें छोटे छिद्र होते हैं। - केंद्रक में क्रोमोसोम (गुणसूत्र) होते हैं, जो केवल कोशिका विभाजन के समय दिखाई देते हैं। क्रोमोसोम में अनुवांशिक गुण डीएनए ($DNA$) और प्रोटीन के रूप में होते हैं। डीएनए के क्रियात्मक खंड को जीन (Gene) कहते हैं।

प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएं (Prokaryotic and Eukaryotic Cells)

4. कोशिकांग (Cell Organelles)

कोशिकाद्रव्य में अनेक विशिष्ट झिल्ली युक्त संरचनाएं पाई जाती हैं जो कोशिका को जीवित रखने के लिए विशिष्ट कार्य करती हैं:

  1. अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum - ER): यह नलिकाओं और शीट का एक विशाल तंत्र है।
  2. खुरदरी (RER): इसकी सतह पर राइबोसोम होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करते हैं।
  3. चिकनी (SER): यह वसा और लिपिड संश्लेषण में मदद करती है। यकृत की कोशिकाओं में विषैले पदार्थों के निराविषीकरण (detoxification) में इसकी भूमिका होती है।
  4. गोल्गी उपकरण (Golgi Apparatus): कैमिलो गोल्गी द्वारा खोजा गया। यह चपटी पुटिकाओं का एक तंत्र है। इसका कार्य पदार्थों का संचयन, रूपांतरण और पैकेजिंग करना है। यह लाइसोसोम के निर्माण में भी शामिल होता है।
  5. लाइसोसोम (Lysosomes): इन्हें कोशिका की 'आत्मघाती थैली' (Suicide Bag) कहा जाता है। इनमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम होते हैं। जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है, तो लाइसोसोम फट जाते हैं और उनके एंजाइम अपनी ही कोशिका को पचा लेते हैं।
  6. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): इसे कोशिका का 'बिजलीघर' (Power House) कहते हैं। यह दोहरी झिल्ली वाला अंगक है। यह श्वसन क्रिया द्वारा ऊर्जा का निर्माण एटीपी ($ATP$ - एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में करता है। माइटोकॉन्ड्रिया के पास अपना डीएनए ($DNA$) और राइबोसोम होते हैं, जिससे यह अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकता है।
  7. प्लास्टिड (Plastids): ये केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं। इनके पास भी अपना डीएनए और राइबोसोम होते हैं।
  8. क्रोमोप्लास्ट: रंगीन प्लास्टिड (जैसे क्लोरोप्लास्ट, जिसमें क्लोरोफिल होता है और यह प्रकाश संश्लेषण करता है)।
  9. ल्यूकोप्लास्ट: श्वेत या रंगहीन प्लास्टिड, जो स्टार्च, तेल और प्रोटीन जैसे पदार्थों का संचयन करते हैं।
  10. रसधानियाँ (Vacuoles): ये ठोस या तरल पदार्थों की संग्राहक थैलियाँ हैं। जंतु कोशिकाओं में ये छोटी होती हैं, जबकि पादप कोशिकाओं में ये बहुत बड़ी (कोशिका के आयतन का 50–90%) होती हैं, जो कोशिका को स्फीति (turgidity) प्रदान करती हैं।
ज्ञान की जाँच करें →