17.4 रासायनिक अभिक्रियाएँ Notes

17.4 रासायनिक अभिक्रियाएँ

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) अध्याय: 17.4 रासायनिक अभिक्रियाएँ विषय-वस्तु: अभिक्रिया प्रकार

1. परिचय

हमारे जीवन में प्रतिदिन अनगिनत रासायनिक अभिक्रियाएँ घटित होती हैं—भोजन पकना, दूध का दही बनना, लोहे में जंग लगना, साँस लेते समय ऑक्सीजन का उपयोग, पेड़ों द्वारा प्रकाश संश्लेषण, मोमबत्ती का जलना। इन सभी प्रक्रियाओं में नए पदार्थ बनते हैं, जिनके गुण मूल पदार्थों से भिन्न होते हैं। जिस प्रक्रिया में एक या अधिक पदार्थ मिलकर नए पदार्थ बनाते हैं, उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं। रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रारंभिक पदार्थ अभिकारक (Reactants) कहलाते हैं, जबकि अभिक्रिया के फलस्वरूप बनने वाले नए पदार्थ उत्पाद (Products) कहलाते हैं।

रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण के रूप में लिखा जाता है। जैसे—जब हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलकर जल बनाते हैं, तो समीकरण लिखा जाता है—H₂ + O₂ → H₂O। इस समीकरण में तीर (→) के बाएँ अभिकारक और दाएँ उत्पाद होते हैं। परंतु यह समीकरण संतुलित नहीं है, क्योंकि बाएँ 2 ऑक्सीजन परमाणु हैं जबकि दाएँ केवल 1। संतुलित समीकरण 2H₂ + O₂ → 2H₂O होता है, जिसमें दोनों ओर परमाणुओं की संख्या समान है। संतुलन का आधार द्रव्यमान संरक्षण का नियम है, जिसे लवॉज़िए ने प्रतिपादित किया था।

रासायनिक अभिक्रियाओं का अध्ययन NTPC परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतिवर्ष अभिक्रिया के प्रकारों की पहचान, संतुलित समीकरण और ऊष्माक्षेपी-ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के उदाहरण पूछे जाते हैं। यह अध्याय तत्व, यौगिक, अम्ल-क्षार, धातु-अधातु और कार्बन के यौगिकों से सीधे जुड़ा है। अतः इन अवधारणाओं को उदाहरण सहित स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है, ताकि परीक्षा में कोई प्रश्न छूटे नहीं।

2. रासायनिक समीकरण और संतुलन

रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों को उनके रासायनिक सूत्रों द्वारा दर्शाया जाता है। अवस्थाओं को दर्शाने के लिए कोष्ठक में संकेत लिखे जाते हैं—ठोस (s), द्रव (l), गैस (g) तथा जलीय विलयन (aq)। समीकरण संतुलित करने के लिए सूत्रों के समक्ष संख्यात्मक गुणांक (Coefficient) रखे जाते हैं। यह ध्यान रखें कि संतुलन करते समय सूत्र को नहीं बदला जाता, केवल गुणांक बदले जाते हैं।

कार्य उदाहरण: मैग्नीशियम के दहन का संतुलित समीकरण लिखिए, जब मैग्नीशियम वायु में जलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है।

हल—असंतुलित समीकरण: Mg + O₂ → MgO। संतुलन के लिए ऑक्सीजन परमाणु दोनों ओर समान करने हेतु MgO के समक्ष गुणांक 2 लिखते हैं—Mg + O₂ → 2MgO। अब दाएँ Mg के 2 परमाणु हैं, अतः बाएँ Mg के समक्ष 2—2Mg + O₂ → 2MgO। यह संतुलित समीकरण है।

रासायनिक अभिक्रिया की कुछ विशेषताएँ जिनसे पहचान होती है—रंग में परिवर्तन (जैसे ताँबे की प्लेट गर्म करने पर काली होना), गैस का निकलना (जैसे जिंक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन गैस), अवक्षेप का बनना (जैसे सिल्वर नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड से सफेद अवक्षेप AgCl), ताप में परिवर्तन (ऊष्मा का उत्सर्जन या अवशोषण) तथा गंध या स्वाद में परिवर्तन। ये संकेत बताते हैं कि नए पदार्थ बने हैं।

