7.3 संख्या कूटलेखन Notes

7.3 संख्या कूटलेखन

विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (कूटलेखन और वर्गीकरण) अध्याय: 7.3 संख्या कूटलेखन विषय-वस्तु: संख्याओं से कूट, स्थिति मान

1. परिचय

संख्या कूटलेखन (Number Coding) में शब्दों को संख्याओं में या संख्याओं को शब्दों में बदला जाता है। इसका आधार प्रायः अक्षरों के स्थानीय मान होते हैं, परंतु कभी-कभी संख्याओं पर गणितीय संक्रियाएँ भी की जाती हैं। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में इस अध्याय से ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें सीधे स्थानीय मान, विपरीत मान या संख्या-गणित का प्रयोग होता है।

इस अध्याय में हम देखेंगे कि किस प्रकार किसी शब्द के अक्षरों को उनके स्थानीय मानों से बदलकर संख्या कूट बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि "CAT" का कूट "3-1-20" है, तो इसका अर्थ है C का स्थानीय मान 3, A का 1 और T का 20। इसी प्रकार कभी विपरीत स्थानीय मान से कूट बनाया जाता है, जिसमें A का 26, B का 25 आदि होता है।

संख्या कूटलेखन की विशेषता यह है कि इसमें कुछ प्रश्न उलटे भी पूछे जाते हैं, अर्थात् दिए गए संख्या कूट से शब्द को पहचानना होता है। ऐसे प्रश्नों में स्थानीय मानों को याद रखना आवश्यक हो जाता है। यदि अभ्यर्थी को अक्षरों के स्थानीय मान की तालिका कंठस्थ है, तो संख्या कूटलेखन के अधिकांश प्रश्न कुछ ही सेकंड में हल हो जाते हैं।

2. अक्षरों के स्थानीय मान से संख्या कूट

अक्षरों के स्थानीय मान (Position Value) से संख्या कूट बनाना इस अध्याय का सबसे सरल और सामान्य तरीका है। इस विधि में प्रत्येक अक्षर को उसके क्रमांक में बदल दिया जाता है।

इस विधि के प्रश्नों में दिए गए उदाहरण से यह पहचानना आवश्यक है कि कूट सीधे स्थानीय मान से बना है या योग या अंक-योग से। उदाहरण के लिए, यदि "PEN" का कूट "16-5-14" है तो यह सीधा स्थानीय मान है, जबकि यदि "PEN" का कूट "35" है, तो 16+5+14=35, अर्थात् योग विधि प्रयुक्त हुई है।

हल किया हुआ उदाहरण 1

प्रश्न: यदि "SUN" का कूट "19-21-14" है, तो "TEA" का कूट ज्ञात कीजिए।

हल: - SUN: S=19, U=21, N=14। अतः कूट सीधा स्थानीय मान है। - TEA: T=20, E=5, A=1 - उत्तर: 20-5-1

हल किया हुआ उदाहरण 2

प्रश्न: यदि "DOG" का कूट 26 है, तो "CAT" का कूट क्या होगा?

हल: - DOG के अक्षरों के स्थानीय मान: D=4, O=15, G=7; योग = 4+15+7 = 26 - अतः नियम है स्थानीय मानों का योग। - CAT के स्थानीय मान: C=3, A=1, T=20; योग = 3+1+20 = 24 - उत्तर: 24

3. विपरीत स्थानीय मान से संख्या कूट

विपरीत स्थानीय मान (Reverse Position Value) का प्रयोग करके कूट बनाने में अक्षर को 27 में से घटाकर प्राप्त मान लिखा जाता है। इस विधि में A=26, B=25, C=24 से लेकर Z=1 तक के मान प्रयुक्त होते हैं।

विपरीत स्थानीय मान के प्रश्नों में सबसे बड़ी गलती अभ्यर्थी अग्र और विपरीत मानों को मिलाने की करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि "LION" का कूट "12-18-12-13" है, तो इसे देखकर तुरंत कहा जा सकता है कि यहाँ विपरीत मान का प्रयोग नहीं हुआ है, क्योंकि L का विपरीत मान 15 होता है। इसलिए हमेशा दिए गए उदाहरण से नियम सिद्ध करें।

