22.1 भारतीय अर्थव्यवस्था Notes

22.1 भारतीय अर्थव्यवस्था

विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान) अध्याय: 22.1 भारतीय अर्थव्यवस्था विषय-वस्तु: GDP, आर्थिक क्षेत्र

1. परिचय

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह नाममात्र जीडीपी के आधार पर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत ने कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से औद्योगिक एवं सेवा आधारित अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ाया है। 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।

रेलवे ग्रुप D परीक्षा में अर्थव्यवस्था से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में राष्ट्रीय आय, जीडीपी, जीएनपी, एनएनपी, आर्थिक क्षेत्रों का वर्गीकरण तथा योजना आयोग और नीति आयोग से संबंधित तथ्य शामिल होते हैं। इन अवधारणाओं की स्पष्ट समझ उम्मीदवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़त दिलाती है।

इस अध्याय में हम राष्ट्रीय आय के मापन, आर्थिक क्षेत्रों के वर्गीकरण, योजनाओं तथा प्रमुख आर्थिक संस्थानों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे। साथ ही परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्यों और संख्याओं को भी जानेंगे।

2. राष्ट्रीय आय और GDP

राष्ट्रीय आय किसी देश की अर्थव्यवस्था की सेहत को दर्शाने वाला सबसे महत्वपूर्ण मापक है। इसे विभिन्न सूचकांकों के माध्यम से मापा जाता है:

राष्ट्रीय आय को मापने की तीन विधियाँ प्रचलित हैं:

  1. उत्पादन विधि: देश में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य जोड़ा जाता है।
  2. आय विधि: विभिन्न उत्पादन कारकों अर्थात श्रम, पूंजी, भूमि एवं उद्यम को प्राप्त आय को जोड़ा जाता है।
  3. व्यय विधि: कुल व्यय को जोड़ा जाता है। व्यय में निजी उपभोग व्यय, सरकारी व्यय, सकल पूंजी निर्माण तथा शुद्ध निर्यात शामिल होते हैं।

भारत में राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाने का कार्य केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) करता है, जो अब सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन है। आधार वर्ष के रूप में वर्तमान में वर्ष 2011-12 को अपनाया गया है। GDP के संदर्भ में भारत की तुलना आमतौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से की जाती है।

3. आर्थिक क्षेत्र

भारतीय अर्थव्यवस्था को उत्पादन के स्वरूप के आधार पर तीन मुख्य क्षेत्रों में विभाजित किया गया है:

प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र मिलकर वस्तु क्षेत्र कहलाते हैं, जबकि तृतीयक क्षेत्र को सेवा क्षेत्र कहते हैं। आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है, जो GDP में लगभग 50 से 60 प्रतिशत का योगदान देता है। हालाँकि रोजगार के मामले में अभी भी कृषि क्षेत्र सबसे बड़ा है।

अन्य प्रमुख तथ्य:

4. योजना आयोग, नीति आयोग और आर्थिक सुधार

योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को की गई थी। इसका प्रथम अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे। योजना आयोग ने अर्थव्यवस्था में पंचवर्षीय योजनाओं का संचालन किया। भारत में कुल 12 पंचवर्षीय योजनाएँ चलाई गईं, जिनमें से प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) में कृषि पर विशेष बल दिया गया। द्वितीय पंचवर्षीय योजना में औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया, जिसका मॉडल पीसी महालनोबिस द्वारा तैयार किया गया था।

1 जनवरी 2015 को योजना आयोग का स्थान नीति आयोग (NITI Aayog) ने ले लिया। नीति आयोग का गठन एक नीति थिंक टैंक के रूप में किया गया है। इसका अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है। नीति आयोग ने विकास के लिए विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण पर कार्य किया।

1991 के आर्थिक सुधारों के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख नीतियाँ अपनाई गईं:

  1. उदारीकरण: लाइसेंस राज की समाप्ति, आयात-निर्यात में ढील।
  2. निजीकरण: सार्वजनिक क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना।
  3. वैश्वीकरण: विदेशी निवेश को बढ़ावा देना तथा अर्थव्यवस्था को विश्व से जोड़ना।

अन्य महत्वपूर्ण संस्थान जैसे भारतीय रिजर्व बैंक (1935), भारतीय स्टेट बैंक (1955) तथा विश्व बैंक की भारत में भूमिका भी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत की अर्थव्यवस्था को मिश्रित अर्थव्यवस्था कहा जाता है क्योंकि इसमें सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्रों का योगदान है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

