15.8 pH और लवण Notes

15.8 pH और लवण

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (अभिक्रियाएँ और रासायनिक गुण) अध्याय: 15.8 pH और लवण विषय-वस्तु: pH स्केल, लवण

1. परिचय

pH (पावर ऑफ हाइड्रोजन) किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन (H+) की सांद्रता को मापने का पैमाना है। pH का पूरा रूप 'पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन' है, जिसे सोरेन सोरेनसेन ने 1909 में प्रस्तुत किया था। pH स्केल 0 से 14 तक होता है। यदि किसी विलयन का pH 7 है तो वह उदासीन, 7 से कम है तो अम्लीय और 7 से अधिक है तो क्षारीय होता है। pH जितना कम होगा, अम्लता उतनी ही अधिक होगी। pH को इस सूत्र से व्यक्त किया जाता है: pH = -log[H+], जिसमें [H+] हाइड्रोजन आयन की मोलर सांद्रता है।

pH का उपयोग हमारे शरीर, खाद्य पदार्थों, मिट्टी तथा जल की गुणवत्ता जाँचने में होता है। मानव रक्त का pH लगभग 7.4 होता है, जो सामान्यतः हल्का क्षारीय है। आमाशय में पाचक रस का pH लगभग 1.2 से 3 होता है, जो अत्यधिक अम्लीय है। वर्षा जल का pH सामान्यतः 5.6 से 6.5 के बीच होता है, और pH 5.6 से कम होने पर उसे 'अम्ल वर्षा' कहा जाता है। pH पेपर या सार्वभौम सूचक की सहायता से pH का अनुमान लगाया जाता है।

लवण (Salt) वे यौगिक हैं जो अम्ल और क्षार के उदासीनीकरण से बनते हैं। जब किसी अम्ल की अभिक्रिया किसी क्षार के साथ होती है, तो लवण और जल बनते हैं, जैसे HCl + NaOH → NaCl + H2O। NaCl ही साधारण नमक है जिसका उपयोग हम भोजन में करते हैं। लवणों के अनेक प्रकार होते हैं, जिन्हें उनके निर्माण के अम्ल-क्षार के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। RRB ग्रुप D की परीक्षा में pH स्केल, प्रमुख pH मान, लवणों के नाम तथा उनके प्रकार से संबंधित प्रश्न बहुत पूछे जाते हैं।

2. pH स्केल और उसका महत्व

pH स्केल 0 से 14 तक की संख्याओं में विलयन की अम्लीयता या क्षारीयता दर्शाता है:

pH स्केल लघुगणकीय (logarithmic) है, अर्थात pH में 1 की कमी का अर्थ है H+ सांद्रता में 10 गुना वृद्धि। उदाहरण के लिए pH 3 का विलयन pH 4 के विलयन से 10 गुना अधिक अम्लीय होता है। pH मापने के प्रमुख उपाय:

प्रमुख pH मान जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं:

शरीर के कुछ अंगों में pH का नियंत्रण आवश्यक होता है। दाँतों की सड़न का कारण मुँह में अम्ल का बढ़ना है, जिससे रोकने के लिए टूथपेस्ट क्षारीय बनाया जाता है। पौधों की मिट्टी का उपयुक्त pH उनकी वृद्धि के लिए आवश्यक है, और अधिक अम्लीय मिट्टी में चूना डालकर pH बढ़ाया जाता है।

3. लवण का निर्माण और उसके प्रकार

अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से लवण और जल बनते हैं। यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है:

लवणों को निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर तीन भागों में बाँटा जाता है:

प्रमुख लवण और उनके रासायनिक सूत्र:

सोडियम क्लोराइड सबसे प्रचुर लवण है। इसके जलीय विलयन का विद्युत अपघटन करने पर क्लोरीन गैस तथा सोडियम हाइड्रॉक्साइड प्राप्त होते हैं, और शीतल संतृप्त विलयन से 'धोने का सोडा' (Na2CO3·10H2O) बनाया जाता है।

4. कार्य उदाहरण

उदाहरण 1: नींबू के रस और शुद्ध जल में से किसका pH कम होगा? - उत्तर: नींबू के रस का pH (लगभग 2) जल के pH (7) से कम होगा, क्योंकि नींबू अम्लीय है।

उदाहरण 2: किसी विलयन का pH 8.5 है। उसकी प्रकृति क्या है? - उत्तर: pH 7 से अधिक होने के कारण विलयन क्षारीय है।

उदाहरण 3: बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र लिखिए। - उत्तर: NaHCO3 (सोडियम बाइकार्बोनेट)। यह क्षारीय लवण है और रोटी तथा केक को फुलाने में उपयोग होता है।

उदाहरण 4: NH4Cl किस प्रकार का लवण है? - उत्तर: NH4Cl प्रबल अम्ल (HCl) और दुर्बल क्षार (NH4OH) से बना अम्लीय लवण है, इसलिए इसका घोल अम्लीय होता है।

उदाहरण 5: जिप्सम और प्लास्टर ऑफ पेरिस का संबंध बताइए। - उत्तर: जिप्सम (CaSO4·2H2O) को 373 K पर गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4·1/2H2O) बनता है, जिसका उपयोग भवन निर्माण और चिकित्सा में हड्डियों के ठीक करने में होता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

