12.9 अपवर्तन और लेंस Notes

12.9 अपवर्तन और लेंस

विषय: रेलवे ग्रुप D – भौतिकी (ऊष्मा ध्वनि और प्रकाश) अध्याय: 12.9 अपवर्तन और लेंस विषय-वस्तु: अपवर्तन, लेंस सूत्र

1. परिचय

जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी दिशा बदल जाती है। प्रकाश के इस झुकने को अपवर्तन (refraction) कहते हैं। अपवर्तन का कारण यह है कि प्रकाश की गति विभिन्न माध्यमों में अलग-अलग होती है। जब प्रकाश विरल माध्यम (जैसे वायु) से सघन माध्यम (जैसे जल या काँच) में जाता है, तो उसकी गति घट जाती है और वह अभिलंब की ओर झुकता है। इसके विपरीत, सघन से विरल माध्यम में जाने पर प्रकाश अभिलंब से दूर झुकता है। पानी में आधी डूबी छड़ टेढ़ी दिखना, तालाब का पानी कम गहरा दिखना और तारों का टिमटिमाना – ये सभी अपवर्तन के उदाहरण हैं।

अपवर्तन का अध्ययन करने के लिए अपवर्तनांक (refractive index) का उपयोग होता है, जो किसी माध्यम में प्रकाश की गति और निर्वात में प्रकाश की गति के अनुपात को दर्शाता है। स्नेल का नियम बताता है कि आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात स्थिर रहता है, जिसे अपवर्तनांक कहते हैं। वायु में प्रकाश की गति लगभग 3 × 10⁸ मीटर प्रति सेकंड है। काँच का अपवर्तनांक लगभग 1.5 और जल का लगभग 1.33 होता है। अपवर्तनांक जितना अधिक होगा, प्रकाश की गति उतनी ही कम होगी।

लेंस (lens) पारदर्शी पदार्थ से बनी ऐसी वस्तु है जो प्रकाश के अपवर्तन से प्रतिबिम्ब बनाती है। लेंस दो प्रकार के होते हैं – उत्तल (convex) लेंस जो अभिसारी होता है और अवतल (concave) लेंस जो अपसारी होता है। लेंस के लिए लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u और शक्ति का सूत्र P = 1/f (डायोप्टर में) होता है। उत्तल लेंस का उपयोग चश्मा, सूक्ष्मदर्शी और दूरबीन में होता है, जबकि अवतल लेंस निकट दृष्टि दोष के चश्मे में। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में अपवर्तन, अपवर्तनांक और लेंस सूत्र पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

2. अपवर्तन और अपवर्तनांक

अपवर्तन की अवधारणा और अपवर्तनांक की गणना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

उदाहरण 1: आपतन कोण 30 डिग्री और अपवर्तन कोण 20 डिग्री है। अपवर्तनांक ज्ञात कीजिए (sin30 = 0.5, sin20 ≈ 0.34)। हल: n = sin30/sin20 = 0.5/0.34 ≈ 1.47। उदाहरण 2: काँच में प्रकाश की गति ज्ञात कीजिए, यदि काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। हल: v = c/n = (3 × 10⁸)/1.5 = 2 × 10⁸ मी/से।

3. लेंस के प्रकार और लेंस सूत्र

लेंस के दो मुख्य प्रकार होते हैं और इनके लिए विशिष्ट सूत्र लागू होते हैं।

उदाहरण 3: 15 सेंटीमीटर फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस में वस्तु 30 सेंटीमीटर दूर रखी है। प्रतिबिम्ब की दूरी ज्ञात कीजिए। हल: 1/f = 1/v − 1/u → 1/15 = 1/v − 1/(−30) → 1/v = 1/15 − 1/30 = 1/30 → v = 30 सेंटीमीटर। उदाहरण 4: 20 सेंटीमीटर फोकस दूरी वाले लेंस की शक्ति ज्ञात कीजिए। हल: f = 20 सेमी = 0.2 मीटर; P = 1/0.2 = 5 डायोप्टर।

4. लेंसों के उपयोग और संख्यात्मक उदाहरण

लेंसों के व्यावहारिक उपयोग और अधिक गणनाएँ परीक्षा के लिए आवश्यक हैं।

उदाहरण 5: 10 सेंटीमीटर फोकस दूरी वाले अवतल लेंस में वस्तु 20 सेंटीमीटर दूर रखी है। प्रतिबिम्ब की दूरी ज्ञात कीजिए। हल: 1/(−10) = 1/v − 1/(−20) → 1/v = −1/10 − 1/20 = −3/20 → v = −6.67 सेंटीमीटर (आभासी प्रतिबिम्ब)। उदाहरण 6: एक उत्तल लेंस की शक्ति 2 डायोप्टर है। फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। हल: f = 1/P = 1/2 = 0.5 मीटर = 50 सेंटीमीटर।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: उत्तल और अवतल लेंस की तुलना

