विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क) अध्याय: 10.2 वेन आरेख विषय-वस्तु: वेन आरेख व्याख्या
वेन आरेख तर्कशक्ति की उस विधि का नाम है जिसमें विभिन्न वर्गों, समुच्चयों या समूहों के बीच के संबंधों को ज्यामितीय आकृतियों, मुख्यतः वृत्तों, की सहायता से दर्शाया जाता है। इस विधि का आविष्कार अंग्रेज गणितज्ञ जॉन वेन ने किया था, इसीलिए इसका नाम वेन आरेख रखा गया। रेलवे NTPC की परीक्षा में वेन आरेख के प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, जिनमें तीन या चार अलग-अलग श्रेणियों के बीच सही संबंध दर्शाने वाला चित्र चुनना होता है।
इस प्रकार के प्रश्नों में तीन या चार शब्द दिए जाते हैं, जैसे फल, सेब, आम; अध्यापक, पुरुष, डॉक्टर; या वाहन, कार, ट्रक। उम्मीदवार को यह निर्धारित करना होता है कि दिए गए विकल्पों में से कौन-सा आरेख इन शब्दों के बीच के तार्किक संबंध को सबसे सही ढंग से प्रदर्शित करता है। कभी-कभी आरेख दिया जाता है और उसके आधार पर किसी विशेष क्षेत्र में संख्या पूछी जाती है।
वेन आरेख न केवल स्वतंत्र प्रश्नों के रूप में आते हैं, बल्कि न्यायवाक्य और कथन-निष्कर्ष वाले प्रश्नों को हल करने का सबसे प्रभावी औज़ार भी हैं। इस अध्याय में हम वेन आरेख बनाने के नियम, विभिन्न प्रकार के संबंधों की पहचान, और उनके आधार पर प्रश्न हल करने की विधि को उदाहरणों सहित सीखेंगे।
समुच्चय की अवधारणा: वेन आरेख में प्रत्येक श्रेणी को एक वृत्त द्वारा दर्शाया जाता है। वृत्त के अंदर का क्षेत्र उस श्रेणी के सदस्यों को और बाहर का क्षेत्र गैर-सदस्यों को दर्शाता है। जैसे 'फल' एक बड़ा वृत्त और 'सेब' उसके अंदर का छोटा वृत्त।
अतिव्यापन (Overlapping): जब दो श्रेणियों में कुछ सामान्य सदस्य हों, तो दोनों वृत्त आपस में कुछ हद तक जुड़े (overlap) होते हैं। जैसे 'छात्र' और 'खिलाड़ी' - कुछ छात्र खिलाड़ी भी होते हैं। जुड़ा हुआ भाग उन दोनों के उभयनिष्ठ सदस्यों को दर्शाता है।
पूर्ण समावेशन (Inclusion): जब एक श्रेणी पूरी तरह दूसरी श्रेणी के अंदर आती है, तो छोटा वृत्त बड़े वृत्त के अंदर बनता है। जैसे 'गुलाब' हमेशा 'फूल' होता है, अतः गुलाब का वृत्त फूल के वृत्त के अंदर होगा।
वियोजन (Disjoint): जब दो श्रेणियों में कोई भी सामान्य सदस्य नहीं होता, तो दोनों वृत्त अलग-अलग, बिना किसी संपर्क के बनते हैं। जैसे 'मनुष्य' और 'जानवर' - कोई भी मनुष्य जानवर नहीं है (इस अर्थ में कि जानवर श्रेणी मनुष्य को शामिल नहीं करती)।
आयत की भूमिका: कभी-कभी सभी वृत्तों को एक बड़े आयत के अंदर रखा जाता है, जो 'सार्वभौमिक समुच्चय' को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि आरेख में दिखाई गई सभी वस्तुएँ उसी बड़ी श्रेणी की हैं।
वृत्तों की संख्या: प्रश्न में जितने शब्द हों, उतने वृत्त आवश्यक होते हैं। तीन शब्दों के लिए तीन वृत्त, चार शब्दों के लिए चार वृत्त बनाने चाहिए। शब्दों की संख्या से अधिक या कम वृत्त वाला विकल्प सामान्यतः गलत होता है।
