विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (समानता और वर्गीकरण)
अध्याय: 6.1 समानता
विषय-वस्तु: शब्द/आकृति/संख्या समानता
1. परिचय
समानता तर्कशक्ति का वह प्रमुख भाग है जिसमें दो पदों के बीच के संबंध को समझकर तीसरे पद से वही संबंध स्थापित करना होता है। रेलवे NTPC की परीक्षा में प्रश्न का प्रारूप "A : B :: C : ?" होता है, जिसका अर्थ है कि जिस प्रकार A का B से संबंध है, उसी प्रकार C का संबंध प्रश्नवाचक पद से बनता है। यह संबंध शब्दों, अक्षरों, संख्याओं अथवा आकृतियों के आधार पर हो सकता है, इसलिए इस अध्याय की अच्छी समझ तर्कशक्ति के कुल अंकों में सीधा योगदान देती है।
रेलवे NTPC में समानता के प्रश्न आमतौर पर एक से तीन अंक के होते हैं और समय बचाने के मामले में ये बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। जो अभ्यर्थी पहले संबंध को जल्दी पहचान लेते हैं वे इन प्रश्नों को सेकंडों में हल कर लेते हैं। शब्द समानता में शब्दों के अर्थ, कार्य और श्रेणी पर ध्यान दिया जाता है, जबकि अक्षर समानता में वर्णमाला की स्थिति, आगे-पीछे का क्रम तथा विपरीत अक्षरों के नियम काम आते हैं। संख्या समानता में गणितीय संक्रियाएं और आकृति समानता में आकृति की रेखाओं तथा कोनों का संबंध देखा जाता है।
इस अध्याय में हम इन सभी प्रकारों को क्रमबद्ध विधियों, हल किए गए उदाहरणों और त्वरित पुनरावृत्ति सामग्री के साथ समझेंगे। शुरुआत में संबंध पहचानने की सामान्य विधि, फिर शब्द, अक्षर, संख्या और आकृति समानता के विशेष नियम और अंत में परीक्षा युक्तियां दी गई हैं। नियमित अभ्यास के साथ यह विषय आसान, तेज और भरोसेमंद बन जाता है।
2. समानता का अर्थ और प्रकार
समानता का शाब्दिक अर्थ है समान संबंध या एक जैसा अनुपात। इस भाग में दो पदों के बीच जो भी संबंध होता है उसे पहचानना और उसे दूसरी जोड़ी में दोहराना आवश्यक होता है। दोहरा चिह्न "::" को "उसी प्रकार" पढ़ा जाता है। उदाहरण के लिए "दूध : सफेद :: रक्त : लाल" में दूध और सफेद के बीच रंग का संबंध है, इसलिए रक्त का संबंध लाल रंग से बनाया गया है। संबंध का आधार जितना स्पष्ट होगा, उत्तर उतना ही निश्चित होगा।
समानता के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
शब्द समानता: शब्दों के अर्थ, कार्य, स्थान या वर्ग पर आधारित। जैसे कलम : लिखना, छाता : वर्षा।
अक्षर समानता: वर्णमाला की स्थिति पर आधारित। जैसे A : B, C : D में एक-एक स्थान आगे का संबंध।
संख्या समानता: योग, घटाव, गुणा, भाग, वर्ग, घन, वर्गमूल आदि पर आधारित। जैसे 5 : 25 में वर्ग संबंध।
आकृति समानता: आकृति की भुजाओं, कोनों, घुमाव या छायांकन पर आधारित। जैसे त्रिभुज : तीन कोण :: वर्ग : चार कोण।
मिश्रित समानता: एक ही प्रश्न में शब्द, संख्या और अक्षर मिलाए जाते हैं। जैसे 1 : I, 2 : II।
संबंध पहचानने की सामान्य विधि:
चरण 1: A और B के बीच के संबंध को एक स्पष्ट वाक्य में लिखें।
चरण 2: उसी वाक्य को C के साथ जोड़कर देखें कि कौन सा पद पूर्ण बैठता है।
चरण 3: मिले पद को विकल्पों में खोजें; यदि कई विकल्प बैठें तो संबंध को और गहरा करें।
चरण 4: उन्मूलन विधि से उन विकल्पों को हटाएं जो संबंध पूरा नहीं करते।
हल किए गए उदाहरण:
पंखा : बिजली :: रेलगाड़ी : ? — पंखा बिजली से चलता है। इसी प्रकार रेलगाड़ी ईंधन से चलती है। अतः सही उत्तर ईंधन है।
