विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (संबंध और दिशा) अध्याय: 8.5 क्रम और रैंकिंग विषय-वस्तु: पंक्ति में स्थान, रैंकिंग प्रश्न
क्रम और रैंकिंग (ऑर्डर एंड रैंकिंग) तर्कशक्ति का वह खंड है जिसमें किसी पंक्ति में व्यक्तियों की स्थिति, उनकी रैंक और उनके बीच के व्यक्तियों की संख्या के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में ये प्रश्न बहुत सामान्य हैं और इन्हें सरल सूत्रों तथा तार्किक चित्रण से आसानी से हल किया जा सकता है। इस खंड में मुख्यतः पंक्ति में कुल व्यक्तियों की संख्या, किसी व्यक्ति का बायें से या दायें से स्थान और दो व्यक्तियों के बीच में खड़े व्यक्तियों की संख्या ज्ञात करनी होती है।
क्रम और रैंकिंग के प्रश्नों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें गणितीय सूत्र निश्चित होते हैं, जैसे कुल व्यक्ति = बायें से स्थान + दायें से स्थान – 1। इन सूत्रों को याद रखना तथा समझना बहुत आवश्यक है, क्योंकि छोटी-सी गलती से पूरा उत्तर बदल जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ प्रश्नों में दो व्यक्तियों की अदला-बदली (इंटरचेंज) होने पर स्थानों में परिवर्तन पूछा जाता है, जिसके लिए अलग-अलग विधि अपनाई जाती है।
इस अध्याय में हम पंक्ति में स्थान ज्ञात करने के मूल सूत्र, रैंकिंग के विभिन्न प्रकार और हल किए गए उदाहरणों के माध्यम से सम्पूर्ण अभ्यास करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन प्रश्नों को कागज़ पर पंक्ति बनाकर हल करने की आदत डालनी चाहिए। जब पंक्ति में स्थानों की संख्या अधिक होती है, तो चित्र बनाने से गलती की संभावना कम हो जाती है और उत्तर तुरंत स्पष्ट हो जाता है।
जब किसी पंक्ति में व्यक्ति खड़े हों और किसी एक व्यक्ति के बायें से तथा दायें से स्थान दिए गए हों, तो पंक्ति में कुल व्यक्तियों की संख्या निकालने का सूत्र है – कुल व्यक्ति = (बायें से स्थान) + (दायें से स्थान) – 1। यहाँ '1' घटाया जाता है क्योंकि वह व्यक्ति स्वयं दोनों गणनाओं में दो बार आ जाता है। उदाहरण के लिए यदि रमेश बायें से 10वाँ और दायें से 15वाँ है, तो पंक्ति में कुल व्यक्ति = 10 + 15 – 1 = 24 होंगे।
इसी प्रकार यदि कुल व्यक्ति और बायें से स्थान ज्ञात हो, तो दायें से स्थान = कुल व्यक्ति – बायें से स्थान + 1। यह सूत्र सभी रैंकिंग प्रश्नों का आधार है। ध्यान रखें कि 'बायें से पाँचवाँ' का अर्थ है पंक्ति के बायें छोर से गिनने पर वह व्यक्ति पाँचवे क्रम पर है। इसी प्रकार 'दायें से तीसरा' का अर्थ दायें छोर से गिनने पर तीसरा होता है। इन गिनतियों को ध्यानपूर्वक समझना ही प्रश्न का मूल है।
दो व्यक्तियों के बीच के व्यक्तियों की संख्या निकालने के लिए भी सूत्र प्रयोग होता है। यदि दो व्यक्ति A और B एक ही पंक्ति में हैं और A का बायें से स्थान तथा B का बायें से स्थान ज्ञात है, तो उनके बीच के व्यक्ति = (B का स्थान) – (A का स्थान) – 1, जहाँ B बायें से अधिक दूर हो। यदि कुल व्यक्ति और दोनों की रैंक दी गई हो तो यह ध्यान रखना चाहिए कि जब दोनों के बायें-दायें से स्थानों का योग कुल व्यक्तियों से कम हो, तो बीच में निश्चित संख्या में व्यक्ति होंगे; परंतु जब योग कुल से अधिक हो, तो संभावनाएँ बनती हैं।
