8.1 रक्त संबंध Notes

8.1 रक्त संबंध

विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (संबंध और दिशा) अध्याय: 8.1 रक्त संबंध विषय-वस्तु: पारिवारिक रिश्ते, पिता-पुत्र आदि

1. परिचय

रक्त संबंध तर्कशक्ति (रिलेशनल रीजनिंग) परीक्षा के सबसे महत्वपूर्ण खंडों में से एक है। इस खंड में पारिवारिक रिश्तों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें पिता, पुत्र, माता, बहन, भाई, चाचा, दादा, नाना आदि के संबंध समझने होते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में प्रायः 2 से 3 प्रश्न इसी विषय पर आते हैं, इसलिए यह विषय अंक प्राप्त करने की दृष्टि से बहुत उपयोगी है। इस अध्याय में हम रक्त संबंधों के मूल नियमों को सरल भाषा में समझेंगे ताकि कठिन प्रश्न भी आसानी से हल किए जा सकें।

रक्त संबंध के प्रश्नों में सबसे पहले यह पहचानना आवश्यक है कि वक्ता (प्रश्न में दिया गया व्यक्ति) कौन है और वह दूसरे व्यक्ति से किस रूप में संबंधित है। जैसे 'X, Y का पिता है' अर्थात् X पुरुष है तथा Y, X की संतान है। इसी प्रकार 'Z की माता है' जैसे वाक्यों में लिंग का निर्धारण करना बहुत आवश्यक है। कई बार परीक्षा में उत्तर की पहचान लिंग के आधार पर ही की जाती है, इसलिए हिंदी में 'भाई', 'बहन', 'पिता', 'माता' जैसे शब्दों के लिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

इस अध्याय में हम पहले रक्त संबंध के सभी मुख्य संबंधों की तालिका बनाएंगे, फिर वाक्यों को सही दिशा में समझने की विधि सीखेंगे और अंत में हल किए गए उदाहरणों के माध्यम से अभ्यास करेंगे। ध्यान रखें कि रक्त संबंध के प्रश्नों में एक वाक्य में बताए गए सभी संबंधों को एक साथ जोड़कर देखना होता है, अकेले एक वाक्य को अलग से नहीं लेना चाहिए। साथ ही प्रश्न में दिए गए व्यक्ति का लिंग स्पष्ट न होने पर कई संभावनाएँ बनती हैं, ऐसे में उत्तर की संभावना की जाँच की जाती है।

2. रक्त संबंधों की मूल संकल्पना

रक्त संबंध समझने के लिए कुछ आधारभूत नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक है। पहला नियम यह है कि प्रत्येक संबंध को 'वक्ता' (जो व्यक्ति संबंध बताता है) की दृष्टि से देखना चाहिए। जैसे वाक्य 'वह मेरे पिता की बहन है' में वक्ता के लिए वह व्यक्ति 'बुआ' (चाची) है। दूसरा नियम है लिंग का निर्धारण – यदि कोई व्यक्ति 'पिता', 'भाई', 'चाचा', 'दादा', 'नाना', 'पुत्र' कहलाता है तो वह पुरुष है; यदि 'माता', 'बहन', 'बुआ', 'दादी', 'नानी', 'पुत्री' कहलाता है तो स्त्री है।

रक्त संबंध को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है: (1) सगे संबंध – जो माता-पिता के माध्यम से होते हैं, जैसे भाई-बहन, पुत्र-पुत्री, दादा-दादी; (2) विवाहित संबंध – जो शादी के माध्यम से होते हैं, जैसे पति-पत्नी, ससुर, सास, दामाद, बहू, साला, देवर आदि। विवाहित संबंधों में रक्त का वास्तविक संबंध नहीं होता, परंतु रिश्ते को वैवाहिक बंधन के आधार पर पहचाना जाता है।

कुछ प्रमुख संबंधों की परिभाषाएँ निम्न प्रकार हैं। 'मामा' माता का भाई होता है, 'मौसा' माता की बहन का पति होता है, 'चाचा' पिता का छोटा भाई, 'ताऊ' पिता का बड़ा भाई, 'बुआ' पिता की बहन, 'नाना-नानी' माता के माता-पिता तथा 'दादा-दादी' पिता के माता-पिता होते हैं। 'दामाद' पुत्री का पति, 'बहू' पुत्र की पत्नी, 'ससुर-सास' पति या पत्नी के माता-पिता होते हैं। 'जीजा' बड़ी बहन का पति और 'साला' पत्नी का भाई होता है। ये सभी शब्द रक्त संबंध के प्रश्नों में बार-बार पूछे जाते हैं।

3. वाक्य-निर्माण विधि (निर्माण विधि)

