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संख्या पद्धति (Number Systems) — Notes

अध्याय 1: संख्या पद्धति (Number Systems)

1. संख्याओं के प्रकार (Types of Numbers)

संख्याओं का वर्गीकरण गणित का आधार है। आइए विभिन्न प्रकार की संख्याओं को समझें:

2. परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers - Q)

वह संख्या जिसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0 है, परिमेय संख्या कहलाती है।

दो संख्याओं (a और b) के बीच परिमेय संख्या ज्ञात करना:
विधि: (a + b) / 2

3. अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers)

वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता है, अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।

graph TD A[वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers)] --> B[परिमेय (Rational)] A --> C[अपरिमेय (Irrational)] B --> D[पूर्णांक (Integers)] D --> E[पूर्ण (Whole)] E --> F[प्राकृत (Natural)]

4. वास्तविक संख्याएँ और उनके दशमलव प्रसार (Real Numbers and their Decimal Expansions)

वास्तविक संख्या (Real Number) = परिमेय संख्याएँ + अपरिमेय संख्याएँ। संख्या रेखा (Number Line) पर प्रत्येक बिंदु एक अद्वितीय वास्तविक संख्या को निरूपित करता है।

संख्या का प्रकार दशमलव प्रसार (Decimal Expansion) उदाहरण
परिमेय (Rational) शांत (Terminating) 1/2 = 0.5, 7/8 = 0.875
परिमेय (Rational) असांत आवर्ती (Non-terminating Recurring) 1/3 = 0.333..., 1/7 = 0.142857...
अपरिमेय (Irrational) असांत अनावर्ती (Non-terminating Non-recurring) √2 = 1.41421356..., π = 3.14159265...

5. संख्या रेखा पर अपरिमेय संख्याओं का निरूपण (Representing Irrational Numbers on Number Line)

हम पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem: H² = P² + B²) का उपयोग करके संख्या रेखा पर √2, √3 आदि का स्थान निर्धारित कर सकते हैं।

√2 को निरूपित करना: 1. संख्या रेखा पर 0 से 1 इकाई की दूरी लें (O से A)। 2. A पर 1 इकाई का लंब (AB) बनाएँ। 3. O और B को मिलाएँ। समकोण त्रिभुज OAB में, OB² = OA² + AB² = 1² + 1² = 2। अतः OB = √2। 4. O को केंद्र मानकर और OB को त्रिज्या लेकर एक चाप (arc) खींचे जो संख्या रेखा को P पर काटे। बिंदु P, √2 को निरूपित करता है।

6. वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ (Operations on Real Numbers)

महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (Important Identities for positive real numbers a and b):

  1. √(ab) = √a * √b
  2. √(a/b) = √a / √b
  3. (√a + √b)(√a - √b) = a - b
  4. (a + √b)(a - √b) = a² - b
  5. (√a + √b)² = a + 2√(ab) + b

7. हर का परिमेयकरण (Rationalization of Denominator)

जब किसी भिन्न के हर (denominator) में वर्गमूल (square root) होता है, तो उसे परिमेय संख्या में बदलने की प्रक्रिया को 'हर का परिमेयकरण' कहते हैं।

उदाहरण: 1 / (√a + b) का परिमेयकरण करने के लिए, अंश और हर दोनों को (√a - b) से गुणा किया जाता है। 1 / (2 + √3) = (2 - √3) / ((2 + √3)(2 - √3)) = (2 - √3) / (4 - 3) = 2 - √3

8. घातांक नियम (Laws of Exponents for Real Numbers)

यदि a > 0 एक वास्तविक संख्या है और p, q परिमेय संख्याएँ हैं, तो:

  1. a^p * a^q = a^(p+q)
  2. (a^p)^q = a^(pq)
  3. a^p / a^q = a^(p-q)
  4. a^p * b^p = (ab)^p

नोट: a^(1/n) = n√a (a का n-वाँ मूल)।