2.7 समय और कार्य Notes

2.7 समय और कार्य

विषय: रेलवे NTPC – गणित (अंकगणित) अध्याय: 2.7 समय और कार्य विषय-वस्तु: कार्य-समय संबंध, मजदूरी

1. परिचय

समय और कार्य अंकगणित की वह शाखा है जो कार्य पूरा करने में लगने वाले समय, कार्य की मात्रा तथा उसमें संलग्न व्यक्तियों की संख्या के बीच के संबंध का अध्ययन करती है। RRB NTPC की परीक्षा में इस अध्याय से प्रतिवर्ष दो से चार प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं। इस अध्याय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दिया गया पूरा गणित एक सरल नियम पर आधारित है, जिसे एक बार समझ लेने के बाद विद्यार्थी बिना किसी कठिन सूत्र के अधिकांश प्रश्न हल कर सकता है।

इस अध्याय में मूलभूत अवधारणा यह है कि किसी एक निश्चित कार्य को पूरा करने में जितने अधिक व्यक्ति लगते हैं, उतना ही कम समय लगता है, अर्थात व्यक्तियों की संख्या और समय में व्युत्क्रमानुपाती (प्रतिलोम) संबंध होता है। इसके साथ ही कार्य की मात्रा बढ़ने पर समय भी बढ़ता है, अतः कार्य और समय में अनुक्रमानुपाती संबंध होता है। इन दो संबंधों को एक सूत्र में मिलाकर हम कह सकते हैं कि कार्य = व्यक्तियों की संख्या × कार्य के दिन × दैनिक कार्य के घंटे। यही सूत्र पूरे अध्याय की रीढ़ है।

तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष मजदूरी (Wages) है, जिसमें अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य के अनुपात के आधार पर कुल मजदूरी का बंटवारा किया जाता है। मजदूरी सदैव किए गए कार्य के समानुपाती होती है, जबकि व्यक्ति द्वारा लिए गए समय के व्युत्क्रमानुपाती होती है। इस अध्याय को पूरी तरह समझने के लिए आवश्यक है कि छात्र सबसे पहले एक दिन का कार्य (1/समय) निकालने की आदत डालें, क्योंकि अधिकांश प्रश्न इसी तकनीक पर आधारित होते हैं। RRB NTPC के प्रश्नपत्रों में इस अध्याय से सरल एवं मध्यम स्तर के प्रश्न आते हैं, अतः अच्छी तैयारी से यह पूर्ण अंक देने वाला विषय सिद्ध हो सकता है।

2. कार्य और समय का मूल संबंध

एक दिन का कार्य: यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य को n दिनों में पूरा करता है, तो वह 1 दिन में कार्य का 1/n भाग करता है। उदाहरण के लिए, यदि राम किसी कार्य को 10 दिन में करता है, तो राम का 1 दिन का कार्य = 1/10। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति 1 दिन में कार्य का 1/x भाग करता है, तो वह पूरा कार्य x दिनों में पूरा करेगा।

दो व्यक्तियों का योग: यदि A किसी कार्य को x दिनों में और B उसी कार्य को y दिनों में करते हैं, तो दोनों मिलकर 1 दिन में (1/x + 1/y) कार्य करेंगे। दोनों द्वारा पूरा कार्य करने में लगा समय = xy/(x + y) दिन। यह अत्यंत उपयोगी सूत्र है और RRB NTPC में सबसे अधिक पूछा जाता है।

बहु-व्यक्ति सूत्र: यदि तीन या अधिक व्यक्ति किसी कार्य को क्रमशः a, b, c दिनों में करते हैं, तो उन सभी द्वारा कार्य पूरा करने का समय = abc/(ab + bc + ca) के रूप में निकाला जा सकता है। परंतु व्यावहारिक रूप से सबसे सुरक्षित विधि प्रत्येक व्यक्ति का 1 दिन का कार्य जोड़कर हल करना ही है।

एक दिन में अलग-अलग घंटे कार्य: यदि x व्यक्ति किसी कार्य को y दिनों में, प्रतिदिन z घंटे कार्य करके पूरा करते हैं, तो वही कार्य करने के लिए x1 × y1 × z1 = x2 × y2 × z2 संबंध लागू होता है। इस सूत्र से व्यक्तियों की संख्या, दिन या घंटों में से कोई भी राशि निकाली जा सकती है।

3. एक साथ कार्य तथा मजदूरी का बंटवारा

जब अनेक व्यक्ति मिलकर कार्य करते हैं, तो कुल मजदूरी का बंटवारा किए गए कार्य के अनुपात में होता है, न कि लिए गए समय के अनुपात में। यदि A किसी कार्य को x दिनों में और B उसी कार्य को y दिनों में पूरा करते हैं, तो दोनों द्वारा किए गए कार्य का अनुपात = 1/x : 1/y = y : x। अतः मजदूरी का बंटवारा y : x के अनुपात में होगा, जो समय के अनुपात का उल्टा है।

