विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: सामान्य जागरूकता – अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान विषय-वस्तु: 22.8 वैज्ञानिक विकास
वैज्ञानिक विकास भारत की प्रगति की कुंजी है, जिसके अंतर्गत परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं में वैज्ञानिक उपलब्धियाँ शामिल हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की सामान्य जागरूकता में विज्ञान से जुड़े प्रश्न जैसे वैज्ञानिक संस्थान, आविष्कार, प्रमुख वैज्ञानिक और हाल की वैज्ञानिक उपलब्धियाँ पूछी जाती हैं। स्वतंत्रता के बाद भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। सन् 1948 में परमाणु ऊर्जा आयोग, 1950 में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) जैसी संस्थाओं की स्थापना की गई। भारत में विज्ञान के विकास में डॉ. होमी जे. भाभा, डॉ. विक्रम साराभाई, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और डॉ. सी.वी. रमन जैसे वैज्ञानिकों का विशेष योगदान रहा है।
भारत का वैज्ञानिक विकास कई चरणों में आगे बढ़ा। सन् 1954 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) की स्थापना हुई। सन् 1957 में भारत का पहला सॉफ्टवेयर निर्यात हुआ, किंतु सूचना प्रौद्योगिकी का बड़ा विस्तार 1990 के दशक में हुआ। भारत में विज्ञान नीति की शुरुआत सन् 1958 में वैज्ञानिक नीति प्रस्ताव (Scientific Policy Resolution) से हुई। भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों में परमाणु परीक्षण 1974 और 1998, चंद्रयान मिशन, मंगलयान और कोविड-19 के समय स्वदेशी वैक्सीन का विकास प्रमुख हैं। विज्ञान के क्षेत्र में भारत की प्रगति ने देश को वैश्विक मंच पर सम्मानित स्थान दिलाया है।
इस अध्याय में हम भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों, प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और उनके योगदान, वैज्ञानिक पुरस्कारों और हाल की वैज्ञानिक उपलब्धियों का अध्ययन करेंगे। परीक्षा की दृष्टि से वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना वर्ष, उनके मुख्यालय, नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय वैज्ञानिक और प्रमुख आविष्कार महत्वपूर्ण हैं। परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं की भूमिका भी समझी जाएगी। अंत में तालिकाओं, माइंड मैप और चित्रों के माध्यम से वैज्ञानिक विकास की संपूर्ण पुनरावृत्ति की जाएगी।
भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थान कार्य करते हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना 1969 में हुई, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। ISRO का पूर्ववर्ती संगठन भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) 1962 में स्थापित हुई थी। ISRO के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विक्रम साराभाई थे। परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) 1954 में स्थापित हुआ, जिसके तहत भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) कार्य करता है। BARC की स्थापना 1954 में मुंबई में हुई। परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना 1948 में डॉ. होमी जे. भाभा के नेतृत्व में हुई। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र का नाम डॉ. होमी जे. भाभा के नाम पर रखा गया है।
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की स्थापना 1942 में हुई, जो भारत की सबसे बड़ी अनुसंधान और विकास संस्था है। CSIR का मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसके तहत कई प्रयोगशालाएँ कार्य करती हैं, जैसे राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (NCL, पुणे) और केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI, मैसूर)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं, जिनमें पहला IIT 1951 में खड़गपुर में स्थापित हुआ। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 1958 में स्थापित हुआ, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। DRDO ने ब्रह्मोस मिसाइल, अग्नि और पृथ्वी मिसाइल जैसे रक्षा उपकरण विकसित किए। राष्ट्रीय वैमानिकी प्रयोगशाला (NAL) बेंगलुरु में स्थित है।
विज्ञान से जुड़े अन्य संस्थानों में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) की स्थापना 1905 में हुई, जिसने हरित क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु 1909 में स्थापित हुआ। केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) लखनऊ में स्थित है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) पुणे में है। भारतीय वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका देश के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। परीक्षा में संस्थानों के स्थापना वर्ष, स्थान और उनके कार्य क्षेत्र से प्रश्न पूछे जाते हैं। रेलवे अनुसंधान के क्षेत्र में रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) लखनऊ में स्थित है, जो रेलवे की तकनीकी अनुसंधान संस्था है।
भारत ने विश्व को कई महान वैज्ञानिक दिए हैं। डॉ. सी.वी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। वे भौतिकी में नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई वैज्ञानिक थे। रमन अनुसंधान संस्थान बेंगलुरु में स्थित है। सर जगदीश चंद्र बोस ने रेडियो तरंगों और पौधों के संवेदनशीलता पर अनुसंधान किया। होमी जे. भाभा को भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मिसाइल मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध हैं और वे भारत के 11वें राष्ट्रपति भी रहे। डॉ. हरगोबिंद खोराना ने आनुवंशिक कोड की खोज के लिए 1968 में नोबेल पुरस्कार जीता।
डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर ने तारों के जीवनकाल पर अनुसंधान के लिए 1983 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता। चंद्रशेखर सीमा (Chandrasekhar Limit) उनके नाम पर है। डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन ने राइबोसोम की संरचना पर अनुसंधान के लिए 2009 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार जीता। डॉ. एन.आर. माधव मेनन भारतीय कंप्यूटर वैज्ञानिकों में अग्रणी थे। सत्येन बोस बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी के सह-निर्माता थे। पीसी रे ने रासायनिक विज्ञान में योगदान दिया। सुंदरलाल बहुगुणा नहीं बल्कि विक्रम साराभाई ने अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। रेलवे टेक्नीशियन परीक्षा में वैज्ञानिकों के नाम और उनके क्षेत्र का मिलान सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न प्रारूप है।
भारतीय वैज्ञानिकों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों में सी.वी. रमन (1930), हरगोबिंद खोराना (1968), चंद्रशेखर (1983) और वेंकटरमण रामकृष्णन (2009) के नोबेल पुरस्कार उल्लेखनीय हैं। अमर्त्य सेन को 1998 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला, हालाँकि वे अर्थशास्त्री हैं। कैलाश सत्यार्थी को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को स्मरण करने के लिए विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है, जो सी.वी. रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की वर्षगांठ है। परीक्षा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (STI Policy) से प्रश्न पूछे जाते हैं।
भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों में परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष मिशन और रक्षा प्रौद्योगिकी शामिल हैं। सन् 1974 में पोखरण में भारत का पहला शांतिपूर्ण परमाणु परीक्षण हुआ, जिसे स्माइलिंग बुद्धा कहा गया। सन् 1998 में पोखरण-II में भारत ने पाँच परमाणु परीक्षण किए। भारत की परमाणु नीति का सिद्धांत नो-फर्स्ट-यूज़ (पहले प्रयोग नहीं) है। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत तारापुर, काकरापार, कलपक्कम और कोटा में बिजली संयंत्र संचालित करता है। भारत में कामिनी रिएक्टर (कलपक्कम) दुनिया का एकमात्र थोरियम आधारित रिएक्टर है। अंतरिक्ष में भारत ने चंद्रयान-1 (2008), चंद्रयान-2 (2019) और चंद्रयान-3 (2023) मिशन भेजे, जिनमें चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।
वैज्ञानिक पुरस्कारों में भारत का सर्वोच्च विज्ञान सम्मान शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार है, जो CSIR द्वारा हर वर्ष युवा वैज्ञानिकों को दिया जाता है। इसका प्रारंभ 1958 में हुआ। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए विश्वनाथन पुरस्कार तथा डॉ. बी.सी. रॉय पुरस्कार भी महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों में अटल सम्मान और विज्ञान रत्न शामिल हैं। भारत के राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2024 में विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। परीक्षा में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार का प्रारंभ वर्ष, प्रदान करने वाली संस्था और प्राप्तकर्ताओं से प्रश्न पूछे जाते हैं।
हाल की वैज्ञानिक उपलब्धियों में भारत की कोविड-19 के दौरान कोवैक्सीन और कोविशील्ड जैसी वैक्सीन का विकास उल्लेखनीय है। भारत ने अपनी पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन (Bharat Biotech द्वारा) और कोविशील्ड (सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा) विकसित की। आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ मिशन भी वैज्ञानिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं। सूचना प्रौद्योगिकी में भारत का सुपरकंप्यूटर परम सिद्धि (PARAM) श्रृंखला विकसित हुई। रेलवे के क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भारतीय वैज्ञानिक और तकनीकी विकास का प्रतीक है। वैज्ञानिक विकास के इन तथ्यों की समझ से परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
| संस्थान | स्थापना | स्थान |
|---|---|---|
| ISRO | 1969 | बेंगलुरु |
| BARC | 1954 | मुंबई |
| CSIR | 1942 | नई दिल्ली |
| DRDO | 1958 | नई दिल्ली |
| IIT खड़गपुर | 1951 | पश्चिम बंगाल |
| IISc | 1909 | बेंगलुरु |
| वैज्ञानिक | वर्ष | क्षेत्र |
|---|---|---|
| सी.वी. रमन | 1930 | भौतिकी |
| हरगोबिंद खोराना | 1968 | चिकित्सा |
| सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर | 1983 | भौतिकी |
| वेंकटरमण रामकृष्णन | 2009 | रसायन विज्ञान |
| अमर्त्य सेन | 1998 | अर्थशास्त्र |
| कैलाश सत्यार्थी | 2014 | शांति |
flowchart TD
A[वैज्ञानिक विकास] --> B[संस्थान]
A --> C[वैज्ञानिक]
A --> D[उपलब्धियाँ]
A --> E[पुरस्कार]
B --> B1[ISRO 1969]
B --> B2[BARC 1954]
B --> B3[CSIR 1942]
B --> B4[DRDO 1958]
C --> C1[सी.वी. रमन]
C --> C2[होमी भाभा]
C --> C3[विक्रम साराभाई]
C --> C4[ए.पी.जे. कलाम]
D --> D1[परमाणु परीक्षण]
D --> D2[चंद्रयान मिशन]
D --> D3[मंगलयान]
D --> D4[कोवैक्सीन]
E --> E1[भटनागर पुरस्कार 1958]
E --> E2[नोबेल पुरस्कार]
वैज्ञानिक विकास भारत की प्रगति और आत्मनिर्भरता की कहानी है। इस अध्याय में हमने ISRO, BARC, CSIR और DRDO जैसे प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना और उनके कार्यों का अध्ययन किया। सी.वी. रमन, होमी भाभा, विक्रम साराभाई और ए.पी.जे. कलाम जैसे वैज्ञानिकों के योगदान से भारत ने विज्ञान में वैश्विक पहचान बनाई। परमाणु परीक्षण, चंद्रयान मिशन और मंगलयान भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियाँ हैं। भारतीय वैज्ञानिकों के नोबेल पुरस्कारों और राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों का ज्ञान परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाओं और माइंड मैप की सहायता से इन तथ्यों को दोहराकर परीक्षा में निश्चित अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।