विषय: रेलवे NTPC – गणित (ज्यामिति और क्षेत्रमिति) अध्याय: 4.7 क्षेत्रफल विषय-वस्तु: वर्ग आयत त्रिभुज वृत्त क्षेत्रफल
क्षेत्रफल किसी आकृति द्वारा घेरे गए तल (समतल) का माप होता है। जब हम किसी कमरे के फर्श पर टाइल लगाते हैं, किसी खेत में बीज बोते हैं, या दीवार पर पेंट करते हैं, तो हम वास्तव में क्षेत्रफल की गणना करते हैं। क्षेत्रफल की इकाई हमेशा वर्ग होती है, जैसे वर्ग सेमी (cm²), वर्ग मीटर (m²), हेक्टेयर आदि। रेलवे एनटीपीसी की परीक्षा में क्षेत्रफल के प्रश्न बहुत अधिक संख्या में पूछे जाते हैं, अतः इस विषय की पकड़ होना अत्यंत आवश्यक है।
क्षेत्रफल की गणना के लिए प्रत्येक आकृति का अपना सूत्र होता है। वर्ग और आयत के क्षेत्रफल में भुजाओं का गुणन होता है, त्रिभुज का क्षेत्रफल आधार और ऊँचाई पर निर्भर करता है, जबकि वृत्त का क्षेत्रफल उसकी त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है। समबाहु त्रिभुज और समचतुर्भुज जैसी आकृतियों के क्षेत्रफल के विशेष सूत्र भी होते हैं जिन्हें याद रखने पर समय की बहुत बचत होती है।
क्षेत्रफल और परिमाप में मुख्य अंतर यह है कि परिमाप केवल किनारों की लंबाई है, जबकि क्षेत्रफल आकृति के अंदर की पूरी सतह है। इस अध्याय में हम वर्ग, आयत, त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज, समलंब, वृत्त, अर्धवृत्त, वलय, त्रिज्यखंड तथा चतुर्भुज के क्षेत्रफल के सूत्र, हल किए गए उदाहरण, स्मरणीय तालिकाएँ और परीक्षा में काम आने वाली युक्तियाँ विस्तार से सीखेंगे।
वर्ग, आयत और त्रिभुज के क्षेत्रफल के सूत्र क्षेत्रमिति की नींव हैं। इनके सूत्र निम्न प्रकार हैं:
उदाहरण 1: एक वर्ग की भुजा 14 सेमी है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 2: एक आयत की लंबाई 18 सेमी और चौड़ाई 12 सेमी है। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 3: एक त्रिभुज का आधार 16 सेमी और ऊँचाई 12 सेमी है। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 4: एक समबाहु त्रिभुज की भुजा 10 सेमी है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 5: एक त्रिभुज की भुजाएँ 13, 14 और 15 सेमी हैं। हीरोन के सूत्र से क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 6: एक समचतुर्भुज के विकर्ण 12 और 16 सेमी हैं। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
जब प्रश्न में समकोण त्रिभुज की भुजाएँ 6, 8 और 10 हों, तो यह समझना चाहिए कि 6² + 8² = 10² है, अतः यह समकोण त्रिभुज है और क्षेत्रफल = (1/2) × 6 × 8 = 24 वर्ग सेमी होगा। पाइथागोरस त्रिकों की पहचान से ऐसे प्रश्न तुरंत हल हो जाते हैं।
वृत्त और उससे बनी आकृतियों के क्षेत्रफल के सूत्रों में स्थिरांक पाई (π) का उपयोग होता है। मुख्य सूत्र इस प्रकार हैं:
उदाहरण 7: एक वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
उदाहरण 8: एक वृत्त का व्यास 28 सेमी है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 9: एक वृत्त का क्षेत्रफल 154 वर्ग सेमी है। उसकी त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 10: एक अर्धवृत्त की त्रिज्या 14 सेमी है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 11: एक वलय की बाहरी त्रिज्या 10 सेमी और आंतरिक त्रिज्या 8 सेमी है। वलय का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
वृत्त के क्षेत्रफल के प्रश्नों में जब परिधि दी हो, तो पहले त्रिज्या निकालें और फिर क्षेत्रफल ज्ञात करें। उदाहरण के लिए यदि परिधि 88 सेमी है, तो त्रिज्या = 88 × (7/44) = 14 सेमी और क्षेत्रफल = 616 वर्ग सेमी होगा।
क्षेत्रफल के प्रश्नों में अक्सर भुजा, त्रिज्या या ऊँचाई बदलने पर क्षेत्रफल में होने वाला परिवर्तन पूछा जाता है। यहाँ अनुपातों का ज्ञान आवश्यक है:
यदि वृत्त की त्रिज्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि हो, तो क्षेत्रफल में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि होती है, क्योंकि क्षेत्रफल त्रिज्या के वर्ग पर निर्भर करता है। यह प्रतिशत वृद्धि = 2x + x²/100 सूत्र से निकलती है, जहाँ x प्रतिशत वृद्धि है।
उदाहरण 12: यदि वृत्त की त्रिज्या दोगुनी कर दी जाए, तो क्षेत्रफल में कितनी वृद्धि होगी?
