13.9 स्वतंत्रता और विभाजन Notes

13.9 स्वतंत्रता और विभाजन

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (आधुनिक भारतीय इतिहास) अध्याय: 13.9 स्वतंत्रता और विभाजन विषय-वस्तु: 1947, भारत विभाजन

1. परिचय

1947 वह ऐतिहासिक वर्ष था जब भारत को स्वतंत्रता तो मिली, पर साथ ही उसका विभाजन भी हुआ। 15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और पाकिस्तान एक दिन पहले (14 अगस्त, 1947) अस्तित्व में आया। भारत की स्वतंत्रता के पीछे लंबे संघर्ष, विभिन्न आंदोलनों और बलिदानों का इतिहास था, जबकि विभाजन मुस्लिम लीग द्वारा 'पाकिस्तान' की माँग और सांप्रदायिक तनाव का परिणाम था।

स्वतंत्रता की प्रक्रिया द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) के बाद तेज हुई। 1945 में वेवेल मिशन, 1946 में कैबिनेट मिशन, और अंततः 3 जून, 1947 के माउंटबेटन योजना ने भारत के विभाजन और स्वतंत्रता का रास्ता साफ किया। लॉर्ड माउंटबेटन अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने।

इस अध्याय में हम कैबिनेट मिशन, विभाजन की योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947, रेडक्लिफ रेखा, विभाजन के परिणाम और स्वतंत्रता के बाद की चुनौतियों का अध्ययन करेंगे। रेलवे NTPC परीक्षा में इस अध्याय से तिथियाँ, समझौते, नेता और विभाजन से जुड़े तथ्य पूछे जाते हैं।

2. स्वतंत्रता की दिशा में अंतिम प्रयास (1945-46)

वेवेल मिशन (1945): द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद वायसराय लॉर्ड वेवेल ने भारतीय राजनीति में प्रगति के लिए 1945 में सिमला सम्मेलन बुलाया। वेवेल योजना के अंतर्गत कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन और वायसराय की परिषद में भारतीय सदस्यों को बढ़ाने का प्रस्ताव था।

कैबिनेट मिशन (1946): ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली की सरकार ने तीन सदस्यीय मिशन भारत भेजा – लॉर्ड पैथिक लॉरेंस, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. एलेक्जेंडर। मिशन का उद्देश्य था भारत के संविधान निर्माण और सत्ता हस्तांतरण की योजना बनाना।

मुस्लिम लीग की माँग: मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लिम लीग ने 'पाकिस्तान' की माँग तेज की। 1940 के लाहौर प्रस्ताव (23 मार्च 1940) में पहली बार पृथक मुस्लिम राष्ट्र की माँग की गई थी। 1946 के दंगों (नोआखली, कलकत्ता, बिहार) ने स्थिति को और जटिल बना दिया।

3. माउंटबेटन योजना और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947

माउंटबेटन का आगमन: फरवरी 1947 में एटली सरकार ने घोषणा की कि ब्रिटेन जून 1948 तक भारत से अपनी शक्ति हस्तांतरित कर देगा। लॉर्ड माउंटबेटन को अंतिम वायसराय बनाकर भेजा गया। माउंटबेटन ने घोषणा की कि यदि भारतीय नेता सहमत नहीं होते तो वह एकतरफा विभाजन योजना लागू करेंगे।

3 जून, 1947 की योजना (माउंटबेटन योजना): - इस योजना में स्पष्ट किया गया कि भारत का विभाजन होगा और ब्रिटिश शासन की समाप्ति की तिथि जल्द तय की जाएगी। - बंगाल और पंजाब के विभाजन का प्रस्ताव; सिंध, बलूचिस्तान, उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत और बंगाल/पंजाब के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से 'पाकिस्तान' बनाने का निर्णय। - रियासतों (राज्यों) को यह स्वतंत्रता दी गई कि वे भारत या पाकिस्तान में से किसी एक से विलय या स्वतंत्र रह सकते हैं। - संविधान सभा का विभाजन हुआ – भारत की संविधान सभा और पाकिस्तान की संविधान सभा।

भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (जुलाई 1947): ब्रिटिश संसद ने 'इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट, 1947' पारित किया। इसके मुख्य प्रावधान: 1. 15 अगस्त 1947 से भारत में ब्रिटिश शासन समाप्त; दो स्वतंत्र अधिराज्य (डोमिनियन) – भारत और पाकिस्तान बनेंगे। 2. पाकिस्तान का गठन 14 अगस्त, 1947 से; भारत का 15 अगस्त, 1947 से। 3. दोनों देशों में गवर्नर-जनरल नियुक्त होंगे – भारत में लॉर्ड माउंटबेटन और पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना (गवर्नर-जनरल)। 4. ब्रिटिश सम्राट भारत के सम्राट नहीं रहेंगे; 'इंडिया की साम्राज्ञी' की उपाधि समाप्त। 5. संविधान सभाएँ दोनों देशों के लिए विधायिका के रूप में कार्य करेंगी। 6. देशी रियासतों की स्थिति स्पष्ट – वे जिस देश से विलय करेंगी, उसी का हिस्सा बनेंगी।

