विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – बीजगणित विषय-वस्तु: 3.3 रैखिक समीकरण
रैखिक समीकरण (Linear Equation) बीजगणित का वह मूलभूत विषय है जिसमें अज्ञात चर का मान ज्ञात किया जाता है। रैखिक समीकरण वह समीकरण है जिसमें चर की अधिकतम घात 1 होती है। एक चर वाले रैखिक समीकरण का सामान्य रूप ax + b = 0 है, जहाँ a और b अचर हैं तथा a ≠ 0 है। दो चरों वाले रैखिक समीकरण का रूप ax + by + c = 0 होता है। समीकरण हल करने का अर्थ है चर का वह मान ज्ञात करना जो समीकरण के दोनों पक्षों को संतुष्ट करे। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में रैखिक समीकरणों से शाब्दिक प्रश्न (Word Problems) तथा सीधे समीकरण हल करने वाले प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
रैखिक समीकरण हल करने का सबसे सामान्य तरीका संतुलन विधि (Balancing Method) है, जिसमें समीकरण के दोनों पक्षों पर एक ही संक्रिया की जाती है। यदि दोनों पक्षों में एक ही संख्या जोड़ी या घटाई जाए, अथवा दोनों पक्षों को एक ही शून्येतर संख्या से गुणा या भाग किया जाए, तो संतुलन बना रहता है। इसी का सरलीकृत रूप पक्षांतरण (Transposition) है, जिसमें किसी पद को दूसरे पक्ष में ले जाते समय उसका चिह्न बदल दिया जाता है। उदाहरण के लिए, x + 5 = 12 में 5 को दूसरे पक्ष में ले जाने पर x = 12 - 5 = 7 प्राप्त होता है। यही दोनों विधियाँ रैखिक समीकरणों के सभी प्रश्नों का आधार हैं।
रेलवे परीक्षा की दृष्टि से रैखिक समीकरणों के प्रश्न तीन प्रकार के होते हैं। पहला, एक चर वाले सरल समीकरण जिनमें कोष्ठक और भिन्न भी शामिल होते हैं। दूसरा, शाब्दिक प्रश्न जिनमें वास्तविक जीवन की स्थितियों को समीकरण में बदला जाता है। तीसरा, दो चरों वाले रैखिक समीकरण जो विलोपन या प्रतिस्थापन विधि से हल किए जाते हैं। शाब्दिक प्रश्नों में अज्ञात को x मानकर, प्रश्न की शर्तों के अनुसार समीकरण बनाना तथा उसे हल करके उत्तर की जाँच करना आवश्यक होता है। इन तीनों प्रकारों की दृढ़ पकड़ ही परीक्षा में अंक दिलाती है।
एक चर वाले रैखिक समीकरण ax + b = c के रूप में होते हैं। इन्हें हल करने के लिए सबसे पहले चर वाले पदों को एक पक्ष में और अचर पदों को दूसरे पक्ष में ले जाया जाता है। पक्षांतरण करते समय जोड़ के स्थान पर घटाव और गुणा के स्थान पर भाग लगाया जाता है। कोष्ठक युक्त समीकरणों में पहले कोष्ठकों को वितरण नियम से खोला जाता है। भिन्नों वाले समीकरणों में दोनों पक्षों को हरों के LCM से गुणा करके भिन्नों को हटाया जाता है। समीकरण का हल प्राप्त करने के बाद उसे वापस समीकरण में रखकर जाँच की जाती है कि दोनों पक्ष बराबर आ रहे हैं या नहीं।
उदाहरण 1: 3x + 5 = 20 को हल कीजिए।
हल: 3x = 20 - 5 = 15, x = 15/3 = 5। जाँच: 3 × 5 + 5 = 20।
उदाहरण 2: 2(x + 3) = 14 को हल कीजिए।
हल: 2x + 6 = 14, 2x = 8, x = 4।
भिन्नों वाले रैखिक समीकरणों को हल करने में सबसे पहले दोनों पक्षों को हरों के LCM से गुणा किया जाता है। इससे भिन्नें हट जाती हैं और समीकरण पूर्णांकों में बदल जाता है। उदाहरण के लिए, x/2 + x/3 = 10 में LCM 6 से गुणा करने पर 3x + 2x = 60, अतः 5x = 60, x = 12। यदि समीकरण में कोष्ठक हों, तो वितरण नियम से उन्हें खोला जाता है। कभी-कभी दोनों पक्षों में चर वाले पद होते हैं, तब उन्हें एक ही पक्ष में लाकर हल किया जाता है। इन सभी स्थितियों में संतुलन और पक्षांतरण के नियम समान रूप से लागू होते हैं।