उदाहरण 13: एक वर्ग की भुजा में 20 प्रतिशत की वृद्धि होने पर क्षेत्रफल में प्रतिशत वृद्धि ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 14: एक आयत का क्षेत्रफल 360 वर्ग मीटर है और उसकी लंबाई 24 मीटर है। चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 15: एक समलंब की समांतर भुजाएँ 12 सेमी और 18 सेमी तथा ऊँचाई 10 सेमी है। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
| आकृति | सूत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| वर्ग | a² | a = भुजा |
| वर्ग (विकर्ण दिया हो) | d²/2 | d = विकर्ण |
| आयत | l × b | l = लंबाई, b = चौड़ाई |
| त्रिभुज | (1/2) × b × h | b = आधार, h = ऊँचाई |
| समबाहु त्रिभुज | (√3/4) × a² | a = भुजा |
| हीरोन सूत्र | √(s(s−a)(s−b)(s−c)) | s = अर्धपरिमाप |
| समांतर चतुर्भुज | b × h | b = आधार, h = ऊँचाई |
| समचतुर्भुज | (1/2) × d₁ × d₂ | d₁, d₂ = विकर्ण |
| समलंब | (1/2) × (a + b) × h | a, b = समांतर भुजाएँ |
| आकृति | सूत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| वृत्त | πr² | r = त्रिज्या |
| वृत्त (व्यास दिया हो) | πd²/4 | d = व्यास |
| अर्धवृत्त | (1/2) × πr² | पूर्ण वृत्त का आधा |
| चतुर्थांश | (1/4) × πr² | पूर्ण वृत्त का चौथाई |
| वलय | π(R² − r²) | R = बाहरी, r = आंतरिक त्रिज्या |
| त्रिज्यखंड | (θ/360°) × πr² | θ = केंद्रीय कोण |
| त्रिभुज (भुजाएँ ज्ञात) | √(s(s−a)(s−b)(s−c)) | हीरोन का सूत्र |
flowchart TD
A[4.7 क्षेत्रफल] --> B[चतुर्भुज]
A --> C[त्रिभुज]
A --> D[वृत्तीय आकृतियाँ]
A --> E[परिवर्तन अनुपात]
B --> B1[वर्ग a²]
B --> B2[आयत l x b]
B --> B3[समांतर चतुर्भुज b x h]
B --> B4[समचतुर्भुज 1/2 d1 d2]
B --> B5[समलंब 1/2(a+b)h]
C --> C1[1/2 x b x h]
C --> C2[समबाहु √3/4 a²]
C --> C3[हीरोन का सूत्र]
D --> D1[वृत्त πr²]
D --> D2[अर्धवृत्त 1/2 πr²]
D --> D3[वलय π(R²-r²)]
D --> D4[त्रिज्यखंड θ/360 πr²]
E --> E1[भुजा दोगुनी क्षेत्रफल 4 गुना]
E --> E2[त्रिज्या k गुना क्षेत्रफल k² गुना]
E --> E3[प्रतिशत वृद्धि 2x + x²/100]
क्षेत्रफल क्षेत्रमिति का सबसे महत्वपूर्ण विषय है, जिससे एनटीपीसी परीक्षा में कई प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। वर्ग, आयत, त्रिभुज, समचतुर्भुज, समलंब और वृत्त के क्षेत्रफल सूत्रों के साथ हीरोन का सूत्र और परिवर्तन अनुपातों की पकड़ होनी चाहिए। सूत्रों के साथ अभ्यास और इकाइयों का ध्यान रखने से इन प्रश्नों में अंक प्राप्त करना आसान हो जाता है।