विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (पदार्थ और परमाणु संरचना) अध्याय: 14.5 परमाणु और अणु विषय-वस्तु: परमाणु, अणु, परमाणुकता
पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना होता है। इनमें सबसे छोटा और मौलिक कण परमाणु (Atom) है, जबकि अणु (Molecule) दो या दो से अधिक परमाणुओं के समूह से बनता है। परमाणु और अणु की अवधारणा रसायन विज्ञान की नींव है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में परमाणु, अणु, परमाणुकता तथा आवोगाद्रो संख्या से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (1808) परमाणु की अवधारणा की आधारशिला है। डाल्टन ने बताया कि प्रत्येक तत्व के सूक्ष्म कण परमाणु होते हैं, सभी परमाणु समान होते हैं, परमाणुओं का निर्माण या विनाश नहीं होता तथा रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु पुनर्व्यवस्थित होते हैं। यद्यपि बाद में परमाणु को विभाजित करने योग्य सिद्ध किया गया, फिर भी रसायन विज्ञान की अनेक गणनाएँ इसी सिद्धांत पर आधारित हैं।
इस अध्याय में हम परमाणु और अणु की परिभाषा, अणु के प्रकार, परमाणुकता (Atomicity), परमाणु द्रव्यमान इकाई, आवोगाद्रो संख्या तथा मोल की अवधारणा को विस्तार से समझेंगे। ये अवधारणाएँ रासायनिक सूत्रों और गणनाओं को समझने के लिए अनिवार्य हैं।
परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है, जो किसी तत्व की रासायनिक पहचान बरकरार रखता है। परमाणु आगे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से बना होता है। परमाणु का आकार अत्यंत सूक्ष्म होता है; इसका अर्धव्यास लगभग 10^-10 मीटर की कोटि का होता है।
परमाणु की मुख्य विशेषताएँ:
परमाणु की अवधारणा का विकास:
हल किया गया उदाहरण 1: परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन क्यों होता है?
अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं के रासायनिक संयोजन से बना स्वतंत्र सत्ता है, जो किसी पदार्थ के गुणों को प्रदर्शित करती है। अणु किसी पदार्थ की वह न्यूनतम इकाई है जो उस पदार्थ के सभी गुणों को बरकरार रखती है।
अणुओं के प्रकार:
अणु के गुण:
हल किया गया उदाहरण 2: O2 और O3 में क्या अंतर है?
किसी अणु में उपस्थित परमाणुओं की कुल संख्या को परमाणुकता कहते हैं।
परमाणुकता के आधार पर अणुओं का वर्गीकरण:
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): किसी तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान है, जिसे amu या परमाणु द्रव्यमान इकाई में व्यक्त किया जाता है। परमाणु द्रव्यमान की तुलना कार्बन-12 (C-12) परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग से की जाती है।
आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass): किसी अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है। उदाहरण: जल (H2O) का आण्विक द्रव्यमान = 2 × 1 + 16 = 18 amu।
आवोगाद्रो संख्या (Avogadro's Number): किसी पदार्थ के एक मोल में कणों (परमाणु/अणु/आयन) की संख्या 6.022 × 10^23 होती है। इसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं। एक मोल का अर्थ है पदार्थ की वह मात्रा जिसमें आवोगाद्रो संख्या के बराबर कण हों।
हल किया गया उदाहरण 3: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (C = 12, O = 16)
| विशेषता | परमाणु | अणु |
|---|---|---|
| परिभाषा | तत्व का सबसे छोटा कण | परमाणुओं का समूह |
| गुण | तत्व की पहचान रखता है | पदार्थ के गुण दर्शाता है |
| विभाजन | परमाणु विभाजित हो सकता है | अणु को परमाणुओं में बाँटा जा सकता है |
| उदाहरण | H, O, Na | H2, O2, H2O |
| अणु | परमाणुकता | प्रकार |
|---|---|---|
| He, Ne, Ar | 1 | एकपरमाणुक |
| H2, O2, N2 | 2 | द्विपरमाणुक |
| O3, H2O, CO2 | 3 | त्रिपरमाणुक |
| P4, NH3 | 4 | चतुष्परमाणुक |
| S8, P4O10 | 5 से अधिक | बहुपरमाणुक |
flowchart TD
A[14.5 परमाणु और अणु] --> B[परमाणु]
A --> C[अणु]
A --> D[परमाणुकता]
A --> E[आवोगाद्रो संख्या]
B --> B1[इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन]
B --> B2[उदासीन]
C --> C1[तत्व के अणु]
C --> C2[यौगिक के अणु]
D --> D1[एकपरमाणुक]
D --> D2[द्विपरमाणुक]
D --> D3[त्रिपरमाणुक]
E --> E1[6.022 x 10^23]
E --> E2[मोल की अवधारणा]
परमाणु पदार्थ का सबसे छोटा कण है और अणु परमाणुओं के संयोजन से बनने वाली पदार्थ की सबसे छोटी स्वतंत्र इकाई है। तत्व के अणु समान परमाणुओं से तथा यौगिक के अणु भिन्न परमाणुओं से बनते हैं। अणु में परमाणुओं की संख्या को परमाणुकता कहते हैं। आवोगाद्रो संख्या (6.022 × 10^23) के आधार पर मोल की अवधारणा को समझा जा सकता है। इन अवधारणाओं की स्पष्ट समझ रासायनिक सूत्रों और गणनाओं के लिए आधारभूत है, जो रेलवे ग्रुप D परीक्षा के लिए आवश्यक है।