कार्य, शक्ति और ऊर्जा — अध्ययन नोट्स

विस्तृत सिद्धांत, सूत्र, आरेख और स्मृति सहायक।

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1. कार्य (Work)

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, कार्य होने के लिए दो शर्तों का पूरा होना आवश्यक है: 1. वस्तु पर कोई बल (Force) लगना चाहिए। 2. वस्तु अपने स्थान से विस्थापित (Displaced) होनी चाहिए। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो किया गया कार्य शून्य होगा (जैसे दीवार को धक्का देने पर विस्थापन न होने के कारण कार्य शून्य होता है)।

कार्य की माप (Measurement of Work)

एक अचर बल $F$ द्वारा किया गया कार्य ($W$), बल और बल की दिशा में वस्तु के विस्थापन ($s$) के गुणनफल के बराबर होता है। $$W = F \cdot s$$ - मात्रक: न्यूटन मीटर ($\text{N m}$) या जूल ($\text{J}$) (जेम्स प्रेस्कॉट जूल के सम्मान में)। - 1 जूल (J): जब 1 N का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 m विस्थापित कर दे, तो किए गए कार्य की मात्रा 1 जूल होती है।

धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य कार्य

graph TD
    A[कार्य के प्रकार] --> B[धनात्मक: बल और विस्थापन एक ही दिशा में]
    A --> C[ऋणात्मक: बल और विस्थापन विपरीत दिशा में]
    A --> D[शून्य: बल और विस्थापन परस्पर लंबवत]

2. ऊर्जा (Energy)

कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। जो वस्तु कार्य करती है, उसकी ऊर्जा में कमी होती है और जिस वस्तु पर कार्य किया जाता है, उसकी ऊर्जा में वृद्धि होती है। - मात्रक: जूल (J) (कार्य के समान)।

ऊर्जा के विभिन्न रूप

संसार में ऊर्जा के अनेक रूप हैं: गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा आदि।

A. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy - $E_k$)

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण कार्य करने की जो क्षमता होती है, उसे उसकी गतिज ऊर्जा कहते हैं। - गतिज ऊर्जा का सूत्र: मान लीजिए $m$ द्रव्यमान की वस्तु विराम अवस्था ($u=0$) से शुरू करके बल $F$ द्वारा $s$ दूरी तक त्वरित होती है और उसका वेग $v$ हो जाता है: - किया गया कार्य $W = F \cdot s$ - द्वितीय नियम से $F = m \cdot a$ - तृतीय गति समीकरण से $v^2 = u^2 + 2as \Rightarrow s = \frac{v^2 - u^2}{2a}$ - मान रखने पर: $W = m \cdot a \cdot \frac{v^2 - u^2}{2a} = \frac{1}{2} m (v^2 - u^2)$ - चूँकि $u=0$, किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में बदल जाता है: $$E_k = \frac{1}{2} m v^2$$

B. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy - $E_p$)

किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकृति (shape) में परिवर्तन के कारण जो ऊर्जा संचित होती है, उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं (जैसे धनुष की खिंची हुई डोरी, खिलौना कार की चाबी घुमाना, बाँध में जमा पानी)।

3. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)

इस नियम के अनुसार, "ऊर्जा का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित किया जा सकता है।" - रूपांतरण से पहले और रूपांतरण के बाद कुल ऊर्जा हमेशा नियत (स्थिर) रहती है। - उदाहरण (मुक्त रूप से गिरती वस्तु): जब $m$ द्रव्यमान की वस्तु $h$ ऊंचाई पर स्थिर होती है, तो उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा केवल स्थितिज ऊर्जा ($mgh$) होती है (गतिज ऊर्जा = 0)। जैसे-जैसे वह नीचे गिरती है, उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती जाती है और गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है। जमीन पर टकराने से ठीक पहले उसकी स्थितिज ऊर्जा शून्य हो जाती है और गतिज ऊर्जा अधिकतम ($\frac{1}{2}mv^2$) हो जाती है। प्रत्येक बिंदु पर कुल ऊर्जा ($E_p + E_k = \text{constant}$) हमेशा स्थिर रहती है।

$$E_{\text{total}} = E_p + E_k = \text{constant}$$ (अर्थात, कुल यांत्रिक ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा + गतिज ऊर्जा)

4. शक्ति (Power - P)

कार्य करने की दर या ऊर्जा रूपांतरण की दर को शक्ति कहते हैं। $$P = \frac{W}{t}$$ यहाँ $P$ = शक्ति, $W$ = किया गया कार्य, और $t$ = लिया गया समय है। - मात्रक: जूल प्रति सेकंड ($\text{J s}^{-1}$) या वाट (W) (जेम्स वाट के सम्मान में)। - 1 वाट (W): यदि कोई एजेंट 1 सेकंड में 1 जूल कार्य करता है, तो उसकी शक्ति 1 वाट होती है। - बड़े मात्रक: - $1 \text{ kW} = 1000 \text{ W}$ - $1 \text{ MW} = 10^6 \text{ W}$ - अश्व शक्ति (Horsepower - hp): $1 \text{ hp} = 746 \text{ W}$ (इंजनों की शक्ति मापने के लिए)।

5. ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक (Commercial Unit of Energy)

ऊर्जा का मात्रक जूल ($J$) बहुत छोटा है, इसलिए व्यावसायिक (औद्योगिक और घरेलू बिजली बिलों) के लिए बड़े मात्रक किलोवाट घंटा (kWh) का उपयोग किया जाता है, जिसे बोलचाल में 'यूनिट' (Unit) कहते हैं। - 1 किलोवाट घंटा (1 kWh): 1 किलोवाट (1000 W) शक्ति वाले उपकरण द्वारा 1 घंटे तक लगातार उपयोग की गई ऊर्जा को 1 kWh कहते हैं।

1 kWh का जूल में मान:

$$1 \text{ kWh} = 1 \text{ kW} \times 1 \text{ Hour}$$ $$1 \text{ kWh} = 1000 \text{ W} \times 3600 \text{ Seconds}$$ $$1 \text{ kWh} = 3.6 \times 10^6 \text{ Joules (J)}$$ - बिजली का बिल: घरों में खपत होने वाली बिजली की गणना इसी यूनिट (kWh) में की जाती है।

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