18.7 तंत्रिका तंत्र और हार्मोन Notes

18.7 तंत्रिका तंत्र और हार्मोन

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (जीव विज्ञान) अध्याय: 18.7 तंत्रिका तंत्र और हार्मोन विषय-वस्तु: तंत्रिका, अंतःस्रावी

1. परिचय

मानव शरीर में समन्वय एवं नियंत्रण दो मुख्य तंत्रों द्वारा होता है—तंत्रिका तंत्र (Nervous System) तथा अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)। तंत्रिका तंत्र विद्युत आवेगों (स्नायु संदेशों) द्वारा तीव्र लेकिन अल्पकालिक नियंत्रण करता है, जबकि हार्मोन (अंतःस्रावी तंत्र) रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो धीमा परंतु दीर्घकालिक नियंत्रण करते हैं। तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक इकाई न्यूरॉन है।

तंत्रिका तंत्र को तीन भागों में विभाजित किया जाता है—केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और मेरु रज्जु), परिधीय तंत्रिका तंत्र (कपाल तथा मेरु तंत्रिकाएँ) तथा स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण)। मानव मस्तिष्क शरीर का सबसे जटिल अंग है। RRB NTPC परीक्षा में तंत्रिका तंत्र और हार्मोन से न्यूरॉन, मस्तिष्क के भाग, प्रमुख ग्रंथियाँ तथा हार्मोन के कार्यों पर प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

अंतःस्रावी तंत्र में विभिन्न अंतःस्रावी ग्रंथियाँ होती हैं जो सीधे रक्त में हार्मोन स्रावित करती हैं। पीयूष ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि), थायरॉइड, अग्न्याशय, अधिवृक्क, पैराथायरॉइड तथा जनन ग्रंथियाँ प्रमुख हैं। इस अध्याय में तंत्रिका तंत्र की संरचना, मस्तिष्क, न्यूरॉन, प्रतिवर्ती क्रियाएँ तथा प्रमुख हार्मोनों का विस्तृत अध्ययन किया गया है।

2. तंत्रिका तंत्र और न्यूरॉन की संरचना

तंत्रिका तंत्र मानव शरीर का नियंत्रण केंद्र है, जो सभी क्रियाओं को समन्वित करता है।

न्यूरॉन (Neuron): तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई। न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं:

स्नायु संपर्क (Synapse): दो न्यूरॉनों के बीच का सूक्ष्म स्थान जहाँ रासायनिक संदेशवाहक (न्यूरोट्रांसमीटर) आवेग को आगे बढ़ाते हैं। एसिटिलकोलीन तथा डोपामीन प्रमुख न्यूरोट्रांसमीटर हैं।

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action): उद्दीपन के प्रति अनैच्छिक, तीव्र स्वचालित प्रतिक्रिया। इसका केंद्र मेरु रज्जु होता है, जिसमें मस्तिष्क भाग नहीं लेता। उदाहरण—गर्म बर्तन से हाथ हटाना, घुटने का झटका। प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc)—ग्राही → संवेदी तंत्रिका → मेरु रज्जु → चालक तंत्रिका → प्रभावी अंग।

मस्तिष्क के तीन भाग: - अग्रमस्तिष्क (Forebrain): मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग; इसमें सेरेब्रम तथा थैलेमस, हाइपोथैलेमस शामिल हैं। सेरेब्रम विचार, स्मृति, बुद्धि तथा ऐच्छिक क्रियाओं का केंद्र है। - मध्यमस्तिष्क (Midbrain): दृष्टि तथा श्रवण संबंधी प्रतिवर्त केंद्र। - पश्चमस्तिष्क (Hindbrain): इसमें सेरेबेलम (अनुमस्तिष्क), पोंस तथा मेड्युला ऑब्लोंगेटा होते हैं। अनुमस्तिष्क शरीर के संतुलन तथा समन्वय के लिए, जबकि मेड्युला ऑब्लोंगेटा श्वसन, हृदय गति तथा रक्तचाप के नियंत्रण के लिए आवश्यक है।

3. अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और प्रमुख हार्मोन

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाहीन होती हैं और अपने हार्मोन सीधे रक्त में स्रावित करती हैं। हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक हैं जो विशिष्ट अंगों पर कार्य करते हैं। प्रमुख ग्रंथियाँ और हार्मोन निम्न हैं:

होमियोस्टैसिस: शरीर की आंतरिक स्थिरता बनाए रखना; इसमें हार्मोन और तंत्रिकाएँ समन्वित रूप से कार्य करते हैं। अंतःस्रावी तंत्र का अध्ययन 'एंडोक्रिनोलॉजी' कहलाता है।

4. तंत्रिका तंत्र और हार्मोन से संबंधित विकार

तंत्रिका तथा अंतःस्रावी तंत्र से संबंधित प्रमुख विकार निम्न हैं:

न्यूरॉन के आवेग: स्नायु आवेग एक विद्युत-रासायनिक घटना है। तंत्रिकाओं में संवेदनाओं का संचरण तीव्र गति से होता है। स्नायु रोगों का अध्ययन 'न्यूरोलॉजी' में होता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

ग्रंथि स्थान प्रमुख हार्मोन कार्य
पीयूष मस्तिष्क के आधार वृद्धि हार्मोन, ADH वृद्धि, जल संतुलन
थायरॉइड गर्दन थायरॉक्सिन चयापचय
अग्न्याशय उदर इंसुलिन, ग्लूकागन शर्करा नियंत्रण
अधिवृक्क गुर्दों के ऊपर एड्रेनालिन आपातकालीन प्रतिक्रिया
अंडकोष वृषण टेस्टोस्टेरोन पुरुष लक्षण
अंडाशय श्रोणि एस्ट्रोजन स्त्री लक्षण