हल किया हुआ उदाहरण 3

प्रश्न: यदि "MAD" का कूट "14-26-23" है, तो "CAT" का कूट ज्ञात कीजिए।

हल: - MAD के अक्षर: M=13, A=1, D=4 - दिया गया कूट: 14-26-23। अतः M का विपरीत मान 27-13=14, A का 27-1=26, D का 27-4=23 - नियम: विपरीत स्थानीय मान। - CAT: C का विपरीत 27-3=24, A का 26, T का 27-20=7 - उत्तर: 24-26-7

हल किया हुआ उदाहरण 4

प्रश्न: यदि "BOOK" को "2-12-12-16" लिखा जाए, तो "PEN" का कूट ज्ञात कीजिए।

हल: - BOOK के अक्षर: B=2, O=15, O=15, K=11 - दिया गया कूट: 2-12-12-16। अतः B तो वैसा ही है, परंतु O का 12 और K का 16 है। - O का विपरीत 27-15=12, K का विपरीत 27-11=16। परंतु B का विपरीत 25 होना चाहिए था, दिया है 2। - अतः नियम स्पष्ट नहीं है; इसका तात्पर्य है कि यहाँ मिश्रित नियम है। B का अग्र मान 2 और O, K का विपरीत मान। परंतु सरलता के लिए हम मान सकते हैं कि नियम अक्षरों के विपरीत मान का है। - PEN: P का विपरीत 27-16=11, E का 27-5=22, N का 27-14=13 - उत्तर: 11-22-13

4. गणितीय संक्रियाओं के साथ संख्या कूट

संख्या कूटलेखन में कभी-कभी स्थानीय मानों पर गणितीय संक्रियाएँ की जाती हैं। इन संक्रियाओं में जोड़, घटाव, गुणा और भाग शामिल हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए दिए गए उदाहरण का गहन विश्लेषण करना पड़ता है।

गणितीय संक्रियाओं के प्रश्नों में सबसे अधिक सावधानी संक्रिया के क्रम पर रखनी चाहिए। जैसे कुछ प्रश्नों में पहले गुणा फिर जोड़ होता है और कुछ में पहले जोड़ फिर गुणा। दिए गए उदाहरण में दोनों क्रमों की जाँच करके ही सही नियम का चयन करें।

हल किया हुआ उदाहरण 5

प्रश्न: यदि "GO" का कूट "10-18" है, तो "NO" का कूट ज्ञात कीजिए।

हल: - G=7, O=15। दिया गया कूट 10-18 है। अतः 7+3=10 और 15+3=18। नियम है स्थानीय मान में +3। - NO: N=14, O=15। 14+3=17, 15+3=18 - उत्तर: 17-18

हल किया हुआ उदाहरण 6

प्रश्न: यदि "BAT" का कूट "4-2-40" है, तो "CAT" का कूट ज्ञात कीजिए।

हल: - BAT के अक्षर: B=2, A=1, T=20 - दिया गया कूट: 4-2-40। अतः B का 4 (गुणा 2), A का 2 (गुणा 2), T का 40 (गुणा 2) - नियम: स्थानीय मान को 2 से गुणा करना। - CAT: C=3 गुणा 2 = 6, A=1 गुणा 2 = 2, T=20 गुणा 2 = 40 - उत्तर: 6-2-40

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: स्थानीय मान और विपरीत मान

अक्षर अग्र मान विपरीत मान अक्षर अग्र मान विपरीत मान
A 1 26 N 14 13
B 2 25 O 15 12
C 3 24 P 16 11
D 4 23 Q 17 10
E 5 22 R 18 9
F 6 21 S 19 8
G 7 20 T 20 7
H 8 19 U 21 6
I 9 18 V 22 5
J 10 17 W 23 4
K 11 16 X 24 3
L 12 15 Y 25 2
M 13 14 Z 26 1

तालिका 2: शब्दों के स्थानीय मानों का योग

शब्द अक्षरों के मान कुल योग
CAT 3+1+20 24
DOG 4+15+7 26
SUN 19+21+14 54
PEN 16+5+14 35
BAT 2+1+20 23
GO 7+15 22

महत्वपूर्ण: अंक योग में स्थानीय मान को एक अंक में बदलने के लिए अंकों को बार-बार जोड़ा जाता है। जैसे 19 → 1+9=10 → 1+0=1।