तीसरे व्यक्ति का जुड़ना: यदि A किसी कार्य को x दिन में, B उसे y दिन में और तीनों मिलकर (A + B + C) उसे t दिन में करते हैं, तो C का 1 दिन का कार्य = 1/t − (1/x + 1/y) होगा, जिससे C का अकेले का समय ज्ञात किया जा सकता है। मजदूरी बांटते समय तीनों के कार्य-अनुपात ज्ञात कर उनका योग करके प्रत्येक का हिस्सा निकाला जाता है।

साथ कार्य करके बचाया गया समय: जब एक व्यक्ति किसी कार्य को कर रहा हो और कुछ समय बाद दूसरा व्यक्ति उसमें शामिल हो जाए, तो पहले व्यक्ति द्वारा प्रारंभिक समय में किए गए कार्य को कुल कार्य (1) में से घटाकर शेष कार्य और शेष समय से दूसरे व्यक्ति की गणना की जाती है।

काम और आदमी (घंटे-दिन-आदमी) संबंध: जब कार्य की मात्रा, मजदूरों की संख्या, दिन तथा घंटे सभी बदलते हैं, तो निम्न समीकरण का उपयोग होता है: M1 × D1 × H1 = M2 × D2 × H2 (जब कार्य समान हो)। यदि कार्य की मात्रा भी बदलती है, तो दोनों पक्षों को कार्य की मात्रा से गुणा-भाग करना चाहिए।

4. बारी-बारी कार्य और अधूरा कार्य (अपूर्ण कार्य)

एकांतर (वैकल्पिक) दिनों में कार्य: जब A और B बारी-बारी से एक-एक दिन कार्य करते हैं, तो दो दिनों (एक चक्र) में किया गया कुल कार्य = A का 1 दिन का कार्य + B का 1 दिन का कार्य होता है। इस चक्र को तब तक दोहराया जाता है जब तक शेष कार्य किसी एक व्यक्ति के एक दिन के कार्य से अधिक न रह जाए। अंतिम शेष भाग को उस व्यक्ति के 1 दिन के कार्य से भाग देकर उसका समय निकाला जाता है। इस विधि में प्रारंभ करने वाला व्यक्ति (A या B) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि अंतिम शेष कार्य प्रारंभ करने वाले से ही प्रारंभ होगा।

अधूरा कार्य (Remaining Work): जब किसी कार्य का कुछ भाग पूरा हो चुका हो, तो शेष कार्य के लिए आवश्यक समय ज्ञात करने हेतु शेष कार्य को प्रति दिन किए जाने वाले कार्य से भाग दिया जाता है। यदि किसी कार्य का 3/5 भाग x दिनों में पूरा हुआ है, तो शेष 2/5 भाग पूरा करने में = x × (2/5)/(3/5) = 2x/3 दिन लगेंगे।

साथ-साथ प्रारंभ करना और समाप्त करना: यदि A किसी कार्य को a दिन में और B उसे b दिन में करता है, तथा दोनों साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो कार्य पूरा होने का समय = ab/(a + b)। यदि कार्य के बीच में कोई व्यक्ति कुछ दिन कार्य न करे, तो पहले उस अनुपस्थिति का प्रभाव कुल कार्य पर डाला जाता है।

बाढ़-प्रभाव एवं तुलना: कई प्रश्नों में पूछा जाता है कि अमुक व्यक्ति ने अमुक भाग कार्य किया, शेष कौन पूरा करेगा और कितने दिन में। ऐसे प्रश्नों में कुल कार्य को 1 मानकर शेष भाग निकालना सबसे सरल तरीका है। शेष कार्य को व्यक्ति के एक दिन के कार्य से भाग देकर समय प्राप्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त जब दो व्यक्तियों की क्षमता का अनुपात दिया हो, तो कुल कार्य को अनुपात में बांटकर समय निकाला जा सकता है, क्योंकि समय क्षमता का व्युत्क्रमानुपाती होता है। उदाहरणस्वरूप यदि A की क्षमता, B की क्षमता की दोगुनी है, तो A कार्य आधे समय में करेगा।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: मूल सूत्र

स्थिति सूत्र
एक दिन का कार्य 1/कुल समय
दो व्यक्तियों द्वारा एक साथ समय xy/(x + y)
एक व्यक्ति का समय जब कुल व दूसरे का ज्ञात हो 1/(1/t − 1/x)
मजदूरी का अनुपात 1/x : 1/y = y : x
आदमी-दिन-घंटे समीकरण M1D1H1 = M2D2H2

तालिका 2: क्षमता एवं समय तुलना

तुलना संबंध
अधिक व्यक्ति कम समय
अधिक कार्य अधिक समय
अधिक घंटे प्रतिदिन कम दिन
अधिक क्षमता कम समय
क्षमता अनुपात a : b समय अनुपात b : a

