15.1 रासायनिक समीकरण Notes

15.1 रासायनिक समीकरण

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (अभिक्रियाएँ और रासायनिक गुण) अध्याय: 15.1 रासायनिक समीकरण विषय-वस्तु: संतुलित रासायनिक समीकरण

1. परिचय

रासायनिक अभिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ (अभिकारक) परस्पर क्रिया करके नए पदार्थ (उत्पाद) बनाते हैं। जब हम लोहे की कील को तांबे के सल्फेट के घोल में डालते हैं, तो घोल का रंग नीले से हरा हो जाता है और कील पर तांबे की परत जम जाती है – यह एक रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण है। रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थ का भौतिक रूप, रंग, गंध, अवस्था आदि बदल जाती है, तथा नए यौगिक का निर्माण होता है। ये बदलाव प्रायः गैस निकलने, अवक्षेप (ठोस कण) बनने, ऊष्मा या प्रकाश के निकलने से पहचाने जाते हैं।

रासायनिक समीकरण, रासायनिक अभिक्रिया को संक्षेप में प्रतीकों और सूत्रों के माध्यम से दर्शाने का वैज्ञानिक तरीका है। इसमें बाईं ओर अभिकारक तथा दाईं ओर उत्पाद लिखे जाते हैं, और दोनों पक्षों के बीच तीर (→) लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम का जलने पर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनना एक रासायनिक अभिक्रिया है, जिसे समीकरण Mg + O2 → MgO के रूप में लिखा जा सकता है। रासायनिक समीकरण हमें बताता है कि कौन-से पदार्थ आपस में अभिक्रिया करते हैं तथा क्या बनता है, परंतु यह केवल गुणात्मक जानकारी है।

किसी समीकरण को संतुलित बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह 'द्रव्यमान संरक्षण के नियम' पर आधारित है। इस नियम के अनुसार पदार्थ को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, अतः अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारक और उत्पाद दोनों पक्षों में समान होनी चाहिए। यदि दोनों पक्षों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो जाती है, तो उस समीकरण को 'संतुलित रासायनिक समीकरण' कहते हैं। RRB ग्रुप D की परीक्षा में असंतुलित समीकरण दिखाकर संतुलित रूप पूछा जाता है, इसलिए यह अध्याय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

2. रासायनिक अभिक्रिया और रासायनिक समीकरण के आधार

रासायनिक समीकरण को समझने के लिए कुछ आधारभूत बातें जानना आवश्यक हैं:

उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन गैस का ऑक्सीजन के साथ संयोग से जल बनना निम्न प्रकार दर्शाया जाता है: - असंतुलित समीकरण: H2 + O2 → H2O - संतुलित समीकरण: 2H2 + O2 → 2H2O

संतुलित समीकरण में '2' जैसी संख्याएँ 'स्टोइकियोमीट्रिक गुणांक' कहलाती हैं, जबकि किसी सूत्र के अंदर लिखी छोटी संख्याएँ (जैसे H2O में 2) सूचकांक (subscript) कहलाती हैं। सूचकांक को बदला नहीं जा सकता, केवल गुणांक जोड़े जाते हैं। अभिकारक या उत्पाद की भौतिक अवस्था को (s) ठोस, (l) द्रव, (g) गैस तथा (aq) जलीय घोल द्वारा दर्शाया जाता है, जैसे Zn(s) + H2SO4(aq) → ZnSO4(aq) + H2(g)। साथ ही अभिक्रिया में ऊष्मा का प्रभाव भी दिखाया जा सकता है; ऊष्मा निकालने वाली अभिक्रिया 'ऊष्माक्षेपी' तथा ऊष्मा लेने वाली अभिक्रिया 'ऊष्माशोषी' कहलाती है।

3. संतुलन के नियम और विधि

रासायनिक समीकरण को संतुलित करने का आधार 'द्रव्यमान संरक्षण का नियम' है, जिसे रसायनज्ञ एंटोनी लेवोज़िए ने दिया था। इस नियम के अनुसार अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है, अर्थात अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। इसी प्रकार परमाणुओं की संख्या भी संरक्षित रहती है। संतुलन की आरंभिक विधि में निम्न चरण अपनाए जाते हैं:

  1. अभिक्रिया को शब्दों में लिखें, फिर रासायनिक सूत्रों में परिवर्तित करें।
  2. दोनों पक्षों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या गिनें।
  3. जिस तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों पक्षों में सबसे अधिक बेमेल हो, उसे पहले संतुलित करें।
  4. तत्वों के सामने उपयुक्त गुणांक (पूर्ण संख्या) रखें, सूचकांक को न बदलें।
  5. अंत में सभी तत्वों की जाँच करें और यदि संभव हो तो गुणांकों को सरलतम पूर्ण संख्या में लाएँ।

