विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: रसायन विज्ञान – अभिक्रियाएँ और रासायनिक गुण विषय-वस्तु: 15.1 रासायनिक समीकरण
रासायनिक समीकरण रासायनिक अभिक्रिया का संक्षिप्त एवं प्रतीकात्मक निरूपण है, जिसमें अभिकारक (reactants) और उत्पाद (products) को रासायनिक सूत्रों द्वारा दर्शाया जाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में इस अध्याय से संतुलित समीकरण, संतुलन की विधि, अभिक्रिया के प्रकार तथा द्रव्यमान संरक्षण के नियम से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। रासायनिक अभिक्रिया में एक या अधिक पदार्थ परिवर्तित होकर नए पदार्थ बनाते हैं। अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों को अभिकारक तथा बनने वाले पदार्थों को उत्पाद कहते हैं। अभिकारकों को तीर के बाईं ओर और उत्पादों को तीर के दाईं ओर लिखा जाता है।
रासायनिक समीकरण द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसे अंत्वा लावोइसियर ने दिया था। इस नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश, केवल अवयवों का पुनर्विन्यास होता है। इसीलिए संतुलित रासायनिक समीकरण में अभिकारकों में उपस्थित प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या, उत्पादों में उपस्थित परमाणुओं की संख्या के बराबर होती है। संतुलित समीकरण रासायनिक गणनाओं का आधार है।
इस अध्याय में हम रासायनिक समीकरण के अंगों, रासायनिक अभिक्रिया के लक्षण, संतुलित और असंतुलित समीकरण, संतुलन करने की हिट-एंड-ट्रायल विधि, अभिक्रियाओं के प्रकार (संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन, ऑक्सीकरण-अपचयन) तथा रेलवे के दैनिक कार्यों से जुड़ी अभिक्रियाओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे। रेलवे परीक्षा में इस विषय से 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें संतुलित समीकरण की पहचान सबसे सामान्य प्रश्न है।
रासायनिक समीकरण को समझने के लिए उसके विभिन्न अंगों और नियमों का ज्ञान आवश्यक है।
अभिकारक और उत्पाद: अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थ अभिकारक (Reactants) कहलाते हैं, जो तीर की बाईं ओर लिखे जाते हैं। अभिक्रिया से बनने वाले पदार्थ उत्पाद (Products) कहलाते हैं, जो तीर की दाईं ओर लिखे जाते हैं। अभिकारकों और उत्पादों के बीच तीर का चिह्न या बराबर का चिह्न लगाया जाता है।
उदाहरण समीकरण: जल में विद्युत अपघटन: H2O से H2 और O2 बनते हैं। इसे प्रतीकों में लिखा जा सकता है। कार्बन का दहन: C + O2 से CO2 बनता है। मैग्नीशियम का दहन: Mg + O2 से MgO बनता है। जब कार्बनिक पदार्थ जलते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।
अवस्था के चिह्न: समीकरण में ठोस को (s), द्रव को (l), गैस को (g) तथा जलीय विलयन को (aq) से दर्शाया जाता है। ऊष्मा मुक्त होने पर ऊष्मा लिखी जाती है तथा ऊष्मा अवशोषित होने पर तदनुसार दर्शाया जाता है।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम: अंत्वा लावोइसियर द्वारा प्रतिपादित इस नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है। अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। यही नियम समीकरण को संतुलित करने का आधार है।
स्थिर अनुपात का नियम: किसी यौगिक में तत्व सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं। यह नियम समीकरणों में अनुपात समझने में सहायक है।
रासायनिक अभिक्रिया के लक्षण: अभिक्रिया में गैस निकल सकती है, रंग परिवर्तन हो सकता है, ऊष्मा या प्रकाश उत्पन्न हो सकता है, अवक्षेप बन सकता है तथा अभिकारकों का द्रव्यमान बदल सकता है। ये सभी रासायनिक अभिक्रिया घटित होने के सूचक हैं।
संतुलित रासायनिक समीकरण वह समीकरण है जिसमें अभिकारकों की ओर उपस्थित प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या, उत्पादों की ओर उपस्थित परमाणुओं की संख्या के बराबर होती है। असंतुलित समीकरण में दोनों ओर परमाणुओं की संख्या भिन्न होती है।
असंतुलित समीकरण का उदाहरण: H2 + O2 से H2O। इस समीकरण में बाईं ओर ऑक्सीजन के 2 परमाणु हैं जबकि दाईं ओर केवल 1 परमाणु है, अतः यह असंतुलित है।
संतुलन की विधि (हिट-एंड-ट्रायल): सबसे पहले समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों के सूत्र लिखें। फिर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर गिनें। जिस तत्व के परमाणु असंतुलित हों, उसके आगे उपयुक्त गुणांक लगाएँ। अंत में जाँच करें कि सभी तत्व संतुलित हैं।
संतुलन के उदाहरण: H2 + O2 से H2O को संतुलित करने पर 2H2 + O2 से 2H2O। अब दोनों ओर हाइड्रोजन के 4 परमाणु और ऑक्सीजन के 2 परमाणु हैं। Mg + O2 से MgO को संतुलित करने पर 2Mg + O2 से 2MgO। Fe + O2 से Fe2O3 को संतुलित करने पर 4Fe + 3O2 से 2Fe2O3। N2 + H2 से NH3 को संतुलित करने पर N2 + 3H2 से 2NH3। CH4 + O2 से CO2 + H2O को संतुलित करने पर CH4 + 2O2 से CO2 + 2H2O।
संतुलित समीकरण के गुण: संतुलित समीकरण में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होती है। संतुलित समीकरण से अभिकारकों और उत्पादों के बीच मोल अनुपात ज्ञात होता है। संतुलित समीकरण द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है। संतुलित समीकरण में गुणांक सबसे छोटे पूर्णांकों में होते हैं।
