विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (श्रृंखला) अध्याय: 7.4 लुप्त संख्या श्रृंखला विषय-वस्तु: लुप्त पद खोजना
लुप्त संख्या श्रृंखला तर्कशक्ति के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न-प्रकारों में से एक है। इसमें संख्याओं का एक क्रम दिया जाता है जिसमें कोई एक पद लुप्त (Missing) होता है, और अभ्यर्थी को उस श्रृंखला के पैटर्न को पहचानकर लुप्त पद का मान ज्ञात करना होता है। रेलवे एनटीपीसी परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न प्रायः हर शिफ्ट में देखने को मिलते हैं। लुप्त पद श्रृंखला के बीच में, आरंभ में या अंत में हो सकता है।
इस प्रश्न-प्रकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लुप्त पद की स्थिति के अनुसार हल करने की विधि बदलती रहती है। यदि लुप्त पद बीच में है, तो पैटर्न की पहचान लुप्त पद के आसपास के पदों से की जाती है। यदि लुप्त पद आरंभ में है, तो अंतिम पदों से पैटर्न को उल्टा करके आगे बढ़ना होता है। इसलिए पहले लुप्त पद की स्थिति देखना आवश्यक है।
इस अध्याय में हम लुप्त संख्या श्रृंखला को हल करने की विभिन्न विधियों का अध्ययन करेंगे, जिनमें सामान्य अंतर विधि, गुणन-भाग विधि, वर्ग-घन विधि, त्रिभुजाकार संख्याएँ तथा दो या तीन उप-श्रृंखलाओं वाले जटिल पैटर्न शामिल हैं। प्रत्येक विधि को चरणबद्ध हल किए गए उदाहरणों द्वारा समझाया जाएगा।
अंतर विधि लुप्त संख्या श्रृंखला की सबसे प्रचलित विधि है। इसमें क्रमागत पदों के बीच के अंतर निकाले जाते हैं और उन अंतरों में छिपे पैटर्न से लुप्त पद का निर्धारण किया जाता है। जब लुप्त पद बीच में होता है, तो उसके पहले और बाद के अंतरों को देखकर पैटर्न का अनुमान लगाया जाता है।
अंतर विधि के चरण:
उदाहरण से समझें: श्रृंखला 5, 9, ?, 17, 21 में लुप्त पद ज्ञात करना है। अंतर 4 और 4 हैं, अतः पैटर्न +4 का है। 9 + 4 = 13 और 13 + 4 = 17, अतः लुप्त पद 13 है। इसी प्रकार लुप्त पद के दोनों ओर की जाँच करना आवश्यक है।
उदाहरण 1: श्रृंखला 2, 6, 10, ?, 18, 22 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: क्रमागत अंतर: 6 - 2 = 4, 10 - 6 = 4। अंतर समान 4 है, अतः लुप्त पद = 10 + 4 = 14। जाँच: 14 + 4 = 18, जो दिया गया है। उत्तर: 14
उदाहरण 2: श्रृंखला 3, 7, 13, ?, 31, 43 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर: 7 - 3 = 4, 13 - 7 = 6, अगला अंतर 8 होगा, अतः लुप्त पद = 13 + 8 = 21। जाँच: 21 + 10 = 31, जो दिया गया है, और 31 + 12 = 43। अंतर 4, 6, 8, 10, 12 हैं जो +2 से बढ़ते हैं। उत्तर: 21
उदाहरण 3: श्रृंखला 60, ?, 48, 41, 34, 27 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अंतरों को उल्टी दिशा से देखें: 41 - 34 = 7, 34 - 27 = 7। अतः प्रत्येक बार 7 घट रहा है। 48 + 7 = 55, अतः लुप्त पद 55 है। जाँच: 60 - 55 = 5 नहीं है, अतः पैटर्न अलग है। वास्तव में 60 - 5 = 55, 55 - 7 = 48, 48 - 7 = 41 नहीं; यहाँ अंतर 5, 7, 7, 7 है, अतः सही पैटर्न 60 से 55 (-5) फिर -7 हर बार। पर लुप्त पद 55 ही सही उत्तर है क्योंकि 48 + 7 = 55 और 60 - 5 = 55। उत्तर: 55
जब श्रृंखला की संख्याएँ तेजी से बढ़ती या घटती हैं, तो उनमें गुणा या भाग का संबंध होता है। ऐसी श्रृंखला में अंतर विधि से नहीं बल्कि गुणनखंड (Factor) या अनुपात देखकर लुप्त पद ज्ञात किया जाता है। कई बार गुणा के साथ योग या व्यवकलन भी जुड़ा होता है।
गुणन-भाग विधि के चरण:
उदाहरण से समझें: श्रृंखला 2, 4, ?, 32, 128 में लुप्त पद ज्ञात करना है। अनुपात देखें: 4 ÷ 2 = 2, अतः अगला अनुपात 4 होगा? नहीं, यहाँ 4 × 4 = 16, 16 × 2 = 32 नहीं। वास्तव में 2 × 2 = 4, 4 × 4 = 16, 16 × 2 = 32 नहीं। सही पैटर्न: गुणक क्रम 2, 4, 2, 4 है, तो 4 × 4 = 16, 16 × 2 = 32, 32 × 4 = 128। अतः लुप्त पद 16 है। इससे स्पष्ट है कि वैकल्पिक गुणकों वाली श्रृंखला में दो पैटर्न बारी-बारी से चलते हैं।
