22.7 रेलवे संकेत और सिग्नल Notes

22.7 रेलवे संकेत और सिग्नल

विषय: रेलवे NTPC – रेलवे सामान्य ज्ञान अध्याय: 22.7 रेलवे संकेत और सिग्नल विषय-वस्तु: सिग्नल

1. परिचय

रेलवे सिग्नल प्रणाली रेलगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही का आधार है। बिना सिग्नल के दो ट्रेनें एक ही पटरी पर टकरा सकती हैं। सिग्नल ही निर्धारित करते हैं कि ट्रेन कब रुकेगी, कब धीमी गति से चलेगी और कब पूर्ण गति से आगे बढ़ सकती है। भारतीय रेलवे में मुख्यतः रंगीन प्रकाश सिग्नल (कलर लाइट सिग्नल) का प्रयोग होता है, जिसमें लाल (रुको), पीला (सतर्क/धीमा) और हरा (चलो) रंग प्रमुख हैं। इन रंगों का सही अर्थ जानना ही सिग्नलिंग का पहला पाठ है।

सिग्नलिंग प्रणाली को मोटे तौर पर 'फिक्स्ड सिग्नल' (स्थायी सिग्नल) और 'हैंड सिग्नल' (हाथ से दिए जाने वाले संकेत) में बाँटा जा सकता है। स्थायी सिग्नलों में सेमाफोर सिग्नल, डिस्क सिग्नल, कलर लाइट सिग्नल आदि शामिल हैं, जबकि हैंड सिग्नल का उपयोग गार्ड, स्टेशन मास्टर या पॉइंट्समैन करते हैं। इसके अतिरिक्त, ट्रेनों के सामने लगे 'हेडलाइट्स' और गार्ड द्वारा दिए जाने वाले 'ह्विसल (सीटी) संकेत' भी रेलवे संकेतों का ही भाग हैं। परीक्षा में इन सभी प्रकारों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

आधुनिक युग में सिग्नलिंग तकनीक तेजी से बदली है। पुरानी यांत्रिक प्रणाली से आज इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) और स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग अपनाई गई है। 'ब्लॉक सिस्टम' के अंतर्गत ट्रेनों के बीच निश्चित दूरी बनाए रखी जाती है, जिससे पटरी पर एक साथ दो ट्रेनों का टकराव नहीं होता। RRB NTPC परीक्षा में सिग्नल के रंग, उनके अर्थ, ब्लॉक प्रणाली, इंटरलॉकिंग और ह्विसल कोड से जुड़े प्रश्न सामान्यतः पूछे जाते हैं, इसलिए इनका व्यवस्थित अध्ययन आवश्यक है।

2. सिग्नल के प्रकार

त्वरित तथ्य:

3. ब्लॉक प्रणाली और इंटरलॉकिंग

त्वरित तथ्य:

4. स्वचालित एवं आधुनिक सिग्नल प्रणाली

त्वरित तथ्य:

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

सिग्नल का रंग अर्थ
लाल रुको (स्टॉप)
पीला सतर्कता / धीमी गति
हरा चलो (प्रोसीड)
लाल झपकता विशेष सावधानी
सफेद (लोको) ट्रेन के आगे की रोशनी

तालिका 2

प्रणाली विवरण
पूर्ण ब्लॉक एक खंड में एक ही ट्रेन
स्वचालित ब्लॉक सिग्नल से स्वचालित दूरी
इंटरलॉकिंग सिग्नल-पॉइंट समन्वय
RRI मार्ग निर्धारण की विद्युत प्रणाली
सेमाफोर यांत्रिक सिग्नल
कलर लाइट विद्युत प्रकाश सिग्नल
कवच ट्रेन टक्कर सुरक्षा
CTC केंद्रीकृत ट्रैफिक नियंत्रण

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[रेलवे संकेत और सिग्नल] --> B[सिग्नल के प्रकार]
    B --> B1[कलर लाइट सिग्नल]
    B --> B2[सेमाफोर सिग्नल]
    B --> B3[डिस्क सिग्नल]
    A --> C[रंगों के अर्थ]
    C --> C1[लाल रुको]
    C --> C2[पीला सतर्क]
    C --> C3[हरा चलो]
    A --> D[ब्लॉक प्रणाली]
    D --> D1[पूर्ण ब्लॉक]
    D --> D2[स्वचालित ब्लॉक]
    A --> E[इंटरलॉकिंग]
    E --> E1[रूट रिले इंटरलॉकिंग]
    E --> E2[इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग]
    A --> F[आधुनिक प्रणाली]
    F --> F1[कवच]
    F --> F2[टीपीडब्ल्यूएस]
    F --> F3[सीटीसी]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