इस विधि को 'ट्रायल एंड एरर' या 'हिट ऐंड ट्रायल' विधि भी कहते हैं। उदाहरण के लिए लोहे के जंग लगने की अभिक्रिया Fe + O2 → Fe2O3 को संतुलित करने के लिए Fe के सामने 4 तथा O2 के सामने 3 गुणांक रखने पर 4Fe + 3O2 → 2Fe2O3 प्राप्त होता है, जिसमें दोनों पक्षों में Fe के 4 और O के 6 परमाणु हैं। इसी प्रकार H2 + O2 → H2O में O को संतुलित करने के लिए जल के सामने 2 रखने पर H के परमाणु 2 बचते हैं, अतः 2H2 + O2 → 2H2O बनता है।

4. कार्य उदाहरण (Worked Examples)

उदाहरण 1: कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। समीकरण संतुलित कीजिए। - असंतुलित समीकरण: CaCO3 → CaO + CO2 - Ca की संख्या दोनों ओर 1, C की संख्या दोनों ओर 1 तथा O की संख्या अभिकारक में 3 और उत्पाद में 2+1 = 3 है। अतः समीकरण पहले से संतुलित है। - संतुलित समीकरण: CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g)

उदाहरण 2: जिंक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है। समीकरण संतुलित कीजिए। - असंतुलित समीकरण: Zn + HCl → ZnCl2 + H2 - HCl के सामने 2 रखने पर दोनों पक्षों में H के 2 तथा Cl के 2 परमाणु हो जाते हैं। - संतुलित समीकरण: Zn(s) + 2HCl(aq) → ZnCl2(aq) + H2(g)

उदाहरण 3: अमोनिया गैस के बनने की हैबर अभिक्रिया को संतुलित कीजिए। - असंतुलित समीकरण: N2 + H2 → NH3 - N को संतुलित करने के लिए NH3 के सामने 2 रखें, फिर H2 के सामने 3 रखने पर H के 6 परमाणु दोनों ओर हो जाते हैं। - संतुलित समीकरण: N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)

उदाहरण 4: पोटेशियम क्लोरेट को गर्म करने पर ऑक्सीजन गैस बनती है। - असंतुलित समीकरण: KClO3 → KCl + O2 - KClO3 के सामने 2 रखने पर O के 6 परमाणु बाईं ओर होते हैं, अतः O2 के सामने 3 रखने पर दाईं ओर भी 6 हो जाते हैं। - संतुलित समीकरण: 2KClO3(s) → 2KCl(s) + 3O2(g)

संतुलित समीकरण से हमें यह जानकारी भी मिलती है कि कितने मोल अभिकारक कितने मोल उत्पाद बनाते हैं। उदाहरण के लिए 2H2 + O2 → 2H2O से स्पष्ट है कि 2 मोल हाइड्रोजन और 1 मोल ऑक्सीजन से 2 मोल जल बनता है। परीक्षा में समीकरणों को संतुलित करने की विधि तथा असंतुलित समीकरण का सही संतुलित रूप चुनने वाले प्रश्न बहुधा पूछे जाते हैं।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

समीकरण असंतुलित रूप संतुलित रूप
हाइड्रोजन + ऑक्सीजन → जल H2 + O2 → H2O 2H2 + O2 → 2H2O
नाइट्रोजन + हाइड्रोजन → अमोनिया N2 + H2 → NH3 N2 + 3H2 → 2NH3
जिंक + HCl → जिंक क्लोराइड + H2 Zn + HCl → ZnCl2 + H2 Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2
कैल्शियम कार्बोनेट का ऊष्मीय अपघटन CaCO3 → CaO + CO2 CaCO3 → CaO + CO2
मैग्नीशियम का दहन Mg + O2 → MgO 2Mg + O2 → 2MgO

तालिका 2

अवधारणा विवरण उदाहरण
अभिकारक अभिक्रिया करने वाले पदार्थ Zn, H2SO4
उत्पाद बनने वाले पदार्थ ZnSO4, H2
गुणांक (Coefficient) सूत्र के सामने लिखी संख्या 2H2O में 2
सूचकांक (Subscript) सूत्र के अंदर लिखी संख्या H2O में 2
भौतिक अवस्था (s), (l), (g), (aq) CO2(g)