पदार्थ pH मान प्रकृति
आमाशय का अम्ल 1-3 अम्लीय
नींबू का रस लगभग 2 अम्लीय
सिरका लगभग 3 अम्लीय
शुद्ध जल 7 उदासीन
मानव रक्त लगभग 7.4 क्षारीय
साबुन का घोल लगभग 9-10 क्षारीय
NaOH का घोल 13-14 अत्यधिक क्षारीय

तालिका 2

लवण रासायनिक सूत्र उपयोग
साधारण नमक NaCl भोजन, परिरक्षण
बेकिंग सोडा NaHCO3 रोटी फुलाना, एंटासिड
धोने का सोडा Na2CO3·10H2O कपड़े धोना
जिप्सम CaSO4·2H2O निर्माण, प्लास्टर
नीला थोथा CuSO4·5H2O कवकनाशी
शोरा KNO3 बारूद, उर्वरक

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[pH और लवण] --> B[pH स्केल 0 से 14]
    A --> C[लवण]
    B --> B1[pH 7 से कम अम्लीय]
    B --> B2[pH 7 उदासीन]
    B --> B3[pH 7 से अधिक क्षारीय]
    B --> B4[pH = -log H+]
    C --> C1[अम्ल + क्षार → लवण + जल]
    C --> C2[उदासीन लवण NaCl]
    C --> C3[अम्लीय लवण NH4Cl]
    C --> C4[क्षारीय लवण Na2CO3]
    A --> D[महत्व]
    D --> D1[रक्त pH 7.4]
    D --> D2[आमाशय pH 1-3]
    D --> D3[अम्ल वर्षा pH 5.6 से कम]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

pH स्केल 0 से 14 अम्लीय 0 - 7 उदासीन 7 क्षारीय 7 - 14 नींबू pH 2 सिरका pH 3 जल pH 7 रक्त pH 7.4 NaOH pH 13 pH की विशेषताएँ pH = -log[H+] सूत्र से ज्ञात होता है pH में 1 की कमी = 10 गुना अधिक अम्ल pH पेपर और pH मीटर से मापा जाता है सोरेनसेन ने दिया अम्ल वर्षा: वर्षा जल का pH 5.6 से कम भवनों और फसलों को हानि पहुँचाती है स्वर्ण नियम pH 7 से कम अम्लीय, 7 पर उदासीन, 7 से अधिक क्षारीय।

लवण का निर्माण और प्रकार अम्ल HCl H+ आयन प्रबल अम्ल क्षार NaOH OH- आयन प्रबल क्षार + उदासीनीकरण HCl + NaOH → NaCl + H2O लवण + जल उदासीन लवण NaCl, KCl अम्लीय लवण NH4Cl क्षारीय लवण Na2CO3, NaHCO3 स्वर्ण नियम लवण की प्रकृति उसके अम्ल-क्षार की प्रबलता पर निर्भर करती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. pH के मान का उल्टा अर्थ: pH कम होने पर क्षारीयता बढ़ना बताना गलत है; कम pH का अर्थ अधिक अम्लता है।
  2. रक्त का pH: रक्त को अम्लीय (pH 7 से कम) बताना गलत है; रक्त का pH लगभग 7.4 होता है।
  3. बेकिंग सोडा का सूत्र: Na2CO3 को बेकिंग सोडा बताना गलत है; बेकिंग सोडा NaHCO3 है, Na2CO3 धोने का सोडा है।
  4. लवण का प्रकार: NH4Cl को क्षारीय लवण बताना गलत है; यह प्रबल अम्ल-दुर्बल क्षार से बना अम्लीय लवण है।
  5. जिप्सम-प्लास्टर में भ्रम: जिप्सम (CaSO4·2H2O) और प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4·1/2H2O) को एक ही मान लेना गलत है।
  6. pH स्केल की सीमा: pH केवल 0 से 14 तक होता है, इसे 0 से 100 मान लेना गलत है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. pH स्केल का नियम रटें: 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन, 7 से अधिक क्षारीय।
  2. प्रमुख pH मान याद रखें: आमाशय 1-3, नींबू 2, रक्त 7.4, NaOH 13-14।
  3. लवणों के सूत्र और नाम के जोड़े: बेकिंग सोडा-NaHCO3, धोने का सोडा-Na2CO3, जिप्सम-CaSO4·2H2O।
  4. अम्ल वर्षा का pH 5.6 से कम होता है, यह तथ्य बार-बार पूछा जाता है।
  5. उदासीनीकरण समीकरण HCl + NaOH → NaCl + H2O से लवण निर्माण का सिद्धांत समझें।

10. निष्कर्ष

pH स्केल किसी विलयन की अम्लीयता या क्षारीयता मापने का 0 से 14 तक का पैमाना है, जिसमें 7 उदासीनता का बिंदु है। pH की सहायता से हम शरीर के रक्त, आमाशय, मिट्टी, जल तथा खाद्य पदार्थों की प्रकृति समझते हैं। लवण अम्ल और क्षार के उदासीनीकरण से बनते हैं, और उनकी प्रकृति (उदासीन, अम्लीय, क्षारीय) अम्ल-क्षार की प्रबलता पर निर्भर करती है। NaCl, NaHCO3, Na2CO3, CaSO4·2H2O, CuSO4 जैसे लवणों के नाम, सूत्र और उपयोग परीक्षा की दृष्टि से आवश्यक हैं। pH के नियम और लवणों की तालिका याद रखने से इस अध्याय के प्रश्न सरलता से हल हो जाते हैं।