विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान) अध्याय: 22.3 बजट और कराधान विषय-वस्तु: बजट, कर, GST
बजट किसी देश के आर्थिक प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह सरकार की आय और व्यय का आकलन प्रस्तुत करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा संसद में वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है, जिसे सामान्यतः संघीय बजट कहा जाता है। वित्त मंत्री इसे संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करते हैं।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा में बजट एवं कराधान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें बजट के प्रकार, राजकोषीय घाटा, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर, GST की शुरुआत और उसकी दरें, आयकर ढाँचा तथा वस्तु एवं सेवा कर के लाभ आदि शामिल होते हैं। कराधान की बुनियादी अवधारणाओं की समझ परीक्षा में लाभदायक सिद्ध होती है।
इस अध्याय में हम संघीय बजट की संरचना, विभिन्न प्रकार के घाटे, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के अंतर तथा GST प्रणाली की मुख्य विशेषताओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे। साथ ही परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्यों को स्मरणीय रूप में प्रस्तुत किया गया है।
संघीय बजट वह दस्तावेज है जिसमें सरकार की एक वित्तीय वर्ष की अनुमानित आय (राजस्व) और व्यय (आवंटन) का विवरण होता है। इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत प्रस्तुत किया जाता है। बजट दो मुख्य भागों में बंटा होता है:
बजट के प्रकार:
घाटे की अवधारणाएँ:
बजट प्रस्तुत करने की परंपरा 1 फरवरी की है। बजट से एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाता है। भारत का पहला बजट वर्ष 1860 में जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आर.के. शनमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था।
कर वह अनिवार्य भुगतान है जो नागरिक सरकार को सार्वजनिक कल्याण के लिए देते हैं। कराधान को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
प्रमुख करों का विवरण:
वित्त आयोग करों के केंद्र-राज्य विभाजन की सिफारिश करता है। अनुच्छेद 280 के अंतर्गत वित्त आयोग का गठन हर पांच वर्ष में होता है। भारत में आयकर अधिनियम 1961 लागू है। आयकर का प्रशासन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) करता है जबकि GST एवं सीमा शुल्क का प्रशासन केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) करता है।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में सबसे बड़ा सुधार है। GST को 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया। इसे लागू करने के लिए 101वें संविधान संशोधन (2016) किया गया। GST ने कई पुराने अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट, अधिभार आदि को समाप्त कर एक ही कर में मिला दिया।
GST की प्रमुख विशेषताएँ:
GST के लाभ:
GST से पहले व्यापारी कई प्रकार के कर (उत्पाद शुल्क, वैट, ऑक्ट्रॉय आदि) देते थे। GST लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अनेक अप्रत्यक्ष करों के भार से राहत मिली है। करों की गणना में इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा से वस्तुओं की कीमतों में कमी आई।
| बजट के प्रकार | परिभाषा | उदाहरण/टिप्पणी |
|---|---|---|
| संतुलित बजट | आय = व्यय | सरल सिद्धांत |
| अधिशेष बजट | आय > व्यय | दुर्लभ, विकास हेतु |
| घाटे का बजट | व्यय > आय | भारत में सामान्य |
| राजकोषीय घाटा | कुल व्यय - गैर-ऋण प्राप्तियाँ | महत्वपूर्ण संकेतक |
| प्राथमिक घाटा | राजकोषीय घाटा - ब्याज | शुद्ध उधार |
| कर | प्रकार | प्रशासक |
|---|---|---|
| आयकर | प्रत्यक्ष | CBDT |
| कॉर्पोरेट कर | प्रत्यक्ष | CBDT |
| GST | अप्रत्यक्ष | CBIC |
| सीमा शुल्क | अप्रत्यक्ष | CBIC |
| उत्पाद शुल्क | अप्रत्यक्ष | GST में सम्मिलित |
flowchart TD
A[बजट और कराधान] --> B[संघीय बजट]
A --> C[कराधान]
A --> D[GST]
B --> E[राजस्व बजट]
B --> F[पूंजी बजट]
B --> G[राजकोषीय घाटा]
C --> H[प्रत्यक्ष कर]
C --> I[अप्रत्यक्ष कर]
C --> J[वित्त आयोग]
D --> K[CGST]
D --> L[SGST]
D --> M[IGST]
H --> N[आयकर]
I --> O[GST]
I --> P[सीमा शुल्क]
K --> Q[1 जुलाई 2017]
L --> Q
M --> Q
बजट और कराधान भारतीय अर्थव्यवस्था के केंद्रीय विषय हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में बजट के प्रकार, घाटों की अवधारणा, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष करों का वर्गीकरण तथा GST प्रणाली से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। स्पष्ट परिभाषाओं, स्मरणीय तिथियों और तालिकाओं के नियमित अभ्यास से इस विषय में महारत हासिल की जा सकती है। त्वरित पुनरावृत्ति और माइंड मैप के उपयोग से अवधारणाएँ स्थायी रूप से स्मरण में रहती हैं।