3. रासायनिक अभिक्रियाओं के मुख्य प्रकार

रासायनिक अभिक्रियाओं को उनकी प्रकृति के आधार पर निम्न मुख्य प्रकारों में बाँटा गया है:

कार्य उदाहरण: निम्न अभिक्रियाओं के प्रकार बताइए—(क) 2KBr + Cl₂ → 2KCl + Br₂; (ख) NH₄Cl → NH₃ + HCl; (ग) 2SO₂ + O₂ → 2SO₃।

हल—(क) विस्थापन अभिक्रिया, क्योंकि क्लोरीन (अधिक सक्रिय) ब्रोमीन को विस्थापित करता है। (ख) वियोजन अभिक्रिया, क्योंकि एक यौगिक दो पदार्थों में टूटता है। (ग) संयोजन अभिक्रिया, क्योंकि दो पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं।

4. रेडॉक्स, ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ

कार्य उदाहरण: अभिक्रिया CuO + H₂ → Cu + H₂O में कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकृत और कौन-सा अपचित होता है?

हल—CuO में से ऑक्सीजन हटती है, अतः CuO अपचित होता है (यह ऑक्सीकारक है); H₂ ऑक्सीजन ग्रहण करता है, अतः H₂ ऑक्सीकृत होता है (यह अपचायक है)।

ऊष्मा के उत्सर्जन या अवशोषण का अध्ययन ऊष्मा-रसायन (Thermochemistry) कहलाता है। अभिक्रिया में साथ में कैलोरीमीटर द्वारा मुक्त या अवशोषित ऊष्मा की माप की जाती है। दहन, तटस्थीकरण (अम्ल + क्षार) तथा संयोजन अभिक्रियाएँ प्रायः ऊष्माक्षेपी होती हैं, जबकि वियोजन अभिक्रियाएँ प्रायः ऊष्माशोषी होती हैं। परीक्षा में यह प्रवृत्ति याद रखना उपयोगी है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

अभिक्रिया का प्रकार सामान्य रूप उदाहरण
संयोजन A + B → AB 2H₂ + O₂ → 2H₂O
वियोजन AB → A + B CaCO₃ → CaO + CO₂
विस्थापन A + BC → AC + B Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
द्विविस्थापन AB + CD → AD + CB Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl
रेडॉक्स ऑक्सीकरण + अपचयन Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu

तालिका 2

अभिक्रिया ऊष्मा का व्यवहार उदाहरण
ऊष्माक्षेपी ऊष्मा उत्सर्जित C + O₂ → CO₂ + ऊष्मा
ऊष्माशोषी ऊष्मा अवशोषित CaCO₃ → CaO + CO₂
ऑक्सीकरण ऑक्सीजन जुड़ना 2Mg + O₂ → 2MgO
अपचयन ऑक्सीजन हटना CuO + H₂ → Cu + H₂O
विद्युत अपघटन ऊष्माशोषी 2H₂O → 2H₂ + O₂

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[रासायनिक अभिक्रियाएँ] --> B[रासायनिक समीकरण]
    B --> B1[अभिकारक और उत्पाद]
    B --> B2[संतुलन द्रव्यमान संरक्षण]
    A --> C[अभिक्रिया के प्रकार]
    C --> C1[संयोजन A + B]
    C --> C2[वियोजन AB]
    C --> C3[विस्थापन A + BC]
    C --> C4[द्विविस्थापन AB + CD]
    A --> D[रेडॉक्स अभिक्रिया]
    D --> D1[ऑक्सीकरण ऑक्सीजन जुड़ना]
    D --> D2[अपचयन ऑक्सीजन हटना]
    A --> E[ऊष्मीय व्यवहार]
    E --> E1[ऊष्माक्षेपी दहन]
    E --> E2[ऊष्माशोषी वियोजन]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार संयोजन A + B → AB 2H₂ + O₂ → 2H₂O वियोजन AB → A + B CaCO₃ → CaO + CO₂ विस्थापन A + BC → AC + B Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu द्विविस्थापन AB + CD → AD + CB AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃ रेडॉक्स अभिक्रिया ऑक्सीकरण और अपचयन साथ-साथ होते हैं ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी ऊष्मा उत्सर्जन या अवशोषण के आधार पर स्वर्ण नियम दहन सदैव ऊष्माक्षेपी तथा वियोजन प्रायः ऊष्माशोषी होता है।

