विषय: रेलवे NTPC – भारतीय अर्थव्यवस्था और सामान्य ज्ञान अध्याय: 20.2 राष्ट्रीय आय और GDP विषय-वस्तु: GDP, GNP, राष्ट्रीय आय
राष्ट्रीय आय किसी भी देश की आर्थिक प्रगति मापने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है। यह किसी निश्चित समय अवधि, सामान्यतः एक वर्ष, में देश के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को दर्शाता है। भारत में राष्ट्रीय आय की गणना का कार्य केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय अर्थात सीएसओ और अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय करता है। सन् 1868 में दादाभाई नौरोजी ने पहली बार भारत की राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया था।
सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी किसी देश की आर्थिक सेहत का सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला माप है। यह किसी विशेष वर्ष में देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है। जीडीपी की गणना में देश के भीतर काम करने वाले विदेशी नागरिकों की आय भी शामिल होती है, जबकि देश से बाहर अर्जित घरेलू नागरिकों की आय शामिल नहीं होती। यही कारण है कि जीडीपी को भौगोलिक अवधारणा माना जाता है।
राष्ट्रीय आय की अवधारणाओं को समझने के लिए जीडीपी, जीएनपी, एनडीपी, एनएनपी और एनआई जैसे शब्दों का स्पष्ट ज्ञान आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन अवधारणाओं के बीच के अंतर, मापन की विधियाँ तथा निरंतर और चालू कीमतों में अंतर पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। राष्ट्रीय आय की गणना तीन विधियों से की जाती है: उत्पादन विधि, आय विधि और व्यय विधि। इन सभी विधियों से प्राप्त परिणाम सैद्धांतिक रूप से समान होते हैं।
जीडीपी (GDP - सकल घरेलू उत्पाद): किसी वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य।
जीएनपी (GNP - सकल राष्ट्रीय उत्पाद): जीडीपी में विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय जोड़कर जीएनपी प्राप्त होता है। अर्थात जीएनपी = जीडीपी + विदेशों से शुद्ध कारक आय।
एनएनपी (NNP - शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद): जीएनपी में से मूल्यह्रास यानी घिसावट घटाने पर एनएनपी प्राप्त होता है। एनएनपी = जीएनपी - मूल्यह्रास।
राष्ट्रीय आय (NI): राष्ट्रीय आय किसी देश के निवासियों द्वारा उत्पादन से अर्जित आय है। राष्ट्रीय आय = एनएनपी - अप्रत्यक्ष कर + सब्सिडी अथवा एनएनपी - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर।
एनडीपी (NDP - शुद्ध घरेलू उत्पाद): जीडीपी में से मूल्यह्रास घटाने पर एनडीपी प्राप्त होता है। एनडीपी = जीडीपी - मूल्यह्रास।
बाजार मूल्य पर और कारक लागत पर: बाजार मूल्य पर राष्ट्रीय आय में अप्रत्यक्ष कर और सब्सिडी दोनों शामिल होते हैं। कारक लागत पर राष्ट्रीय आय में उत्पादन के साधनों को मिलने वाला प्रतिफल शामिल होता है।
राष्ट्रीय आय की गणना तीन विधियों से की जाती है, जिन्हें याद रखना अत्यंत आवश्यक है:
राष्ट्रीय आय से जुड़े प्रमुख सूत्र: - जीएनपी = जीडीपी + विदेशों से शुद्ध कारक आय - एनएनपी = जीएनपी - मूल्यह्रास - राष्ट्रीय आय = एनएनपी - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर - एनडीपी = जीडीपी - मूल्यह्रास
प्रति व्यक्ति आय: राष्ट्रीय आय को जनसंख्या से भाग देने पर प्रति व्यक्ति आय प्राप्त होती है। यह जीवन स्तर का सूचक माना जाता है। भारत में प्रति व्यक्ति आय नाममात्र मूल्यों में लगातार बढ़ रही है।
भारत में राष्ट्रीय आय की गणना निम्नलिखित संस्थाओं द्वारा की जाती है:
आधार वर्ष: भारत में वर्तमान जीडीपी आंकड़ों का आधार वर्ष 2011-12 है। आधार वर्ष वह वर्ष होता है जिसकी कीमतों को संदर्भ मानकर वास्तविक जीडीपी की गणना की जाती है।
निरंतर कीमतें बनाम चालू कीमतें: - चालू कीमतों पर जीडीपी को नाममात्र जीडीपी कहा जाता है। - निरंतर कीमतों पर जीडीपी को वास्तविक जीडीपी कहा जाता है।
संबंधित तथ्य: - जीडीपी डिफ्लेटर मुद्रास्फीति का माप है, जो नाममात्र जीडीपी और वास्तविक जीडीपी के अनुपात से ज्ञात होता है। - राष्ट्रीय आय को सकल अर्थव्यवस्था का दर्पण कहा जाता है। - दादाभाई नौरोजी ने सन् 1868 में पहली बार राष्ट्रीय आय का अनुमान प्रस्तुत किया। - विश्व स्तर पर जीडीपी की गणना का आधार अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष का मैनुअल है।
| अवधारणा | विस्तार | सूत्र |
|---|---|---|
| जीडीपी | सकल घरेलू उत्पाद | देश की सीमा के भीतर कुल उत्पादन |
| जीएनपी | सकल राष्ट्रीय उत्पाद | जीडीपी + विदेशों से शुद्ध कारक आय |
| एनडीपी | शुद्ध घरेलू उत्पाद | जीडीपी - मूल्यह्रास |
| एनएनपी | शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद | जीएनपी - मूल्यह्रास |
| राष्ट्रीय आय | कारक लागत पर एनएनपी | एनएनपी - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर |
| विधि | आधार | मुख्य घटक |
|---|---|---|
| उत्पादन विधि | उत्पादन का मूल्य | सभी क्षेत्रों का मूल्य वर्धन |
| आय विधि | कारकों की आय | मजदूरी, लाभ, किराया, ब्याज |
| व्यय विधि | कुल व्यय | उपभोग, निवेश, सरकारी व्यय, शुद्ध निर्यात |
flowchart TD
A[20.2 राष्ट्रीय आय और GDP] --> B[जीडीपी]
A --> C[जीएनपी]
A --> D[राष्ट्रीय आय]
A --> E[मापन की विधियाँ]
B --> B1[देश की सीमा के भीतर]
B --> B2[नाममात्र और वास्तविक]
C --> C1[जीडीपी + विदेशी शुद्ध कारक आय]
D --> D1[एनएनपी - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर]
E --> E1[उत्पादन विधि]
E --> E2[आय विधि]
E --> E3[व्यय विधि]
राष्ट्रीय आय और जीडीपी की अवधारणाएँ किसी देश की आर्थिक स्थिति का सटीक मूल्यांकन करने का आधार हैं। जीडीपी, जीएनपी, एनडीपी, एनएनपी और राष्ट्रीय आय के बीच के संबंध, मापन की विधियाँ और भारत से जुड़े तथ्यों की गहरी समझ एनटीपीसी जैसी परीक्षाओं में अंक दिलाने वाले प्रश्नों को सटीक उत्तर देने में सहायक होती है।