विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (पदार्थ और परमाणु संरचना)
अध्याय: 14.6 परमाणु संरचना
विषय-वस्तु: इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन, बोर मॉडल
1. परिचय
परमाणु रासायनिक तत्वों की सबसे छोटी इकाई है, जो आगे तीन मूलभूत कणों से बना होता है: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन। ये तीनों कण परमाणु की संरचना को निर्धारित करते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में परमाणु संरचना से संबंधित प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिनमें कणों के आवेश, द्रव्यमान, परमाणु मॉडल तथा इलेक्ट्रॉन वितरण पूछे जाते हैं।
परमाणु का केंद्र नाभिक (Nucleus) होता है, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन स्थित होते हैं। नाभिक परमाणु के कुल द्रव्यमान का लगभग पूरा भाग रखता है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं (shells) में घूमते हैं। नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने अपने स्वर्ण पत्रक प्रयोग से की थी।
परमाणु संरचना के अध्ययन से ही तत्वों के रासायनिक व्यवहार, संयोजकता और रासायनिक सूत्रों को समझा जा सकता है। इस अध्याय में हम तीनों कणों के गुण, परमाणु मॉडल, इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम तथा कक्षाओं की क्षमता को विस्तार से जानेंगे।
2. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
इलेक्ट्रॉन (Electron):
ऋण आवेश वाला कण। आवेश = -1.6 × 10^-19 कूलॉम।
द्रव्यमान बहुत कम होता है, लगभग 9.1 × 10^-31 किलोग्राम।
नाभिक के चारों ओर घूमता है।
खोज: जे.जे. थॉमसन (1897)।
प्रोटॉन (Proton):
धन आवेश वाला कण। आवेश = +1.6 × 10^-19 कूलॉम।
द्रव्यमान लगभग 1.67 × 10^-27 किलोग्राम (इलेक्ट्रॉन से लगभग 1836 गुना भारी)।
नाभिक में स्थित होता है।
खोज: रदरफोर्ड (1919)।
न्यूट्रॉन (Neutron):
अनावेशित (उदासीन) कण।
द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन के बराबर, 1.67 × 10^-27 किलोग्राम।
नाभिक में स्थित होता है।
खोज: चैडविक (1932)।
हल किया गया उदाहरण 1: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के आवेश क्रमशः क्या हैं?
हल: इलेक्ट्रॉन का आवेश ऋण (-), प्रोटॉन का धन (+) और न्यूट्रॉन का शून्य (0) होता है। इलेक्ट्रॉन का आवेश -1, प्रोटॉन का +1 तथा न्यूट्रॉन का 0 इकाई होता है।
3. परमाणु मॉडल का विकास
परमाणु संरचना को समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने समय-समय पर विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किए:
थॉमसन मॉडल (1897): परमाणु को धन आवेश के गोले के रूप में माना, जिसमें इलेक्ट्रॉन धंसे हुए हों। इसे 'प्लम-पुडिंग मॉडल' या 'तरबूज मॉडल' कहा जाता है।
रदरफोर्ड मॉडल (1911): स्वर्ण पत्रक प्रयोग से बताया कि परमाणु के केंद्र में धन आवेशित नाभिक होता है और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर घूमते हैं। इसे ग्रहीय मॉडल कहते हैं।
बोर मॉडल (1913): नील्स बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों (कक्षाओं) में ही घूमते हैं और इन कक्षाओं को क, ख, ग, घ अथवा K, L, M, N कहा जाता है।
हल किया गया उदाहरण 2: रदरफोर्ड का स्वर्ण पत्रक प्रयोग क्या सिद्ध करता है?
