विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (इतिहास और संस्कृति) अध्याय: 20.8 वास्तुकला और विरासत विषय-वस्तु: स्मारक, वास्तुकला
भारतीय वास्तुकला विश्व की सबसे भव्य और विविधतापूर्ण स्थापत्य परंपराओं में से एक है। सिंधु घाटी सभ्यता के नगर-नियोजन से लेकर मुगल काल के विशाल मकबरों तक भारतीय वास्तुकला हर युग में विकसित होती रही है। मौर्य काल के स्तंभ, गुप्त काल के मंदिर, द्रविड़ कला के विशाल गोपुरम, चालुक्य और होयसल की मूर्तिकला, दिल्ली सल्तनत के गुंबद और मुगलों के संगमरमर के स्मारक इस विरासत के प्रतीक हैं। भारत की विरासत में किले, महल, मंदिर, मस्जिद, गुफाएँ, स्तूप और कब्रें शामिल हैं।
रेलवे ग्रुप D की सामान्य जागरूकता परीक्षा में वास्तुकला और विरासत से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इनमें प्रमुख स्मारकों के निर्माता, स्थान, स्थापत्य शैली और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की जानकारी शामिल है। जैसे- ताजमहल का निर्माण किसने करवाया, या कुतुबमीनार कहां स्थित है। इन प्रश्नों के उत्तर के लिए स्मारक-निर्माता, स्मारक-स्थान और शैली-काल की जोड़ियों की सटीक जानकारी आवश्यक है।
इस अध्याय में हम प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक काल के प्रमुख स्मारकों, उनकी स्थापत्य शैलियों और भारत के प्रमुख विश्व धरोहर स्थलों का अध्ययन करेंगे। तालिकाओं, माइंड मैप, आरेख और परीक्षा युक्तियों के माध्यम से पूरे विषय को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है ताकि दोहराव तीव्र गति से हो सके।
प्राचीन भारतीय वास्तुकला की शुरुआत सिंधु घाटी सभ्यता के नगर-नियोजन से होती है। मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार, लोथल का गोदीवाड़ा और धोलावीरा का जल-संचयन प्रणाली प्राचीन नगरीय योजना के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मौर्य काल में अशोक के स्तंभ (लात) और सारनाथ का सिंह स्तंभ बनाए गए। बौद्ध काल में स्तूप (सांची का महास्तूप) और चैत्य तथा विहार (गुफा मठ) बनाए गए। सांची का स्तूप मध्य प्रदेश में स्थित है और अशोक के काल में निर्मित है, जिसकी मेहराबदार द्वार (तोरण) बाद के काल में जोड़ी गईं। अमरावती और भरहुत के स्तूप भी बौद्ध वास्तुकला के उदाहरण हैं।
गुप्त काल में मंदिर वास्तुकला की नींव पड़ी। दशावतार मंदिर (देवगढ़, उत्तर प्रदेश) गुप्त काल की उत्कृष्ट कृति है। गुप्त काल के बाद मंदिर शैलियाँ विकसित हुईं। एलोरा की गुफाएं (महाराष्ट्र) में 12वीं शताब्दी का कैलाश मंदिर (राष्ट्रकूट) एकाश्म शैलकृत विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है। मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) के पंच रथ और शोर मंदिर पल्लव काल के हैं। चोल काल में तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर और गंगैकोण्डचोलपुरम मंदिर बनाए गए। होयसल काल में बेलूर और हलेबिडु के मंदिर अपनी सघन मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध हैं। विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी अपनी भव्य वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
त्वरित तथ्य (क्विक फैक्ट्स): - सांची का स्तूप अशोक द्वारा बनवाया गया और यह मध्य प्रदेश में स्थित है। - एलोरा का कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम ने बनवाया। - बृहदेश्वर मंदिर तंजावुर में चोल राजा राजराज प्रथम ने बनवाया। - मामल्लपुरम के स्मारक पल्लव काल के हैं। - 'पंच रथ' मामल्लपुरम में हैं। - देवगढ़ का दशावतार मंदिर गुप्त काल का है। - अमरावती स्तूप आंध्र प्रदेश में स्थित है।
दिल्ली सल्तनत काल में इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का विकास हुआ। कुतुबमीनार (दिल्ली) कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू करवाया था, जिसे बाद में इल्तुतमिश और फिरोज शाह तुगलक ने पूरा कराया। अलाई दरवाजा (दिल्ली) अलाउद्दीन खिलजी ने बनवाया। लोदी काल में लोदी उद्यान के मकबरे बने। सूरी वंश के शेरशाह का मकबरा (सासाराम, बिहार) अपनी अष्टभुजाकार संरचना के लिए प्रसिद्ध है। इस काल में गुंबद, मेहराब और मीनारों का विशेष प्रयोग हुआ। दिल्ली में हौज-खास और कोटला फिरोजशाह फिरोज शाह तुगलक ने बनवाए।
मुगल काल में भारतीय वास्तुकला अपने चरम पर पहुंची। हुमायूं का मकबरा (दिल्ली) 1565-1572 में बनवाया गया और यह पहला विशाल मुगल उद्यान मकबरा है। अकबर ने आगरा किला और फतहपुर सीकरी का निर्माण कराया। फतहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा (1602), जामा मस्जिद, पंच महल और सलीम चिश्ती का मकबरा बनवाए। शाहजहां के काल में ताजमहल (1632-1653), लाल किला (दिल्ली), जामा मस्जिद और शालीमार बाग बनवाए गए। ताजमहल आगरा में स्थित है और इसे मुमताज महल की याद में बनवाया गया। इस काल में संगमरमर, जड़ाऊ पत्थर, पियोत्रा दूरा और चारबाग (उद्यान) की व्यवस्था प्रमुख थी। दक्षिण भारत में गोलकुंडा किला, चारमीनार (हैदराबाद, 1591) और बीजापुर का गोल गुंबज बनाए गए।
