11.5 मौर्य साम्राज्य Notes

11.5 मौर्य साम्राज्य

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (प्राचीन भारतीय इतिहास) अध्याय: 11.5 मौर्य साम्राज्य विषय-वस्तु: चंद्रगुप्त, अशोक, कौटिल्य

1. परिचय

मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास का पहला विशाल साम्राज्य था, जिसने लगभग पूरे उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण के कुछ क्षेत्रों को एक छत्र के नीचे एकत्र किया। इसकी स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने 321 ईसा पूर्व में नंद वंश को पराजित कर की थी। मौर्य वंश के तीन महान शासक हुए – चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार और अशोक। साम्राज्य लगभग 321 ई.पू. से 185 ई.पू. तक अस्तित्व में रहा।

मौर्य साम्राज्य की स्थापना में कौटिल्य (चाणक्य/विष्णुगुप्त) की भूमिका सर्वोपरि रही। कौटिल्य ने 'अर्थशास्त्र' नामक महान ग्रंथ की रचना की, जिसमें राज्य, अर्थव्यवस्था, प्रशासन, कूटनीति तथा युद्ध-कला का विस्तृत वर्णन मिलता है। चंद्रगुप्त के दरबार में यूनानी राजदूत मेगस्थनीज आया, जिसने 'इंडिका' नामक पुस्तक में उस समय के भारत का वर्णन किया।

अशोक मौर्य साम्राज्य का सबसे महान सम्राट था। कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के भीषण नरसंहार के बाद उसने युद्ध का मार्ग त्यागकर 'धम्म' (धर्म) की नीति अपनाई। उसने शिलालेखों एवं स्तंभों के माध्यम से अपने उपदेशों को जनता तक पहुँचाया। अशोक ने बौद्ध धर्म का संरक्षण किया तथा तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन किया। RRB NTPC परीक्षा में चंद्रगुप्त, कौटिल्य, अशोक के अभिलेख तथा मौर्य प्रशासन से अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं।

2. चंद्रगुप्त मौर्य और कौटिल्य

चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य (चाणक्य) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक धनानंद को पराजित कर 321 ई.पू. में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। इनकी राजधानी पाटलिपुत्र (पटना) थी। चंद्रगुप्त ने 305 ई.पू. में यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप सेल्यूकस ने भारत का विवाह-संधि कर अपनी पुत्री का विवाह चंद्रगुप्त से किया तथा चार प्रांत (एरिया, अराकोसिया, गेड्रोसिया, पैरोपेनिसदे) छोड़े। इसी समय यूनानी राजदूत मेगस्थनीज भारत आया।

चंद्रगुप्त के शासन से जुड़े प्रमुख तथ्य:

नमूना प्रश्न (उदाहरण): चंद्रगुप्त मौर्य को किस ग्रंथ ने राज्य-नीति सिखाई? (1) इंडिका (2) अर्थशास्त्र (3) मुद्राराक्षस (4) नीति शास्त्र। सही उत्तर (2) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) मेगस्थनीज चंद्रगुप्त के दरबार में आया। (2) सेल्यूकस ने 305 ई.पू. में संधि की। (3) विशाखदत्त ने 'मुद्राराक्षस' नाटक में चाणक्य-चंद्रगुप्त की कथा लिखी। (4) चंद्रगुप्त की राजधानी पाटलिपुत्र थी।

3. अशोक – महान सम्राट और धम्म

बिंदुसार (297–273 ई.पू.) के बाद अशोक मौर्य गद्दी पर बैठा। बिंदुसार को 'अमित्रघात' कहा जाता था, क्योंकि उसने शत्रुओं का संहार किया। अशोक के राज्याभिषेक के आठ वर्ष बाद 261 ई.पू. में कलिंग युद्ध हुआ। इस युद्ध में हुए भीषण नरसंहार को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तित हो गया और उसने युद्ध के स्थान पर धम्म (धर्म) की विजय का मार्ग अपनाया।

अशोक की धम्म नीति के प्रमुख सिद्धांत:

अशोक के अभिलेख (रॉक एडिक्ट्स एवं पिलर एडिक्ट्स) ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं, जिन्हें सबसे पहले जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा। गिरनार (गुजरात) का शिलालेख लौहधातु (लोहे) से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज है। सारनाथ का सिंह-स्तंभ भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है, जिसमें चार सिंह हैं। अशोक की मृत्यु 232 ई.पू. में हुई।

नमूना प्रश्न (उदाहरण): कलिंग युद्ध किस वर्ष हुआ? (1) 261 ई.पू. (2) 273 ई.पू. (3) 232 ई.पू. (4) 305 ई.पू.। सही उत्तर (1) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) अशोक के अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं। (2) जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी लिपि का रहस्य खोला। (3) अशोक ने तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन पाटलिपुत्र में करवाया। (4) अशोक के पुत्र महेंद्र ने श्रीलंका में बौद्ध धर्म फैलाया।

4. मौर्य प्रशासन और साम्राज्य का पतन

मौर्य प्रशासन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं केंद्रीकृत था। शासन का केंद्र पाटलिपुत्र था, जहाँ सम्राट सर्वोच्च शक्ति का स्वामी था। साम्राज्य को प्रशासन की सुविधा के लिए चार प्रांतों में बाँटा गया था – प्राची (पूर्व, तोशाली), उत्तरापथ (उत्तर, तक्षशिला), अवंति (पश्चिम, उज्जैन) तथा दक्षिणापथ (दक्षिण, सुवर्णगिरि)। प्रांतों के शासक 'कुमारामात्य' या राजकुमार होते थे। मौर्य प्रशासन में गुप्तचर व्यवस्था (चर), सैन्य व्यवस्था तथा कर-व्यवस्था सुव्यवस्थित थी। अर्थशास्त्र में राजस्व, सिंचाई, खनन एवं वाणिज्य का विस्तृत उल्लेख मिलता है।

मौर्य साम्राज्य के पतन के कारण:

185 ई.पू. में अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने हत्या कर दी, जिसके साथ मौर्य वंश का अंत हो गया। नमूना प्रश्न (उदाहरण): मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक कौन था? (1) अशोक (2) बृहद्रथ (3) पुष्यमित्र (4) कुणाल। सही उत्तर (2) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च पद 'सेनापति' था। (2) अर्थशास्त्र में 15 अधिकरण हैं। (3) पुष्यमित्र शुंग ने शुंग वंश की स्थापना की। (4) चाणक्य को 'कौटिल्य' इसलिए कहा गया क्योंकि वे कुटिल बुद्धि के थे।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1 – मौर्य शासक एवं कालावधि

शासक कालावधि मुख्य उपलब्धि/उपनाम
चंद्रगुप्त मौर्य 321–297 ई.पू. नंद वंश का अंत, सेल्यूकस पर विजय
बिंदुसार 297–273 ई.पू. 'अमित्रघात', यूनानी राजदूत डीमाकस
अशोक 273–232 ई.पू. कलिंग युद्ध (261 ई.पू.), धम्म नीति
बृहद्रथ अंतिम शासक 185 ई.पू. में पुष्यमित्र द्वारा हत्या

तालिका 2 – प्रमुख मौर्य अभिलेख एवं स्थान

अभिलेख/स्तंभ स्थान महत्व
प्रथम शिलालेख गिरनार (गुजरात) राजा के उपदेश
लघु शिलालेख भाब्रू (बैरट) बौद्ध धर्म से संबंध
सिंह-स्तंभ सारनाथ राष्ट्रीय प्रतीक (चार सिंह)
स्तंभ-अभिलेख लौरिया नंदनगढ़ धम्म की शिक्षाएँ

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[मौर्य साम्राज्य] --> B[चंद्रगुप्त मौर्य]
    A --> C[बिंदुसार]
    A --> D[अशोक]
    B --> E[स्थापना 321 ई.पू.]
    B --> F[कौटिल्य और अर्थशास्त्र]
    B --> G[मेगस्थनीज का इंडिका]
    D --> H[कलिंग युद्ध 261 ई.पू.]
    D --> I[धम्म नीति]
    D --> J[ब्राह्मी लिपि अभिलेख]
    A --> K[प्रशासन: पाटलिपुत्र, चार प्रांत]
    A --> L[पतन: बृहद्रथ, 185 ई.पू.]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

मौर्य साम्राज्य – कालक्रम रेखा 321 ई.पू. चंद्रगुप्त - स्थापना 261 ई.पू. अशोक - कलिंग युद्ध 232 ई.पू. अशोक की मृत्यु 185 ई.पू. बृहद्रथ - पतन मौर्य प्रशासन के चार प्रांत तोशाली (पूर्व) तक्षशिला (उत्तर) उज्जैन (पश्चिम) सुवर्णगिरि (दक्षिण) स्वर्ण नियम: मौर्य काल के मुख्य वर्ष 321-305-261-232-185 ई.पू. का क्रम सदैव याद रखें।

अशोक की धम्म नीति कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) नरसंहार देखकर हृदय परिवर्तन धम्म की विजय अहिंसा, दया, पशु-बलि त्याग धम्म महामात्र जनता को धम्म सिखाने हेतु महेंद्र-संघमित्रा श्रीलंका में धर्म प्रचार अभिलेख शिलालेख (रॉक एडिक्ट) स्तंभ-लेख (पिलर एडिक्ट) ब्राह्मी लिपि स्वर्ण नियम: अशोक के अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं, जिन्हें जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना का वर्ष 326 ई.पू. मानना गलत है; स्थापना 321 ई.पू. में चंद्रगुप्त मौर्य ने की।
  2. अर्थशास्त्र को चंद्रगुप्त की रचना मानना गलत है; यह ग्रंथ कौटिल्य (चाणक्य/विष्णुगुप्त) की रचना है।
  3. इंडिका को कौटिल्य की पुस्तक मानना गलत है; इंडिका यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने लिखी।
  4. अशोक के राज्याभिषेक के समय कलिंग युद्ध मानना गलत है; कलिंग युद्ध राज्याभिषेक के आठवें वर्ष 261 ई.पू. में हुआ।
  5. अशोक के अभिलेखों को खरोष्ठी लिपि में मानना गलत है; ये ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं।
  6. मौर्य वंश का अंतिम शासक अशोक मानना गलत है; अंतिम शासक बृहद्रथ था, जिसे पुष्यमित्र शुंग ने मारा।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. मौर्य वंश के तीन शासक रटें: चंद्रगुप्त (321-297), बिंदुसार (297-273), अशोक (273-232)।
  2. वर्षों का सूत्र याद रखें: 321 स्थापना, 305 सेल्यूकस, 261 कलिंग, 232 अशोक की मृत्यु, 185 पतन।
  3. ग्रंथों के लेखक रटें: अर्थशास्त्र-कौटिल्य, इंडिका-मेगस्थनीज, मुद्राराक्षस-विशाखदत्त।
  4. अशोक से जुड़े चार तथ्य रटें: धम्म महामात्र, तृतीय संगीति, सारनाथ सिंह-स्तंभ, महेंद्र-संघमित्रा।
  5. मौर्य प्रशासन के चार प्रांत और उनके केंद्र याद रखें: तोशाली, तक्षशिला, उज्जैन, सुवर्णगिरि।
  6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों हेतु बिंदुसार का उपनाम 'अमित्रघात' तथा राजदूत 'डीमाकस' रटें।

10. निष्कर्ष

मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास का पहला महान साम्राज्य था, जिसने एक सुव्यवस्थित केंद्रीकृत प्रशासन, अर्थशास्त्र जैसा ग्रंथ तथा अशोक जैसा महान सम्राट दिया। चंद्रगुप्त की स्थापना, कौटिल्य की राजनीति, बिंदुसार का साम्राज्य-विस्तार तथा अशोक की धम्म नीति इस युग के प्रमुख आधार हैं। RRB NTPC परीक्षा में इस अध्याय से वर्ष, ग्रंथ, शासक और अभिलेख पर आधारित प्रश्न सर्वाधिक पूछे जाते हैं। इन तथ्यों की क्रमबद्ध पुनरावृत्ति कर उम्मीदवार इस विषय में पूर्ण अंक अर्जित कर सकते हैं।