रक्त संबंध के प्रश्न को हल करने की सबसे आसान विधि 'वाक्य-निर्माण विधि' है। इस विधि में हम प्रश्न के प्रत्येक वाक्य को पढ़कर एक छोटा वाक्य बनाते हैं, जिसमें 'का/की' के स्थान पर संबंध जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए 'A, B का पिता है' का अर्थ है 'B, A का पुत्र या पुत्री है'। इसके लिए हमें यह याद रखना होगा कि जब 'का' लगता है तो संबंध का प्रवाह पहले व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति की ओर होता है। जैसे 'X, Y का चाचा है' अर्थात् X, Y के पिता का भाई है, और Y, X का भतीजा या भतीजी हो सकता है।

वाक्य-निर्माण विधि में एक महत्वपूर्ण चरण यह है कि दिए गए वाक्यों को मिलाकर एक सामान्य व्यक्ति (जैसे 'वह') की पहचान करें। परीक्षा में प्रायः ऐसे प्रश्न आते हैं जिनमें 'वह मेरी माँ की बेटी का भाई है' जैसे वाक्य दिए जाते हैं। ऐसे में पहले 'माँ की बेटी' को पहचानें – यह वक्ता की बहन है; फिर बहन का भाई – यह वक्ता स्वयं हो सकता है या उसका भाई। चूँकि वक्ता कह रहा है 'मेरी माँ की बेटी का भाई', इसलिए उत्तर स्वयं वक्ता होता है।

इस विधि को निम्न चरणों में बाँटा जा सकता है:

  1. प्रश्न के प्रत्येक वाक्य को अलग-अलग पढ़ें और हर संबंध को लिख लें।
  2. प्रत्येक व्यक्ति के लिंग का निर्धारण करें (पुरुष या स्त्री)।
  3. संबंधों को क्रम से जोड़ते जाएँ, जैसे 'पिता की माता' = दादी, 'माता का भाई' = मामा।
  4. अंतिम उत्तर में यह जाँचें कि पूछा गया व्यक्ति दिए गए व्यक्ति से किस प्रकार संबंधित है।

वाक्य-निर्माण विधि में संबंध शब्दों की जंजीर को ध्यान से पढ़ना होता है। जैसे 'दादा का पुत्र' = पिता या चाचा; यहाँ दो संभावनाएँ हैं। ऐसे में प्रश्न में दिए गए आगे के वाक्य संभावना का निर्धारण करते हैं। यदि वाक्य में आगे 'जो मेरी माँ के पति का भाई है' लिखा हो तो वह चाचा सिद्ध होता है। इस प्रकार पूरे प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही अंतिम उत्तर तक पहुँचना चाहिए।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: 'रमेश, सीता का पिता है। सीता, मोहन की माता है।' तो मोहन, रमेश का कौन लगता है?

उदाहरण 2: 'उस आदमी का भाई मेरे पिता का पुत्र है।' यह आदमी, वक्ता का कौन है?

उदाहरण 3: 'A की माँ, B की माँ की इकलौती बेटी है।' यदि B पुरुष है, तो A, B का कौन है?

उदाहरण 4: 'P, Q का पिता है। Q, R का भाई है। R, S की माता है।' तो S, P से किस प्रकार संबंधित है?

उदाहरण 5: 'वह मेरे पिता के ससुर की इकलौती पुत्री है।' वह महिला, वक्ता की कौन है?

उदाहरण 6: 'M, N की बहन है। N, O का भाई है। O, P की माता है।' यदि P, M का पुत्र है, तो N का P से क्या संबंध है?

उदाहरण 7: 'राजू, राधा के पति का ससुर है। राधा, राजेश की माता है।' राजेश, राजू का कौन है?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: रक्त संबंध प्रतीक

संबंध अर्थ
पिता पुरुष जनक
माता स्त्री जननी
पुत्र संतान (पुरुष)
पुत्री संतान (स्त्री)
भाई सगा/सौतेला सहोदर (पुरुष)
बहन सहोदरा (स्त्री)
दादा-दादी पिता के माता-पिता
नाना-नानी माता के माता-पिता
चाचा/ताऊ पिता का भाई
बुआ पिता की बहन
मामा माता का भाई
मौसी माता की बहन
भतीजा/भतीजी भाई का पुत्र/पुत्री
भांजा/भांजी बहन का पुत्र/पुत्री

तालिका 2: विवाहित एवं शेष संबंध

संबंध अर्थ
पति/पत्नी विवाहित जोड़ा
ससुर/सास पति या पत्नी के माता-पिता
दामाद पुत्री का पति
बहू पुत्र की पत्नी
जीजा बहन का पति
साला/साली पत्नी का भाई/बहन
देवर पति का छोटा भाई
जेठ पति का बड़ा भाई
ननद पति की बहन
बहनोई बहन का पति
भाभी भाई की पत्नी

