विषय: रेलवे NTPC – गणित (बीजगणित) अध्याय: 3.1 बीजीय व्यंजक विषय-वस्तु: पद, गुणांक, संक्रियाएँ
बीजगणित गणित की वह शाखा है जिसमें अज्ञात राशियों को x, y, a, b आदि अक्षरों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। रेलवे NTPC परीक्षा में बीजगणित के प्रश्न सीधे और सरल होते हैं, परंतु इन्हें हल करने के लिए पद (term), गुणांक (coefficient), चर (variable) और संक्रियाओं की ठोस समझ आवश्यक है। इस अध्याय में हम बीजीय व्यंजक के आधारभूत अवधारणाओं को विस्तार से समझेंगे ताकि आगे की सर्वसमिकाओं और समीकरणों की नींव मजबूत हो सके।
बीजीय व्यंजक (algebraic expression) चरों, अचरों (constants) तथा संक्रिया चिह्नों से मिलकर बनता है। उदाहरण के लिए, 3x² + 5x - 7 एक बीजीय व्यंजक है जिसमें 3x², 5x और -7 तीन पद हैं। NTPC में इस अध्याय से सामान्यतः व्यंजक के मान ज्ञात करना, पदों की संख्या पूछना, गुणांक ज्ञात करना तथा जोड़ने-घटाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों का उत्तर केवल आधारभूत नियमों को ध्यान से लागू करने से प्राप्त होता है।
इस अध्याय में हम पद और गुणांक की परिभाषा, समान पदों का संयोजन, चारों संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग), तथा व्यंजक का मान ज्ञात करना सीखेंगे। प्रत्येक अवधारणा के साथ हल किए गए उदाहरण दिए गए हैं जो परीक्षा के स्वरूप के अनुरूप हैं। अंत में त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ दी गई हैं।
पद (Term): बीजीय व्यंजक का वह भाग जो + या - चिह्न द्वारा अलग होता है, पद कहलाता है। जैसे व्यंजक 4x² - 3y + 8 में तीन पद हैं: 4x², -3y और 8।
गुणांक (Coefficient): किसी पद में चर से पहले गुणा होने वाली संख्या को गुणांक कहते हैं। जैसे 5x³ में 5, x³ का गुणांक है। यदि चर से पहले कोई संख्या नहीं लिखी हो तो गुणांक 1 होता है।
समान पद (Like Terms): वे पद जिनमें चर और उनकी घात समान हों, समान पद कहलाते हैं। जैसे 3x² और -5x² समान पद हैं, परंतु 3x² और 3x³ समान नहीं हैं। केवल समान पदों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है।
गुणांक और चर का संबंध: किसी पद में संख्यात्मक भाग को संख्यात्मक गुणांक (numerical coefficient) और अक्षर भाग को शाब्दिक गुणांक कहते हैं। उदाहरण के लिए पद -2ab में -2 संख्यात्मक गुणांक तथा ab शाब्दिक गुणांक है।
उदाहरण 1: व्यंजक 6x²y - 3xy + 4y - 9 के कुल कितने पद हैं तथा y का गुणांक क्या है?
हल: दिए गए व्यंजक में चार पद हैं: 6x²y, -3xy, 4y और -9। पद 4y में y का गुणांक 4 है। अतः कुल पद = 4 और y का गुणांक = 4।
उदाहरण 2: x³ - 7x² + 5x + 2 में x² का गुणांक ज्ञात कीजिए।
हल: x² वाला पद -7x² है, अतः x² का गुणांक -7 है।
उदाहरण 3: यदि किसी एकपदी का गुणांक -3 तथा शाब्दिक भाग ab² हो तो वह पद क्या होगा?
हल: अभीष्ट पद = -3 × ab² = -3ab²।
बीजीय व्यंजकों पर चार मुख्य संक्रियाएँ की जाती हैं: जोड़, घटाव, गुणा और भाग।
जोड़ और घटाव: केवल समान पदों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है। समान पदों के गुणांकों को जोड़कर या घटाकर चर भाग को वैसा ही रखा जाता है। भिन्न पदों को यथावत लिखा जाता है। घटाव करते समय घटाए जाने वाले व्यंजक के सभी चिह्न बदल देने चाहिए।
गुणा: गुणा करते समय चिह्नों का नियम लागू होता है: धन × धन = धन, ऋण × ऋण = धन, धन × ऋण = ऋण, ऋण × धन = ऋण। संख्याओं का गुणा किया जाता है और समान चरों की घातों को जोड़ दिया जाता है (aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ)।
भाग: भाग करते समय समान चरों की घातों को घटाया जाता है (aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ)। गुणांकों का सामान्य भाग किया जाता है।
उदाहरण 4: (3x + 5y - 2z) + (4x - 3y + z) का योग ज्ञात कीजिए।
हल: समान पदों को जोड़ते हैं: - x पद: 3x + 4x = 7x - y पद: 5y + (-3y) = 2y - z पद: -2z + z = -z
अतः योग = 7x + 2y - z।
उदाहरण 5: (8a - 3b) - (5a + 2b) का मान ज्ञात कीजिए।
हल: घटाने के लिए दूसरे व्यंजक के चिह्न बदलते हैं: (8a - 3b) - 5a - 2b = (8a - 5a) + (-3b - 2b) = 3a - 5b।
उदाहरण 6: 2x³ × 3x² × x का गुणनफल ज्ञात कीजिए।
हल: गुणांकों का गुणा = 2 × 3 × 1 = 6, चरों की घातों का योग = 3 + 2 + 1 = 6। अतः गुणनफल = 6x⁶।
उदाहरण 7: 12x⁵ ÷ 4x³ का मान ज्ञात कीजिए।
हल: गुणांकों का भाग = 12 ÷ 4 = 3, घातों का अंतर = 5 - 3 = 2। अतः मान = 3x²।
उदाहरण 8: (x + 2)(x + 3) का गुणनफल ज्ञात कीजिए।
हल: प्रत्येक पद को दूसरे व्यंजक के हर पद से गुणा करते हैं: x(x + 3) + 2(x + 3) = x² + 3x + 2x + 6 = x² + 5x + 6।
जब चरों के निश्चित मान दिए होते हैं, तब उन मानों को व्यंजक में प्रतिस्थापित करके संख्यात्मक मान ज्ञात किया जाता है। NTPC में यह सबसे अधिक पूछे जाने वाला प्रश्न प्रकार है। प्रतिस्थापन करते समय संक्रियाओं का क्रम (BODMAS) ध्यान में रखना चाहिए।
उदाहरण 9: यदि x = 2 हो तो 3x² - 4x + 5 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: x = 2 रखने पर: 3(2)² - 4(2) + 5 = 3 × 4 - 8 + 5 = 12 - 8 + 5 = 9। अतः अभीष्ट मान = 9।
उदाहरण 10: यदि a = 3, b = -2 हो तो a² + b² + 2ab का मान ज्ञात कीजिए।
हल: a = 3, b = -2 रखने पर: (3)² + (-2)² + 2 × 3 × (-2) = 9 + 4 - 12 = 1। अतः अभीष्ट मान = 1। ध्यान दें कि a² + b² + 2ab = (a + b)² = (3 - 2)² = 1, जो सर्वसमिका से भी पुष्ट होता है।
उदाहरण 11: यदि p = -1, q = 2 हो तो p³ + q³ + 3pq(p + q) का मान ज्ञात कीजिए।
हल: मान रखने पर: (-1)³ + (2)³ + 3(-1)(2)(-1 + 2) = -1 + 8 + 3 × (-1) × 2 × 1 = -1 + 8 - 6 = 1। वैकल्पिक रूप से p³ + q³ + 3pq(p + q) = (p + q)³ = (-1 + 2)³ = 1।
उदाहरण 12: यदि x = 5 हो तो 2x - (3x - 2) + 4 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: पहले कोष्ठक खोलते हैं: 2x - 3x + 2 + 4 = -x + 6। अब x = 5 रखने पर: -5 + 6 = 1। अतः अभीष्ट मान = 1।
उदाहरण 13: यदि m = 4, n = 1 हो तो (m + n)³ - (m - n)³ का मान ज्ञात कीजिए।
हल: m + n = 5, m - n = 3। अतः (5)³ - (3)³ = 125 - 27 = 98। अतः अभीष्ट मान = 98।
| शब्द | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| पद (Term) | + या - से अलग हुआ भाग | 4x, -3y, 7 |
| चर (Variable) | बदलने वाली राशि | x, y, z |
| अचर (Constant) | स्थिर राशि | 5, -2, ¾ |
| गुणांक (Coefficient) | चर के साथ गुणित संख्या | 3x में 3 |
| समान पद | समान चर और घात | 2x², -7x² |
| एकपदी | एक पद | 6xy |
| द्विपदी | दो पद | 4x + 3 |
| त्रिपदी | तीन पद | x² + x + 1 |
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणन चिह्न | धन × ऋण = ऋण | (-3) × 2 = -6 |
| गुणन चिह्न | ऋण × ऋण = धन | (-3) × (-2) = 6 |
| घात गुणा | aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ | x³ × x² = x⁵ |
| घात भाग | aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ | x⁷ ÷ x² = x⁵ |
| शून्य घात | a⁰ = 1 | 5⁰ = 1 |
| ऋणात्मक घात | a⁻ⁿ = 1/aⁿ | 2⁻³ = 1/8 |
| घात का घात | (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ | (x²)³ = x⁶ |
flowchart TD
A[बीजीय व्यंजक] --> B[पद और गुणांक]
A --> C[संक्रियाएँ]
A --> D[मान ज्ञात करना]
B --> E[एकपदी द्विपदी त्रिपदी]
B --> F[समान और भिन्न पद]
C --> G[जोड़ और घटाव]
C --> H[गुणा और भाग]
G --> I[केवल समान पदों का योग]
H --> J[चिह्न नियम और घात नियम]
D --> K[चर के मान रखकर BODMAS]
E --> L[पदों की संख्या पहचानें]
J --> M[गुणांक का गुणा और घातों का योग]
K --> N[उत्तर की सर्वसमिका से जांच]
बीजीय व्यंजक बीजगणित की आधारशिला है और NTPC में इससे सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। पद, गुणांक, समान पद और चारों संक्रियाओं के नियमों को स्पष्ट रूप से समझ लेने पर इनमें से अधिकांश प्रश्न एक ही चरण में हल हो जाते हैं। नियमित अभ्यास और चिह्नों पर सतत ध्यान देने से न केवल इस अध्याय बल्कि संपूर्ण बीजगणित में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।