उदाहरण प्रश्न: निम्न में से कौन-सा संतुलित समीकरण है? (क) H2 + Cl2 से 2HCl (ख) H2 + O2 से H2O। हल: (क) संतुलित है क्योंकि दोनों ओर हाइड्रोजन के 2 और क्लोरीन के 2 परमाणु हैं।
संयोजन अभिक्रिया (Combination): जब दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं तो उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: 2Mg + O2 से 2MgO, C + O2 से CO2, 2H2 + O2 से 2H2O, CaO + H2O से Ca(OH)2 (चूने का बुझना)।
वियोजन अभिक्रिया (Decomposition): जब एक यौगिक दो या अधिक सरल पदार्थों में टूटता है तो उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं। वियोजन ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत द्वारा हो सकता है। उदाहरण: 2H2O का विद्युत अपघटन करने पर 2H2 + O2, कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) के गर्म करने पर CaO + CO2, लेड नाइट्रेट के गर्म करने पर लेड ऑक्साइड + NO2 + O2।
विस्थापन अभिक्रिया (Displacement): जब कोई अधिक अभिक्रियाशील धातु किसी यौगिक से कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित करती है तो उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: Zn + CuSO4 से ZnSO4 + Cu, Fe + CuSO4 से FeSO4 + Cu, Zn + 2HCl से ZnCl2 + H2। जस्ता ताँबे से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए ताँबे को विस्थापित करता है।
द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement): जब दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है तो उसे द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: AgNO3 + NaCl से AgCl (अवक्षेप) + NaNO3, NaOH + HCl से NaCl + H2O (उदासीनीकरण)।
ऑक्सीकरण और अपचयन (Oxidation-Reduction): जिस अभिक्रिया में ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का निष्कासन होता है उसे ऑक्सीकरण तथा जिसमें ऑक्सीजन का निष्कासन या हाइड्रोजन का योग होता है उसे अपचयन कहते हैं। ऑक्सीकरण और अपचयन साथ-साथ होते हैं, इसे रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं। लोहे का जंग लगना, भोजन का सड़ना, दहन सभी ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ हैं।
उदासीनीकरण अभिक्रिया: अम्ल और क्षार की क्रिया से लवण और जल बनता है। HCl + NaOH से NaCl + H2O। यह रेलवे बैटरी रखरखाव में महत्वपूर्ण है।
रेलवे संदर्भ में अभिक्रियाएँ: लीड-एसिड बैटरी में सीसा और सीसा डाइऑक्साइड की सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया (रेडॉक्स) होती है। डीजल का दहन ऑक्सीकरण है। वेल्डिंग में ऑक्सीजन-एसिटिलीन दहन होता है। रेल पटरी पर जंग लगना ऑक्सीकरण है। चूने का उपयोग रेलवे भवनों में सफेदी और रखरखाव में होता है।
| अभिक्रिया | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| संयोजन | दो या अधिक अभिकारक से एक उत्पाद | C + O2 → CO2 |
| वियोजन | एक यौगिक का सरल पदार्थों में टूटना | 2H2O → 2H2 + O2 |
| विस्थापन | अधिक अभिक्रियाशील धातु का विस्थापन | Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu |
| द्विविस्थापन | आयनों का आदान-प्रदान | AgNO3 + NaCl → AgCl + NaNO3 |
| ऑक्सीकरण | ऑक्सीजन का योग/हाइड्रोजन का निष्कासन | 4Fe + 3O2 → 2Fe2O3 |
| अभिक्रिया | संतुलित समीकरण |
|---|---|
| जल का अपघटन | 2H2O → 2H2 + O2 |
| हाइड्रोजन का जलना | 2H2 + O2 → 2H2O |
| मैग्नीशियम का दहन | 2Mg + O2 → 2MgO |
| अमोनिया का निर्माण | N2 + 3H2 → 2NH3 |
| मीथेन का दहन | CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O |
| लोहे का जंग | 4Fe + 3O2 → 2Fe2O3 |
flowchart TD
A[रासायनिक समीकरण] --> B[अभिकारक व उत्पाद]
A --> C[संतुलन]
A --> D[अभिक्रियाओं के प्रकार]
A --> E[नियम]
B --> B1[बाईं ओर अभिकारक]
B --> B2[दाईं ओर उत्पाद]
C --> C1[हिट-एंड-ट्रायल]
C --> C2[परमाणु संतुलित]
D --> D1[संयोजन]
D --> D2[वियोजन]
D --> D3[विस्थापन]
D --> D4[द्विविस्थापन]
D --> D5[ऑक्सीकरण-अपचयन]
E --> E1[द्रव्यमान संरक्षण]
E --> E2[स्थिर अनुपात]
रासायनिक समीकरण रासायनिक अभिक्रियाओं का प्रतीकात्मक भाषा में निरूपण है। इस अध्याय में हमने अभिकारकों और उत्पादों की अवधारणा, रासायनिक अभिक्रिया के लक्षण तथा द्रव्यमान संरक्षण के नियम का अध्ययन किया। संतुलित रासायनिक समीकरण में दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, और यह हिट-एंड-ट्रायल विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है। हमने संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन तथा ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाओं के प्रकारों और उदाहरणों को समझा। रेलवे की लीड-एसिड बैटरी, डीजल दहन, वेल्डिंग तथा रेल पटरी का जंग सभी रासायनिक अभिक्रियाओं के व्यावहारिक उदाहरण हैं। संतुलित समीकरण ही रासायनिक गणनाओं का आधार है। यह अध्याय रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में उच्च स्कोरिंग विषय है, अतः संतुलन और अभिक्रिया-प्रकारों का अभ्यास आवश्यक है।