सिग्नल के रंग और अर्थ लाल रुको पीला सतर्क हरा चलो कलर लाइट विद्युत प्रकाश सिग्नल सेमाफोर यांत्रिक सिग्नल डिस्क सिग्नल स्थानीय संकेत हैंड सिग्नल दिन में झंडा, रात में लैंप से संकेत स्वर्ण नियम लाल रुको, पीला सतर्क, हरा चलो इस क्रम को कभी न बदलें।

ब्लॉक प्रणाली और इंटरलॉकिंग पूर्ण ब्लॉक एक खंड में एक ट्रेन दो स्टेशनों के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नल से स्वचालित दूरी कम अंतराल पर ट्रेनें इंटरलॉकिंग सिग्नल और पॉइंट समन्वय गलत संकेत रोकता है रूट रिले इंटरलॉकिंग विद्युत मार्ग निर्धारण केंद्रीय नियंत्रण कवच ट्रेन टक्कर सुरक्षा स्वदेशी प्रणाली सीटीसी केंद्रीकृत ट्रैफिक नियंत्रण एक केंद्र से कई स्टेशन स्वर्ण नियम पूर्ण ब्लॉक में एक समय में एक ही ट्रेन चलती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. गलती: पीले सिग्नल को 'पूर्ण गति से चलो' का संकेत समझना। पीला सतर्कता का संकेत है, जिसका अर्थ धीमी गति से चलना है।
  2. गलती: सेमाफोर सिग्नल को विद्युत प्रणाली बताना। सेमाफोर एक यांत्रिक सिग्नल है।
  3. गलती: पूर्ण ब्लॉक में एक साथ दो ट्रेनें चलना बताना। पूर्ण ब्लॉक में एक समय में केवल एक ही ट्रेन चलती है।
  4. गलती: इंटरलॉकिंग को टिकट प्रणाली समझना। इंटरलॉकिंग सिग्नल और पॉइंट्स का सुरक्षा समन्वय है।
  5. गलती: हरे रंग को सतर्कता का संकेत बताना। हरा रंग ट्रेन को चलने की अनुमति देता है।
  6. गलती: लेवल क्रॉसिंग गेट को स्वचालित ब्लॉक का हिस्सा मान लेना। लेवल क्रॉसिंग गेट सड़क-रेल चौराहे की सुरक्षा है, ब्लॉक प्रणाली अलग है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. लाल, पीला, हरा — तीनों रंगों के अर्थ को एक वाक्य में याद रखें, क्योंकि यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न है।
  2. सेमाफोर (यांत्रिक) और कलर लाइट (विद्युत) का अंतर स्पष्ट रखें।
  3. ब्लॉक प्रणाली (पूर्ण/स्वचालित) और इंटरलॉकिंग (RRI/इलेक्ट्रॉनिक) की परिभाषाएँ अलग-अलग लिखकर पढ़ें।
  4. कवच और TPWS जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को सिग्नलिंग से जुड़ा बताने वाले तथ्य याद रखें।
  5. ह्विसल (सीटी) के संकेतों और गार्ड के झंडे से संबंधित प्रश्नों के लिए हैंड सिग्नल का अध्ययन करें।
  6. सिग्नल के रंग और अर्थ की तालिका को चित्र के रूप में देखकर पुनरावृत्ति करें, ताकि उत्तर चुनने में गलती न हो।

10. निष्कर्ष

रेलवे सिग्नल और संकेत प्रणाली रेल सुरक्षा की आत्मा है। रंगों के अर्थ, सिग्नल के प्रकार, ब्लॉक प्रणाली और इंटरलॉकिंग की समझ के बिना रेलवे की सुरक्षित आवाजाही असंभव है। पुरानी यांत्रिक प्रणाली से लेकर कवच और CTC जैसी आधुनिक तकनीकों तक का ज्ञान ही परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर दे सकता है। इन तथ्यों को तालिकाओं और चित्रों के माध्यम से पढ़ने पर यह अध्याय सरल और रोचक बन जाता है। नियमित अभ्यास से सिग्नलिंग से जुड़े प्रश्न NTPC परीक्षा में निश्चित अंक दिलाते हैं।