विस्तृत सिद्धांत, सूत्र, आरेख और स्मृति सहायक।
हम अपने आस-पास की रंग-बिरंगी दुनिया को कैसे देख पाते हैं? इसका उत्तर है—प्रकाश। प्रकाश ऊर्जा का एक ऐसा रूप है जो हमारी आँखों में दृष्टि की संवेदना (Sensation of sight) उत्पन्न करता है। जब किसी वस्तु से प्रकाश टकराकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, तभी हम उस वस्तु को देख पाते हैं।
जब प्रकाश की किरणें किसी पॉलिश की हुई या चमकदार सतह (जैसे दर्पण) पर गिरती हैं, तो वे टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आती हैं। इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
वे दर्पण जिनकी परावर्तक सतह वक्र (Curved) होती है। ये दो प्रकार के होते हैं: 1. अवतल दर्पण (Concave Mirror): जिसकी परावर्तक सतह अंदर की ओर धंसी होती है। यह प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करता है, इसलिए इसे 'अभिसारी दर्पण' भी कहते हैं। उपयोग: टॉर्च, गाड़ियों की हेडलाइट, डेंटिस्ट द्वारा, और शेविंग मिरर के रूप में। 2. उत्तल दर्पण (Convex Mirror): जिसकी परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है। यह प्रकाश किरणों को फैलाता है। उपयोग: वाहनों में पीछे देखने वाले दर्पण (Rear-view mirror) के रूप में, क्योंकि इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) बहुत बड़ा होता है।
जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में तिरछी प्रवेश करती है, तो वह अपने मूल पथ से मुड़ (विचलित हो) जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। * कारण: अलग-अलग माध्यमों में प्रकाश की चाल अलग-अलग होती है। * विरल से सघन (Rarer to Denser): जब प्रकाश हवा (विरल) से कांच या पानी (सघन) में जाता है, तो उसकी चाल कम हो जाती है और किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है। * सघन से विरल (Denser to Rarer): जब प्रकाश कांच से हवा में जाता है, तो चाल बढ़ जाती है और किरण अभिलंब से दूर हट जाती है।
अपवर्तन के दैनिक जीवन में उदाहरण: 1. पानी में आधी डूबी हुई पेंसिल का मुड़ा हुआ दिखाई देना। 2. पानी के बर्तन के पेंदे पर रखा सिक्का थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखाई देना। 3. तारों का टिमटिमाना (वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण)।
यह बताता है कि एक माध्यम की तुलना में दूसरे माध्यम में प्रकाश की चाल कितनी कम या अधिक होगी। $$ अपवर्तनांक = \frac{निर्वात\ में\ प्रकाश\ की\ चाल}{माध्यम\ में\ प्रकाश\ की\ चाल} $$
लेंस एक ऐसा पारदर्शी माध्यम (जैसे कांच) है जो कम से कम एक वक्र सतह से घिरा होता है। ये अपवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
कभी-कभी आँख का लेंस ठीक से फोकस नहीं कर पाता, जिससे दृष्टि दोष उत्पन्न होते हैं:
जब श्वेत प्रकाश (White light) किसी प्रिज्म (Prism) से होकर गुजरता है, तो वह अपने अवयवी सात रंगों (VIBGYOR - बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में बँट जाता है। इस घटना को प्रकाश का विक्षेपण कहते हैं। * कारण: अलग-अलग रंगों के प्रकाश की चाल कांच में अलग-अलग होती है, इसलिए वे अलग-अलग कोणों पर मुड़ते हैं। लाल रंग सबसे कम मुड़ता है और बैंगनी सबसे अधिक। * इंद्रधनुष (Rainbow): इंद्रधनुष का बनना प्रकृति में प्रकाश के विक्षेपण का सबसे सुंदर उदाहरण है, जहाँ बारिश की बूंदें छोटे प्रिज्म का कार्य करती हैं।
प्रकाश एक विद्युत चुम्बकीय तरंग है जो ब्रह्मांड में सबसे तेज यात्रा करती है। जब प्रकाश किसी चिकनी सतह से टकराकर लौटता है, तो उसे परावर्तन कहते हैं (दर्पण इसी सिद्धांत पर काम करते हैं)। जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाकर मुड़ता है, तो उसे अपवर्तन कहते हैं (लेंस और तारों का टिमटिमाना इसके उदाहरण हैं)। जब हमारी आँखों का लेंस ठीक से काम नहीं करता, तो हम दृष्टि दोषों को ठीक करने के लिए कृत्रिम लेंसों का उपयोग करते हैं। और जब सफेद प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो वह विक्षेपण द्वारा इंद्रधनुष के सात रंगों में बिखर कर प्रकृति की सुंदरता को प्रकट करता है।