स्वतंत्रता के दिन: 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को भारत की संविधान सभा में ऐतिहासिक सत्र हुआ। जवाहरलाल नेहरू ने 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' (भाग्य से करार) का प्रसिद्ध भाषण दिया – "आधी रात के समय जब विश्व सोता है, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा।" भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने।

स्वतंत्र भारत के प्रथम: 1. प्रथम प्रधानमंत्री – जवाहरलाल नेहरू 2. प्रथम गवर्नर-जनरल – लॉर्ड माउंटबेटन (1947-48), बाद में सी. राजगोपालाचारी (1948-50, अंतिम एवं प्रथम भारतीय गवर्नर-जनरल) 3. प्रथम गृह मंत्री – सरदार वल्लभभाई पटेल 4. प्रथम विदेश मंत्री – जवाहरलाल नेहरू 5. 26 जनवरी 1950 – भारत गणराज्य बना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति

4. विभाजन, रेडक्लिफ रेखा और परिणाम

विभाजन की सीमा रेखा – रेडक्लिफ रेखा: भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा निर्धारण के लिए ब्रिटिश वकील सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग बनाया गया। इस आयोग ने 17 अगस्त, 1947 को सीमा रेखा की घोषणा की, जिसे रेडक्लिफ रेखा कहा गया। यह रेखा पंजाब और बंगाल को बाँटती थी।

विभाजन के परिणाम: 1. जनसंख्या का स्थानांतरण: करोड़ों हिंदू, मुस्लिम और सिखों ने अपने घर छोड़कर पलायन किया। अनुमान है कि लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए। 2. सांप्रदायिक हिंसा: पंजाब और बंगाल में भयानक दंगे हुए; हजारों-लाखों लोग मारे गए। गांधीजी ने 1947-48 में कलकत्ता और दिल्ली में शांति के लिए आमरण अनशन किया। 3. आर्थिक क्षति: कपास (पंजाब), जूट (बंगाल) जैसे औद्योगिक कच्चे माल और कारखानों का विभाजन हुआ; दोनों देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। 4. कश्मीर का विवाद: जम्मू-कश्मीर की रियासत के महाराजा हरि सिंह ने अक्टूबर 1947 में भारत में विलय किया, जिसके बाद भारत-पाकिस्तान युद्ध (1947-48) हुआ। 5. हैदराबाद का विलय: 1948 में 'ऑपरेशन पोलो' के तहत हैदराबाद की रियासत भारत में मिलाई गई (निज़ाम मीर उस्मान अली)। 6. महात्मा गांधी की हत्या: 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या कर दी – विभाजन की घटनाओं से उपजी विकट स्थिति का सबसे दुखद परिणाम।

सरदार पटेल का योगदान: सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री के रूप में 560 से अधिक देशी रियासतों का भारत में विलय कराया। इसी कारण उन्हें 'भारत का बिस्मार्क' और 'लौह पुरुष' कहा जाता है।

भारत के संविधान की ओर: 1946 में संविधान सभा का गठन हुआ; डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष और डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने। 26 नवंबर, 1949 को संविधान पारित हुआ और 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ। 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: स्वतंत्रता से जुड़ी प्रमुख तिथियाँ

तिथि घटना
23 मार्च 1940 लाहौर प्रस्ताव (पाकिस्तान की माँग)
1945 सिमला सम्मेलन (वेवेल मिशन)
1946 कैबिनेट मिशन
9 दिसंबर 1946 संविधान सभा की पहली बैठक
3 जून 1947 माउंटबेटन योजना
14 अगस्त 1947 पाकिस्तान का गठन
15 अगस्त 1947 भारत स्वतंत्र

तालिका 2: स्वतंत्र भारत के प्रथम

पद व्यक्ति
प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू
गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन
अंतिम गवर्नर-जनरल (भारतीय) सी. राजगोपालाचारी
गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल
राष्ट्रपति (1950) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[स्वतंत्रता और विभाजन 1947] --> B[पृष्ठभूमि]
    A --> C[कैबिनेट मिशन 1946]
    A --> D[माउंटबेटन योजना 3 जून]
    A --> E[स्वतंत्रता 15 अगस्त]
    A --> F[विभाजन]
    B --> B1[लाहौर प्रस्ताव 1940]
    B --> B2[वेवेल मिशन 1945]
    C --> C1[संविधान सभा]
    D --> D1[भारत और पाकिस्तान]
    E --> E1[नेहरू प्रधानमंत्री]
    E --> E2[ट्रिस्ट विद डेस्टिनी]
    F --> F1[रेडक्लिफ रेखा]
    F --> F2[सांप्रदायिक हिंसा]
    F --> F3[रियासतों का विलय]
    F --> F4[कश्मीर हैदराबाद]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

1945 से 1947 तक की यात्रा 1945 वेवेल मिशन 1946 कैबिनेट मिशन 3 जून 1947 माउंटबेटन योजना 14 अगस्त पाकिस्तान 15 अगस्त भारत स्वतंत्र स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ब्रिटिश शासन समाप्त, दो डोमिनियन स्वर्ण नियम: भारत 15 अगस्त, पाकिस्तान 14 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ।

विभाजन के परिणाम जन विस्थापन करोड़ों लोगों का पलायन सबसे बड़ा मानवीय संकट सांप्रदायिक हिंसा पंजाब और बंगाल में दंगे गांधीजी का अनशन रेडक्लिफ रेखा सर सिरिल रेडक्लिफ 17 अगस्त 1947 की घोषणा रियासतों का विलय सरदार पटेल का योगदान 560 से अधिक रियासतें कश्मीर विलय 1947 महाराजा हरि सिंह भारत-पाक युद्ध 1947-48 हैदराबाद 1948 ऑपरेशन पोलो निज़ाम के राज्य का विलय स्वर्ण नियम: रेडक्लिफ रेखा 17 अगस्त 1947 को घोषित हुई, स्वतंत्रता 15 अगस्त को।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. स्वतंत्रता की तिथि: भारत 15 अगस्त, पाकिस्तान 14 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ। कई छात्र दोनों को 15 अगस्त लिख देते हैं।
  2. माउंटबेटन की भूमिका: माउंटबेटन अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे। भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू थे, न कि माउंटबेटन।
  3. कैबिनेट मिशन बनाम क्रिप्स: कैबिनेट मिशन 1946 में तीन सदस्यों के साथ आया; क्रिप्स मिशन 1942 में था। दोनों को भ्रमित न करें।
  4. रेडक्लिफ रेखा: यह भारत-पाकिस्तान सीमा है, रेडक्लिफ ने सीमा की घोषणा 17 अगस्त 1947 को की थी। इसे 'डूरंड रेखा' (भारत-अफगानिस्तान) से भ्रमित न करें।
  5. प्रथम गवर्नर-जनरल: स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल माउंटबेटन थे; पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी (1948-50) थे।
  6. राजेंद्र प्रसाद का पद: डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1950 में पहले राष्ट्रपति बने, वे पहले प्रधानमंत्री नहीं थे।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. 1945 से 1947 तक की सभी घटनाओं की तिथि-श्रृंखला बनाएं – वेवेल, कैबिनेट मिशन, माउंटबेटन योजना, स्वतंत्रता।
  2. 'प्रथम' वाले तथ्य याद रखें – प्रथम प्रधानमंत्री, प्रथम गवर्नर-जनरल, प्रथम भारतीय गवर्नर-जनरल, प्रथम राष्ट्रपति।
  3. लाहौर प्रस्ताव (1940) को विभाजन की माँग का प्रारंभिक बिंदु मानें।
  4. सीमा रेखाओं को अलग-अलग याद रखें – रेडक्लिफ (भारत-पाक), डूरंड (भारत-अफगान), मैकमोहन (भारत-चीन)।
  5. रियासतों के विलय में पटेल की भूमिका और 'भारत का बिस्मार्क' उपाधि याद रखें।
  6. संविधान सभा से जुड़े तथ्य (1946 गठन, राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष, आंबेडकर प्रारूप समिति) जानें।

10. निष्कर्ष

1947 की स्वतंत्रता और विभाजन भारतीय इतिहास का सबसे ऐतिहासिक और साथ ही सबसे वेदनादायक अध्याय है। कैबिनेट मिशन और माउंटबेटन योजना ने भारत और पाकिस्तान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि रेडक्लिफ रेखा ने दोनों देशों की सीमा तय की। करोड़ों लोगों के विस्थापन और सांप्रदायिक हिंसा ने विभाजन को एक भारी मानवीय त्रासदी बना दिया, पर स्वतंत्रता ने भारत को एक नया संविधान, नई पहचान और विकास का मार्ग दिया। सरदार पटेल द्वारा रियासतों के विलय ने राष्ट्र की एकता को सुनिश्चित किया। इस अध्याय की तिथियाँ, समझौते और परिणाम परीक्षा में नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें सटीक याद रखना चाहिए।