विस्तृत सिद्धांत, सूत्र, आरेख और स्मृति सहायक।
आम भाषा में 'शुद्ध' का अर्थ होता है कि पदार्थ में कोई मिलावट न हो। लेकिन वैज्ञानिकों के लिए, किसी पदार्थ के शुद्ध होने का अर्थ है कि उस पदार्थ में मौजूद सभी कण समान रासायनिक प्रकृति के हों।
एक शुद्ध पदार्थ केवल एक ही प्रकार के कणों (atoms or molecules) से मिलकर बना होता है। उदाहरण के लिए: सोना, तांबा, जल ($H_2O$), नमक ($NaCl$) आदि।
मिश्रण एक से अधिक शुद्ध तत्वों या यौगिकों से मिलकर बना होता है। उदाहरण के लिए: समुद्र का पानी, मिट्टी, हवा, मिश्र धातुएं आदि। मिश्रण दो प्रकार के होते हैं: 1. समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसके संगठन (composition) पूरे मिश्रण में समान होते हैं। उदाहरण के लिए: पानी में चीनी का घोल, पानी में नमक का घोल, हवा। 2. विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसके अंश भौतिक रूप से अलग होते हैं और उनका संगठन असमान होता है। उदाहरण के लिए: सोडियम क्लोराइड और लोहे की छीलन का मिश्रण, तेल और पानी का मिश्रण।
graph TD
A[पदार्थ] --> B[शुद्ध पदार्थ]
A --> C[मिश्रण]
B --> D[तत्व: जैसे लोहा, सोना]
B --> E[यौगिक: जैसे जल, नमक]
C --> F[समांगी: जैसे चीनी का घोल]
C --> G[विषमांगी: जैसे मिट्टी और पानी]
मिश्रणों को उनके कणों के आकार के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
| गुणधर्म | वास्तविक विलयन (Solution) | निलंबन (Suspension) | कोलाइड विलयन (Colloid) |
|---|---|---|---|
| मिश्रण का प्रकार | समांगी | विषमांगी | विषमांगी (दिखने में समांगी) |
| कणों का आकार | < 1 nm ($10^{-9}$ m) | > 100 nm ($10^{-7}$ m) | 1 nm से 100 nm के बीच |
| स्थिरता | स्थायी (कण नीचे नहीं बैठते) | अस्थायी (कण नीचे बैठ जाते हैं) | स्थायी |
| टिंडल प्रभाव | नहीं दर्शाता | दर्शा सकता है (जब तक कण निलंबित हैं) | स्पष्ट रूप से दर्शाता है |
| पृथक्करण | छानने की विधि से नहीं | छानने की विधि द्वारा संभव | अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) द्वारा |
जब प्रकाश की किरण किसी कोलाइडल विलयन से गुजरती है, तो कोलाइड के कण प्रकाश की किरणों को फैला (scatter) देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देने लगता है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं। घने जंगलों के वितान (canopy) से सूर्य की किरण गुजरने पर या बंद कमरे के छोटे छिद्र से आने वाले प्रकाश में धूल के कणों का चमकना इसके उदाहरण हैं।
graph LR
A[प्रकाश स्रोत] --> B[वास्तविक विलयन: प्रकाश मार्ग अदृश्य]
A --> C[कोलाइड विलयन: टिंडल प्रभाव से प्रकाश मार्ग दृश्य]
विलयन दो भागों से मिलकर बनता है: - विलेय (Solute): वह पदार्थ जो कम मात्रा में होता है और घोला जाता है। - विलायक (Solvent): वह पदार्थ जो अधिक मात्रा में होता है और जिसमें विलेय घोला जाता है।
द्रव्यमान प्रतिशत (Mass by Mass Percentage): $$\text{Mass \%} = \frac{\text{Mass of Solute}}{\text{Mass of Solution}} \times 100$$ (ध्यान दें: विलयन का द्रव्यमान = विलेय का द्रव्यमान + विलायक का द्रव्यमान)
द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत (Mass by Volume Percentage): $$\text{Mass by Volume \%} = \frac{\text{Mass of Solute}}{\text{Volume of Solution}} \times 100$$
शुद्ध पदार्थों को तत्वों या यौगिकों में वर्गीकृत किया जा सकता है: