8.2 पारिवारिक वृक्ष Notes

8.2 पारिवारिक वृक्ष

विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (संबंध और दिशा) अध्याय: 8.2 पारिवारिक वृक्ष विषय-वस्तु: वंश वृक्ष, प्रतीक विधि

1. परिचय

पारिवारिक वृक्ष (फैमिली ट्री) रक्त संबंध प्रश्नों को हल करने की सबसे व्यवस्थित विधि है। जब प्रश्न में कई लोगों के बीच जटिल संबंध दिए गए हों, तो उन्हें कागज़ पर वृक्ष के रूप में बनाना आसानी से समझ में आता है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में पारिवारिक वृक्ष के प्रश्नों में 3 से 4 लोगों के संबंध दिए जाते हैं, जिन्हें प्रतीक विधि द्वारा चित्रित करना सबसे उपयुक्त होता है। इस अध्याय में हम वंश वृक्ष बनाने की प्रतीक विधि (सिंबल मेथड) को विस्तार से समझेंगे।

प्रतीक विधि में कुछ निश्चित चिह्नों का उपयोग किया जाता है, जैसे वर्ग (वर्ग) पुरुष को दर्शाता है और वृत्त (गोला) स्त्री को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त पति-पत्नी को जोड़ने के लिए '=' चिह्न और माता-पिता से संतान तक लंबवत् रेखा खींची जाती है। इन प्रतीकों को सीख लेने के बाद किसी भी जटिल प्रश्न को चित्र बनाकर कुछ ही मिनटों में हल किया जा सकता है। यह विधि केवल परीक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी उपयोगी है।

इस अध्याय में हम सबसे पहले प्रतीकों की पूरी सूची तैयार करेंगे, फिर वृक्ष बनाने के चरण सीखेंगे और अंत में हल किए गए उदाहरणों से अभ्यास करेंगे। ध्यान रखें कि वृक्ष हमेशा सबसे ऊपर से (दादा-दादी या सबसे बड़े सदस्य से) नीचे की ओर बनाया जाता है। वृक्ष को बनाते समय प्रत्येक संबंध वाक्य की जाँच करते जाना चाहिए ताकि कोई सदस्य छूट न जाए।

2. प्रतीक विधि (सिंबल विधि)

प्रतीक विधि में रक्त संबंध को दर्शाने के लिए निम्नलिखित मानक चिह्नों का उपयोग होता है। वर्ग चिह्न (□) पुरुष को दर्शाता है, वृत्त चिह्न (○) स्त्री को दर्शाता है, दो पंक्तियों के बीच '=' चिह्न विवाह (पति-पत्नी) को दर्शाता है, और एक लंबवत् रेखा (|) माता-पिता से संतान को जोड़ने के लिए प्रयोग होती है। यदि लिंग स्पष्ट न हो तो त्रिभुज (Δ) चिह्न का उपयोग किया जाता है। इन्हीं चार-पाँच प्रतीकों के आधार पर पूरे पारिवारिक वृक्ष का निर्माण होता है।

पारिवारिक वृक्ष बनाते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। पहला नियम यह है कि सगे भाई-बहन एक ही पंक्ति (जनरेशन) में आते हैं, अर्थात् पिता-माता के नीचे सभी संतानें एक समान स्तर पर होती हैं। दूसरा नियम यह है कि पति-पत्नी को जोड़ने वाली क्षैतिज रेखा पर '=' चिह्न लिखा जाता है। तीसरा नियम यह है कि संतान की ओर जाने वाली रेखा पति-पत्नी के बीच के बिंदु से लंबवत् नीचे खींची जाती है। इन नियमों का पालन करते हुए वृक्ष को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाना चाहिए।

प्रतीक विधि में प्रत्येक व्यक्ति के आगे उसके नाम का प्रारंभिक अक्षर लिखना उपयोगी होता है। जैसे यदि प्रश्न में 'A, B का पिता है' दिया गया हो तो वर्ग में 'A' लिखें, उसके साथ वर्ग/वृत्त में 'B' को नीचे जोड़ें। इसके बाद प्रश्न के अगले वाक्य के अनुसार वृक्ष का विस्तार करते जाएँ। अंत में जिस व्यक्ति के संबंध की पूछताछ है, उसे वृक्ष में चिह्नित करके संबंध का नाम लिखें। ध्यान रखें कि हर नई जानकारी वृक्ष में पहले से बने लोगों के अनुसार ही जुड़नी चाहिए, उनसे विपरीत नहीं।

