विषय: रेलवे ग्रुप D – जीव विज्ञान (कोशिका ऊतक और जीवन प्रक्रियाएँ) अध्याय: 17.7 प्रकाश संश्लेषण विषय-वस्तु: प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया
हरे पादप अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। वे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज़) का निर्माण करते हैं, और इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन मुक्त करते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहते हैं। यह शब्द ग्रीक भाषा के शब्दों से बना है- 'फोटो' (प्रकाश) और 'सिंथेसिस' (संश्लेषण)। प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर जीवन का सबसे महत्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रिया है, क्योंकि यह वायुमंडल में ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत है और सभी खाद्य श्रृंखलाओं का आधार है।
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया की खोज का श्रेय कई वैज्ञानिकों को जाता है। वन हेलमोंट ने सबसे पहले सिद्ध किया कि पादप की वृद्धि के लिए जल आवश्यक है। जोसेफ प्रिस्टले ने पाया कि पादप वायु को शुद्ध करते हैं। जूलियस वॉन सैक्स ने सिद्ध किया कि पादप स्टार्च का निर्माण करते हैं। टी.डब्ल्यू. एंगेलमैन ने बताया कि क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण का स्थल है, तथा रॉबर्ट हिल ने 'हिल अभिक्रिया' से प्रकाश और अंधकार अभिक्रियाओं की पहचान की।
प्रकाश संश्लेषण की मूल प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट में होती है। क्लोरोप्लास्ट में उपस्थित क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक सूर्य की प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करता है। यह प्रक्रिया दो प्रमुख चरणों में पूरी होती है- प्रकाश अभिक्रिया और अंधकार अभिक्रिया (केल्विन चक्र)। प्रकाश संश्लेषण की दर तापमान, प्रकाश की तीव्रता, कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता और जल की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
प्रकाश संश्लेषण की संक्षिप्त अभिक्रिया निम्न प्रकार लिखी जाती है:
6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
इस समीकरण से स्पष्ट है कि 6 अणु कार्बन डाइऑक्साइड और 12 अणु जल की सहायता से, सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में एक अणु ग्लूकोज़ तथा 6 अणु ऑक्सीजन का निर्माण होता है। मुक्त ऑक्सीजन जल के विघटन से प्राप्त होती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं। यह तथ्य रॉबर्ट हिल और रेडियोधर्मी समस्थानिक (O18) प्रयोगों से सिद्ध हुआ।
आवश्यक परिस्थितियाँ:
प्रकाश संश्लेषण का स्थल: पादप में प्रकाश संश्लेषण मुख्यतः पत्तियों में होता है। पत्ती का वह स्थान जहाँ यह प्रक्रिया होती है, क्लोरोप्लास्ट है। पत्ती में गैसों का आदान-प्रदान रंध्रों से होता है। पत्ती का ऊपरी तल प्रकाश के अधिक संपर्क में होने के कारण निचले तल की तुलना में अधिक क्लोरोफिल रखता है, इसलिए प्रकाश संश्लेषण की दर ऊपरी तल पर अधिक होती है।
प्रकाश संश्लेषण दो चरणों में पूरा होता है:
1. प्रकाश अभिक्रिया (Light Reaction): यह अभिक्रिया क्लोरोप्लास्ट के ग्राना (थायलाकोइड) में होती है और इसके लिए प्रकाश की सीधी आवश्यकता होती है। इस अभिक्रिया में:
2. अंधकार अभिक्रिया (Dark Reaction): यह अभिक्रिया क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा में होती है। इसे केल्विन चक्र भी कहते हैं, क्योंकि इसकी खोज मेल्विन केल्विन ने की थी। इसमें:
प्रकाश संश्लेषण की अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए इसे 'प्रकाश में होने वाली अभिक्रिया' और 'प्रकाश की अनुपस्थिति में भी हो सकने वाली अभिक्रिया' के रूप में समझना चाहिए, क्योंकि अंधकार अभिक्रिया प्रकाश के बिना भी तब होती है जब ATP और NADPH उपलब्ध हों।
उत्पाद: प्रकाश संश्लेषण के मुख्य उत्पाद ग्लूकोज़ (कार्बोहाइड्रेट) और ऑक्सीजन हैं। ग्लूकोज़ पादप द्वारा उपयोग होता है या स्टार्च के रूप में संचित होता है। ऑक्सीजन वायुमंडल में मुक्त होती है। अन्य उप-उत्पादों में NADP+ तथा ADP शामिल हैं, जो पुनः प्रकाश अभिक्रिया में उपयोग होते हैं।
प्रकाश संश्लेषण का महत्व:
प्रकाश संश्लेषण की दर को प्रभावित करने वाले कारक:
वाष्पोत्सर्जन से संबंध: रंध्र प्रकाश संश्लेषण के लिए CO₂ लेने और वाष्पोत्सर्जन के लिए जल छोड़ने दोनों कार्य करते हैं। रक्षक कोशिकाएँ रंध्रों के खुलने-बंद होने को नियंत्रित करती हैं।
| लक्षण | प्रकाश अभिक्रिया | अंधकार अभिक्रिया |
|---|---|---|
| स्थल | ग्राना (थायलाकोइड) | स्ट्रोमा |
| प्रकाश की आवश्यकता | आवश्यक | आवश्यक नहीं |
| उत्पाद | ATP, NADPH, O₂ | ग्लूकोज़ |
| खोजकर्ता | हिल | मेल्विन केल्विन |
| उपयोग | ऊर्जा प्रदान | CO₂ स्थिरीकरण |
| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| वन हेलमोंट | जल की आवश्यकता |
| जोसेफ प्रिस्टले | पादप वायु शुद्ध करते हैं |
| जूलियस वॉन सैक्स | स्टार्च का निर्माण |
| एंगेलमैन | क्लोरोप्लास्ट स्थल है |
| रॉबर्ट हिल | हिल अभिक्रिया |
| मेल्विन केल्विन | अंधकार अभिक्रिया |
flowchart TD
A[17.7 प्रकाश संश्लेषण] --> B[स्थल क्लोरोप्लास्ट]
A --> C[प्रकाश अभिक्रिया]
A --> D[अंधकार अभिक्रिया]
A --> E[उत्पाद ग्लूकोज़ ऑक्सीजन]
C --> C1[ग्राना]
C --> C2[ATP NADPH]
C --> C3[फोटोलिसिस जल]
D --> D1[स्ट्रोमा]
D --> D2[केल्विन चक्र]
D --> D3[CO2 स्थिरीकरण]
E --> E1[ऑक्सीजन वायुमंडल]
B --> B1[क्लोरोफिल]
A --> F[आवश्यक कच्चा माल CO2 जल प्रकाश]
प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर जीवन की आधारशिला है, क्योंकि यह ऑक्सीजन का उत्पादन करता है और सभी जीवों के लिए भोजन बनाता है। यह प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल की सहायता से होती है और दो चरणों- प्रकाश अभिक्रिया (ग्राना में) तथा अंधकार अभिक्रिया (स्ट्रोमा में) में पूरी होती है। मुक्त ऑक्सीजन जल से आती है, यह तथ्य सबसे महत्वपूर्ण है। परीक्षा की दृष्टि से समीकरण, दोनों अभिक्रियाओं के स्थान व उत्पाद, तथा वैज्ञानिकों के योगदान को अवश्य याद रखना चाहिए।