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[रासायनिक समीकरण] --> B[रासायनिक अभिक्रिया]
    A --> C[संतुलित समीकरण]
    A --> D[द्रव्यमान संरक्षण नियम]
    B --> E[अभिकारक बाएं]
    B --> F[उत्पाद दाएं]
    B --> G[तीर से जुड़े]
    C --> H[परमाणुओं की संख्या बराबर]
    C --> I[गुणांक जोड़ें]
    C --> J[सूचकांक न बदलें]
    D --> K[कुल द्रव्यमान स्थिर]
    D --> L[परमाणु संरक्षित]
    I --> M[2H2 + O2 से 2H2O]
    H --> N[ट्रायल एंड एरर विधि]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

असंतुलित से संतुलित समीकरण असंतुलित H2 + O2 → H2O O : 2 बनाम 1 परमाणु संतुलित 2H2 + O2 → 2H2O H:4 O:2 दोनों ओर संतुलन की विधि 1. सूत्र रूप में लिखिए 2. दोनों ओर परमाणु गिनिए 3. अधिकतम बेमेल तत्व पहले संतुलित कीजिए 4. गुणांक रखिए, सूचकांक नहीं बदलिए 5. अंतिम जाँच कीजिए स्वर्ण नियम संतुलन में कभी सूत्र बदलना नहीं, केवल गुणांक जोड़े जाते हैं।

ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी ऊष्मा बाहर निकलती है 2Mg + O2 → 2MgO + ऊष्मा दहन, जल-चूना अभिक्रिया ऊष्माशोषी ऊष्मा अवशोषित होती है CaCO3 + ऊष्मा → CaO + CO2 प्रायः अपघटन अभिक्रियाएँ द्रव्यमान संरक्षण का नियम अभिकारक द्रव्यमान = उत्पाद द्रव्यमान परमाणु न तो बनते हैं, न नष्ट होते हैं संतुलित समीकरण इसी पर टिका है स्वर्ण नियम दोनों पक्षों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होनी चाहिए।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. सूचकांक बदलना: विद्यार्थी अक्सर H2O को H2O2 जैसे बदल देते हैं; यह गलत है, केवल गुणांक जोड़ना चाहिए।
  2. केवल एक पक्ष संतुलित करना: कुछ विद्यार्थी केवल अभिकारक पक्ष का ध्यान रखते हैं और उत्पाद पक्ष की जाँच नहीं करते।
  3. भौतिक अवस्था न लिखना: संतुलित समीकरण के साथ (s), (l), (g), (aq) न लिखने पर अंक कटते हैं।
  4. गुणांक को भिन्न रखना: अंतिम उत्तर में गुणांक पूर्ण संख्या में होने चाहिए, जैसे O2 के स्थान पर 1/2O2 नहीं रखना चाहिए।
  5. ऊष्मा की दिशा गलत लिखना: ऊष्माक्षेपी में ऊष्मा उत्पाद पक्ष और ऊष्माशोषी में अभिकारक पक्ष लिखी जाती है, इसे उल्टा कर देना सामान्य भूल है।
  6. सरलतम रूप न लाना: जैसे 4H2 + 2O2 → 4H2O को 2H2 + O2 → 2H2O में सरल न करना गलत है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रश्न में दिए असंतुलित समीकरण को पहले कागज पर दोनों पक्षों के परमाणु गिनकर जाँचें।
  2. सबसे पहले उस तत्व को संतुलित करें जिसके परमाणु दोनों पक्षों में सबसे कम बराबर हैं।
  3. यदि विकल्पों में समीकरण दिए हों, तो प्रत्येक विकल्प में परमाणु गिनकर सही उत्तर खोजें।
  4. O2, H2, N2, Cl2 जैसी द्विपरमाणुक गैसों को तत्व रूप में याद रखें।
  5. संतुलन के बाद अंत में सभी तत्वों की एक बार पुनः जाँच अवश्य करें।

10. निष्कर्ष

रासायनिक समीकरण रासायनिक अभिक्रियाओं को समझने की भाषा है, और संतुलित समीकरण उस भाषा की शुद्ध वैज्ञानिक प्रस्तुति है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम पर आधारित यह विधि बताती है कि किसी भी अभिक्रिया में परमाणु केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं। गुणांक जोड़कर और सूचकांक बनाए रखते हुए किसी भी समीकरण को सही ढंग से संतुलित किया जा सकता है। इस अध्याय की पकड़ आगे की सभी अभिक्रिया-आधारित अवधारणाओं की नींव है, अतः संतुलन का अभ्यास नियमित रूप से करें और परीक्षा में समीकरण देखते ही परमाणु गिनने की आदत बनाएँ।