सूचकांक सूत्र अर्थ
GDP C + I + G + (X - M) देश की सीमा में कुल अंतिम उत्पादन
GNP GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय राष्ट्रीय उत्पादन
NNP GNP - मूल्यह्रास शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादन
NDP GDP - मूल्यह्रास शुद्ध घरेलू उत्पादन
राष्ट्रीय आय साधन लागत पर NNP कारक आय का योग

तालिका 2

क्षेत्र मुख्य गतिविधियाँ GDP योगदान
प्राथमिक कृषि, खनन, मत्स्य सबसे अधिक रोजगार
द्वितीयक विनिर्माण, निर्माण मध्यम
तृतीयक बैंकिंग, परिवहन, पर्यटन सर्वाधिक GDP योगदान

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[भारतीय अर्थव्यवस्था] --> B[राष्ट्रीय आय]
    A --> C[आर्थिक क्षेत्र]
    A --> D[योजना और सुधार]
    B --> E[GDP]
    B --> F[GNP]
    B --> G[NNP]
    C --> H[प्राथमिक]
    C --> I[द्वितीयक]
    C --> J[तृतीयक]
    D --> K[योजना आयोग]
    D --> L[नीति आयोग]
    D --> M[1991 सुधार]
    E --> N[उत्पादन विधि]
    E --> O[आय विधि]
    E --> P[व्यय विधि]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

राष्ट्रीय आय के तीन मापन सूचकांक GDP GNP GDP + विदेश से आय NNP GNP - मूल्यह्रास मापन की विधियाँ उत्पादन विधि | आय विधि | व्यय विधि स्वर्ण नियम NNP में मूल्यह्रास जोड़ने पर हमेशा GNP प्राप्त होता है।

आर्थिक क्षेत्रों का वर्गीकरण अर्थव्यवस्था प्राथमिक क्षेत्र कृषि, खनन, मत्स्य द्वितीयक क्षेत्र विनिर्माण, निर्माण तृतीयक क्षेत्र बैंकिंग, पर्यटन, आईटी कौन सा क्षेत्र GDP में सबसे आगे? सेवा क्षेत्र लगभग 50-60 प्रतिशत योगदान देता है स्वर्ण नियम GDP में सबसे अधिक योगदान सेवा क्षेत्र का है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. GDP और GNP में भ्रम: छात्र अक्सर भूल जाते हैं कि GNP में विदेश से प्राप्त शुद्ध कारक आय जुड़ती है, जबकि GDP केवल देश की भौगोलिक सीमा तक सीमित है।
  2. मूल्यह्रास का क्रम: NNP की गणना GNP से मूल्यह्रास घटाकर की जाती है, इसे GDP से नहीं घटाया जाता।
  3. क्षेत्रों का भ्रम: विनिर्माण को द्वितीयक क्षेत्र में रखा जाता है, न कि प्राथमिक क्षेत्र में।
  4. सबसे बड़ा रोजगार: GDP में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है, लेकिन रोजगार में सबसे बड़ा योगदान कृषि क्षेत्र का है। दोनों को आपस में नहीं मिलाना चाहिए।
  5. योजना आयोग की तिथि: योजना आयोग 15 मार्च 1950 को बना था, कुछ छात्र इसे 1947 के साथ जोड़ देते हैं।
  6. नीति आयोग का अध्यक्ष: नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है, इसे वित्त मंत्री से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. राष्ट्रीय आय के सभी सूत्रों को एक ही स्थान पर याद रखें, इससे त्वरित उत्तर देना आसान होगा।
  2. GDP की गणना में केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य शामिल होता है, मध्यवर्ती वस्तुओं का नहीं।
  3. आधार वर्ष 2011-12 को ध्यान में रखें, यह अक्सर पूछा जाता है।
  4. वित्तीय वर्ष की अवधि 1 अप्रैल से 31 मार्च याद रखें।
  5. मिश्रित अर्थव्यवस्था की परिभाषा के साथ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का उदाहरण तैयार रखें।
  6. पंचवर्षीय योजनाओं की कुल संख्या 12 तथा नीति आयोग के गठन वर्ष 2015 को याद रखें।

10. निष्कर्ष

भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी समझ के लिए राष्ट्रीय आय के सूचकांक, आर्थिक क्षेत्रों का वर्गीकरण तथा योजना एवं सुधारों का ज्ञान आवश्यक है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में इन्हीं तथ्यों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए परिभाषाओं, सूत्रों एवं महत्वपूर्ण संख्याओं का नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। अच्छी तैयारी के लिए प्रत्येक अवधारणा को उदाहरण सहित समझना और त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाओं का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।