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[7.3 संख्या कूटलेखन] --> B[अग्र स्थानीय मान]
    A --> C[विपरीत स्थानीय मान]
    A --> D[गणितीय संक्रियाएँ]
    B --> B1[सीधा कूट]
    B --> B2[योग विधि]
    B --> B3[अंक योग]
    C --> C1[सूत्र 27 - मान]
    D --> D1[जोड़-घटाव]
    D --> D2[गुणा-भाग]
    D --> D3[संयुक्त संक्रिया]
    B2 --> E[सभी मान जोड़ें]
    B3 --> F[एक अंक में बदलें]
    E --> G[कूट ज्ञात करें]
    C1 --> G
    D3 --> G

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

संख्या कूटलेखन: स्थानीय मान विधि शब्द CAT का कूट स्थानीय मान से C मान 3 A मान 1 T मान 20 - - 3 1 20 - - CAT का कूट = 3-1-20 यदि योग माँगा जाए तो 3+1+20 = 24 स्वर्ण नियम सबसे पहले जाँचें कि कूट सीधा मान है, योग है या विपरीत मान है।

विपरीत स्थानीय मान कूट सूत्र: विपरीत मान = 27 - अग्र मान M अग्र मान 13 - 27 कुल मान = 14 विपरीत मान M का कूट = 14 उदाहरण: यदि MAD का कूट 14-26-23 है, तो CAT का कूट C=24, A=26, T=7 अर्थात् 24-26-7 अग्र मान + विपरीत मान = 27 सदैव जाँच: 13 + 14 = 27 सही स्वर्ण नियम विपरीत मान के लिए 27 का प्रयोग करें, 26 का नहीं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. विपरीत स्थानीय मान निकालते समय 27 की जगह 26 घटा देना, जैसे A का विपरीत मान 26 की बजाय 25 निकालना।
  2. कूट में स्थानीय मानों का योग लिखा हो और अभ्यर्थी अलग-अलग मानों का कूट मान ले, या इसका उल्टा।
  3. अंक योग (जैसे 19 को 1+9=10, फिर 1+0=1) करने के बाद उत्तर एक अंक में न लिखकर मध्यवर्ती मान छोड़ देना।
  4. विपरीत मान को अग्र मान समझ लेना; बड़ी संख्याएँ (25, 23) दिखते ही भ्रमित हो जाना।
  5. गणितीय संक्रिया के क्रम की अनदेखी; पहले जोड़-फिर-गुणा और पहले-गुणा-फिर-जोड़ में अंतर नहीं पहचानना।
  6. शब्द और कूट के बीच क्रम परिवर्तन (जैसे संख्या उल्टा लिखना) पर ध्यान न देना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. A से Z तक के स्थानीय मानों की पूरी तालिका और उनके विपरीत मान कंठस्थ करें, यही इस अध्याय का आधार है।
  2. प्रश्न में दिए गए उदाहरण से पहले नियम सिद्ध करें; सीधे मान, योग या विपरीत मान का पता लगाएँ।
  3. यदि कूट में दो अंकों की संख्या (जैसे 18, 25) दिखे, तो विपरीत मान या दो अंकीय स्थानीय मान पर विचार करें।
  4. योग-विधि के प्रश्न में सभी मानों को जोड़ने के बाद ही अंतिम उत्तर लिखें, बीच में न रुकें।
  5. विकल्पों की सहायता लें; दो विकल्पों के बीच संदेह हो तो दिए गए उदाहरण पर पुनः नियम जाँचें।
  6. अभ्यास के लिए प्रतिदिन 10 से 15 संख्या कूट प्रश्न हल करें ताकि सभी प्रकार के नियमों की पहचान हो सके।

10. निष्कर्ष

संख्या कूटलेखन अक्षरों के स्थानीय मानों और उन पर आधारित गणितीय संक्रियाओं की समझ पर निर्भर करता है। अग्र मान, विपरीत मान, योग विधि और अंक योग इसके चार मुख्य स्तंभ हैं। दिए गए उदाहरण का विश्लेषण करके नियम निकालना और उसे सही क्रम में लागू करना ही सफलता की कुंजी है। इस अध्याय में हमने संख्याओं से कूट बनाने और कूट से शब्द पहचानने की विधियों को उदाहरणों सहित सीखा। नियमित अभ्यास, तालिकाओं की पुनरावृत्ति और सामान्य गलतियों से बचकर अभ्यर्थी ग्रुप D परीक्षा में इस अध्याय के प्रश्नों को आसानी से हल कर सकता है।