उदाहरण 3: x/2 + x/3 = 10 को हल कीजिए।
हल: LCM 6 से गुणा करने पर 3x + 2x = 60, अतः 5x = 60, x = 12।
उदाहरण 4: 5x - 7 = 2x + 8 को हल कीजिए।
हल: 5x - 2x = 8 + 7, 3x = 15, x = 5।
शाब्दिक प्रश्नों में अज्ञात राशि को x मानकर दी गई शर्तों के अनुसार समीकरण बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई संख्या का तिगुना करके 7 जोड़ने पर 28 मिलता है, तो समीकरण 3x + 7 = 28 बनता है। दो चरों वाले रैखिक समीकरणों को हल करने के लिए दो समीकरणों की आवश्यकता होती है। विलोपन विधि में एक चर के गुणांकों को समान करके दोनों समीकरणों को जोड़ा या घटाया जाता है, जिससे एक चर विलुप्त हो जाता है। प्रतिस्थापन विधि में एक समीकरण से एक चर को दूसरे के पदों में निकालकर दूसरे समीकरण में रखा जाता है। दोनों विधियों से प्राप्त हल समान होते हैं।
उदाहरण 5: किसी संख्या का तिगुना करने पर 7 जोड़ने से 28 प्राप्त होता है। संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: 3x + 7 = 28, 3x = 21, x = 7।
उदाहरण 6: x + y = 10 और x - y = 4 को हल कीजिए।
हल: दोनों को जोड़ने पर 2x = 14, x = 7। तब y = 10 - 7 = 3। अतः x = 7, y = 3।
| विधि | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| पक्षांतरण | चिह्न बदलकर पक्ष बदलें | x + 5 = 12, x = 12 - 5 |
| संतुलन | दोनों पक्षों में समान संक्रिया | 3x = 15, x = 5 |
| कोष्ठक | वितरण नियम से खोलें | 2(x + 3) = 14 |
| भिन्न | LCM से गुणा करें | x/2 + x/3 = 10 |
| विलोपन | गुणांक समान कर घटाएँ | x + y, x - y |
| समीकरण | प्रक्रिया | हल |
|---|---|---|
| 3x + 5 = 20 | 3x = 15 | x = 5 |
| 2(x + 3) = 14 | 2x = 8 | x = 4 |
| x/2 + x/3 = 10 | 5x = 60 | x = 12 |
| 5x - 7 = 2x + 8 | 3x = 15 | x = 5 |
| x + y = 10, x - y = 4 | योग से 2x = 14 | x = 7, y = 3 |
flowchart TD
A[रैखिक समीकरण] --> B[एक चर वाला ax + b = c]
A --> C[हल करने की विधियाँ]
A --> D[शाब्दिक प्रश्न]
A --> E[दो चर वाले]
C --> C1[पक्षांतरण विधि]
C --> C2[संतुलन विधि]
C --> C3[कोष्ठक और भिन्न]
D --> D1[अज्ञात को x मानना]
D --> D2[शर्तों से समीकरण]
E --> E1[विलोपन विधि]
E --> E2[प्रतिस्थापन विधि]
A --> F[हल की जाँच]
रैखिक समीकरण बीजगणित का वह मूल विषय है जिससे अनेक वास्तविक जीवन की समस्याओं का हल संभव होता है। इस अध्याय में हमने एक चर वाले समीकरण, भिन्न और कोष्ठक वाले समीकरण, शाब्दिक प्रश्न तथा दो चरों वाले रैखिक समीकरणों की विलोपन और प्रतिस्थापन विधियाँ सीखीं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में रैखिक समीकरणों से नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं। पक्षांतरण के नियम और हल की जाँच की आदत ही सटीक उत्तर की कुंजी है। नियमित अभ्यास से इस विषय में महारत हासिल कर परीक्षा में सुनिश्चित अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।