विषय: रेलवे ग्रुप D – भौतिकी (ऊष्मा ध्वनि और प्रकाश) अध्याय: 12.5 आवृत्ति आयाम और पिच विषय-वस्तु: ध्वनि के गुण, विशेषताएँ
ध्वनि की तीन प्रमुख विशेषताएँ होती हैं – पिच (pitch), प्रबलता (loudness) और गुणवत्ता या तारत्व (quality/timbre)। पिच का संबंध ध्वनि की आवृत्ति से है। आवृत्ति (frequency) प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है, जिसकी इकाई हर्ट्ज (Hz) है। किसी ध्वनि की आवृत्ति जितनी अधिक होगी, उसकी पिच उतनी ही ऊँची (तीखी) होगी। मोटा और धीमा स्वर कम आवृत्ति वाला होता है जिसकी पिच नीची होती है, जबकि पतला और तीखा स्वर उच्च आवृत्ति वाला होता है। स्त्री की आवाज पुरुष की आवाज से अधिक पिच की होती है, क्योंकि स्त्री के स्वर तंत्र की आवृत्ति अधिक होती है।
प्रबलता (loudness) ध्वनि की तीव्रता से संबंधित है, जो ध्वनि तरंग के आयाम (amplitude) पर निर्भर करती है। आयाम कंपन की अधिकतम विस्थापन की मात्रा है; आयाम जितना अधिक होगा, ध्वनि उतनी ही प्रबल होगी। प्रबलता की इकाई डेसीबल (dB) होती है। ध्वनि की प्रबलता का संबंध ऊर्जा से है – अधिक आयाम वाली तरंग अधिक ऊर्जा रखती है। यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रबलता और तीव्रता (intensity) में अंतर है; प्रबलता श्रवण संवेदना है जबकि तीव्रता भौतिक राशि है, और तीव्रता आयाम के वर्ग के समानुपाती होती है।
गुणवत्ता या तारत्व (quality) ध्वनि की वह विशेषता है जिसके कारण एक ही पिच और प्रबलता की ध्वनि को अलग-अलग वाद्ययंत्रों से उत्पन्न होने पर पहचाना जा सकता है। यह अधिस्वरकों (overtones) की उपस्थिति पर निर्भर करती है। श्रवण सीमा (audible range) मनुष्य के लिए 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज होती है। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति को अवश्रव्य (infrasonic) और 20,000 हर्ट्ज से अधिक को पराश्रव्य (ultrasonic) ध्वनि कहते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में ध्वनि के गुण, आवृत्ति-आयाम-पिच का संबंध और श्रवण सीमा पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
आवृत्ति ध्वनि की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है, और पिच उसकी श्रवण संवेदना है।
उदाहरण 1: किसी स्वर की आवृत्ति 440 हर्ट्ज है और ध्वनि का वेग 440 मी/से है। तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए। हल: λ = v/f = 440/440 = 1 मीटर। उदाहरण 2: किसी स्रोत की आवृत्ति 512 हर्ट्ज है। वह 5 सेकंड में कितने कंपन करेगा? हल: कंपन = आवृत्ति × समय = 512 × 5 = 2560 कंपन।
प्रबलता ध्वनि की ऊँची या धीमी सुनाई देने की अनुभूति है, जो आयाम पर निर्भर करती है।
उदाहरण 3: यदि ध्वनि तरंग का आयाम दोगुना कर दिया जाए तो तीव्रता कितनी गुनी हो जाएगी? हल: तीव्रता ∝ आयाम², अतः 2² = 4 गुनी। उदाहरण 4: ध्वनि स्रोत से दूरी दोगुनी करने पर तीव्रता कितनी हो जाएगी? हल: तीव्रता ∝ 1/दूरी², अतः तीव्रता चौथाई हो जाएगी।
ध्वनि की आवृत्ति के आधार पर उसे तीन भागों में बाँटा जाता है।
उदाहरण 5: कुत्ते किस आवृत्ति की ध्वनि सुन सकते हैं जो मनुष्य नहीं? हल: कुत्ते 20,000 हर्ट्ज से अधिक आवृत्ति (पराश्रव्य) की कुछ ध्वनि सुन सकते हैं। उदाहरण 6: भूकंप से पहले पशुओं के अजीब व्यवहार का क्या कारण है? हल: भूकंप से पहले उत्पन्न अवश्रव्य (20 हर्ट्ज से कम) ध्वनि को पशु सुन लेते हैं, जिससे वे व्यग्र हो जाते हैं।
| ध्वनि का गुण | निर्भर राशि | इकाई |
|---|---|---|
| पिच | आवृत्ति | हर्ट्ज |
| प्रबलता | आयाम | डेसीबल |
| गुणवत्ता (तारत्व) | अधिस्वरक | — |
| तीव्रता | आयाम² | वाट/मी² |
| श्रेणी | आवृत्ति सीमा | उदाहरण |
|---|---|---|
| अवश्रव्य | 20 हर्ट्ज से कम | भूकंप |
| श्रव्य | 20 से 20000 हर्ट्ज | मानव वार्ता |
| पराश्रव्य | 20000 हर्ट्ज से अधिक | चमगादड़, सोनार |
flowchart TD
A[आवृत्ति आयाम पिच] --> B[आवृत्ति]
A --> C[आयाम]
A --> D[पिच]
B --> E[हर्ट्ज]
B --> F[पिच निर्धारित]
C --> G[प्रबलता निर्धारित]
C --> H[डेसीबल]
A --> I[श्रवण सीमा]
I --> J[20 से 20000 हर्ट्ज]
I --> K[अवश्रव्य कम 20]
I --> L[पराश्रव्य अधिक 20000]
A --> M[तीव्रता]
M --> N[आयाम² समानुपाती]
ध्वनि की तीन विशेषताएँ – पिच, प्रबलता और गुणवत्ता – क्रमशः आवृत्ति, आयाम और अधिस्वरकों पर निर्भर करती हैं। आवृत्ति प्रति सेकंड कंपनों की संख्या है जिसकी इकाई हर्ट्ज है, और पिच उसकी अनुभूति है। प्रबलता आयाम पर निर्भर करती है और डेसीबल में मापी जाती है। मनुष्य 20 से 20,000 हर्ट्ज की ध्वनि सुन सकता है; इससे कम अवश्रव्य और अधिक पराश्रव्य कहलाती है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में ध्वनि के गुणों की पहचान, आवृत्ति की गणना और श्रवण सीमा पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय की समझ ध्वनि के परावर्तन और प्रतिध्वनि के अध्याय को सीखने का आधार बनती है।