पंक्ति में स्थान के प्रश्नों में एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि यदि किसी व्यक्ति का बायें और दायें से स्थान दिया हो, तो उसके पहले बायें की ओर (बायें से स्थान – 1) व्यक्ति और उसके बाद दायें की ओर (दायें से स्थान – 1) व्यक्ति खड़े होते हैं। इन दोनों संख्याओं का योग ही उसके अलावा शेष व्यक्ति होते हैं। इन्हीं मूलभूत संकल्पनाओं पर पूरा क्रम-रैंकिंग खंड टिका हुआ है, इसलिए इन्हें भली-भाँति समझना अनिवार्य है।
रैंकिंग के प्रश्न मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं। पहला प्रकार – कुल व्यक्ति ज्ञात करना, जिसमें किसी व्यक्ति के बायें-दायें के स्थान दिए होते हैं। दूसरा प्रकार – किसी एक ओर से स्थान ज्ञात करना, जिसमें कुल व्यक्ति और दूसरी ओर का स्थान दिया होता है। तीसरा प्रकार – अदला-बदली (इंटरचेंज) वाला प्रश्न, जिसमें दो व्यक्तियों की स्थितियाँ आपस में बदल दी जाती हैं और नई स्थिति से पंक्ति की कुल संख्या या नया स्थान पूछा जाता है। तीसरा प्रकार सबसे कठिन होता है और अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।
अदला-बदली वाले प्रश्नों में सबसे पहले दोनों व्यक्तियों की बदली हुई स्थितियाँ लिखनी चाहिए। उदाहरण के लिए A और B आपस में स्थान बदलते हैं, A बायें से 10वें स्थान से दायें से 8वें स्थान पर पहुँच जाता है। तब पंक्ति की कुल संख्या और B का नया स्थान निकाला जा सकता है। बदली के प्रश्नों में यह सिद्धांत काम आता है कि जो व्यक्ति जिस स्थान पर जाता है, उसके बदले में दूसरा व्यक्ति उसी स्थान पर आ जाता है। इस प्रकार बदली के पहले और बाद में पंक्ति की संख्या समान रहती है।
क्रम और रैंकिंग की समस्या को हल करने के लिए कुछ अन्य विधियाँ भी हैं। चित्र विधि में पंक्ति को कागज़ पर खींचकर दिए गए स्थानों को अंकित किया जाता है; यह विधि छोटी पंक्तियों के लिए सबसे उपयुक्त है। सूत्र विधि में उपरोक्त सूत्रों का सीधा प्रयोग किया जाता है, जो बड़ी पंक्तियों के लिए आसान है। योग-विधि में दोनों ओर के व्यक्तियों की संख्या जोड़कर परिणाम निकाला जाता है। परीक्षा में जो भी विधि सुविधाजनक लगे उसी को अपनाएँ, परंतु सूत्र विधि सबसे तेज़ और भरोसेमंद है।
रैंकिंग प्रश्नों में 'अधिकतम संभव' और 'न्यूनतम संभव' जैसे शब्द भी आते हैं। जब प्रश्न में दो व्यक्तियों की स्थितियाँ ऐसी हों कि उनके बीच के व्यक्तियों की संख्या स्पष्ट न हो, तो संभावनाएँ बनती हैं। ऐसे में यह याद रखना चाहिए कि यदि दोनों के स्थानों का योग कुल व्यक्तियों से कम या बराबर है, तो वे अलग-अलग छोरों की ओर हैं और उनके बीच निश्चित व्यक्ति हैं। यदि योग कुल से अधिक है, तो वे पंक्ति में इस प्रकार स्थित हैं कि कुछ व्यक्ति दोनों के बीच में साझा होते हैं। ऐसे प्रश्नों में विकल्पों की सहायता से उत्तर का चयन करना उचित होता है।
उदाहरण 1: रमेश किसी पंक्ति में बायें से 10वाँ और दायें से 15वाँ है। पंक्ति में कुल कितने व्यक्ति हैं?
