विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (समसामयिकी और पर्यावरण) अध्याय: 23.8 जैव विविधता और संरक्षण विषय-वस्तु: जैव विविधता, संरक्षण
जैव विविधता का अर्थ पृथ्वी पर पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की जीवित प्रजातियों, पारिस्थितिकी तंत्रों और आनुवंशिक विविधता से है। यह पौधों, जानवरों, सूक्ष्म जीवों एवं उनके पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखती है। भारत विश्व के सबसे जैव विविधता समृद्ध देशों में से एक है और इसे मेगा बायोडायवर्सिटी देश कहा जाता है।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड में जैव विविधता और संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें जैव विविधता के प्रकार, मेगा बायोडायवर्सिटी देश, संरक्षण के तरीके, राष्ट्रीय उद्यान, बायोस्फीयर रिजर्व, रामसर साइट तथा वन्य जीव संरक्षण से जुड़े तथ्य शामिल होते हैं। जैव विविधता की समझ परीक्षा में लाभदायक होती है।
इस अध्याय में हम जैव विविधता के प्रकार, भारत की जैव विविधता संपदा, संरक्षण के उपाय तथा प्रमुख संरक्षण क्षेत्रों एवं अभियानों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा उपयोगी तथ्यों को स्मरणीय तालिकाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
जैव विविधता मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:
जैव विविधता का महत्व:
मेगा बायोडायवर्सिटी देश:
विश्व में 17 मेगा बायोडायवर्सिटी देश हैं, जिनमें भारत भी शामिल है। अन्य देशों में ब्राजील, चीन, मैक्सिको, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, पेरू, कोलंबिया आदि शामिल हैं। ये देश विश्व की अधिकांश प्रजातियों का आवास हैं।
भारत में लगभग 7 से 8 प्रतिशत प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जबकि क्षेत्रफल विश्व का केवल 2.4 प्रतिशत है। भारत के चार प्रमुख जैव विविधता हॉटस्पॉट: पूर्वी हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा और सुंदालैंड।
भारत जैव विविधता में अत्यंत समृद्ध देश है:
प्रमुख संरक्षण क्षेत्र:
भारत के प्रमुख बायोस्फीयर रिजर्व:
भारत में रामसर साइटों की संख्या बढ़ रही है, जो आर्द्रभूमि संरक्षण का संकेत है। नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व है। सुंदरवन बाघ एवं मैंग्रोव के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रमुख उपाय:
प्रमुख संरक्षण अभियान:
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन:
भारत ने जैव विविधता अधिनियम 2002 बनाया है, जो जैविक संसाधनों के उपयोग को नियंत्रित करता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) पर्यावरणीय मामलों में न्याय देने के लिए बनाया गया है। जैव विविधता संरक्षण के लिए जागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है।
| जैव विविधता का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| आनुवंशिक विविधता | एक प्रजाति में भिन्नता | गेहूँ की किस्में |
| प्रजातीय विविधता | विभिन्न प्रजातियाँ | बाघ, शेर, हाथी |
| पारिस्थितिकी विविधता | विभिन्न तंत्र | वन, नदी, तालाब |
| संरक्षण क्षेत्र | प्रकार | विशेषता |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय उद्यान | इन-सीटू | जीव संरक्षण |
| अभयारण्य | इन-सीटू | जीव रक्षा |
| बायोस्फीयर रिजर्व | इन-सीटू | पूरा तंत्र |
| चिड़ियाघर | एक्स-सीटू | बाहरी संरक्षण |
| बीज बैंक | एक्स-सीटू | पौधों की रक्षा |
flowchart TD
A[जैव विविधता और संरक्षण] --> B[प्रकार]
A --> C[भारत की संपदा]
A --> D[संरक्षण]
A --> E[सम्मेलन]
B --> F[आनुवंशिक]
B --> G[प्रजातीय]
B --> H[पारिस्थितिकी]
C --> I[हॉटस्पॉट]
C --> J[रामसर साइट]
D --> K[इन-सीटू]
D --> L[एक्स-सीटू]
D --> M[प्रोजेक्ट टाइगर]
E --> N[CBD 1992]
I --> O[पश्चिमी घाट]
J --> P[आर्द्रभूमि]
K --> Q[राष्ट्रीय उद्यान]
L --> R[चिड़ियाघर]
जैव विविधता और संरक्षण रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड का महत्वपूर्ण विषय है। जैव विविधता के प्रकार, भारत की जैव विविधता संपदा, संरक्षण के उपाय और प्रमुख अभियानों की जानकारी परीक्षा में निश्चित अंक दिलाती है। संरक्षण क्षेत्रों, अभियानों के वर्ष और हॉटस्पॉट की स्मरणीय तालिकाओं के नियमित अभ्यास से इस विषय में महारत हासिल की जा सकती है।