सामान्य संबंध की पहचान: सबसे पहले यह देखें कि शब्द एक-दूसरे से किस प्रकार संबंधित हैं - क्या सभी एक-दूसरे में समाहित हैं, क्या कुछ आपस में जुड़ते हैं, या क्या वे पूरी तरह अलग हैं। यही पहचान विकल्प चुनने की कुंजी है।
नियम 1 - सामान्य से विशेष: सबसे व्यापक श्रेणी का वृत्त सबसे बड़ा होता है और उसके अंदर विशेष श्रेणियाँ आती हैं। उदाहरण: पशु, कुत्ता, लैब्राडोर - पशु सबसे बड़ा, उसमें कुत्ता, और कुत्ते के अंदर लैब्राडोर।
नियम 2 - आंशिक संबंध: जब दो श्रेणियाँ आंशिक रूप से जुड़ती हैं, तो वृत्तों को अतिव्यापी बनाएँ। उदाहरण: डॉक्टर और पुरुष - कुछ डॉक्टर पुरुष होते हैं, कुछ पुरुष डॉक्टर होते हैं, कुछ डॉक्टर महिलाएँ होती हैं, और कुछ पुरुष डॉक्टर नहीं होते।
नियम 3 - पूर्ण असंबंध: यदि श्रेणियों में कोई संबंध नहीं है, तो वृत्तों को अलग-अलग रखें। उदाहरण: कुत्ता, बिल्ली, चाँद - तीनों अलग-अलग वृत्त।
नियम 4 - संख्या गणना: जब किसी विशेष क्षेत्र में संख्या पूछी जाए, तो दिए गए आरेख में छायांकित क्षेत्र को पहले अलग करके देखें, फिर उसमें लिखी संख्या को सही क्षेत्र में जोड़ें। दोहरी गणना से बचें।
नियम 5 - सभी तीनों का उभयनिष्ठ: तीन वृत्तों के आरेख में बीच का क्षेत्र तीनों श्रेणियों का सामान्य भाग होता है। उदाहरण: इंजीनियर, संगीतकार, औरत - बीच का भाग वे महिलाएँ जो इंजीनियर और संगीतकार दोनों हैं।
नियम 6 - कथन का परीक्षण: न्यायवाक्य हल करते समय प्रत्येक कथन को पहले आरेख पर उतारें, फिर निष्कर्ष की जाँच करें। जो निष्कर्ष प्रत्येक संभावित आरेख में सत्य हो, वही निश्चित रूप से अनुसरण करता है।
नियम 7 - एक से अधिक आरेख: कुछ कथन एक से अधिक आरेख बनने देते हैं। ऐसी स्थिति में वही निष्कर्ष सत्य होता है जो सभी आरेखों में समान रूप से सत्य रहे। विभिन्न आरेखों को बनाकर निष्कर्ष की तुलना करें।
उदाहरण 1: निम्नलिखित शब्दों के बीच सही संबंध दर्शाने वाला आरेख चुनें - पुस्तकें, डायरी, स्कूल।
हल: डायरी पुस्तकों का एक प्रकार है, अतः डायरी का वृत्त पुस्तकों के वृत्त के अंदर होगा। स्कूल एक अलग श्रेणी है जहाँ दोनों उपयोग होती हैं, किंतु स्कूल स्वयं न तो पुस्तक है और न ही डायरी, और न ही पुस्तकें/डायरी स्कूल हैं। अतः स्कूल का अलग वृत्त बनेगा जो पुस्तकों के वृत्त को छू सकता है पर उसमें समाहित नहीं होगा। सही आरेख: बड़ा वृत्त पुस्तकें, उसमें छोटा वृत्त डायरी, और बाहर अलग वृत्त स्कूल।
उदाहरण 2: निम्नलिखित में से कौन-सा आरेख 'पशु, शेर, बिल्ली' का सही संबंध दर्शाता है?
हल: शेर और बिल्ली दोनों पशु हैं, किंतु शेर कभी बिल्ली नहीं है और बिल्ली कभी शेर नहीं होती। अतः शेर और बिल्ली के अलग-अलग वृत्त बनेंगे, जिनमें से दोनों बड़े 'पशु' वृत्त के अंदर होंगे। सही आरेख में एक बड़ा वृत्त और उसके अंदर दो अलग-अलग, बिना जुड़े वृत्त होते हैं।
उदाहरण 3: एक विद्यालय के 100 विद्यार्थियों में से 60 क्रिकेट खेलते हैं, 50 फुटबॉल खेलते हैं, और 20 दोनों खेलते हैं। केवल क्रिकेट खेलने वालों की संख्या क्या है?