उदाहरण 4: श्रृंखला 5, 10, ?, 40, 80, 160 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अनुपात: 10 ÷ 5 = 2, 80 ÷ 40 = 2, 160 ÷ 80 = 2। प्रत्येक पद पिछले पद का दोगुना है। लुप्त पद = 10 × 2 = 20। जाँच: 20 × 2 = 40। उत्तर: 20
उदाहरण 5: श्रृंखला 3, 9, ?, 81, 243 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अनुपात: 9 ÷ 3 = 3, 81 ÷ 9 = 9 नहीं; प्रत्येक पद पिछले पद का 3 गुना है: 3 × 3 = 9, 9 × 3 = 27, 27 × 3 = 81, 81 × 3 = 243। लुप्त पद = 27। उत्तर: 27
उदाहरण 6: श्रृंखला 2, 6, ?, 54, 162 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: प्रत्येक पद पिछले पद का 3 गुना है। 6 × 3 = 18, जाँच: 18 × 3 = 54, जो दिया गया है। लुप्त पद = 18। उत्तर: 18
कई लुप्त संख्या श्रृंखलाओं में पद वर्ग या घन पर आधारित होते हैं। ऐसे प्रश्नों में संख्याओं को पूर्ण वर्ग या पूर्ण घन के रूप में पहचानना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त कुछ श्रृंखलाएँ दो या तीन उप-श्रृंखलाओं में विभाजित होती हैं, जिनमें विषम स्थानों और सम स्थानों के पदों का अलग-अलग पैटर्न होता है।
वर्ग-घन श्रृंखला की पहचान:
दो उप-श्रृंखलाओं वाले पैटर्न:
उदाहरण 7: श्रृंखला 1, 4, 9, ?, 25, 36 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: ये 1², 2², 3², 4², 5², 6² हैं। लुप्त पद 4² = 16 होगा। उत्तर: 16
उदाहरण 8: श्रृंखला 1, 8, 27, ?, 125, 216 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: ये 1³, 2³, 3³, 4³, 5³, 6³ हैं। लुप्त पद 4³ = 64 होगा। उत्तर: 64
उदाहरण 9: श्रृंखला 3, 8, 13, 18, ?, 28, 33 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर: 8 - 3 = 5, 13 - 8 = 5, 18 - 13 = 5। प्रत्येक बार 5 जुड़ रहा है। लुप्त पद = 18 + 5 = 23। जाँच: 23 + 5 = 28। उत्तर: 23
उदाहरण 10: श्रृंखला 1, 3, 6, 10, 15, ?, 28 में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर: 3 - 1 = 2, 6 - 3 = 3, 10 - 6 = 4, 15 - 10 = 5। अगला अंतर 6 होगा, अतः लुप्त पद = 15 + 6 = 21। जाँच: 21 + 7 = 28। ये त्रिभुजाकार संख्याएँ हैं। उत्तर: 21
| क्रम | त्रिभुजाकार संख्या | वर्ग (n²) | घन (n³) |
|---|---|---|---|
| 1 | 1 | 1 | 1 |
| 2 | 3 | 4 | 8 |
| 3 | 6 | 9 | 27 |
| 4 | 10 | 16 | 64 |
| 5 | 15 | 25 | 125 |
| 6 | 21 | 36 | 216 |
| 7 | 28 | 49 | 343 |
| लुप्त पद की स्थिति | विधि | उदाहरण |
|---|---|---|
| श्रृंखला के अंत में | सामान्य पैटर्न आगे बढ़ाएँ | 5, 9, 13, 17, ? = 21 |
| श्रृंखला के बीच में | दोनों ओर के पैटर्न मिलाएँ | 4, ?, 12, 16 = 8 |
| श्रृंखला के आरंभ में | उल्टी दिशा में पैटर्न चलाएँ | ?, 18, 13, 8 = 23 |
| दो लुप्त पद | दो अलग-अलग पैटर्न जाँचें | 2, ?, 6, ?, 10 = 4, 8 |
flowchart TD
A[लुप्त संख्या श्रृंखला] --> B[अंतर विधि]
A --> C[गुणन भाग विधि]
A --> D[वर्ग घन विधि]
A --> E[उप-श्रृंखला विधि]
B --> B1[समान अंतर]
B --> B2[बढ़ता अंतर]
C --> C1[स्थिर अनुपात]
C --> C2[बदलता गुणक]
D --> D1[पूर्ण वर्ग]
D --> D2[पूर्ण घन]
D --> D3[त्रिभुजाकार संख्या]
E --> E1[विषम स्थान]
E --> E2[सम स्थान]
लुप्त संख्या श्रृंखला का सफलतापूर्वक हल करना इस बात पर निर्भर करता है कि अभ्यर्थी पैटर्न को कितनी शीघ्रता और सटीकता से पहचान पाता है। इस अध्याय में हमने अंतर विधि, गुणन-भाग विधि, वर्ग-घन विधि तथा उप-श्रृंखला विधि को चरणबद्ध उदाहरणों के साथ समझा। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह लुप्त पद की स्थिति का सदैव ध्यान रखे, निकाले गए मान को पूरी श्रृंखला से सत्यापित करे तथा रोज पर्याप्त संख्या में अभ्यास करे, जिससे परीक्षा में ये प्रश्न शीघ्र और सही हल हो सकें।