हल: स्वर्ण पत्रक पर अल्फा कणों की बौछार करने पर अधिकांश कण सीधे निकल गए, कुछ विक्षेपित हुए और कुछ वापस लौट आए। इससे सिद्ध हुआ कि परमाणु के केंद्र में अत्यंत सघन, धन आवेशित नाभिक स्थित है, जिसमें परमाणु का लगभग सारा द्रव्यमान केंद्रित होता है।
4. इलेक्ट्रॉन वितरण और कक्षाओं की क्षमता
इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं (K, L, M, N) में वितरित रहते हैं। किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या सूत्र 2n² से ज्ञात की जाती है, जहाँ n कक्षा की संख्या है।
कक्षाओं की अधिकतम क्षमता:
K कक्षा (n=1): 2 × 1² = 2 इलेक्ट्रॉन।
L कक्षा (n=2): 2 × 2² = 8 इलेक्ट्रॉन।
M कक्षा (n=3): 2 × 3² = 18 इलेक्ट्रॉन।
N कक्षा (n=4): 2 × 4² = 32 इलेक्ट्रॉन।
इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम:
इलेक्ट्रॉन पहले नाभिक के सबसे निकट की कक्षा (K) में भरते हैं, फिर क्रमशः बाहरी कक्षाओं में।
किसी कक्षा में अधिकतम 2n² इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं।
बाहरीतम कक्षा में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं (अष्टक नियम)।
इलेक्ट्रॉन की गति से कक्षाओं में ऊर्जा नहीं बदलती जब तक वह एक कक्षा से दूसरी कक्षा में न जाए।
हल किया गया उदाहरण 3: सोडियम (परमाणु क्रमांक 11) में इलेक्ट्रॉनों का वितरण लिखिए।
हल: पहले K कक्षा में 2, फिर L कक्षा में 8 और शेष 1 इलेक्ट्रॉन M कक्षा में।
अतः वितरण = K (2), L (8), M (1)।
बाहरी कक्षा में 1 इलेक्ट्रॉन होने से सोडियम की संयोजकता 1 होती है।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: परमाणु के तीन मूलभूत कण
कण
आवेश
द्रव्यमान
स्थिति
खोजकर्ता
इलेक्ट्रॉन
-1
9.1 × 10^-31 किग्रा
कक्षाएँ
थॉमसन
प्रोटॉन
+1
1.67 × 10^-27 किग्रा
नाभिक
रदरफोर्ड
न्यूट्रॉन
0
1.67 × 10^-27 किग्रा
नाभिक
चैडविक
तालिका 2: कक्षाओं की इलेक्ट्रॉन क्षमता
कक्षा
n
सूत्र 2n²
अधिकतम इलेक्ट्रॉन
K
1
2 × 1²
2
L
2
2 × 2²
8
M
3
2 × 3²
18
N
4
2 × 4²
32
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[14.6 परमाणु संरचना] --> B[मूलभूत कण]
A --> C[परमाणु मॉडल]
A --> D[इलेक्ट्रॉन वितरण]
B --> B1[इलेक्ट्रॉन ऋण]
B --> B2[प्रोटॉन धन]
B --> B3[न्यूट्रॉन उदासीन]
C --> C1[थॉमसन मॉडल]
C --> C2[रदरफोर्ड नाभिक]
C --> C3[बोर मॉडल]
D --> D1[सूत्र 2n2]
D --> D2[कक्षाएं K L M N]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
कई विद्यार्थी न्यूट्रॉन को धन आवेशित मान लेते हैं; न्यूट्रॉन अनावेशित (उदासीन) होता है।
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर समझना गलत है; प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन से लगभग 1836 गुना भारी होता है।
कक्षा K की क्षमता 2 के स्थान पर 8 लिखना सामान्य गलती है; K की क्षमता 2n² = 2 होती है।
न्यूट्रॉन की खोज चैडविक ने की, परंतु कई विद्यार्थी इसे रदरफोर्ड की खोज मान लेते हैं।
सोडियम (Na, Z=11) का वितरण L कक्षा में 8 भरकर M में 1 लिखने के स्थान पर M में 9 लिखना गलत है।
किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉन 2n² होते हैं, इसका अर्थ यह नहीं कि बाहरी कक्षा में भी इतने ही भरने हैं; बाहरी कक्षा में अधिकतम 8 ही रहते हैं।
9. परीक्षा युक्तियाँ
कणों के आवेश याद रखें: इलेक्ट्रॉन (-), प्रोटॉन (+), न्यूट्रॉन (0)। यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।
कक्षाओं की क्षमता सूत्र 2n² से ज्ञात करें; K=2, L=8, M=18, N=32।
इलेक्ट्रॉन वितरण लिखते समय पहले K, फिर L, फिर M भरें तथा बाहरी कक्षा में अधिकतम 8 रखें।
बोर मॉडल में कक्षाओं के नाम K, L, M, N याद रखें; रदरफोर्ड मॉडल ग्रहीय मॉडल कहलाता है।
संयोजकता निकालने के लिए बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर ध्यान दें; यही आगे के अध्यायों में उपयोग होती है।
10. निष्कर्ष
परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से बना होता है। इलेक्ट्रॉन ऋण आवेशित, प्रोटॉन धन आवेशित और न्यूट्रॉन अनावेशित होता है। नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन स्थित होते हैं, जबकि इलेक्ट्रॉन कक्षाओं में घूमते हैं। बोर मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन K, L, M, N कक्षाओं में स्थित रहते हैं तथा किसी कक्षा की अधिकतम क्षमता 2n² होती है। इन अवधारणाओं की पूर्ण समझ रेलवे ग्रुप D परीक्षा में परमाणु संरचना से संबंधित सभी प्रश्नों को हल करने में सहायक होती है।