तालिका 2

विकार हार्मोन/कारक प्रभाव
मधुमेह इंसुलिन की कमी रक्त शर्करा बढ़ना
गॉयटर आयोडीन की कमी थायरॉइड का बढ़ना
गिगेंटिज्म वृद्धि हार्मोन अधिक अत्यधिक लंबाई
ड्वार्फिज्म वृद्धि हार्मोन कम बौनापन
एडिसन अधिवृक्क कम थकान, वजन घटना

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[तंत्रिका तंत्र और हार्मोन] --> B[तंत्रिका तंत्र]
    B --> B1[केंद्रीय मस्तिष्क-मेरु रज्जु]
    B --> B2[परिधीय 12+31 तंत्रिकाएँ]
    B --> B3[स्वायत्त]
    A --> C[न्यूरॉन]
    C --> C1[कोशिका काय]
    C --> C2[डेंड्राइट]
    C --> C3[एक्सॉन]
    A --> D[मस्तिष्क]
    D --> D1[अग्रमस्तिष्क]
    D --> D2[मध्यमस्तिष्क]
    D --> D3[पश्चमस्तिष्क]
    A --> E[अंतःस्रावी ग्रंथियाँ]
    E --> E1[पीयूष मास्टर ग्रंथि]
    E --> E2[थायरॉइड]
    E --> E3[अग्न्याशय इंसुलिन]
    E --> E4[अधिवृक्क एड्रेनालिन]
    A --> F[विकार]
    F --> F1[मधुमेह]
    F --> F2[गॉयटर]
    F --> F3[गिगेंटिज्म]
    F --> F4[ड्वार्फिज्म]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

न्यूरॉन की संरचना डेंड्राइट उद्दीपन ग्रहण कोशिका काय केंद्रक युक्त एक्सॉन टर्मिनल बटन माइलिन आवरण एक्सॉन के चारों ओर स्नायु संपर्क दो न्यूरॉनों के बीच मानव में तंत्रिकाएँ 12 जोड़ी कपाल तथा 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएँ स्वर्ण नियम: डेंड्राइट आवेग ग्रहण करता है, एक्सॉन संचारित करता है।

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ पीयूष ग्रंथि मास्टर ग्रंथि, वृद्धि हार्मोन थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन, गॉयटर अग्न्याशय इंसुलिन, ग्लूकागन अधिवृक्क ग्रंथि एड्रेनालिन पैराथायरॉइड कैल्शियम नियंत्रण जनन ग्रंथियाँ टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन पाइनियल ग्रंथि मेलाटोनिन, नींद नियंत्रण स्वर्ण नियम पीयूष ग्रंथि मास्टर ग्रंथि है, इंसुलिन मधुमेह से जुड़ा है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. गलती: पीयूष ग्रंथि को नलिका सहित ग्रंथि बताना। पीयूष ग्रंथि नलिकाहीन (अंतःस्रावी) है।
  2. गलती: इंसुलिन को रक्त शर्करा बढ़ाने वाला बताना। इंसुलिन शर्करा घटाता है, जबकि ग्लूकागन बढ़ाता है।
  3. गलती: सेरेबेलम को बुद्धि का केंद्र बताना। बुद्धि का केंद्र सेरेब्रम है; सेरेबेलम संतुलन के लिए है।
  4. गलती: एड्रेनालिन को शांत हार्मोन बताना। एड्रेनालिन आपातकालीन उत्तेजक हार्मोन है।
  5. गलती: वृद्धि हार्मोन की कमी को गिगेंटिज्म बताना। कमी से ड्वार्फिज्म, अधिकता से गिगेंटिज्म होता है।
  6. गलती: कपाल तंत्रिकाओं की संख्या 31 बताना। कपाल तंत्रिकाएँ 12 जोड़ी और मेरु तंत्रिकाएँ 31 जोड़ी होती हैं।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रत्येक ग्रंथि को उसके हार्मोन, स्थान और विकार के साथ एक साथ याद करें।
  2. वृद्धि हार्मोन (अधिक-गिगेंटिज्म, कम-ड्वार्फिज्म) तथा इंसुलिन-ग्लूकागन के विपरीत कार्य स्पष्ट रखें।
  3. मस्तिष्क के तीन भागों तथा उनके कार्यों (सेरेब्रम-बुद्धि, सेरेबेलम-संतुलन, मेड्युला-श्वसन) को मिलाकर पढ़ें।
  4. न्यूरॉन के भागों (डेंड्राइट, एक्सॉन) और उनकी भूमिका को आरेख सहित याद रखें।
  5. 12 जोड़ी कपाल तथा 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाओं का आंकड़ा रटें।

10. निष्कर्ष

तंत्रिका तंत्र और हार्मोन मानव शरीर के दो प्रमुख नियंत्रण तंत्र हैं, जो शरीर की हर क्रिया को समन्वित करते हैं। न्यूरॉन की संरचना, मस्तिष्क के भाग, प्रमुख ग्रंथियाँ, उनके हार्मोन तथा संबंधित विकार NTPC परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ग्रंथि-हार्मोन-विकार की त्रिकोणीय समझ विकसित करने से इस अध्याय के प्रश्न आसानी से हल होते हैं। नियमित तालिकाओं के अभ्यास से इस अध्याय में पूर्ण अंक अर्जित किए जा सकते हैं।