विषय: रेलवे ग्रुप D – भौतिकी (यांत्रिकी) अध्याय: 11.8 द्रव्यमान भार और मुक्त पतन विषय-वस्तु: द्रव्यमान, भार, मुक्त पतन
द्रव्यमान (mass) किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की कुल मात्रा है, जिसे किलोग्राम में मापा जाता है। द्रव्यमान वस्तु का मूलभूत गुण है जो स्थान बदलने पर भी नहीं बदलता; चाहे वस्तु पृथ्वी पर हो, चंद्रमा पर हो या अंतरिक्ष में, उसका द्रव्यमान समान ही रहता है। द्रव्यमान अदिश राशि है और इसमें केवल परिमाण होता है। दूसरी ओर भार (weight) वह बल है जिसके कारण पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है। भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण, अर्थात W = mg। भार सदिश राशि है, जिसकी दिशा पृथ्वी के केंद्र की ओर होती है और इसकी SI इकाई न्यूटन है।
भार स्थान के अनुसार बदलता है क्योंकि g का मान स्थान के अनुसार बदलता है। चंद्रमा पर g का मान पृथ्वी का लगभग छठा भाग होने के कारण किसी वस्तु का भार चंद्रमा पर पृथ्वी के भार का केवल छठा भाग हो जाता है, जबकि उसका द्रव्यमान वही रहता है। भार मापने के लिए स्प्रिंग बैलेंस (घड़ी बैलेंस) का प्रयोग होता है, जबकि द्रव्यमान मापने के लिए सामान तुला (कांटा) का। द्रव्यमान और भार के इस अंतर को समझना रेलवे ग्रुप D परीक्षा में अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इस पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुक्त पतन (free fall) वह स्थिति है जिसमें कोई वस्तु केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में गिरती है और उस पर कोई अन्य बल कार्य नहीं करता। मुक्त पतन में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं, चाहे उनका द्रव्यमान कुछ भी हो। अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्री भारहीनता (weightlessness) की स्थिति का अनुभव करते हैं, क्योंकि वहाँ वस्तुओं का भार शून्य प्रतीत होता है, यद्यपि द्रव्यमान वही रहता है। इस अध्याय में द्रव्यमान और भार का अंतर, मुक्त पतन और भारहीनता का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
द्रव्यमान और भार में गहरा संबंध होते हुए भी ये दोनों अलग-अलग राशियाँ हैं, और इनके अंतर को जानना परीक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है।
उदाहरण 1: एक वस्तु का द्रव्यमान 5 किलोग्राम है। पृथ्वी पर उसका भार ज्ञात कीजिए (g = 10 मी/से²)। हल: W = mg = 5 × 10 = 50 न्यूटन। उदाहरण 2: उसी वस्तु का चंद्रमा पर भार ज्ञात कीजिए। हल: चंद्रमा पर g ≈ 1.63 मी/से², W = 5 × 1.63 = 8.15 न्यूटन। द्रव्यमान दोनों स्थानों पर 5 किलोग्राम ही रहेगा। उदाहरण 3: एक वस्तु का भार पृथ्वी पर 60 न्यूटन है। उसका द्रव्यमान ज्ञात कीजिए (g = 10 मी/से²)। हल: m = W/g = 60/10 = 6 किलोग्राम।
मुक्त पतन में कोई वस्तु केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में नीचे गिरती है, जिसमें वायु प्रतिरोध जैसे अन्य बलों को नगण्य माना जाता है।
उदाहरण 4: एक पत्थर को 45 मीटर ऊँची चट्टान से गिराया जाता है। जमीन तक पहुँचने में कितना समय लगेगा? (g = 10 मी/से²) हल: h = ½gt² → 45 = ½ × 10 × t² → t² = 9 → t = 3 सेकंड। उदाहरण 5: एक गेंद 5 मी/से के वेग से ऊपर फेंकी जाती है (g = 10 मी/से²)। अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। हल: v² = u² − 2gh → 0 = 25 − 20h → h = 1.25 मीटर।
भारहीनता की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब किसी वस्तु पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है या सामान्य प्रतिक्रिया शून्य हो जाती है।
उदाहरण 6: 60 किलोग्राम द्रव्यमान के व्यक्ति का पृथ्वी पर भार ज्ञात कीजिए (g = 10 मी/से²)। हल: W = 60 × 10 = 600 न्यूटन। उदाहरण 7: चंद्रमा पर इस व्यक्ति का भार कितना होगा? हल: चंद्रमा पर g ≈ 1.63 मी/से², W = 60 × 1.63 = 97.8 न्यूटन, अर्थात पृथ्वी के भार का लगभग छठा भाग। द्रव्यमान 60 किलोग्राम ही रहेगा। उदाहरण 8: एक वस्तु 4 सेकंड में मुक्त रूप से गिरती है (g = 10 मी/से²)। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: v = gt = 10 × 4 = 40 मी/से।
| विशेषता | द्रव्यमान | भार |
|---|---|---|
| परिभाषा | पदार्थ की मात्रा | गुरुत्वाकर्षण बल |
| SI इकाई | किलोग्राम | न्यूटन |
| राशि का प्रकार | अदिश | सदिश |
| स्थान पर निर्भरता | नहीं | हाँ |
| मापने का उपकरण | सामान तुला | स्प्रिंग बैलेंस |
| सूत्र | — | W = mg |
| स्थिति | सूत्र |
|---|---|
| अंतिम वेग | v = gt |
| दूरी | h = ½gt² |
| वेग-ऊँचाई | v² = 2gh |
| ऊपर फेंकने पर अधिकतम ऊँचाई | h = u²/2g |
| चंद्रमा पर g | 1.63 मी/से² |
flowchart TD
A[द्रव्यमान भार मुक्त पतन] --> B[द्रव्यमान]
B --> C[पदार्थ की मात्रा]
B --> D[अदिश किलोग्राम]
A --> E[भार]
E --> F[W = mg]
E --> G[सदिश न्यूटन]
A --> H[मुक्त पतन]
H --> I[v = gt]
H --> J[h = ½gt²]
H --> K[सभी वस्तुएँ समान त्वरण]
A --> L[भारहीनता]
L --> M[द्रव्यमान वही रहता है]
L --> N[अंतरिक्ष यान में अनुभव]
A --> O[चंद्रमा पर भार 1/6]
द्रव्यमान वस्तु में पदार्थ की मात्रा है जो स्थान बदलने पर नहीं बदलती, जबकि भार W = mg द्वारा ज्ञात गुरुत्वाकर्षण बल है जो स्थान के अनुसार बदलता है। चंद्रमा पर भार पृथ्वी का छठा भाग हो जाता है, परंतु द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है। मुक्त पतन में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और अंतरिक्ष में भारहीनता का अनुभव होता है, यद्यपि द्रव्यमान वही रहता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में द्रव्यमान-भार का अंतर, मुक्त पतन के सूत्र और भारहीनता पर प्रश्न बार-बार आते हैं। इस अध्याय की स्पष्ट समझ गुरुत्वाकर्षण से आगे बढ़कर दाब, घनत्व और कार्य-ऊर्जा जैसे विषयों को समझने में भी सहायक होती है।