3 : 12 :: 5 : ? — 3 × 4 = 12 है। इसी प्रकार 5 × 4 = 20 होगा। अतः सही उत्तर 20 है।
रात : अंधेरा :: दिन : ? — रात में अंधेरा होता है। इसी प्रकार दिन में प्रकाश होता है। अतः सही उत्तर प्रकाश है।
3. शब्द तथा अक्षर समानता की विधियाँ
शब्द समानता की विधियाँ:
शब्द समानता में संबंध प्रायः निम्नलिखित आधारों पर होता है:
कार्य-कर्ता संबंध: किसी व्यक्ति या वस्तु का कार्य। जैसे शिक्षक : अध्यापन।
स्थान संबंध: व्यक्ति या वस्तु का कार्य स्थान। जैसे चिकित्सक : अस्पताल।
पूर्ण-अंश संबंध: पूरी वस्तु और उसका भाग। जैसे वृक्ष : पत्ता।
उपकरण-कार्य संबंध: उपकरण और उसका प्रयोग। जैसे कैंची : काटना।
वर्ग संबंध: एक पद दूसरे पद के समूह में आता है। जैसे गुलाब : फूल।
क्रम संबंध: पदों का आपसी क्रम। जैसे जनवरी : फरवरी।
शब्द समानता के हल किए गए उदाहरण:
डॉक्टर : नुस्खा :: वकील : ? — डॉक्टर मरीज को नुस्खा देता है। इसी प्रकार वकील अपने मुवक्किल को सलाह देता है। अतः उत्तर सलाह है।
मधुमक्खी : शहद :: गाय : ? — मधुमक्खी शहद देती है। इसी प्रकार गाय दूध देती है। अतः उत्तर दूध है।
अक्षर समानता की विधियाँ:
अक्षर समानता के लिए वर्णमाला की स्थिति क्रम याद होना आवश्यक है। A का स्थान 1, B का 2, C का 3 तथा Z का 26 होता है। अक्षर संबंध मुख्यतः चार नियमों पर चलता है:
आगे का क्रम: दूसरा अक्षर पहले अक्षर से कुछ स्थान आगे होता है। जैसे C : F में C से 3 स्थान आगे F है।
पीछे का क्रम: दूसरा अक्षर पहले से पीछे होता है। जैसे J : G में J से 3 स्थान पीछे G है।
विपरीत अक्षर: विपरीत अक्षर की स्थिति = 27 - दी गई स्थिति। जैसे A का विपरीत Z है।
सम-विषम स्थान: अक्षरों की स्थिति सम या विषम होना भी संबंध बना सकता है।
अक्षर समानता के हल किए गए उदाहरण:
B : D :: H : ? — B से D तक 2 स्थान आगे है। इसी प्रकार H से 2 स्थान आगे J होगा। अतः उत्तर J है।
A : Z :: C : ? — A का विपरीत Z है। इसी प्रकार C का विपरीत X है क्योंकि 27 - 3 = 24 अर्थात X। अतः उत्तर X है।
M : O :: T : ? — M से O तक 2 स्थान आगे है। इसी प्रकार T से 2 स्थान आगे V होगा। अतः उत्तर V है।
4. संख्या तथा आकृति समानता की विधियाँ
संख्या समानता की विधियाँ:
संख्या समानता में प्रायः ये संबंध देखे जाते हैं:
वर्ग संबंध: दूसरी संख्या पहली का वर्ग होती है। जैसे 6 : 36।
घन संबंध: दूसरी संख्या पहली का घन होती है। जैसे 4 : 64।
जोड़ या घटाव संबंध: दोनों संख्याओं का निश्चित अंतर होता है। जैसे 12 : 15 में अंतर 3 है।
गुणा या भाग संबंध: निश्चित गुणांक होता है। जैसे 8 : 40 में गुणांक 5 है।
अभाज्य संख्या संबंध: संख्याओं का अभाज्य या समगत होना।
दो-चरणीय संबंध: दो संक्रियाएं एक साथ। जैसे 3 : 13 में (3 × 3) + 4 = 13।
वर्गमूल संबंध: जैसे 81 : 9।
संख्या समानता के हल किए गए उदाहरण:
8 : 64 :: 9 : ? — 8 का वर्ग 64 है। इसी प्रकार 9 का वर्ग 81 होगा। अतः उत्तर 81 है।
2 : 9 :: 4 : ? — (2 × 2) + 5 = 9 है। इसी प्रकार (4 × 4) + 5 = 21 होगा। अतः उत्तर 21 है।
12 : 36 :: 15 : ? — 12 × 3 = 36 है। इसी प्रकार 15 × 3 = 45 होगा। अतः उत्तर 45 है।
आकृति समानता की विधियाँ:
आकृति समानता में भुजाओं की संख्या, कोनों की संख्या, आकार का घुमाव, छायांकन और प्रतिबिंब देखा जाता है। जैसे त्रिभुज में 3 भुजाएं और वर्ग में 4 भुजाएं होती हैं। प्रश्न में आकृति के बदले भुजाओं या कोणों की संख्या से संबंध पूछा जाता है।
आकृति समानता का हल किया गया उदाहरण:
वर्ग : चार भुजाएं :: पंचभुज : ? — वर्ग में चार भुजाएं होती हैं। इसी प्रकार पंचभुज में पांच भुजाएं होती हैं। अतः उत्तर पांच भुजाएं है।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: संख्या समानता के प्रमुख संबंध
संबंध
उदाहरण
नियम
वर्ग
4 : 16, 7 : 49
दूसरी संख्या = पहली का वर्ग
घन
2 : 8, 5 : 125
दूसरी संख्या = पहली का घन
जोड़
6 : 10, 12 : 16
दूसरी = पहली + निश्चित संख्या
गुणा
5 : 25, 6 : 30
दूसरी = पहली × गुणांक
दो-चरणीय
3 : 13, 4 : 20
(पहली × 2) + 7
वर्गमूल
49 : 7, 64 : 8
दूसरी = पहली का वर्गमूल
तालिका 2: अक्षर समानता के प्रकार
प्रकार
उदाहरण
नियम
एक स्थान आगे
A : B, H : I
स्थिति + 1
दो स्थान आगे
B : D, M : O
स्थिति + 2
तीन स्थान आगे
C : F, G : J
स्थिति + 3
पीछे का क्रम
J : G, Q : N
स्थिति - 3
विपरीत अक्षर
A : Z, B : Y
27 - स्थिति
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[6.1 समानता] --> B[शब्द समानता]
A --> C[अक्षर समानता]
A --> D[संख्या समानता]
A --> E[आकृति समानता]
B --> F[कार्य स्थान]
B --> G[सामान्य वर्ग]
C --> H[वर्णमाला स्थिति]
C --> I[आगे पीछे क्रम]
D --> J[वर्ग घन]
D --> K[योग गुणा]
E --> L[भुजा कोण]
E --> M[घुमाव छायांकन]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
आरेख 1: वर्णमाला स्थिति तालिका
आरेख 2: संख्या समानता के प्रमुख संबंध
8. सामान्य गलतियाँ
संबंध की दिशा को उल्टा लगाना, जैसे A : B में दूसरी जोड़ी में B से A का संबंध बनाना।
वर्णमाला की स्थिति को याद न रखना और हर बार मन से अक्षर गिनना।
संख्या में एक से अधिक संभावित संबंध दिखने पर उन्मूलन विधि का प्रयोग न करना।
केवल पहली जोड़ी देखकर उत्तर चुन लेना और दूसरी जोड़ी की जांच न करना।
शब्द समानता में शब्दों की श्रेणी को गलत मान लेना, जैसे वर्ग और सदस्य को उलट देना।
अत्यधिक जटिल संबंध ढूंढने में समय गंवाना, जबकि सरल संबंध पर्याप्त होता है।
9. परीक्षा युक्तियाँ
सबसे पहले संबंध को मानसिक वाक्य में बदलें और उस वाक्य को शीघ्र दोहराएं।
अक्षर प्रश्नों में स्थिति तालिका को याद रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर 27 से स्थिति घटाएं।
संख्या प्रश्नों में वर्ग, घन, गुणांक और अंतर को एक-एक करके जांचें।
कई विकल्प समान लगें तो संबंध को दो-चरणीय बनाकर विकल्पों को छांटें।
पहले आसान प्रश्न हल करें ताकि कठिन प्रश्नों के लिए समय बचे।
नियमित अभ्यास से संबंध पहचानने की गति और सटीकता बढ़ाएं।
10. निष्कर्ष
समानता तर्कशक्ति का सबसे स्कोरिंग विषय है क्योंकि इसमें सही उत्तर नियमों और विधियों से निश्चित रूप से निकाला जा सकता है। चाहे प्रश्न शब्दों, अक्षरों, संख्याओं या आकृतियों का हो, पहले दो पदों के बीच के संबंध को स्पष्ट करने से उत्तर लगभग हमेशा मिल जाता है। वर्णमाला स्थिति, वर्ग-घन तथा सामान्य गुणों की तालिकाओं का स्मरण और अधिक से अधिक अभ्यास इस विषय में पूर्ण पकड़ बनाते हैं, जिससे रेलवे NTPC की परीक्षा में निश्चित अंक प्राप्त होते हैं।