3. वृक्ष निर्माण की चरणबद्ध विधि

पारिवारिक वृक्ष को चरणबद्ध तरीके से बनाने के लिए सबसे पहले प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और प्रत्येक वाक्य को एक-एक करके लें। पहले वाक्य से वृक्ष की नींव रखें, फिर अगले वाक्यों को क्रमशः जोड़ते जाएँ। यदि कोई व्यक्ति वृक्ष में पहले से मौजूद है तो उसी को नए वाक्य के अनुसार विस्तार दें, न कि नया सदस्य बनाएँ। यह चरण वृक्ष विधि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि अधिकांश छात्र यहीं गलती करते हैं।

दूसरा चरण है पीढ़ी (जनरेशन) का निर्धारण। वृक्ष को ऊपर से नीचे क्रम में बनाएँ – सबसे ऊपर सबसे बड़ी पीढ़ी (जैसे दादा-दादी), फिर उसके नीचे माता-पिता की पीढ़ी और सबसे नीचे संतानों की पीढ़ी। प्रत्येक क्षैतिज पंक्ति एक ही पीढ़ी के लोगों को दर्शाती है। यदि प्रश्न में चाचा, बुआ, मामा जैसे शब्द आते हैं तो उन्हें माता-पिता के समान पंक्ति में रखें।

तीसरा चरण है लिंग चिह्न का सही उपयोग। प्रत्येक नाम के लिए वर्ग (पुरुष) या वृत्त (स्त्री) का चयन करें। संबंध शब्दों से लिंग का पता चलता है – पिता, भाई, चाचा, दादा, पुत्र पुरुष हैं; माता, बहन, बुआ, दादी, पुत्री स्त्री हैं। यदि प्रश्न में लिंग स्पष्ट न हो तो त्रिभुज का प्रयोग करें और उत्तर में संभावनाओं का उल्लेख करें। चौथा चरण है अंतिम सत्यापन – वृक्ष में बने सभी संबंधों को प्रश्न के वाक्यों से मिलाकर जाँचें कि कोई गलती तो नहीं हुई।

वृक्ष विधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रश्न का उत्तर बिना याद रखे हुए संबंध तालिका से निकाला जा सकता है। जैसे यदि वृक्ष बनाने पर पता चलता है कि 'X' व्यक्ति 'Y' के पिता की बहन है, तो संबंध 'बुआ' स्वतः स्पष्ट हो जाता है। इसलिए जटिल प्रश्नों में सदैव वृक्ष बनाने की आदत डालें। सरल प्रश्नों में भी वृक्ष बनाने से उत्तर की पुष्टि हो जाती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: 'R, S का पिता है। S, T की माता है। T, U की बहन है।' तो U, R से किस प्रकार संबंधित है?

उदाहरण 2: 'M, N का भाई है। N, O की बेटी है। O, P का पति है।' तो P, M की कौन है?

उदाहरण 3: 'A, B की माता है। B, C की बहन है। D, C का पुत्र है।' तो D, A का कौन है?

उदाहरण 4: 'P, Q का ससुर है। R, P का पुत्र है। S, R की पत्नी है।' तो Q, S से किस प्रकार संबंधित है?

उदाहरण 5: 'X, Y के पिता का भाई है। Z, X की पुत्री है।' तो Z, Y की क्या लगती है?

उदाहरण 6: 'K, L की माँ का भाई है। M, K की बहन है।' तो M, L की कौन लगती है?

उदाहरण 7: 'A, B का दादा है। C, A की पुत्री है। D, C का पुत्र है।' तो D, B का कौन है?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: प्रतीक चिह्न और उनका अर्थ

चिह्न अर्थ
वर्ग (□) पुरुष
वृत्त (○) स्त्री
त्रिभुज (Δ) लिंग स्पष्ट नहीं
'=' चिह्न विवाह (पति-पत्नी)
लंबवत् रेखा ( )
क्षैतिज रेखा (—) सगे भाई-बहन
दो लंबवत् रेखाएँ (

तालिका 2: पीढ़ी (जनरेशन) अनुसार संबंध

पीढ़ी पुरुष स्त्री
सबसे बड़ी (पहली) दादा, नाना दादी, नानी
दूसरी (माता-पिता) पिता, चाचा, ताऊ, मामा, मौसा माता, बुआ, मौसी, चाची
तीसरी (स्वयं) भाई, चचेरा भाई, ममेरा भाई बहन, चचेरी बहन, ममेरी बहन
चौथी (संतान) पुत्र, भतीजा, भांजा पुत्री, भतीजी, भांजी