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[2.7 समय और कार्य] --> B[कार्य = व्यक्ति × दिन × घंटे]
    A --> C[एक दिन का कार्य 1/समय]
    A --> D[एक साथ कार्य]
    A --> E[मजदूरी का बंटवारा]
    A --> F[बारी-बारी कार्य]
    A --> G[अधूरा कार्य]
    D --> H[समय = xy/वाय + य]
    E --> I[कार्य अनुपात में बंटवारा]
    F --> J[चक्र निकालकर शेष भाग जोड़ें]
    G --> K[शेष कार्य भाग दें प्रतिदिन कार्य से]
    B --> L[समान कार्य हो तो सीधा बराबर]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

कार्य-समय संबंध का आरेख व्यक्तियों की संख्या अधिक = कम समय कार्य की मात्रा अधिक = अधिक समय साथ-साथ कार्य = व्यक्ति × दिन × घंटे एक ही सूत्र का अनुप्रयोग एक दिन का कार्य = 1/समय सभी प्रश्नों की कुंजी मजदूरी ∝ किया गया कार्य समय के उल्टे अनुपात में उदाहरण A = 10 दिन B = 15 दिन साथ में = 6 दिन स्वर्ण नियम: प्रत्येक व्यक्ति का एक दिन का कार्य निकालकर ही सभी प्रश्न हल करें।

मजदूरी बंटवारा विधि का आरेख कुल मजदूरी = 720 रुपये A + B द्वारा 12 दिन में कार्य A का कार्य अनुपात = 1/20 कार्य अनुपात = 3 भाग हिस्सा = 720 × 3/5 = 432 B का कार्य अनुपात = 1/30 कार्य अनुपात = 2 भाग हिस्सा = 720 × 2/5 = 288 अनुपात A : B = 3 : 2 योग = 5 भाग मजदूरी बांटने से पहले कार्य अनुपात 1/समय के रूप में लें स्वर्ण नियम: मजदूरी समय के अनुपात में नहीं, कार्य के अनुपात में बांटी जाती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. मजदूरी बांटते समय छात्र समय के अनुपात में बांटने की गलती करते हैं, जबकि सही नियम किए गए कार्य के अनुपात में बांटना है।
  2. एक दिन का कार्य निकालते समय 1/समय के स्थान पर समय को ही कार्य मान लेना सबसे आम त्रुटि है।
  3. बारी-बारी कार्य के प्रश्नों में अंतिम शेष भाग का हिसाब भूल जाना, जिससे उत्तर गलत आ जाता है।
  4. xy/(x + y) सूत्र का उपयोग केवल दो व्यक्तियों के एक साथ कार्य में करना चाहिए; इसे तीन व्यक्तियों पर बिना सोचे लागू करना गलत है।
  5. घंटे और दिन के परिवर्तन में इकाई बदलने (जैसे दिन को घंटे में) की उपेक्षा करना, जिससे अंतिम उत्तर गलत हो जाता है।
  6. जब कोई व्यक्ति बीच में शामिल होता है तो उसके पहले के समय को कुल समय से घटाना भूल जाना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. सभी प्रश्नों को पहले एक दिन के कार्य के रूप में लिखें, इससे समीकरण सरल हो जाते हैं।
  2. मजदूरी वाले प्रश्नों में कार्य-अनुपात निकालकर सीधे अनुपात से हिस्सा निकालें, जिससे समय बचता है।
  3. बड़ी संख्याओं के स्थान पर कुल कार्य को x मानकर या भिन्नों को लघुत्तम समापवर्त्य से गुणा करके पूर्णांकों में हल करें।
  4. विकल्पों का अवलोकन करें; अक्सर सही उत्तर विकल्पों में मौजूद होता है और अतार्किक विकल्प हटाकर समय बचाया जा सकता है।
  5. बारी-बारी कार्य में चक्र पूरा करने के बाद शेष भाग की सूक्ष्म गणना पर विशेष ध्यान दें।
  6. आदमी-दिन-घंटे के प्रश्नों में M1D1H1 = M2D2H2 सूत्र सीधे लिखकर हल करें ताकि कोई घटक छूटे नहीं।

10. निष्कर्ष

समय और कार्य अंकगणित का एक अत्यंत निर्णायक अध्याय है, जो सरल नियमों पर आधारित होने के बावजूद परीक्षा में अच्छे अंक दिला सकता है। कार्य = व्यक्ति × दिन × घंटे का मूल संबंध, एक दिन का कार्य निकालने की तकनीक तथा मजदूरी को कार्य-अनुपात में बांटने का सिद्धांत, ये तीनों ही धुरी हैं जिन पर पूरा अध्याय टिका है। नियमित अभ्यास, त्रुटियों का विश्लेषण और परीक्षा युक्तियों का अनुप्रयोग करने से विद्यार्थी इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकता है।