विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – संख्या पद्धति विषय-वस्तु: 1.5 LCM और HCF
LCM (Least Common Multiple) अर्थात लघुत्तम समापवर्त्य और HCF (Highest Common Factor) अर्थात महत्तम समापवर्तक गणित की दो सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। LCM दो या दो से अधिक संख्याओं की सबसे छोटी ऐसी सामान्य गुणज होती है जो उन सभी संख्याओं से पूर्णतः विभाज्य होती है। HCF उन संख्याओं का सबसे बड़ा सामान्य गुणनखंड होता है जो उन सभी संख्याओं को पूर्णतः विभाजित करता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में LCM-HCF से प्रत्येक वर्ष 2 से 3 प्रश्न अवश्य आते हैं।
LCM और HCF ज्ञात करने की मुख्यतः दो विधियाँ हैं — अभाज्य गुणनखंड विधि और भाग विधि। अभाज्य गुणनखंड विधि में प्रत्येक संख्या को उसके अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखा जाता है। LCM के लिए प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की अधिकतम घात को लिया जाता है, जबकि HCF के लिए प्रत्येक सामान्य अभाज्य गुणनखंड की न्यूनतम घात को लिया जाता है। भाग विधि में सभी संख्याओं को साथ-साथ अभाज्य संख्याओं से भाग देकर LCM, तथा यूक्लिड एल्गोरिथ्म या क्रमिक भाग द्वारा HCF ज्ञात किया जाता है।
इस अध्याय में हम LCM-HCF की परिभाषा, उन्हें ज्ञात करने की विधियाँ, दो संख्याओं के गुणनफल और LCM-HCF के गुणनफल के बीच संबंध तथा वास्तविक जीवन के प्रश्नों को हल करने की विधि का अध्ययन करेंगे। घड़ियों के मिलने, पटरियों पर सिग्नल, गियरों की स्थिति जैसे रेलवे से संबंधित उदाहरण LCM-HCF के महत्व को दर्शाते हैं।
अभाज्य गुणनखंड विधि: प्रत्येक संख्या को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें। फिर प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की अधिकतम घात लेकर गुणा करें।
उदाहरण 1: 12, 18 और 24 का LCM ज्ञात कीजिए।
हल: 12 = 2² × 3; 18 = 2 × 3²; 24 = 2³ × 3। अधिकतम घातें — 2³ = 8, 3² = 9। LCM = 8 × 9 = 72। अतः LCM = 72 है।
भाग विधि: सभी संख्याओं को साथ-साथ अभाज्य संख्याओं (2, 3, 5, ...) से तब तक भाग देते रहें जब तक कि कोई भी संख्या 1 से अधिक बचे। सभी भाजकों का गुणनफल ही LCM होता है।
उदाहरण 2: भाग विधि से 15 और 20 का LCM ज्ञात कीजिए।
हल: 2 से भाग → 15, 10; 2 से भाग → 15, 5; 3 से भाग → 5, 5; 5 से भाग → 1, 1। अतः LCM = 2 × 2 × 3 × 5 = 60।
अभाज्य गुणनखंड विधि: सामान्य अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घातों का गुणनफल HCF होता है।
उदाहरण 3: 24 और 36 का HCF ज्ञात कीजिए।
हल: 24 = 2³ × 3; 36 = 2² × 3²। सामान्य अभाज्य — 2 और 3। न्यूनतम घातें — 2² = 4, 3¹ = 3। HCF = 4 × 3 = 12। अतः HCF = 12 है।
भाग विधि (यूक्लिड): बड़ी संख्या को छोटी से भाग दें; शेष को भाजक बनाकर पुनः भाग दें; यह क्रम तब तक चलाएँ जब तक शेष शून्य न आए। अंतिम भाजक ही HCF होता है।
उदाहरण 4: भाग विधि से 56 और 42 का HCF ज्ञात कीजिए।
हल: 56 ÷ 42, शेष 14; 42 ÷ 14, शेष 0। अतः HCF = 14 है।
महत्वपूर्ण संबंध: दो संख्याओं के लिए — संख्या1 × संख्या2 = LCM × HCF। यह संबंध प्रश्नों को हल करने में अत्यधिक उपयोगी है।
LCM का प्रयोग उन प्रश्नों में होता है जहाँ घटनाएँ एक साथ पुनः घटित होती हैं, जबकि HCF का प्रयोग वस्तुओं को समान बड़े भागों में बाँटने वाले प्रश्नों में होता है।
उदाहरण 5: दो घंटियाँ क्रमशः 6 और 8 सेकंड के अंतराल पर बजती हैं। कितने सेकंड बाद वे एक साथ बजेंगी?
