विषय: रेलवे NTPC – गणित (बीजगणित) अध्याय: 3.5 बीजीय सरलीकरण विषय-वस्तु: व्यंजकों का सरलीकरण, मान
बीजीय सरलीकरण का अर्थ है किसी जटिल व्यंजक को संक्रियाओं के सही क्रम में लागू करके उसके सरलतम रूप या संख्यात्मक मान तक पहुँचना। रेलवे NTPC परीक्षा में सरलीकरण वाले प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं का अनिवार्य हिस्सा हैं। इनमें कोष्ठक, भिन्न, घातांक और बीजीय व्यंजकों का संयोजन होता है, जिन्हें BODMAS नियम से हल किया जाता है।
सरलीकरण की सबसे महत्वपूर्ण बात है संक्रियाओं का क्रम। BODMAS का अर्थ है: कोष्ठक (Bracket), घात या का (Of), भाग (Division), गुणा (Multiplication), जोड़ (Addition), घटाव (Subtraction)। NTPC में गलत क्रम लगाने वाले अभ्यर्थी सही उत्तर तक पहुँचने से चूक जाते हैं, भले ही उनकी गणना सही हो। इसलिए क्रम पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
इस अध्याय में हम BODMAS नियम, कोष्ठकों के प्रकार और उन्हें खोलने के नियम, भिन्न व्यंजकों का सरलीकरण तथा बीजीय व्यंजक के संख्यात्मक मान की गणना सीखेंगे। प्रत्येक अवधारणा के साथ हल किए गए उदाहरण दिए गए हैं। अंत में त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ प्रस्तुत हैं।
सरलीकरण में सबसे पहले कोष्ठकों को हल किया जाता है। कोष्ठकों का क्रम भी निश्चित है: पहले सरलतम ( ), फिर मध्य [ ], और अंत में बाहरी { }।
कोष्ठक खोलते समय यदि बाहर ऋण चिह्न हो तो भीतर के सभी चिह्न बदल जाते हैं। यदि बाहर धन चिह्न हो तो चिह्न नहीं बदलते।
उदाहरण 1: 15 + 10 - 5 × 2 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: BODMAS के अनुसार पहले गुणा: 15 + 10 - 10 = 15। गलत क्रम में जोड़-घटाव पहले करने पर उत्तर भिन्न आता है।
उदाहरण 2: 20 - (6 + 4) × 2 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: पहले कोष्ठक: 20 - 10 × 2, फिर गुणा: 20 - 20 = 0।
उदाहरण 3: 100 ÷ [25 - {15 - (8 - 3)}] का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (8 - 3) = 5; फिर 15 - 5 = 10; फिर 25 - 10 = 15; अतः 100 ÷ 15 = 20/3।
उदाहरण 4: 48 ÷ 6 × 2 + 4 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: बाएँ से दाएँ भाग और गुणा: 48 ÷ 6 = 8, फिर 8 × 2 = 16, फिर 16 + 4 = 20।
उदाहरण 5: 5 + 3 × (7 - 2) - 4 × 2 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 5 + 3 × 5 - 4 × 2 = 5 + 15 - 8 = 12।
उदाहरण 6: 2 × {3 + 2[4 - 1]} का मान ज्ञात कीजिए।
हल: [4 - 1] = 3; फिर 3 + 2 × 3 = 3 + 6 = 9; अतः 2 × 9 = 18।
भिन्नों वाले बीजीय व्यंजकों में हरों का लघुत्तम समापवर्त्य लेकर जोड़ना-घटाना, पार-गुणन करना तथा विभाजन में भिन्न का व्युत्क्रम करके गुणा करना शामिल है।
नियम: a/b ÷ c/d = a/b × d/c (दूसरी भिन्न का व्युत्क्रम करके गुणा)।
उदाहरण 7: 3/4 + 1/2 - 1/3 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: लघुत्तम समापवर्त्य 12 लेने पर: (9 + 6 - 4)/12 = 11/12।
उदाहरण 8: 2/5 ÷ 3/10 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 2/5 × 10/3 = 20/15 = 4/3।
उदाहरण 9: 1/2 + 2/3 × 3/4 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: पहले गुणा: 2/3 × 3/4 = 1/2; अतः 1/2 + 1/2 = 1।
