विषय: रेलवे NTPC – गणित (ज्यामिति और क्षेत्रमिति) अध्याय: 4.6 परिमाप विषय-वस्तु: विभिन्न आकृतियों का परिमाप
परिमाप किसी भी बंद आकृति की चारों ओर की कुल लंबाई होती है। जब हम किसी मैदान के चारों ओर एक चक्कर लगाते हैं, तो जितनी दूरी तय होती है, वही उस मैदान की आकृति का परिमाप कहलाती है। रेलवे एनटीपीसी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में परिमाप से जुड़े प्रश्न बहुत सामान्य हैं और अधिकतर सीधे सूत्रों पर आधारित होते हैं। परिमाप की इकाई हमेशा रैखिक होती है, जैसे सेमी, मीटर, किलोमीटर, इंच आदि।
किसी भी बहुभुज (बंद सीधी रेखाओं वाली आकृति) का परिमाप उसकी सभी भुजाओं की लंबाइयों का योग होता है। इसलिए त्रिभुज, चतुर्भुज, पंचभुज आदि का परिमाप निकालने के लिए सभी भुजाएँ जोड़ देना ही पर्याप्त है। लेकिन वृत्त जैसी वक्र आकृति में भुजाएँ नहीं होतीं, अतः वहाँ परिधि (परिमाप) का सूत्र अलग होता है। वृत्त की परिधि उसकी त्रिज्या या व्यास पर निर्भर करती है तथा उसमें स्थिरांक पाई (π = 22/7) का उपयोग होता है।
परिमाप को समझने से छात्रों को क्षेत्रफल, आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल के प्रश्न भी आसानी से हल करने में मदद मिलती है, क्योंकि कई बार परिमाप की सहायता से भुजा, त्रिज्या या ऊँचाई ज्ञात करके आगे की गणना की जाती है। इस अध्याय में हम वर्ग, आयत, त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज, समलंब, वृत्त, अर्धवृत्त और त्रिज्यखंड का परिमाप, उनके सूत्रों के साथ हल किए गए उदाहरणों, स्मरणीय तालिकाओं और परीक्षा उपयोगी युक्तियों के रूप में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
सरल बहुभुजों का परिमाप निकालने के लिए निम्नलिखित सूत्र सबसे महत्वपूर्ण हैं:
उदाहरण 1: एक वर्ग की भुजा 15 सेमी है। उसका परिमाप ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 2: एक आयत की लंबाई 24 सेमी और चौड़ाई 16 सेमी है। परिमाप ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 3: एक वर्ग का विकर्ण 9√2 सेमी है। उसका परिमाप ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 4: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाएँ 13 सेमी और आधार 10 सेमी है। परिमाप ज्ञात कीजिए।
यदि परिमाप दिया हो और भुजा निकालनी हो, तो सूत्र को उलटकर प्रयोग करें। उदाहरण के लिए यदि वर्ग का परिमाप 84 सेमी है तो भुजा a = 84/4 = 21 सेमी होगी। इसी प्रकार आयत में यदि परिमाप 72 सेमी और लंबाई 25 सेमी है, तो चौड़ाई b = P/2 - l = 36 - 25 = 11 सेमी होगी। ऐसे उल्टे प्रश्न एनटीपीसी में अक्सर पूछे जाते हैं।
वृत्त का परिमाप परिधि (Circumference) कहलाता है। परिधि का सूत्र है:
वृत्त के प्रश्नों में π का मान 22/7 उपयोग करना सबसे सुविधाजनक होता है जब त्रिज्या 7 के गुणज में हो, अन्यथा π = 3.14 भी ले सकते हैं। यदि परिधि दी हो तो त्रिज्या r = C/(2π) तथा व्यास d = C/π से निकालते हैं।
उदाहरण 5: एक वृत्त की त्रिज्या 14 सेमी है। उसकी परिधि ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
उदाहरण 6: एक वृत्त की परिधि 132 सेमी है। उसका व्यास ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 7: एक अर्धवृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है। उसका परिमाप ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 8: एक त्रिभुज की भुजाएँ 8 सेमी, 15 सेमी और 17 सेमी हैं। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए।
उदाहरण 9: एक समबाहु त्रिभुज का परिमाप 63 सेमी है। इसकी एक भुजा ज्ञात कीजिए।
कई बार प्रश्न में आधा वृत्त और आयत, या वर्ग के कोनों पर अर्धवृत्त जैसी मिश्रित आकृतियाँ दी जाती हैं। ऐसे में नियम यह है कि जो भुजाएँ आकृति की बाहरी सीमा बनाती हैं, उन्हीं की लंबाइयाँ जोड़ी जाती हैं; आकृति के भीतरी भाग की रेखाएँ परिमाप में नहीं गिनी जातीं। सबसे पहले आकृति को सरल भागों में बाँटें, प्रत्येक भाग का परिमाप सूत्र से निकालें, फिर सभी बाहरी किनारों का योग करें।
एक सामान्य प्रकार का प्रश्न इस प्रकार है: एक आयत के दोनों सिरों पर अर्धवृत्त जुड़े हैं जैसा रेसिंग ट्रैक में होता है। यदि आयत की लंबाई L और चौड़ाई 2r (जो अर्धवृत्तों का व्यास है) हो, तो पूरे ट्रैक का परिमाप = 2L + 2πr होगा, क्योंकि दो अर्धवृत्त मिलकर एक पूरा वृत्त बनाते हैं और आयत की केवल दो लंबाइयाँ बाहर रहती हैं।
उदाहरण 10: एक आयताकार मैदान 60 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा है। इसके चारों ओर तार की 5 लड़ लगाने के लिए कुल कितने मीटर तार चाहिए?