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[8.2 पारिवारिक वृक्ष] --> B[प्रतीक विधि]
    A --> C[वृक्ष निर्माण]
    A --> D[हल किए गए उदाहरण]
    B --> E[वर्ग पुरुष]
    B --> F[वृत्त स्त्री]
    B --> G[सम चिह्न विवाह]
    B --> H[रेखा संतान]
    C --> I[वाक्य अनुसार चरण]
    C --> J[पीढ़ी निर्धारण]
    C --> K[लिंग चिह्न]
    C --> L[अंतिम सत्यापन]
    D --> M[नाती माता बुआ]
    D --> N[मौसी चचेरा भाई]
    E --> O[पिता भाई चाचा]
    F --> P[माता बहन बुआ]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

प्रतीक विधि के मानक चिह्न पुरुष स्त्री = विवाह | संतान भाई-बहन स्वर्ण नियम वर्ग = पुरुष, वृत्त = स्त्री, सम चिह्न = विवाह, रेखा = संतान और भाई-बहन का संबंध।

पारिवारिक वृक्ष का उदाहरण A (पिता) B (माता) = C (भाई) D (बहन) स्वर्ण नियम पहले सबसे बड़ी पीढ़ी रखें, फिर क्रम से नीचे संतानें जोड़ें, अंत में उत्तर की पुष्टि करें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. लिंग के लिए गलत चिह्न लगाना, जैसे स्त्री के लिए वर्ग और पुरुष के लिए वृत्त चुन लेना; इससे पूरा वृक्ष गलत हो जाता है।
  2. प्रश्न के पहले वाक्य से वृक्ष शुरू करने के बाद अगले वाक्य में पहले से मौजूद व्यक्ति को नए सिरे से जोड़ना।
  3. पति-पत्नी को संतान की पंक्ति में रख देना; विवाहित जोड़ा सदैव एक ही पीढ़ी में होता है।
  4. '=' चिह्न के स्थान पर भाई-बहन की क्षैतिज रेखा खींच देना, जिससे संबंध गलत हो जाता है।
  5. लिंग स्पष्ट न होने पर भी एक ही लिंग मानकर उत्तर दे देना; ऐसे में संभावना बतानी चाहिए।
  6. वृक्ष बनाने के बाद अंतिम सत्यापन न करना, जिसके कारण एक छोटी गलती से उत्तर बदल जाता है।
  7. संबंध शब्दों की दिशा उलट देना, जैसे 'X का पिता' को 'X पिता है' समझ लेना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. परीक्षा में हमेशा कागज़ पर तुरंत वृक्ष बनाएँ, मन में हल करने से जटिल प्रश्नों में समय नष्ट होता है।
  2. वृक्ष बनाते समय प्रत्येक व्यक्ति के नाम के साथ पहला अक्षर लिखें ताकि बड़े वृक्ष में भ्रम न हो।
  3. पीढ़ी को सदैव ऊपर से नीचे बनाएँ; बायें से दायें बनाने से गलतियाँ होती हैं।
  4. हर वाक्य को जोड़ने के बाद एक बार पढ़कर जाँचें कि वृक्ष वाक्य से मेल खाता है या नहीं।
  5. लिंग स्पष्ट न होने पर विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और संभावित उत्तर चुनें।
  6. जिन प्रश्नों में चाचा, मामा, बुआ, मौसी शब्द हों, उन्हें माता-पिता की पंक्ति में रखें।
  7. अंतिम उत्तर के साथ उल्टा सत्यापन करें – अर्थात् उत्तर को वृक्ष में मिलाकर प्रश्न को पुनः पढ़ें।

10. निष्कर्ष

पारिवारिक वृक्ष विधि रक्त संबंध के प्रश्नों का सबसे विश्वसनीय समाधान है। चार-पाँच प्रतीकों को याद रखकर किसी भी जटिल वंश वृक्ष को सरलता से बनाया जा सकता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में इस विधि से प्रश्न हल करने से समय की बचत होती है और उत्तर की शुद्धता सुनिश्चित होती है। प्रतीकों की तालिका को कंठस्थ करें, उदाहरणों को स्वयं हल करें और कम से कम 25 से 30 प्रश्नों पर वृक्ष विधि का अभ्यास करें। नियमित अभ्यास से यह खंड परीक्षा में सुनहरे अंक दिलाने वाला सिद्ध होगा।