उदाहरण 10: (1/2 + 1/3) ÷ (1/4 - 1/6) का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 1/2 + 1/3 = 5/6; 1/4 - 1/6 = 1/12; अतः (5/6) ÷ (1/12) = 5/6 × 12 = 10।
उदाहरण 11: x/2 + x/3 + x/6 का मान x = 6 पर ज्ञात कीजिए।
हल: x(1/2 + 1/3 + 1/6) = x × (3 + 2 + 1)/6 = x × 6/6 = x = 6।
उदाहरण 12: (3/x + 5/x) ÷ (2/x) का सरल मान ज्ञात कीजिए।
हल: (8/x) ÷ (2/x) = 8/x × x/2 = 4।
जब चरों के मान दिए होते हैं तो उन्हें व्यंजक में रखकर BODMAS के क्रम से मान निकाला जाता है। वर्ग और घन वाले पदों की गणना पहले होती है।
उदाहरण 13: x = 3 पर x² + 4x + 4 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 9 + 12 + 4 = 25। वैकल्पिक रूप से (x + 2)² = 5² = 25।
उदाहरण 14: a = 2, b = 3 पर (a + b)² - (a - b)² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (5)² - (-1)² = 25 - 1 = 24, या सर्वसमिका से 4ab = 4 × 2 × 3 = 24।
उदाहरण 15: x = -3 पर x² - 2x + 1 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (-3)² - 2(-3) + 1 = 9 + 6 + 1 = 16।
उदाहरण 16: p = 2, q = -1 पर 2p² + 3q - pq का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 2(4) + 3(-1) - (2)(-1) = 8 - 3 + 2 = 7।
उदाहरण 17: x = 4, y = 2 पर (x + y)³ / (x - y)³ का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (6)³/(2)³ = 216/8 = 27।
उदाहरण 18: x = 1/2 पर 4x² - 4x + 1 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 4(1/4) - 4(1/2) + 1 = 1 - 2 + 1 = 0।
उदाहरण 19: x = 5 पर √(x² + 12x + 36) का मान ज्ञात कीजिए।
हल: x² + 12x + 36 = (x + 6)²; अतः √((11)²) = 11।
उदाहरण 20: a = 3, b = 2 पर (a³ - b³)/(a - b) का मान ज्ञात कीजिए।
हल: a³ - b³ = (a - b)(a² + ab + b²); अतः व्यंजक = a² + ab + b² = 9 + 6 + 4 = 19।
| क्रम | संक्रिया | उदाहरण में स्थान |
|---|---|---|
| B | कोष्ठक ( ) [ ] { } | पहले |
| O | का (of) / घात | दूसरे |
| D | भाग (÷) | तीसरे (बाएँ से दाएँ) |
| M | गुणा (×) | तीसरे (बाएँ से दाएँ) |
| A | जोड़ (+) | चौथे |
| S | घटाव (-) | अंत में |
| कोष्ठक के बाहर चिह्न | भीतर के चिह्नों पर प्रभाव | उदाहरण |
|---|---|---|
| + | कोई बदलाव नहीं | +(3 - x) = 3 - x |
| - | सभी चिह्न बदल जाते हैं | -(3 - x) = -3 + x |
| × | पद-दर-पद गुणा | 2(x + 3) = 2x + 6 |
| ÷ | व्युत्क्रम से गुणा | (a + b) ÷ c |
flowchart TD
A[बीजीय सरलीकरण] --> B[BODMAS]
A --> C[कोष्ठक]
A --> D[भिन्न व्यंजक]
A --> E[मान ज्ञात करना]
B --> F[पहले कोष्ठक फिर घात]
B --> G[फिर भाग-गुणा फिर जोड़-घटाव]
C --> H[सरल मध्य महान]
C --> I[ऋण चिह्न से चिह्न बदलना]
D --> J[लघुत्तम समापवर्त्य]
D --> K[भाग में व्युत्क्रम से गुणा]
E --> L[चर के मान रखें]
E --> M[वर्ग-घन पहले निकालें]
I --> N[सही उत्तर]
J --> N
M --> N
बीजीय सरलीकरण NTPC में अंक अर्जित करने का सबसे सरल और निश्चित माध्यम है, बशर्ते संक्रियाओं का क्रम और कोष्ठकों के नियम सही हों। BODMAS की आदत, कोष्ठक खोलने के चिह्न-नियम तथा भिन्नों की संक्रियाओं की पकड़ बनाए रखकर और दैनिक अभ्यास के साथ हर सरलीकरण प्रश्न को शीघ्र एवं सटीक हल किया जा सकता है।