विशेषता उत्तल लेंस अवतल लेंस
आकृति बीच मोटा बीच पतला
प्रकार अभिसारी अपसारी
फोकस दूरी धनात्मक ऋणात्मक
प्रतिबिम्ब वास्तविक/आभासी आभासी, सीधा, छोटा
उपयोग आवर्धक, चश्मा निकट दृष्टि चश्मा

तालिका 2: लेंस के सूत्र

सूत्र रूप
लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u
आवर्धन m = v/u
शक्ति P = 1/f (मीटर में)
अपवर्तनांक n = sin i / sin r

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[अपवर्तन और लेंस] --> B[अपवर्तन]
    B --> C[स्नेल नियम]
    B --> D[अपवर्तनांक n = c/v]
    A --> E[लेंस]
    E --> F[उत्तल लेंस]
    E --> G[अवतल लेंस]
    F --> H[अभिसारी धनात्मक]
    G --> I[अपसारी ऋणात्मक]
    A --> J[लेंस सूत्र]
    J --> K[1/f = 1/v - 1/u]
    A --> L[शक्ति]
    L --> M[P = 1/f डायोप्टर]
    A --> N[अपवर्तनांक मान]
    N --> O[काँच 1.5 जल 1.33]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

अपवर्तन: विरल से सघन माध्यम वायु (विरल) जल/काँच (सघन) अभिलंब आपतित किरण अपवर्तित किरण सघन माध्यम में प्रकाश अभिलंब की ओर झुकता है स्वर्ण नियम: सघन माध्यम में प्रकाश की गति घटती है और वह अभिलंब की ओर झुकता है; n = sin i / sin r। काँच का अपवर्तनांक ≈ 1.5, जल का ≈ 1.33

उत्तल लेंस: अभिसारी लेंस उत्तल लेंस फोकस पर मिलती हैं स्वर्ण नियम: लेंस सूत्र 1/f = 1/v - 1/u और शक्ति P = 1/f (डायोप्टर) याद रखें। उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक, अवतल की ऋणात्मक होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. अपवर्तन में प्रकाश की गति में कोई परिवर्तन नहीं होता, यह गलत है; माध्यम बदलने पर गति बदलती है।
  2. सघन माध्यम में प्रकाश अभिलंब से दूर झुकता है, यह गलत है; वह अभिलंब की ओर झुकता है।
  3. उत्तल लेंस को अपसारी और अवतल को अभिसारी बता दिया जाता है; वास्तव में उत्तल अभिसारी है।
  4. लेंस सूत्र में 1/v − 1/u के स्थान पर 1/v + 1/u लिख दिया जाता है; सही सूत्र 1/f = 1/v − 1/u है।
  5. शक्ति की इकाई को जूल लिख दिया जाता है; शक्ति की इकाई डायोप्टर है।
  6. अवतल लेंस का प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है, यह गलत है; वह सदैव आभासी होता है।
  7. काँच का अपवर्तनांक 1.33 और जल का 1.5 मान लिया जाता है; वास्तव में काँच 1.5 और जल 1.33 है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. अपवर्तनांक के मान याद रखें: वायु 1, जल 1.33, काँच 1.5, हीरा 2.42।
  2. लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u का अभ्यास करें; u सदैव ऋणात्मक लें।
  3. शक्ति P = 1/f (f मीटर में) से डायोप्टर में उत्तर निकालें।
  4. उत्तल = अभिसारी, धनात्मक; अवतल = अपसारी, ऋणात्मक।
  5. स्नेल नियम n = sin i/sin r कंठस्थ रखें।
  6. प्रकाश की गति = c/n से माध्यम में गति ज्ञात करें; c = 3 × 10⁸ मी/से।
  7. आवर्धन m = v/u याद रखें, उत्तल लेंस आवर्धक होता है।

10. निष्कर्ष

अपवर्तन प्रकाश का माध्यम बदलने पर झुकना है, जो स्नेल के नियम से नियंत्रित होता है, और अपवर्तनांक प्रकाश की गति के अनुपात को दर्शाता है। लेंस पारदर्शी पदार्थ के टुकड़े होते हैं जो अपवर्तन से प्रतिबिम्ब बनाते हैं; उत्तल लेंस अभिसारी और अवतल लेंस अपसारी होता है। लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u, आवर्धन m = v/u और शक्ति P = 1/f संख्यात्मक प्रश्नों के आधार हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में अपवर्तन, अपवर्तनांक, लेंस के प्रकार और लेंस सूत्र पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय की समझ मानव नेत्र और प्रकाशीय उपकरणों के अध्याय का आधार बनती है।