विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – संख्या पद्धति विषय-वस्तु: 1.6 वर्गमूल
वर्गमूल वह संख्या है जो स्वयं से गुणा करने पर मूल संख्या देती है। यदि a × a = b, तो a को b का वर्गमूल कहा जाता है और इसे √b के रूप में लिखा जाता है। उदाहरण के लिए 5 × 5 = 25, अतः √25 = 5। वर्गमूल गणित की मूलभूत संक्रियाओं में से एक है जिसका उपयोग क्षेत्रफल, पाइथागोरस प्रमेय, मशीन भागों की माप और इंजीनियरिंग गणनाओं में होता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में वर्गमूल से सीधे प्रश्न आते हैं, साथ ही सरलीकरण और मापन के प्रश्नों में भी वर्गमूल का प्रयोग होता है।
वर्गमूल ज्ञात करने की मुख्यतः तीन विधियाँ हैं — अभाज्य गुणनखंड विधि, भाग विधि (long division) और अनुमान लगाने की विधि। अभाज्य गुणनखंड विधि छोटी पूर्ण वर्ग संख्याओं के लिए उपयुक्त है, जबकि भाग विधि बड़ी संख्याओं के लिए आवश्यक है। दशमलव संख्याओं के वर्गमूल के लिए भी भाग विधि का ही प्रयोग होता है। किसी पूर्ण वर्ग संख्या के वर्गमूल में अंकों की संख्या ज्ञात करना भी परीक्षा में पूछा जाता है।
इस अध्याय में हम वर्ग और वर्गमूल की अवधारणा, वर्गमूल ज्ञात करने की विभिन्न विधियाँ, दशमलव और भिन्नों के वर्गमूल, वर्गमूल के गुणधर्म तथा परीक्षा में पूछे जाने वाले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की विधि का अध्ययन करेंगे। टेक्नीशियन के कार्य में केबल की लंबाई, व्यास तथा क्षेत्रफल की गणना में वर्गमूल की आवश्यकता पड़ती है।
इस विधि में संख्या के अभाज्य गुणनखंड किए जाते हैं और सामान गुणनखंडों के जोड़े बनाए जाते हैं। प्रत्येक जोड़े में से एक गुणनखंड लेकर गुणा किया जाता है।
उदाहरण 1: 144 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
हल: 144 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 2² × 2² × 3²। जोड़े बनाने पर (2×2), (2×2), (3×3)। प्रत्येक जोड़े से एक लें — 2, 2, 3। गुणनफल = 2 × 2 × 3 = 12। अतः √144 = 12।
उदाहरण 2: 1764 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
हल: 1764 = 2² × 3² × 7²। प्रत्येक जोड़े से एक — 2, 3, 7। गुणनफल = 2 × 3 × 7 = 42। अतः √1764 = 42।
बड़ी संख्याओं के लिए भाग विधि (division method) का प्रयोग होता है। इसकी प्रक्रिया निम्न है — संख्या के अंकों को दाईं ओर से दो-दो के जोड़ों में बाँटें। बाएँ सबसे अगला जोड़ा या अकेला अंक लेकर ऐसी सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करें जिसका वर्ग उससे छोटा या बराबर हो। भागफल को दुगुना करके भाजक बनाएँ और अगला जोड़ा उतारें। इसी प्रक्रिया को दोहराते रहें।
उदाहरण 3: भाग विधि से 4489 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
हल: 44|89 → बाएँ 44, 6² = 36 ≤ 44। भागफल 6, शेष 8। भाजक = 2 × 6 = 12। 89 उतारने पर 889। 12 में अंक जोड़कर 127 × 7 = 889। अतः भागफल 67 है। √4489 = 67।
वर्गमूल में अंकों की संख्या: किसी पूर्ण वर्ग संख्या n अंकों वाली हो, तो उसके वर्गमूल में अंकों की संख्या n/2 (यदि n सम) या (n + 1)/2 (यदि n विषम) होती है। उदाहरण — 4489 में 4 अंक हैं, अतः वर्गमूल में 4/2 = 2 अंक होंगे।
दशमलव संख्या के वर्गमूल में अंकों के जोड़े दशमलव बिंदु के दोनों ओर से बनाए जाते हैं। भिन्न के वर्गमूल के लिए अंश और हर के अलग-अलग वर्गमूल लिए जाते हैं — √(a/b) = √a/√b।
उदाहरण 4: √(144/169) ज्ञात कीजिए।
हल: √144 = 12 तथा √169 = 13। अतः √(144/169) = 12/13।
उदाहरण 5: 0.0064 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
हल: 0.0064 = 64/10000। √64 = 8 तथा √10000 = 100। अतः √0.0064 = 8/100 = 0.08।
अनुमान विधि: किसी संख्या के वर्गमूल का अनुमान उसके निकटतम पूर्ण वर्गों से लगाया जाता है। उदाहरण के लिए √40, √36 = 6 और √49 = 7 के बीच है, अतः √40 ≈ 6.3।
| संख्या | वर्ग | वर्गमूल | संख्या | वर्ग | वर्गमूल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 1 | 1 | 11 | 121 | 3.32 |
| 2 | 4 | 1.41 | 12 | 144 | 3.46 |
| 3 | 9 | 1.73 | 13 | 169 | 3.61 |
| 4 | 16 | 2 | 14 | 196 | 3.74 |
| 5 | 25 | 2.24 | 15 | 225 | 3.87 |
| 6 | 36 | 2.45 | 16 | 256 | 4 |
| 7 | 49 | 2.65 | 17 | 289 | 4.12 |
| 8 | 64 | 2.83 | 18 | 324 | 4.24 |
| 9 | 81 | 3 | 19 | 361 | 4.36 |
| 10 | 100 | 3.16 | 20 | 400 | 4.47 |
| विधि | कब प्रयोग करें | उदाहरण |
|---|---|---|
| अभाज्य गुणनखंड | छोटी पूर्ण वर्ग संख्याएँ | √144 = 12 |
| भाग विधि | बड़ी संख्याएँ | √4489 = 67 |
| भिन्न विधि | √(a/b) = √a/√b | √(144/169) = 12/13 |
| अनुमान विधि | अनुमानित मान | √40 ≈ 6.3 |
flowchart TD
A[वर्गमूल] --> B[परिभाषा √b]
A --> C[विधियाँ]
A --> D[दशमलव और भिन्न]
A --> E[गुणधर्म]
C --> C1[अभाज्य गुणनखंड]
C --> C2[भाग विधि]
C --> C3[अनुमान विधि]
D --> D1[√(a/b) = √a/√b]
D --> D2[दशमलव में जोड़े बनाना]
E --> E1[√a × √a = a]
E --> E2[√(a × b) = √a × √b]
वर्गमूल गणित और इंजीनियरिंग दोनों की मूलभूत संक्रिया है। इस अध्याय में हमने अभाज्य गुणनखंड विधि, भाग विधि और अनुमान विधि से वर्गमूल ज्ञात करना सीखा। दशमलव और भिन्नों के वर्गमूल के नियमों को भी विस्तार से समझा। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में वर्गमूल के प्रश्न सीधे और सरलीकरण के माध्यम से दोनों रूपों में आते हैं। वर्ग-वर्गमूल की तालिका की मौखिक स्मृति तथा भाग विधि का अभ्यास परीक्षा में तीव्रता और सटीकता प्रदान करता है। यह अध्याय वर्गमूल आधारित मापन समस्याओं में टेक्नीशियन के दैनिक कार्य में भी सहायक है।