विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – अंकगणित विषय-वस्तु: 2.5 साधारण ब्याज
साधारण ब्याज (Simple Interest) अंकगणित के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। जब कोई व्यक्ति बैंक, साहूकार या किसी अन्य संस्था से धन उधार लेता है या अपना धन जमा करता है, तो उस धन के उपयोग के बदले में अतिरिक्त धन देना या मिलना होता है। यह अतिरिक्त धन ब्याज कहलाता है। उधार लिया गया या जमा किया गया प्रारंभिक धन मूलधन (Principal) कहलाता है। जब ब्याज की गणना केवल मूलधन पर ही पूरे समय के लिए निश्चित दर से की जाती है और अर्जित ब्याज को मूलधन में नहीं जोड़ा जाता, तो उसे साधारण ब्याज कहते हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में अंकगणित के इस विषय से प्रश्न लगभग निश्चित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए इसकी गहन समझ परीक्षा में सफलता के लिए अनिवार्य है।
साधारण ब्याज की गणना में मूलधन को P, वार्षिक ब्याज दर को R प्रतिशत तथा समय को T वर्षों में व्यक्त किया जाता है। साधारण ब्याज का मूल सूत्र SI = (P × R × T) / 100 है। ब्याज और मूलधन को जोड़कर मिश्रधन (Amount) ज्ञात किया जाता है, अर्थात A = P + SI। ब्याज की दर प्रायः वार्षिक होती है, परंतु कई प्रश्नों में दर मासिक या त्रैमासिक भी दी जाती है और समय वर्ष, महीने या दिनों में दिया जाता है। ऐसे में सभी इकाइयों को पहले एक ही मानक इकाई में बदलना आवश्यक होता है, अन्यथा उत्तर गलत आता है।
रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्याज से संबंधित प्रश्न सामान्यतः मूलधन, दर, समय, ब्याज या मिश्रधन में से किसी एक अज्ञात राशि को ज्ञात करने के लिए पूछे जाते हैं। कुछ प्रश्नों में दो भिन्न स्थितियों की तुलना भी कराई जाती है। रेलवे परीक्षा में समय की पाबंदी बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए सूत्रों को त्वरित गति से लागू करने का अभ्यास आवश्यक है। दर को भिन्न में बदलकर गणना सरल की जा सकती है, जैसे 12.5% = 1/8 और 6.25% = 1/16। इन गुणों को ध्यान में रखकर ही तेज और सटीक हल संभव है।
साधारण ब्याज से जुड़ी चार मूल राशियाँ मूलधन, ब्याज की दर, समय और साधारण ब्याज हैं। मूल सूत्र SI = (P × R × T) / 100 को ही आधार बनाकर अन्य तीन सूत्र व्युत्पन्न किए जाते हैं। यदि SI, R और T ज्ञात हों तो मूलधन P = (SI × 100) / (R × T) प्राप्त होता है। यदि SI, P और T ज्ञात हों तो दर R = (SI × 100) / (P × T) होती है। यदि SI, P और R ज्ञात हों तो समय T = (SI × 100) / (P × R) होता है। इन्हीं सूत्रों के आधार पर प्रश्नों के विभिन्न रूपों को हल किया जाता है। मिश्रधन A = P + SI तथा जब ब्याज ज्ञात हो तो P = A - SI भी लिखा जा सकता है।
उदाहरण 1: 5,000 रुपये पर 8% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज और मिश्रधन ज्ञात कीजिए।
हल: P = 5000, R = 8, T = 3। SI = (5000 × 8 × 3) / 100 = 1200। अतः ब्याज 1,200 रुपये तथा मिश्रधन A = 5000 + 1200 = 6,200 रुपये होगा।
उदाहरण 2: किसी मूलधन पर 10% वार्षिक दर से 4 वर्ष में 800 रुपये ब्याज मिलता है। मूलधन और मिश्रधन ज्ञात कीजिए।
हल: P = (SI × 100) / (R × T) = (800 × 100) / (10 × 4) = 80000 / 40 = 2000। अतः मूलधन 2,000 रुपये और मिश्रधन = 2000 + 800 = 2,800 रुपये।
साधारण ब्याज के प्रश्नों में सबसे अधिक त्रुटि इकाइयों के रूपांतरण में होती है। समय यदि महीनों में दिया गया है तो उसे वर्ष में बदलने के लिए 12 से भाग देना चाहिए, जैसे 6 महीने = 6/12 = 1/2 वर्ष। समय यदि दिनों में दिया गया है तो सामान्य वर्ष में 365 दिन मानकर दिनों को 365 से भाग दिया जाता है। कभी-कभी ब्याज की दर मासिक या त्रैमासिक दी जाती है, तब उसे 12 या 4 से गुणा करके वार्षिक दर में बदला जाता है। ब्याज की दर जैसे 12.5%, 6.25% या 8.33% को भिन्नों 1/8, 1/16 और 1/12 के रूप में लिखकर गणना बहुत सरल हो जाती है।