रेडॉक्स अभिक्रिया का सिद्धांत ऑक्सीकरण ऑक्सीजन का जुड़ना अपचयन ऑक्सीजन का हटना उदाहरण CuO + H₂ → Cu + H₂O CuO अपचित, H₂ ऑक्सीकृत भूमिकाएँ ऑक्सीकृत होने वाला पदार्थ = अपचायक अपचित होने वाला पदार्थ = ऑक्सीकारक स्वर्ण नियम ऑक्सीकरण और अपचयन कभी अकेले नहीं होते, दोनों साथ होते हैं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. गलती: असंतुलित समीकरण को संतुलित समझ लेना। याद रखें, संतुलित समीकरण में दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है।
  2. गलती: संतुलन करते समय सूत्र बदल देना (जैसे H₂O को HO लिखना)। संतुलन केवल गुणांक बदलने से किया जाता है, सूत्र कभी नहीं बदला जाता।
  3. गलती: ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी की परिभाषा उलट देना। ऊष्माक्षेपी में ऊष्मा निकलती है (बाहर), ऊष्माशोषी में ऊष्मा खींची जाती है (अंदर)।
  4. गलती: विस्थापन और द्विविस्थापन को एक ही मानना। विस्थापन में एक तत्व दूसरे को विस्थापित करता है, जबकि द्विविस्थापन में दो यौगिकों के आयन आपस में स्थान बदलते हैं।
  5. गलती: जंग लगना, श्वसन और दहन को भौतिक परिवर्तन बताना। ये सभी रासायनिक अभिक्रियाएँ हैं।
  6. गलती: अपचायक और ऑक्सीकारक की पहचान में गलती करना। जो ऑक्सीकृत होता है वह अपचायक है और जो अपचित होता है वह ऑक्सीकारक है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. अभिक्रिया का प्रकार पहचानने के लिए प्रतिमान (pattern) देखें—यदि दो पदार्थ मिलकर एक बनें तो संयोजन, एक टूटे तो वियोजन, एक तत्व दूसरे को निकाले तो विस्थापन।
  2. संतुलित समीकरण का अभ्यास करते समय धातु → अधातु → हाइड्रोजन → ऑक्सीजन के क्रम में संतुलित करें।
  3. ऊष्माक्षेपी के उदाहरण (दहन, श्वसन, चूने में पानी मिलाना) और ऊष्माशोषी के उदाहरण (विद्युत अपघटन, कैल्सीनेशन) अलग से याद रखें।
  4. फोटोग्राफी में प्रयुक्त सिल्वर क्लोराइड का प्रकाश में वियोजन (2AgCl → 2Ag + Cl₂) प्रकाश-वियोजन का उत्कृष्ट उदाहरण है, इसे याद रखें।
  5. विद्युत अपघटन से जल का विघटन (2H₂O → 2H₂ + O₂) और चूना पत्थर का विघटन (CaCO₃ → CaO + CO₂) सर्वाधिक पूछे जाने वाले वियोजन उदाहरण हैं।
  6. प्रत्येक अभिक्रिया में ऊष्मा का चिह्न (+) देखकर तुरंत ऊष्माक्षेपी/ऊष्माशोषी का निर्णय करें।

10. निष्कर्ष

रासायनिक अभिक्रियाएँ रसायन विज्ञान की वह क्रियाशील अवस्था है जिसमें परमाणु पुनर्व्यवस्थित होकर नए पदार्थों का निर्माण करते हैं। संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन तथा रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान और संतुलित समीकरण लिखने का कौशल NTPC परीक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। ऊष्माक्षेपी-ऊष्माशोषी के भेद और द्रव्यमान संरक्षण के नियम के साथ इस अध्याय का ज्ञान अम्ल-क्षार, धातु-अधातु और कार्बन यौगिकों के अध्यायों को सीधे प्रभावित करता है। उदाहरण सहित अभ्यास, संतुलन का नियमित अभ्यास तथा पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण करके अभ्यर्थी इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।