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[8.1 रक्त संबंध] --> B[पारिवारिक संबंध]
    A --> C[लिंग निर्धारण]
    A --> D[वाक्य-निर्माण विधि]
    A --> E[हल किए गए उदाहरण]
    B --> F[पिता माता पुत्र पुत्री]
    B --> G[दादा दादी नाना नानी]
    B --> H[चाचा बुआ मामा मौसी]
    B --> I[विवाहित संबंध ससुर दामाद बहू]
    C --> J[पुरुष भाई पिता चाचा]
    C --> K[स्त्री बहन माता बुआ]
    D --> L[वाक्य को जोड़ना]
    D --> M[संभावना का निर्धारण]
    D --> N[अंतिम उत्तर की जाँच]
    E --> O[नाती मामा भतीजा]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

रक्त संबंध का पारिवारिक वृक्ष दादा-दादी पिता-माता पुत्र (भाई) पुत्री (बहन) भतीजा/भतीजी स्वर्ण नियम हर संबंध को वक्ता की दृष्टि से जोड़ो और लिंग का निर्धारण पहले करो, तभी अंतिम उत्तर तय करो।

संबंध शब्दों की श्रृंखला मेरे पिता का ससुर नाना (माता के पिता) इकलौती पुत्री = माता पिता का भाई = चाचा या ताऊ माता का भाई = मामा, माता की बहन = मौसी भाई का पुत्र = भतीजा, बहन का पुत्र = भांजा भाई की पुत्री = भतीजी, बहन की पुत्री = भांजी स्वर्ण नियम संबंध की श्रृंखला को पीछे से आगे क्रम में जोड़ो, किसी भी वाक्य को अकेला मत समझो।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. लिंग का निर्धारण किए बिना उत्तर देने की गलती की जाती है; जैसे 'पिता की पुत्री' का उत्तर पुत्र लिख देना। हमेशा पहले लिंग जाँचें।
  2. 'भाई का पुत्र' को 'भांजा' बताने की गलती होती है; सही उत्तर भतीजा है, जबकि भांजा बहन का पुत्र होता है।
  3. वाक्य के क्रम को उल्टा समझना; जैसे 'A, B का पिता है' को 'B, A का पिता है' समझ लेना।
  4. 'नाना' और 'दादा' में भ्रम; नाना माता के पिता होते हैं जबकि दादा पिता के पिता होते हैं।
  5. विवाहित संबंधों को रक्त संबंध से मिला देना; जैसे 'ससुर' को रक्त संबंध मान लेना।
  6. प्रश्न में 'कौन है' के स्थान पर दिशा उलटकर उत्तर देना, जैसे प्रश्न में 'X का Y से क्या संबंध है' पूछा हो और उत्तर Y के दृष्टिकोण से लिख देना।
  7. संभावना वाले प्रश्नों में दोनों विकल्पों की जाँच किए बिना जल्दबाजी में उत्तर चुन लेना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. हर संबंध वाक्य को 'का/की' की दृष्टि से पढ़ें, जिससे संबंध की दिशा स्पष्ट हो जाती है।
  2. लिंग के शब्दों (पुत्र, पुत्री, भाई, बहन) पर नज़र रखें, क्योंकि रेलवे परीक्षा में लिंग पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
  3. जटिल प्रश्नों में संबंधों का छोटा वृक्ष कागज़ पर बनाकर हल करें, मन में हल करने में समय बर्बाद होता है।
  4. 'इकलौता/इकलौती' शब्द का अर्थ समझें – इसका मतलब परिवार में केवल एक ही संतान है।
  5. दो संभावनाएँ होने पर प्रश्न में दिए गए आगे के वाक्यों से संभावना निर्धारित करें।
  6. पहले सभी विकल्प पढ़ें, कई बार दो विकल्पों में अंतर केवल लिंग का होता है।
  7. अंतिम उत्तर की जाँच करें कि वह प्रश्न में पूछे गए व्यक्ति के दृष्टिकोण से है, न कि उलटा।

10. निष्कर्ष

रक्त संबंध का खंड नियमों और अभ्यास पर आधारित है। यदि लिंग निर्धारण, 'का/की' की दिशा और संबंध शब्दों के सही अर्थ याद रहें तो कोई भी प्रश्न आसानी से हल किया जा सकता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में इस विषय से सदैव प्रश्न आते हैं, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उपरोक्त तालिकाओं को बार-बार पढ़ें, हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करें और कम से कम 25 से 30 अभ्यास प्रश्नों का समाधान करें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा में अंक सुनिश्चित होंगे।