हल: 6 और 8 का LCM = 24। अतः 24 सेकंड बाद दोनों घंटियाँ एक साथ बजेंगी।
उदाहरण 6: 60 मीटर और 84 मीटर की दो रस्सियों को समान अधिकतम लंबाई के टुकड़ों में बाँटना है। प्रत्येक टुकड़े की अधिकतम लंबाई कितनी होगी?
हल: 60 और 84 का HCF ज्ञात करें — 60 = 2² × 3 × 5; 84 = 2² × 3 × 7। HCF = 2² × 3 = 12। अतः प्रत्येक टुकड़े की अधिकतम लंबाई 12 मीटर होगी।
| विशेषता | LCM | HCF |
|---|---|---|
| पूर्ण रूप | लघुत्तम समापवर्त्य | महत्तम समापवर्तक |
| मान | सदैव सबसे बड़ी संख्या से बड़ा या बराबर | सदैव सबसे छोटी संख्या से छोटा या बराबर |
| अभाज्य गुणनखंड | अधिकतम घात | न्यूनतम घात |
| प्रयोग | एक साथ घटित होने के प्रश्न | समान भागों में बाँटने के प्रश्न |
| प्रधान संख्याओं के लिए | गुणनफल | 1 |
| सूत्र | व्याख्या |
|---|---|
| संख्या1 × संख्या2 = LCM × HCF | दो संख्याओं के लिए मूल संबंध |
| भिन्नों का LCM | अंशों का LCM ÷ हरों का HCF |
| भिन्नों का HCF | अंशों का HCF ÷ हरों का LCM |
| दो सह-अभाज्य संख्याओं का HCF | सदैव 1 |
flowchart TD
A[LCM और HCF] --> B[LCM]
A --> C[HCF]
A --> D[संबंध]
B --> B1[अभाज्य गुणनखंड: अधिकतम घात]
B --> B2[भाग विधि]
C --> C1[अभाज्य गुणनखंड: न्यूनतम घात]
C --> C2[यूक्लिड भाग विधि]
D --> D1[a × b = LCM × HCF]
D --> D2[भिन्न LCM/HCF सूत्र]
B --> B3[एक साथ घटना]
C --> C3[समान भाग बाँटना]
LCM और HCF गणित की वे अवधारणाएँ हैं जो संख्या पद्धति से लेकर प्रत्येक अध्याय में प्रयोग होती हैं। इस अध्याय में हमने अभाज्य गुणनखंड विधि और भाग विधि से LCM-HCF ज्ञात करना सीखा, तथा a × b = LCM × HCF के महत्वपूर्ण संबंध को समझा। हमने शब्द समस्याओं में LCM-HCF की पहचान करने की विधि भी सीखी। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में ये प्रश्न स्कोरिंग होते हैं और इन्हें सही रणनीति से न्यूनतम समय में हल किया जा सकता है। दृढ़ अभ्यास से विद्यार्थी LCM-HCF के प्रश्नों में पूर्ण सटीकता प्राप्त कर सकता है, जिससे कुल गणितीय स्कोर में महत्वपूर्ण वृद्धि होती है।