त्वरित तथ्य (क्विक फैक्ट्स): - हुमायूं का मकबरा दिल्ली में स्थित है और इसे बेगा बेगम ने बनवाया। - ताजमहल आगरा में है और इसे शाहजहां ने 1632-1653 में बनवाया। - बुलंद दरवाजा अकबर ने 1602 में फतहपुर सीकरी में बनवाया। - शेरशाह का मकबरा सासाराम (बिहार) में स्थित है। - गोल गुंबज बीजापुर में स्थित है और इसका गुंबद विश्व के सबसे बड़े गुंबदों में है। - चारमीनार हैदराबाद में 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया। - 'पियोत्रा दूरा' कठोर पत्थर पर रत्नों की जड़ाई है जो मुगल काल की विशेषता है।
भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में अनेक स्मारक शामिल हैं। इनमें अजंता और एलोरा की गुफाएं (महाराष्ट्र), आगरा का ताजमहल, दिल्ली का लाल किला, कुतुब मीनार परिसर, हुमायूं का मकबरा, जंतर-मंतर (जयपुर), खजुराहो के मंदिर (मध्य प्रदेश), कोणार्क का सूर्य मंदिर (ओडिशा), हम्पी (कर्नाटक), महाबलीपुरम (तमिलनाडु), सांची (मध्य प्रदेश), भीमबेटका (मध्य प्रदेश), एलिफेंटा गुफाएं (महाराष्ट्र) और रानी की वाव (गुजरात) प्रमुख हैं। इन्हें 'यूनेस्को' द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया है।
आधुनिक भारत के प्रमुख स्मारकों में इंडिया गेट (नई दिल्ली, 1931), राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) शामिल हैं। इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध के सैनिकों की स्मृति में बनाया गया और इसे एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया। गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई में स्थित है। स्मारकों के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कार्य करता है, जिसकी स्थापना 1861 में हुई थी। एएसआई के महानिदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम थे। राष्ट्रीय स्मारक संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत स्मारकों की सुरक्षा की जाती है। स्मारकों की मरम्मत और संरक्षण के लिए 'विश्व स्मारक निधि' जैसी संस्थाएं भी कार्यरत हैं।
त्वरित तथ्य (क्विक फैक्ट्स): - भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना 1861 में हुई। - एएसआई के प्रथम महानिदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम थे। - इंडिया गेट 1931 में बनकर तैयार हुआ। - गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई में स्थित है। - जंतर-मंतर (जयपुर) सवाई जय सिंह द्वितीय ने बनवाया। - एलिफेंटा गुफाएं मुंबई के समीप एलिफेंटा द्वीप पर हैं। - महाबलीपुरम का शोर मंदिर पल्लव काल का है।
| स्मारक | स्थान | निर्माता/काल |
|---|---|---|
| सांची स्तूप | मध्य प्रदेश | अशोक |
| कैलाश मंदिर | एलोरा | राष्ट्रकूट |
| बृहदेश्वर मंदिर | तंजावुर | चोल राजराज प्रथम |
| कुतुबमीनार | दिल्ली | ऐबक शुरू, इल्तुतमिश पूर्ण |
| हुमायूं का मकबरा | दिल्ली | 1565-1572 |
| ताजमहल | आगरा | शाहजहां |
| लाल किला | दिल्ली | शाहजहां |
| यूनेस्को धरोहर स्थल | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|
| अजंता-एलोरा | महाराष्ट्र | बौद्ध गुफाएं |
| खजुराहो | मध्य प्रदेश | चंदेल मंदिर |
| कोणार्क सूर्य मंदिर | ओडिशा | रथाकार मंदिर |
| हम्पी | कर्नाटक | विजयनगर साम्राज्य |
| महाबलीपुरम | तमिलनाडु | पल्लव स्मारक |
| भीमबेटका | मध्य प्रदेश | रॉक पेंटिंग |
flowchart TD
A[वास्तुकला और विरासत] --> B[प्राचीन वास्तुकला]
A --> C[मध्यकालीन वास्तुकला]
A --> D[मुगल वास्तुकला]
A --> E[विश्व धरोहर स्थल]
B --> B1[सिंधु नगर-योजना]
B --> B2[मौर्य स्तंभ]
B --> B3[गुप्त मंदिर]
B --> B4[चोल-पल्लव स्मारक]
C --> C1[कुतुबमीनार]
C --> C2[शेरशाह का मकबरा]
D --> D1[हुमायूं का मकबरा]
D --> D2[फतहपुर सीकरी]
D --> D3[ताजमहल]
E --> E1[अजंता-एलोरा]
E --> E2[खजुराहो]
E --> E3[हम्पी]
D3 --> F1[मुमताज महल]
B4 --> F2[बृहदेश्वर]
वास्तुकला और विरासत का अध्याय रेलवे ग्रुप D की सामान्य जागरूकता का महत्वपूर्ण विषय है। प्राचीन स्तूपों और मंदिरों से लेकर मुगल मकबरों और आधुनिक स्मारकों तक की जानकारी परीक्षा में नियमित रूप से पूछी जाती है। स्मारक-निर्माता और स्मारक-स्थान की जोड़ियों को तालिका और माइंड मैप के माध्यम से व्यवस्थित करने से दोहराव आसान होता है। विश्व धरोहर स्थलों की सूची पर नजर रखकर आप इस अध्याय से पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय वास्तुकला की यह भव्य विरासत न केवल परीक्षा के लिए बल्कि राष्ट्रीय पहचान के लिए भी गौरव का विषय है।