उदाहरण 2: एक पंक्ति में कुल 30 व्यक्ति हैं। सीता बायें से 12वीं है। वह दायें से कौन-सी है?
उदाहरण 3: पंक्ति में 40 व्यक्ति हैं। मोहन बायें से 18वाँ है। मोहन के दायें कितने व्यक्ति खड़े हैं?
उदाहरण 4: एक पंक्ति में A बायें से 5वाँ और B बायें से 12वाँ है। A और B के बीच कितने व्यक्ति हैं?
उदाहरण 5: पंक्ति में 25 व्यक्ति हैं। राधा दायें से 8वीं है। वह बायें से कौन-सी है?
उदाहरण 6: एक पंक्ति में A बायें से 8वाँ है और B दायें से 10वाँ है। यदि कुल 20 व्यक्ति हैं, तो A और B के बीच कितने व्यक्ति हैं?
उदाहरण 7: A और B एक पंक्ति में खड़े हैं। A बायें से 15वाँ और B दायें से 18वाँ है। दोनों आपस में स्थान बदलते हैं, अब A दायें से 22वाँ हो जाता है। पंक्ति में कुल कितने व्यक्ति हैं?
| ज्ञात जानकारी | सूत्र |
|---|---|
| बायें और दायें से स्थान | कुल = बायें + दायें – 1 |
| कुल और बायें से स्थान | दायें से = कुल – बायें + 1 |
| कुल और दायें से स्थान | बायें से = कुल – दायें + 1 |
| बायें से दो स्थान | बीच में = स्थान2 – स्थान1 – 1 |
| कुल और बायें से स्थान | दायें व्यक्ति = कुल – बायें |
| रैंक का प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| शीर्ष से तीसरा | ऊपर से गिनने पर तीसरा |
| आधार से चौथा | नीचे से गिनने पर चौथा |
| आगे से दूसरा | सामने (मुख) से गिनने पर दूसरा |
| पीछे से पाँचवाँ | पिछले छोर से गिनने पर पाँचवाँ |
| बीच में = छोटी रैंक से बड़ी रैंक – 1 | दोनों रैंकों के बीच के व्यक्ति |
flowchart TD
A[8.5 क्रम और रैंकिंग] --> B[पंक्ति में स्थान]
A --> C[रैंकिंग सूत्र]
A --> D[अदला-बदली प्रश्न]
A --> E[हल किए गए उदाहरण]
B --> F[बायें से स्थान]
B --> G[दायें से स्थान]
C --> H[कुल = बायें + दायें – 1]
C --> I[दायें = कुल – बायें + 1]
C --> J[बीच में = स्थान2 – स्थान1 – 1]
D --> K[स्थान बदलने पर संख्या समान]
D --> L[नया स्थान ज्ञात करना]
E --> M[24 व्यक्ति 19वीं 22 व्यक्ति]
E --> N[6 व्यक्ति 18वीं 36 व्यक्ति]
क्रम और रैंकिंग के प्रश्न सरल सूत्रों और स्पष्ट तर्क पर आधारित होते हैं, जिन्हें सही अभ्यास से शत-प्रतिशत हल किया जा सकता है। कुल व्यक्ति, किसी ओर से स्थान और बीच में व्यक्तियों की संख्या के सूत्र याद रखकर तथा अदला-बदली के प्रश्नों की विधि समझकर इस खंड में पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में क्रम और रैंकिंग के प्रश्न नियमित रूप से आते हैं। सूत्रों की तालिका का बार-बार अभ्यास करें, हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करें और कम से कम 30 प्रश्नों पर अभ्यास करें। इससे परीक्षा में यह खंड सुनिश्चित अंक दिलाएगा।