9.1 रक्त संबंध Notes

9.1 रक्त संबंध

विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (रक्त संबंध और दिशा) अध्याय: 9.1 रक्त संबंध विषय-वस्तु: पारिवारिक रिश्ते

1. परिचय

रक्त संबंध तर्कशक्ति के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इस अध्याय में किसी व्यक्ति के परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच के संबंधों को शब्दों के माध्यम से प्रकट किया जाता है और परीक्षार्थी को यह निर्धारित करना होता है कि दो व्यक्तियों के बीच क्या संबंध है। रेलवे NTPC परीक्षा में इस विषय से प्रायः एक से दो प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए भाषा की अच्छी समझ और पारिवारिक संबंधों का ज्ञान आवश्यक है।

इस अध्याय में प्रश्नों के प्रकार अलग-अलग हो सकते हैं। कभी संबंध को परिभाषित करके पूछा जाता है कि दो व्यक्तियों में क्या संबंध है, तो कभी कुछ रिश्तों के क्रम में अंतिम संबंध पूछा जाता है। कुछ प्रश्नों में एक ही कथन में कई रिश्ते जुड़े होते हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से सुलझाना पड़ता है। परीक्षा में समय बचाने के लिए अभ्यर्थी को सभी मूल शब्दों और उनके विपरीत अर्थों की पक्की जानकारी होनी चाहिए।

इस अध्याय में हम रक्त संबंध की बुनियादी शब्दावली, प्रमुख रिश्तों की पहचान करने के तरीके और हल किए गए उदाहरणों के माध्यम से पूरी अवधारणा को स्पष्ट करेंगे। अंत में त्वरित पुनरावृत्ति के लिए तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ने पर अभ्यर्थी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में उत्तर दे सकेगा।

2. रक्त संबंध की बुनियादी शब्दावली

रक्त संबंध के प्रश्नों को हल करने से पहले निम्नलिखित मूल शब्दों के अर्थ स्पष्ट होने चाहिए:

महत्वपूर्ण नियम: संज्ञा की लिंग पहचान आवश्यक है। जैसे 'पुत्र' पुरुष लिंग है और 'पुत्री' स्त्री लिंग। 'बेटा' शब्द का उपयोग पुत्र के लिए और 'बेटी' का उपयोग पुत्री के लिए होता है। यदि प्रश्न में लिंग स्पष्ट न हो तो निष्कर्ष में 'पुत्र या पुत्री' लिखा जाता है।

प्रतीक पद्धति: प्रश्न हल करते समय पुरुष के लिए 'पु' या चौकोर निशान और महिला के लिए 'म' या गोला निशान प्रयोग करें। विवाह के लिए '=' या 'x' चिह्न और संतान के लिए तीर या रेखा का प्रयोग किया जाता है। इससे जटिल प्रश्न आसानी से हल हो जाते हैं।

3. प्रमुख रिश्तों की पहचान

कुछ रिश्तों को पहचानने के लिए विशेष ध्यान देना आवश्यक है:

  1. पिता की बहन को बुआ कहते हैं। बुआ के पति को 'फूफा' कहा जाता है। यह रिश्ता अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।
  2. माता की बहन को मौसी कहते हैं। मौसी के पति को 'मौसा' कहा जाता है।
  3. पिता के भाई को चाचा और उसकी पत्नी को चाची कहते हैं। यदि भाई बड़ा हो तो उसे 'ताऊ' और उसकी पत्नी को 'ताई' कहते हैं।
  4. माता के भाई को मामा और उसकी पत्नी को मामी कहते हैं।
  5. भाई की पत्नी को भाभी और बहन के पति को जीजा कहते हैं। भाभी और जीजा दोनों को अंग्रेजी में सिस्टर-इन-लॉ और ब्रदर-इन-लॉ कहते हैं।
  6. पुत्र की पत्नी को बहू और पुत्री के पति को दामाद कहते हैं।
  7. बेटे की संतान को पोता-पोती और बेटी की संतान को नाती-नातिन कहते हैं।

उल्टे संबंधों की पहचान: यदि कहा जाए कि A, B की बुआ है, तो B, A की भतीजी या भतीजा है। यदि A, B का चाचा है, तो B, A का भतीजा या भतीजी है। इसी प्रकार जीजा, भाभी, मामा, मौसा आदि के उल्टे संबंधों का अभ्यास करें, क्योंकि परीक्षा में अधिकांश प्रश्न उल्टे रिश्ते पर आधारित होते हैं।

सामूहिक संबंध: कभी-कभी प्रश्न में एक ही वाक्य में तीन-चार रिश्ते दिए जाते हैं। जैसे "A, B की माता की बहन है" अर्थात A, B की मौसी है। ऐसे प्रश्नों में दाएं से बाएं क्रम में हल करें, यानी अंतिम संबंध को पहले जोड़ें और फिर पीछे की ओर आएं।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: राम कहता है, "मोहन मेरे पिता का भाई है।" मोहन, राम का क्या लगता है?

हल: राम के पिता का भाई चाचा कहलाता है। अतः मोहन, राम का चाचा है। उत्तर: चाचा।

उदाहरण 2: सीता, राधा की माता की बहन है। राधा, सीता की क्या लगती है?

हल: पहले राधा से देखें। राधा की माता को जोड़ें, फिर उसकी बहन को जोड़ें। माता की बहन मौसी होती है। अतः सीता, राधा की मौसी है। उत्तर: मौसी।

उदाहरण 3: "राजू, श्याम का भाई है। श्याम, गीता का पति है।" बताइए राजू, गीता का क्या लगता है?