हल: केवल क्रिकेट खेलने वाले = कुल क्रिकेट खिलाड़ी - दोनों खेलने वाले = 60 - 20 = 40। इसी प्रकार केवल फुटबॉल खेलने वाले = 50 - 20 = 30। दोनों खेलों के अतिव्यापन क्षेत्र में 20 विद्यार्थी बैठेंगे। उत्तर: 40।
उदाहरण 4: कथन: सभी सेब फल हैं। कुछ फल हरे हैं। निष्कर्ष I: कुछ सेब हरे हैं। निष्कर्ष II: कुछ हरे फल हैं। वेन आरेख द्वारा निष्कर्ष की जाँच करें।
हल: सेब का वृत्त फल के वृत्त के अंदर होगा। हरे रंग का वृत्त फल के वृत्त से जुड़ा होगा। निष्कर्ष I के लिए हरे वृत्त को सेब के साथ जोड़ने की आवश्यकता है, किंतु यह आवश्यक नहीं है - हरा भाग फल के उस हिस्से में हो सकता है जो सेब नहीं है। अतः I निश्चित नहीं है। निष्कर्ष II 'कुछ हरे फल हैं' निश्चित है क्योंकि 'कुछ फल हरे हैं' कथन में ही विद्यमान है। अतः केवल II अनुसरण करता है।
उदाहरण 5: आरेख में तीन वृत्त हैं - क्रिकेट खिलाड़ी, टीवी देखने वाले, और छात्र। बीच का क्षेत्र किसे दर्शाता है?
हल: तीनों वृत्तों का उभयनिष्ठ क्षेत्र उन छात्रों को दर्शाता है जो क्रिकेट भी खेलते हैं और टीवी भी देखते हैं। यह तीनों श्रेणियों का सामान्य भाग है। जब तीनों शर्तें एक साथ पूरी करने वाले सदस्य हों, तभी यह क्षेत्र भरा जाता है।
| शब्द-समूह | संबंध का प्रकार | आरेख की आकृति |
|---|---|---|
| फल, सेब, अमरूद | पूर्ण समावेशन | बड़ा वृत्त, उसके अंदर दो अलग छोटे वृत्त |
| डॉक्टर, पुरुष, महिला | आंशिक अतिव्यापन | दो वृत्त जो आपस में जुड़े, दो अलग वृत्त |
| कुत्ता, बिल्ली, खरगोश | पूर्ण वियोजन | तीन पूर्णतः अलग वृत्त |
| पशु, गाय, दूध | समावेशन सह अतिव्यापन | बड़ा वृत्त, उसमें गाय, दूध बाहर जुड़ा |
| सब्जियाँ, आलू, प्याज़ | दोहरा समावेशन | एक वृत्त, उसके अंदर दो अलग वृत्त |
| स्थिति | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| दो श्रेणियाँ परस्पर पूर्णतः अलग | अलग-अलग वृत्त | बैंक और नदी |
| एक श्रेणी दूसरी के अंदर | छोटा वृत्त बड़े के अंदर | गुलाब और फूल |
| कुछ सदस्य उभयनिष्ठ | जुड़े हुए वृत्त | छात्र और खिलाड़ी |
| तीन श्रेणियों का सामान्य भाग | बीच का क्षेत्र | इंजीनियर, औरत, गायक |
| व्यापक श्रेणी में दो अलग वर्ग | बड़े वृत्त में दो अलग वृत्त | जानवर, हाथी, शेर |
flowchart TD
A[वेन आरेख] --> B[समुच्चय की पहचान]
A --> C[संबंध के प्रकार]
A --> D[आरेख बनाने के नियम]
A --> E[प्रश्न हल करना]
B --> B1[प्रत्येक शब्द का एक वृत्त]
C --> C1[पूर्ण समावेशन]
C --> C2[आंशिक अतिव्यापन]
C --> C3[पूर्ण वियोजन]
D --> D1[व्यापक श्रेणी बाहर]
D --> D2[विशेष श्रेणी अंदर]
D --> D3[उभयनिष्ठ भाग छायांकित]
E --> E1[सही विकल्प चुनना]
E --> E2[संख्या गणना]
E --> E3[कथन से निष्कर्ष जाँच]
वेन आरेख तार्किक संबंधों को चित्र के रूप में समझने की सबसे सरल विधि है, जो कम समय में सटीक उत्तर देती है। नियमित अभ्यास से उम्मीदवार समावेशन, अतिव्यापन और वियोजन की पहचान में निपुण हो जाते हैं। यह विधि न्यायवाक्य और कथन-निष्कर्ष के प्रश्नों को भी आसानी से हल करने में सहायक है, इसलिए इसे परीक्षा की तैयारी का अभिन्न अंग बनाएँ।