उदाहरण 11: एक रेसिंग ट्रैक में आयत की लंबाई 100 मीटर है और दोनों सिरों पर अर्धवृत्तों का व्यास 56 मीटर है। ट्रैक का कुल परिमाप ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
उदाहरण 12: एक वृत्ताकार मैदान की परिधि 88 मीटर है। मैदान की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
मिश्रित आकृतियों के प्रश्नों में सबसे बड़ी गलती आंतरिक रेखाओं को जोड़ने की होती है। ध्यान रखें कि परिमाप केवल बाहरी किनारे की लंबाई है। साथ ही जब परिमाप में कई चक्कर, तार की लड़, बाड़ आदि पूछा जाए तो परिमाप को चक्करों की संख्या से गुणा करें।
| आकृति | दिया गया मान | परिमाप सूत्र |
|---|---|---|
| वर्ग | भुजा a | 4a |
| वर्ग | विकर्ण d | 2√2 d |
| आयत | लंबाई l, चौड़ाई b | 2(l + b) |
| समबाहु त्रिभुज | भुजा a | 3a |
| समद्विबाहु त्रिभुज | समान भुजाएँ a, आधार b | 2a + b |
| समांतर चतुर्भुज | आसन्न भुजाएँ a, b | 2(a + b) |
| समचतुर्भुज | भुजा a | 4a |
| समलंब | भुजाएँ a, b, c, d | a + b + c + d |
| आकृति | सूत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| वृत्त | 2πr या πd | r = त्रिज्या, d = व्यास |
| अर्धवृत्त | πr + 2r | चाप πr + व्यास 2r |
| चतुर्थांश | (πr/2) + 2r | एक चौथाई चाप + दो त्रिज्याएँ |
| त्रिज्यखंड | (θ/360°) × 2πr + 2r | θ = केंद्रीय कोण |
| दो अर्धवृत्त (पूर्ण वृत्त) | 2πr | एक साथ जोड़ने पर पूर्ण वृत्त |
| वलय का बाहरी किनारा | 2πR | R = बाहरी त्रिज्या |
flowchart TD
A[4.6 परिमाप] --> B[सरल बहुभुज]
A --> C[वृत्तीय आकृतियाँ]
A --> D[मिश्रित आकृतियाँ]
B --> B1[वर्ग 4a]
B --> B2[आयत 2(l+b)]
B --> B3[त्रिभुज a+b+c]
B --> B4[समचतुर्भुज 4a]
C --> C1[वृत्त 2πr]
C --> C2[अर्धवृत्त πr+2r]
C --> C3[त्रिज्यखंड θ/360 x 2πr + 2r]
D --> D1[बाहरी किनारों का योग]
D --> D2[रेसिंग ट्रैक 2L+2πr]
D --> D3[चक्करों से गुणा]
A --> E[परीक्षा युक्तियाँ]
E --> E1[सूत्र उल्टा करें]
E --> E2[π = 22/7 लें]
E --> E3[इकाई रैखिक]
परिमाप ज्यामिति और क्षेत्रमिति का आधारभूत विषय है जिसमें सभी आकृतियों के सूत्र याद होने पर प्रश्न बहुत कम समय में हल हो जाते हैं। वर्ग, आयत, त्रिभुज तथा वृत्त के परिमाप सूत्रों के साथ अर्धवृत्त और मिश्रित आकृतियों की समझ आवश्यक है। सूत्रों को उल्टा लगाने, इकाइयों का ध्यान रखने तथा बाहरी किनारों का योग करने के नियम अपनाकर एनटीपीसी परीक्षा में इन प्रश्नों में अंक पक्के किए जा सकते हैं।