हल: श्याम, गीता का पति है। राजू, श्याम का भाई है। अतः राजू, गीता का देवर है। उत्तर: देवर।

उदाहरण 4: "मेरी बहन की इकलौती संतान, मेरे पिता की इकलौती नातिन है।" यदि कथन देने वाला पुरुष है तो संतान का उसके साथ संबंध बताइए।

हल: बहन की संतान = भतीजा या भतीजी। पिता की इकलौती नातिन का अर्थ है कि संतान लड़की है। अतः संतान बोलने वाले की भतीजी है। उत्तर: भतीजी।

उदाहरण 5: A, B का पिता है; B, C की माता है। बताइए C, A का क्या है?

हल: B, A की पुत्री है और C, B की संतान है। अतः C, A का नाती या नातिन (पोता/पोती नहीं, क्योंकि B पुत्री है) है। उत्तर: नाती या नातिन।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

रिश्ता व्यक्ति संबंध
पिता का भाई पुरुष चाचा
पिता की बहन महिला बुआ
माता का भाई पुरुष मामा
माता की बहन महिला मौसी
भाई की पत्नी महिला भाभी
बहन का पति पुरुष जीजा
पुत्र की पत्नी महिला बहू
पुत्री का पति पुरुष दामाद

तालिका 2

दिया गया उल्टा संबंध अर्थ
A, B की बुआ B, A का भतीजा/भतीजी बुआ के बच्चे
A, B का चाचा B, A का भतीजा/भतीजी चाचा की संतान
A, B का मामा B, A की भांजा/भांजी मामा की संतान
A, B की मौसी B, A की भांजा/भांजी मौसी की संतान
A, B का देवर B, A की भाभी देवर की पत्नी
A, B की जेठानी B, A की देवरानी जेठ की पत्नी

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[रक्त संबंध] --> B[पुरुष शब्द]
    A --> C[स्त्री शब्द]
    A --> D[संतान संबंध]
    A --> E[विवाह संबंध]
    B --> F[पिता भाई चाचा मामा]
    C --> G[माता बहन बुआ मौसी]
    D --> H[बेटा बेटी पोता नाती]
    E --> I[पति पत्नी जीजा भाभी]
    A --> J[उल्टा संबंध पहचानें]
    J --> K[अंतिम शब्द से हल करें]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

पारिवारिक रिश्तों का आरेख दादा - दादी पिता बुआ माता बेटा बेटी स्वर्ण नियम रिश्ते का नाम लिखने से पहले लिंग की पहचान अवश्य करें।

चाचा, मामा, मौसी और बुआ के संबंध मैं चाचा मामा मौसी बुआ पिता का भाई माता का भाई माता की बहन पिता की बहन इनकी संतान मेरे चचेरे, ममेरे, मौसेरे भाई-बहन हैं स्वर्ण नियम चाचा पिता का भाई, मामा माता का भाई और मौसी माता की बहन होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. पोता और नाता में भ्रम: बेटे की संतान पोता और बेटी की संतान नाता होती है; इसे अक्सर गलत किया जाता है।
  2. चाचा और मामा में गलती: पिता का भाई चाचा होता है, माता का भाई मामा; कथन का लिंग ध्यान से न पढ़ना भ्रम उत्पन्न करता है।
  3. देवर, जेठ, साला और साली जैसे विवाहित संबंधों को भूल जाना; इन्हें याद रखना आवश्यक है।
  4. प्रश्न को दाएं से बाएं हल करने के बजाय बाएं से दाएं हल करना, जिससे उत्तर उल्टा हो जाता है।
  5. लिंग स्पष्ट न होने पर निश्चित उत्तर देने की गलती; ऐसे मामलों में पुत्र या पुत्री दोनों विकल्प स्वीकार्य हैं।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. कथन को हमेशा ध्यान से पढ़ें और उल्टे क्रम में अर्थात अंतिम संबंध से हल करना शुरू करें।
  2. हल करते समय पुरुष के लिए चौकोर और महिला के लिए गोला निशान बनाएं, इससे लिंग संबंधी गलती नहीं होगी।
  3. 'इकलौती संतान' जैसे शब्दों को महत्व दें, क्योंकि यह निर्णायक जानकारी देते हैं।
  4. यदि उत्तर एक शब्द में मांगा गया हो तो सामान्य बोलचाल वाला शब्द चुनें, परीक्षा में विशिष्ट शब्द अपेक्षित होते हैं।
  5. अभ्यास के लिए रोज कम से कम दस रक्त संबंध के प्रश्न हल करें, जिससे सभी रिश्तों के नाम मन में स्वतः आ जाएं।

10. निष्कर्ष

रक्त संबंध का अध्याय सरल और स्कोरिंग है, बशर्ते अभ्यर्थी सभी मूल शब्दों, लिंग नियमों और उल्टे संबंधों को दृढ़ता से याद रखे। कथन को उल्टे क्रम में हल करने की आदत और प्रतीक पद्धति का उपयोग करने से अधिकांश प्रश्न कुछ ही सेकंड में सही हो जाते हैं। दिए गए उदाहरणों और तालिकाओं का बार-बार अभ्यास करके अभ्यर्थी NTPC परीक्षा में इस विषय से पूरे अंक प्राप्त कर सकता है।