उदाहरण 3: 4,000 रुपये पर 6% वार्षिक दर से 6 महीने का साधारण ब्याज ज्ञात कीजिए।
हल: T = 6/12 = 1/2 वर्ष। SI = (4000 × 6 × 1/2) / 100 = (4000 × 6) / (100 × 2) = 24000 / 200 = 120। अतः ब्याज 120 रुपये होगा।
उदाहरण 4: 7,300 रुपये पर 5% वार्षिक दर से 73 दिनों का ब्याज ज्ञात कीजिए।
हल: T = 73/365 = 1/5 वर्ष। SI = (7300 × 5 × 1/5) / 100 = (7300 × 5) / (100 × 5) = 7300 / 100 = 73। अतः ब्याज 73 रुपये होगा।
ऐसे प्रश्न जिनमें दर या समय ज्ञात करना होता है, उनमें सूत्र में मानों को सीधे रखकर हल निकाला जाता है। कुछ प्रश्नों में एक ही राशि पर भिन्न-भिन्न दरों या समयों से ब्याज की तुलना कराई जाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी धनराशि पर 6% दर से 4 वर्ष का ब्याज, 8% दर से 3 वर्ष के ब्याज से 60 रुपये अधिक है, तो मूलधन ज्ञात करने के लिए दोनों स्थितियों के ब्याज का अंतर मूलधन के गुणज के रूप में लिखा जाता है। इसके अलावा जब समय और दर को भिन्न रूप में लिखा जाए तो गुणा-भाग की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
उदाहरण 5: 1,200 रुपये पर 5 वर्षों में 300 रुपये ब्याज मिलता है। ब्याज की वार्षिक दर ज्ञात कीजिए।
हल: R = (SI × 100) / (P × T) = (300 × 100) / (1200 × 5) = 30000 / 6000 = 5%। अतः वार्षिक दर 5% है।
उदाहरण 6: कितने समय में 2,500 रुपये 8% वार्षिक दर से 1,000 रुपये ब्याज देंगे?
हल: T = (SI × 100) / (P × R) = (1000 × 100) / (2500 × 8) = 100000 / 20000 = 5 वर्ष। अतः समय 5 वर्ष है।
| अज्ञात राशि | सूत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| साधारण ब्याज (SI) | (P × R × T) / 100 | सभी इकाइयाँ मानक रूप में |
| मूलधन (P) | (SI × 100) / (R × T) | R प्रतिशत, T वर्ष |
| दर (R) | (SI × 100) / (P × T) | उत्तर प्रतिशत में |
| समय (T) | (SI × 100) / (P × R) | उत्तर वर्षों में |
| मिश्रधन (A) | P + SI | A = P + (P × R × T) / 100 |
| स्थिति | रूपांतरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| महीना → वर्ष | 12 से भाग | 6 महीने = 1/2 वर्ष |
| दिन → वर्ष | 365 से भाग | 73 दिन = 1/5 वर्ष |
| मासिक दर → वार्षिक | 12 से गुणा | 1% मासिक = 12% वार्षिक |
| 12.5% दर | 1/8 के रूप में | SI = P × T / 8 |
| 6.25% दर | 1/16 के रूप में | SI = P × T / 16 |
flowchart TD
A[साधारण ब्याज] --> B[मूल तत्व P, R, T]
A --> C[मूल सूत्र SI = P × R × T / 100]
A --> D[मिश्रधन A = P + SI]
B --> B1[P = मूलधन]
B --> B2[R = वार्षिक दर प्रतिशत]
B --> B3[T = समय वर्षों में]
C --> C1[P = SI × 100 / R × T]
C --> C2[R = SI × 100 / P × T]
C --> C3[T = SI × 100 / P × R]
D --> D1[दिन से वर्ष, महीने से वर्ष]
D --> D2[दर को भिन्न में बदलना]
साधारण ब्याज अंकगणित का वह सरल और सुग्राह्य विषय है जो केवल एक मूल सूत्र SI = (P × R × T) / 100 और उसके व्युत्पन्न रूपों पर आधारित है। इस अध्याय में हमने मूलधन, दर, समय और मिश्रधन की संकल्पनाएँ, इकाइयों का रूपांतरण तथा तुलनात्मक प्रश्नों के हल सीखे। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा के लिए इस विषय की पकड़ आवश्यक है, क्योंकि इसमें अंक हासिल करना आसान है। सूत्रों को कंठस्थ करने के साथ-साथ उदाहरणों का नियमित अभ्यास ही त्वरित और शुद्ध उत्तर देने की कुंजी है। इकाइयों के प्रति सावधानी रखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रश्न हल करने से यह विषय परीक्षा में सुनिश्चित अंक दिलाने वाला बन सकता है।